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                <title>NCS Report - दैनिक जागरण</title>
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                <title>लद्दाख भूकंप: लेह में 4.1 तीव्रता के झटके, कोई बड़ा नुकसान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[लद्दाख भूकंप की पुष्टि NCS ने की, सुबह 3:54 बजे आए झटके; गहराई ज्यादा होने से असर सीमित रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/ladakh-earthquake-tremors-of-41-magnitude-in-leh-no-major/article-52414"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/ladakh-earthquake.jpg" alt=""></a><br /><p>लद्दाख के लेह क्षेत्र में गुरुवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र  के अनुसार, यह भूकंप 30 अप्रैल 2026 को सुबह 3:54 बजे आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र लेह के पास स्थित था, जबकि इसकी गहराई करीब 150 किलोमीटर बताई गई है। गहराई अधिक होने के कारण झटकों का असर सतह पर सीमित रहा और किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई। स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन अलर्ट पर है।</p>
<p>भूकंप के झटके उस समय महसूस हुए जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। कई लोगों की नींद अचानक टूट गई और वे घरों से बाहर निकल आए। हालांकि झटके हल्के थे, इसलिए किसी तरह की भगदड़ या गंभीर स्थिति नहीं बनी। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p>राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भूकंप की पुष्टि की।भूकंप का केंद्र 36.722 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 74.456 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप की गहराई ज्यादा होने से इसकी ऊर्जा सतह तक कम पहुंची, जिससे इसका प्रभाव सीमित रहा।</p>
<p>लद्दाख और आसपास का इलाका भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इसके पीछे मुख्य कारण भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव है। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, इन प्लेटों के लगातार दबाव के कारण जमीन के अंदर ऊर्जा जमा होती रहती है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलती है।</p>
<p>इस क्षेत्र में पहले भी कई बार हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। यही वजह है कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां यहां हमेशा सतर्क रहती हैं और लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं।मौजूदा भूकंप से किसी तरह का बुनियादी ढांचा प्रभावित नहीं हुआ है। सड़क, बिजली और संचार सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।भूकंप के बाद प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:06:18 +0530</pubDate>
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