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                <title>Petrol Price - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Petrol Price RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने पेट्रोल पर 13.18 रुपये और हाई-स्पीड डीजल पर 13.80 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। नई दरों के बाद पेट्रोल 310.71 और डीजल 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-and-diesel-again-expensive-in-pakistan-new-prices-implemented/article-58480"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pakistan-fuel-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">पाकिस्तान में आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिसके बाद 11 जुलाई से नई दरें लागू हो गई हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 13.18 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 13.80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद देश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 310.71 पाकिस्तानी रुपये और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों के साथ-साथ परिवहन, कृषि, उद्योग और अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान पहले से ही महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में नई बढ़ोतरी से रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की लागत बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालिया बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी इस वर्ष के उच्चतम स्तर से नीचे बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 3 अप्रैल को हाई-स्पीड डीजल की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है। वहीं पेट्रोल की कीमत भी इसी अवधि में 458.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में तेजी का सिलसिला फरवरी के आखिर से शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक परिस्थितियों का इसका सीधा असर पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला। सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और आर्थिक आवश्यकताओं को देखते हुए ईंधन की नई कीमतें तय कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक आयातित तेल पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर घरेलू ईंधन दरों पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव भी ईंधन की लागत को प्रभावित करता है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ओर से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ हुए समझौतों और कर ढांचे में बदलाव को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। सरकार ने 1 जुलाई से क्लाइमेट सपोर्ट लेवी को बढ़ाकर 5 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर कर दिया है। हालांकि इसके साथ पेट्रोलियम लेवी में कुछ समायोजन भी किया गया है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार हाई-स्पीड डीजल पर लगभग 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी वसूली जा रही है, जबकि पेट्रोल पर 70 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी के साथ 5 रुपये प्रति लीटर क्लाइमेट सपोर्ट लेवी अलग से लागू है। इसके अलावा कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क भी ईंधन की अंतिम कीमत में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हाई-स्पीड डीजल पर कुल कर और शुल्क करीब 101 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाता है, जबकि पेट्रोल पर यह आंकड़ा लगभग 95 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है। इनमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और अन्य नियामकीय शुल्क शामिल हैं। इसके अतिरिक्त केरोसिन और लाइट डीजल ऑयल पर भी अलग-अलग दरों से पेट्रोलियम लेवी वसूली जा रही है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की शर्तों का पालन करने के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 13:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कच्चा तेल 72 डॉलर प्रति बैरल पर लौटा, पेट्रोल-डीजल में राहत के लिए करना होगा इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान तनाव कम होने के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने में अभी करीब ढाई महीने का समय लग सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-returns-to-72-per-barrel-will-have-to/article-56980"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/crude-oil-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर उस स्तर पर पहुंच गई हैं, जहां वे ईरान से जुड़े तनाव शुरू होने से पहले थीं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह लगभग वही स्तर है, जो युद्ध जैसे हालात बनने से पहले दर्ज किया गया था। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने से उम्मीद जरूर बढ़ी है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को इसका फायदा तुरंत मिलने वाला नहीं है। तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होना माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बातचीत के बाद ईरानी तेल के निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। जहाजों की संख्या बढ़ने से बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई और इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभी भी जहाजों की आवाजाही पहले जैसी सामान्य नहीं हुई है। युद्ध से पहले जहां प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या उससे कुछ कम बनी हुई है। इसके बावजूद बाजार को यह भरोसा मिला है कि आने वाले समय में तेल की आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने का असर सीधे पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखता। इसकी सबसे बड़ी वजह तेल की खरीद और सप्लाई की लंबी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिन पेट्रोल और डीजल उत्पादों की बिक्री हो रही है, वे उस कच्चे तेल से तैयार किए गए हैं, जिसे उस समय खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें काफी अधिक थीं। ऐसे में वर्तमान में सस्ता हुआ कच्चा तेल अभी उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसी भी देश से खरीदा गया कच्चा तेल पहले वहां के बंदरगाहों तक पहुंचता है और फिर जहाजों में लोड किया जाता है। इसके बाद समुद्री रास्ते से भारत आने में लगभग दो महीने तक का समय लग सकता है। भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद तेल को रिफाइनरियों में भेजा जाता है, जहां उससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके बाद यह ईंधन देशभर के डिपो और पेट्रोल पंपों तक पहुंचता है। पूरी प्रक्रिया में करीब 75 से 80 दिन लग जाते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है। अगर मौजूदा स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी रहती हैं तो अगस्त के आखिर या सितंबर की शुरुआत से कुछ असर दिखाई देना शुरू हो सकता है। वहीं पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वास्तविक राहत दशहरे के आसपास मिलने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण कारण तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी है। कंपनियां पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान झेल रही हैं। इसके अलावा सरकार ने पहले उत्पाद शुल्क में भी कटौती की थी, जिससे राजस्व पर असर पड़ा। ऐसे में यदि कच्चे तेल की कीमतें कम बनी रहती हैं तो शुरुआती अवधि में कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर सकती हैं। इसके बाद ही खुदरा कीमतों में कटौती का फैसला लिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां पहले की तुलना में काफी स्थिर दिखाई दे रही हैं। यदि पश्चिम एशिया में दोबारा कोई बड़ा तनाव नहीं बढ़ता और तेल आपूर्ति सामान्य रहती है तो निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना कम है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को राहत मिल सकती है और महंगाई पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका जंग खत्म, कच्चे तेल में बड़ी गिरावट; पेट्रोल-डीजल पर टिकी निगाहें</title>
                                    <description><![CDATA[107 दिन बाद शांति समझौते पर सहमति, क्रूड ऑयल 4 फीसदी से ज्यादा टूटा; भारत में ईंधन कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/iran-america-war-ends-big-fall-in-crude-oil-eyes-on/article-55974"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/us-iran-peace-deal.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लगातार तीन महीने से अधिक समय तक दुनिया की नजरें जिस अमेरिका-ईरान संघर्ष पर टिकी थीं, उसे लेकर सोमवार को बड़ी राहत भरी खबर सामने आई। दोनों देशों ने करीब 107 दिन तक चले तनाव और सैन्य कार्रवाई के बाद शांति समझौते पर सहमति जता दी है। इस घोषणा के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। तेल बाजार में आई इस नरमी ने दुनिया भर के निवेशकों के साथ-साथ भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को भी राहत दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का फायदा भारत के आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार सुबह एशियाई बाजार खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 4.39 प्रतिशत गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड भी करीब 4 प्रतिशत टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। कुछ दिन पहले तक ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। युद्ध समाप्त होने की खबर के बाद तेल आपूर्ति को लेकर बना डर लगभग खत्म हो गया है, जिसके कारण निवेशकों ने तेजी से बिकवाली की और कीमतों में नरमी आई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">युद्ध के दौरान सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर थी। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। अगर यह मार्ग बंद होता या लंबे समय तक बाधित रहता तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था। लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से खोला जाएगा। इसके साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का भी फैसला लिया गया है। इस घोषणा ने तेल बाजार में राहत का माहौल पैदा कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में जब भी वैश्विक बाजार में तेल महंगा होता है, उसका असर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को मिलता है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। इसका असर भारतीय उपभोक्ताओं पर भी पड़ा और पेट्रोल-डीजल के दामों में कई बार बढ़ोतरी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मई महीने में ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार संशोधन किया गया था। 15 मई के बाद दो सप्ताह के भीतर ईंधन के दामों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उस समय तेल कंपनियों का तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके कारण लागत बढ़ गई है। अब जब हालात सामान्य होने लगे हैं और तेल की कीमतें नीचे आ रही हैं, तो आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 15 जून को जारी ताजा दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने हाल ही में कहा था कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के रुख को देखते हुए किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/iran-america-war-ends-big-fall-in-crude-oil-eyes-on/article-55974</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:22:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल फिर हो सकता है महंगा, तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे ने बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बढ़ती अंडर-रिकवरी के बीच पेट्रोल-डीजल में 5 रुपए प्रति लीटर तक और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a23e695a8fb5/article-55103"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/petrol-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में 5 रुपए प्रति लीटर तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। आर्थिक विश्लेषण करने वाली एजेंसियों के आकलन के अनुसार सरकारी तेल विपणन कंपनियां लगातार बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में कीमतों में और वृद्धि की संभावना से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारों के मुताबिक मई महीने के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को राहत नहीं मिली है। रिपोर्टों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कंपनियां अभी भी लागत से कम कीमत वसूल रही हैं, जिससे उन्हें रोजाना सैकड़ों करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि कीमतों में एक और बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों ने तेल बाजार को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। देश की अधिकांश पेट्रोलियम जरूरतें आयात पर निर्भर हैं, इसलिए वैश्विक कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक एजेंसियों के विश्लेषण के अनुसार हाल में हुई मूल्य वृद्धि के बावजूद तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर कई रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि इस स्थिति को संतुलित करना है तो कंपनियों को खुदरा कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं तो कुल बढ़ोतरी 10 रुपए प्रति लीटर तक भी पहुंच सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका व्यापक प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। सड़क परिवहन भारत की आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ माना जाता है। देश में अधिकांश माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है और परिवहन लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने का असर खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक पर दिखाई दे सकता है। विशेष रूप से दूध, फल, सब्जियां, दालें, मसाले, चाय, कॉफी, अंडे, मांस और मछली जैसे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इन वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब ईंधन महंगा होता है तो उसका अतिरिक्त खर्च अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव को महंगाई से सीधे जोड़कर देखा जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उद्योग जगत पर भी इसका असर पड़ सकता है। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों को पहले ही कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। यदि परिवहन खर्च भी बढ़ता है तो उत्पादन लागत और अधिक बढ़ सकती है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा और कई मामलों में उत्पादों की कीमतें भी बढ़ानी पड़ सकती हैं। आर्थिक विशेषज्ञ इसे दोहरा झटका बता रहे हैं, क्योंकि उद्योगों को उत्पादन और वितरण दोनों स्तरों पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। उधर, सरकार और तेल कंपनियों के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी बनी हुई है। एक तरफ कंपनियों के वित्तीय नुकसान को कम करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि ईंधन मूल्य निर्धारण को लेकर आने वाले दिनों में चर्चा और तेज होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में कच्चे तेल की औसत कीमतें अनुमान से काफी ऊपर बनी हुई हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं होता है तो घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और तेल कंपनियां आगे क्या फैसला लेती हैं और संभावित मूल्य वृद्धि को किस तरह संतुलित किया जाता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी केवल ईंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई दर, परिवहन व्यवस्था और आम नागरिकों के मासिक बजट से भी जुड़ा हुआ विषय है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:38:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के इस पडोसी देश में 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल, लगातार दूसरी बार घटे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल 6 रुपये और डीजल 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया। लगातार दूसरी बार ईंधन कीमतों में राहत दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/petrol-becomes-cheaper-by-6-rupees-in-this-neighboring-country/article-54068"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pakistan-petrol-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान की सरकार ने फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया है। शुक्रवार रात जारी किए गए नए रेट के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (</span>HSD) <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत </span>6.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर कम की गई है। अब पाकिस्तान में पेट्रोल </span>403.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और डीजल </span>402.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में यह राहत की दूसरी बड़ी खबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे पहले भी सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतें </span>5-5<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये घटाई थीं। इस तरह से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को पेट्रोल पर </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये और डीजल पर लगभग </span>11.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की राहत मिल चुकी है। बढ़ती महंगाई के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले को आम जनता के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ महीनों से हर शुक्रवार को ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। फरवरी में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच हालात के बिगड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर पाकिस्तान समेत कई देशों पर पड़ा। मार्च की शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक झटके में </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी गई थीं। इसके बाद वित्त मंत्री </span>Muhammad Aurangzeb <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। हालाँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ समय बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री </span>Shehbaz Sharif <span lang="hi" xml:lang="hi">ने पेट्रोलियम लेवी को कम कर जनता को राहत दी। अब लगातार दो हफ्तों से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों का सीधा असर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्यूंकि वहां बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहन और रिक्शे का उपयोग करते हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर साफ-साफ दिखता है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में हालात थोड़े अलग हैं। हाल के दिनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। नई दिल्ली में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>99.51 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत </span>92.49 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर हो गई है। तेल कंपनियों ने </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई के बाद से तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का प्रभाव दोनों देशों में अलग-अलग तरीके से नजर आ रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:41:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, भोपाल में पेट्रोल 110.75 रुपये पहुंचा, 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल, इंदौर समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े ईंधन के दाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-diesel-again-expensive-petrol-reached-rs-11075-in-bhopal-price/article-53732"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मंगलवार से फिर से बढ़ा दी गई हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">90<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी कंपनियों ने तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। भोपाल में पेट्रोल </span>110.75<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर और डीजल </span>95.91<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए तक पहुंच गया है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर में पेट्रोल </span>110.79<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>95.97<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। उज्जैन में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा </span>111.27<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए तक पहुंच गई। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट पर चर्चा करते हुए नजर आए। कुछ का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बनी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले जो कच्चा तेल </span>70<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल के आसपास था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अब </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर के पार पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी तेल कंपनियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। इंडियन ऑयल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत पेट्रोलियम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से मिली जानकारी में बताया गया कि कंपनियों को हर महीने करीब </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा था। ऐसे में कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आम लोगों को इससे राहत मिलती नहीं दिख रही। शहरों में ऑटो और बस किराए बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर सब्जियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और रोजमर्रा के सामान पर पड़ेगा। किसानों की चिंता भी बढ़ी हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ट्रैक्टर और सिंचाई के लिए डीजल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आखिर इतनी ज्यादा क्यों हो जाती हैं। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल की कीमत केवल शुरुआत होती है। इसके बाद रिफाइनिंग खर्च</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंपनियों का मार्जिन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्यों का वैट जुड़ जाता है। यही वजह है कि बेस प्राइस से कई गुना ज्यादा कीमत उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की अलग-अलग दरें होने की वजह से भोपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी रेट बदल जाते हैं। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान भी चर्चा में है जिसमें उन्होंने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को जरूरत के अनुसार करने की बात कही थी। तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन का जिम्मेदारी से उपयोग करना जरूरी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 09:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं, जानें आपके शहर के लेटेस्ट रेट</title>
                                    <description><![CDATA[17 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे। जानें आपके शहर में आज क्या हैं नए रेट और बाजार की पूरी स्थिति।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/there-is-no-change-in-the-prices-of-petrol-and/article-53594"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/petrol-diesel-price-today.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Petrol Diesel Price Today:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">17 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर कुछ राहत की खबरें आई हैं। जानकारी के अनुसार आज बड़े शहरों में ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में उथल-पुथल के बावजूद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घरेलू तेल कंपनियों ने रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है। इससे आम लोगों से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक को थोड़ी राहत मिली है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुबह-सुबह लोग अपने-अपने शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट चेक करते नजर आए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने वही पुरानी कीमतें जारी कीं। नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोलकाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी दरें वैसी ही रहीं। खबरें हैं कि वर्तमान समय में सरकार और कंपनियां महंगाई के चलते किसी भी बढ़ोतरी से बच रही हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेल बाजार पूरी तरह से शांत नहीं है। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आए दिन के बदलाव चिंता का सबब बने हुए हैं। ईरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इजराइल और अमेरिका से जुड़े भू-राजनीतिक हालातों ने सप्लाई में अनिश्चितता बढ़ा दी है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका समय-समय पर सामने आती रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो वैश्विक तेल बाजार का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। इस वजह से आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना भी बनी हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं और यह प्रक्रिया ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर-रुपया विनिमय दर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और टैक्स स्ट्रक्चर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में ईंधन के दामों में फर्क होता है। ट्रांसपोर्ट खर्च और स्थानीय टैक्स भी इस अंतर का एक बड़ा कारण हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिलहाल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो रेट सामने आए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94 रुपये के आसपास और मुंबई में 104 रुपये के ऊपर बना हुआ है। डीजल के दाम भी लगभग स्थिर हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ निजी कंपनियों के फ्यूल स्टेशनों पर हल्की बढ़ोतरी की खबरें आई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कुछ शहरों में उपभोक्ताओं को थोड़ा फर्क महसूस हो सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालात नियंत्रण में हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और रुपये में कमजोरी आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो घरेलू ईंधन दरों पर असर पड़ सकता है। लेकिन फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राहत की बात यह है कि आज कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और बाजार स्थिर बना हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:50:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा झटका, 3 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में नए रेट लागू, आम जनता पर असर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-shock-in-petrol-and-diesel-prices-prices-increased-by/article-53428"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/petrol-diesel-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Petrol Diesel Price Hike:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से इजाफा होने से आम लोगों पर असर पड़ने लगा है। शुक्रवार से पूरे देश में ईंधन की कीमतों में औसतन 3 रुपये प्रति लीटर का बढ़ावा देखा गया है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। दिल्ली सहित देश के चार बड़े महानगरों में नए दामों के लागू होते ही पेट्रोल-डीजल की दरें फिर से चर्चा का विषय बन गई हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें 3.29 रुपये बढ़कर 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। मुंबई में भी यह हालात कुछ भिन्न नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यहां पेट्रोल 3.14 रुपये बढ़कर 106.68 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 2.83 रुपये बढ़कर 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इस अचानक आई बढ़ोतरी के बाद से सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लोगों के बीच कीमतों को लेकर चर्चा और असंतोष का माहौल देखने को मिला।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में भी इसी तरह का इजाफा हुआ है। दिल्ली में डीजल 3 रुपये बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले 87.67 रुपये पर मिल रहा था। कोलकाता में डीजल की कीमतें 3.11 रुपये बढ़कर 95.13 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। मुंबई में भी डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में डीजल की कीमत 2.86 रुपये बढ़कर 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कई जगहों पर लोग पुराने और नए रेट को लेकर उलझन में नजर आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को ग्राहकों को समझाने में मुश्किल का सामना करना पड़ा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बढ़ती कीमतों का संकेत पहले से ही मिल रहा था। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अस्थिरता के चलते ईंधन की कीमतों में आगे बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया था कि पिछले चार सालों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई थी और अंतिम बार 2022 में संशोधन किया गया था। मंत्रालय के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेल विपणन कंपनियां अब भारी वित्तीय दबाव में हैं और उनकी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">अंडर-रिकवरी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:15:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में पेट्रोल के दाम 103.58 रुपये प्रति लीटर पहुंचे, पंपों पर लगी लंबी लाइनें</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं। प्रशासन ने 24 घंटे सप्लाई के निर्देश दिए, लोगों से घबराने से बचने की अपील।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-price-reaches-rs-10358-per-liter-in-raipur-long/article-53403"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t123842.853.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार सुबह से शहर के कई इलाकों में हालात ठीक नहीं रहे। राजधानी में जब पेट्रोल 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंचा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों में थोड़ी घबराहट देखने को मिली। इसके चलते फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर तो सड़क पर 100 मीटर से ज्यादा लंबी लाइनें लग गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग घंटों इंतजार करते रहे। प्रशासन का कहना है कि यह सब अफवाहों और पैनिक बाइंग का नतीजा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि असल में शहर में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सुबह जैसे ही दाम बढ़ने की खबर फैली</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई लोग बिना जरूरत के भी अपने वाहनों की टंकियां भराने पहुंच गए। कुछ पेट्रोल पंपों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भीड़ अचानक बढ़ गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मैनेजमेंट में थोड़ी गड़बड़ी आ गई। कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री एक ही समय में कई गुना बढ़ गई। इसी दौरान प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए तुरंत बैठक बुलाई और पेट्रोल पंप संचालकों तथा तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रायपुर कलेक्टर ने बैठक के बाद सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए डिपो से 24 घंटे ईंधन की आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले जहां टैंकरों की एंट्री सीमित समय के लिए होती थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब इसे हटा दिया गया है ताकि सप्लाई लगातार सुनिश्चित हो सके और किसी भी पंप पर दबाव न बने। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ न बढ़ाएं और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहर के कुछ इलाकों से ये शिकायतें भी आई हैं कि देर शाम तक कुछ पंपों पर स्टॉक कम हो गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सब्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। किसानों पर भी इसका असर पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि खेती में डीजल से चलने वाली मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है। बस और ऑटो के किराए में भी आने वाले दिनों में बदलाव की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हाल के वैश्विक तनाव के चलते क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी सच है कि पिछले काफी समय से देश में ईंधन के दाम स्थिर रहे हैं और मार्च 2024 के बाद से कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई थी। चुनाव से पहले सरकार ने कीमतों में थोड़ी राहत भी दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते स्थिति बदलती दिख रही है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन की कोशिश है कि शहर में किसी तरह की अफरातफरी न फैले और सप्लाई सुचारू बनी रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लोगों की चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल घाटा: तेल कंपनियां प्रति लीटर 18 तक नुकसान में</title>
                                    <description><![CDATA[Petrol Diesel Loss के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, LPG पर 80,000 करोड़ का दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-diesel-losses-oil-companies-incur-losses-of-up-to-rs/article-52390"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/petrol-diesel-loss-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भले ही स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन इससे तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। “पेट्रोल-डीजल लॉस” की स्थिति में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को हर लीटर पेट्रोल पर करीब ₹14 और डीजल पर लगभग ₹18 तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है।</p>
<p>रेटिंग एजेंसी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन घरेलू स्तर पर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे (मार्जिन) पर पड़ा है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति पर दबाव और बढ़ गया है।</p>
<p>नई दिल्ली से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर यह हुआ कि कुछ ही हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर के पार पहुंच गईं। ऐसे में कंपनियों को महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, जबकि उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ईंधन बेचना पड़ रहा है।</p>
<p>27 फरवरी से 30 अप्रैल के बीच इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत करीब 42 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई। इसी अवधि में ब्रेंट क्रूड और ओपेक बास्केट में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई चेन में बाधा और भू-राजनीतिक तनाव इस तेजी की मुख्य वजह हैं।</p>
<h5><strong>मिडिल ईस्ट असर</strong></h5>
<p>हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।इस रूट पर तनाव बढ़ने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो रही है।ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर तेल की कीमतों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि मौजूदा संकट का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा है।</p>
<h5><strong>रसोई और खेती पर असर</strong></h5>
<p>महंगे कच्चे तेल का असर अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।LPG सिलेंडर और खाद की लागत में भी तेजी देखी जा रही है। रसोई गैस के मामले में कंपनियों को लागत से कम कीमत पर सिलेंडर बेचना पड़ रहा है, जिससे इस वित्त वर्ष में करीब ₹80,000 करोड़ का अंडर-रिकवरी बोझ बनने का अनुमान है। वहीं, उर्वरक सब्सिडी का खर्च भी बढ़ सकता है, जो पहले तय बजट से काफी अधिक हो सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञ बताते हैं कि “अंडर-रिकवरी” का मतलब है कि कंपनियों को उत्पाद तैयार करने या खरीदने में जितनी लागत आती है, उससे कम कीमत पर बेचने से होने वाला अंतर नुकसान के रूप में दर्ज होता है। फिलहाल पेट्रोल, डीजल और LPG तीनों में यही स्थिति बन रही है।</p>
<p>इसका असर CNG और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। केमिकल, प्लास्टिक और उर्वरक उद्योगों की लागत बढ़ने से उनका भविष्य दबाव में दिखाई दे रहा है। कुछ एजेंसियों ने इन सेक्टरों के आउटलुक को “नेगेटिव” करार दिया है।सरकार फिलहाल कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि आम जनता पर महंगाई का सीधा असर न पड़े। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:15:51 +0530</pubDate>
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