<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/school-news/tag-11673" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>School News - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11673/rss</link>
                <description>School News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्कूलों में मंत्रोच्चार पर याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सबूत के साथ दोबारा आने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने फिलहाल हस्तक्षेप से इनकार किया, कहा- आदेश लागू होने के ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/chhattisgarh-high-court-rejects-petition-on-chanting-in-schools-asks/article-57670"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-high-court-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने संबंधी राज्य शासन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका फिलहाल खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर ऐसे कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए हैं, जिनसे यह साबित हो सके कि संबंधित आदेश का वास्तव में स्कूलों में पालन शुरू हो चुका है। ऐसे में न्यायालय ने इस स्तर पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि भविष्य में आदेश के अमल से जुड़े ठोस प्रमाण सामने आते हैं तो याचिकाकर्ता नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस फैसले के बाद फिलहाल इस मुद्दे पर कानूनी राहत नहीं मिली है, लेकिन अदालत ने भविष्य के लिए कानूनी रास्ता खुला रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह याचिका छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने का प्रावधान बताया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह आदेश संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि इस आदेश को असंवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त किया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डॉ. अमीर खान ने पक्ष रखा और कहा कि इस आदेश से संविधान के मूल प्रावधान प्रभावित होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सबसे पहले इस बात पर जोर दिया कि अदालत किसी भी प्रशासनिक आदेश में तभी हस्तक्षेप करती है, जब उसके लागू होने या उससे प्रभावित होने के स्पष्ट और ठोस प्रमाण उपलब्ध हों। अदालत ने कहा कि मौजूदा याचिका में ऐसे दस्तावेज, वीडियो या अन्य सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे यह साबित हो सके कि राज्य सरकार का आदेश वास्तव में स्कूलों में लागू किया जा चुका है। केवल आशंका या संभावना के आधार पर न्यायिक हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता। इसी कारण अदालत ने फिलहाल याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता डॉ. अमीर खान के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूल में इस आदेश का पालन कराए जाने के प्रमाण सामने आते हैं, तो याचिकाकर्ता उन साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर रखकर दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वीडियो, फोटो, आधिकारिक दस्तावेज या अन्य विश्वसनीय सामग्री उपलब्ध होती है, तो उसके आधार पर नई याचिका पर विचार किया जा सकता है। इस टिप्पणी को मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अदालत ने कानूनी चुनौती का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले के बाद फिलहाल राज्य सरकार के आदेश पर कोई न्यायिक रोक नहीं लगी है। हालांकि अदालत ने आदेश की वैधता पर कोई अंतिम टिप्पणी भी नहीं की है। न्यायालय का पूरा फोकस इस बात पर रहा कि याचिका में प्रस्तुत तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत ने इस मामले में प्रक्रिया संबंधी सिद्धांतों का पालन करते हुए फैसला दिया है। किसी भी नीति या प्रशासनिक आदेश को चुनौती देने के लिए उसके प्रभाव या क्रियान्वयन के पर्याप्त प्रमाण होना आवश्यक माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। एक पक्ष का मानना है कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम स्कूलों में कराए जा सकते हैं, जबकि दूसरा पक्ष इसे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के संदर्भ में देख रहा है। हालांकि इन सभी मुद्दों पर हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की और केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर केवल याचिका की स्वीकार्यता पर विचार कर रही थी, न कि आदेश की संवैधानिक वैधता पर। भविष्य में यदि किसी स्कूल में आदेश के पालन के प्रमाण सामने आते हैं और उसके आधार पर नई याचिका दायर होती है, तो अदालत उस समय मामले के संवैधानिक पहलुओं पर भी विस्तार से विचार कर सकती है। फिलहाल इस फैसले से यह संदेश गया है कि न्यायालय केवल अनुमान या आशंका के आधार पर हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि ठोस तथ्यों और साक्ष्यों को प्राथमिकता देगा। यही वजह है कि याचिकाकर्ता को दोबारा याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता भी दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/chhattisgarh-high-court-rejects-petition-on-chanting-in-schools-asks/article-57670</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/chhattisgarh-high-court-rejects-petition-on-chanting-in-schools-asks/article-57670</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:22:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/chhattisgarh-high-court-%287%29.jpg"                         length="295880"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिशुकुंज स्कूल मामला: बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद घर-घर पहुंची डॉक्टरों की टीम</title>
                                    <description><![CDATA[लंच के बाद 150 से अधिक छात्रों में दिखे बीमारी के लक्षण, किचन सील; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की निगरानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/shishukunj-school-indore.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। स्कूल में लंच करने के बाद 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने के मामले ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद अब डॉक्टरों की टीमें प्रभावित बच्चों के घर-घर जाकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही हैं। शुरुआती जांच में कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है और सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।मामला सामने आने के बाद मंगलवार को स्कूल का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर से टिफिन देकर स्कूल भेजा। कई छात्रों ने स्कूल का भोजन लेने के बजाय घर का बना खाना ही खाना उचित समझा। वहीं कुछ अभिभावकों ने एहतियात के तौर पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा, जिसके चलते उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। स्कूल प्रबंधन ने भी अभिभावकों को ई-मेल भेजकर फिलहाल बच्चों के लिए घर से भोजन भेजने का अनुरोध किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पूरा मामला शनिवार को सामने आया था। स्कूल में दोपहर का भोजन करने के कुछ समय बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत की। धीरे-धीरे प्रभावित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। अभिभावकों को सूचना मिलने के बाद वे बच्चों को अस्पताल और क्लीनिक लेकर पहुंचे। देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। प्रभावित छात्रों में बड़ी संख्या चौथी कक्षा तक के बच्चों की बताई जा रही है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम गठित की गई। मंगलवार को टीम ने करीब 30 बच्चों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बच्चों की स्थिति का आकलन किया और अभिभावकों से बीमारी के लक्षणों तथा वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य प्रभावित बच्चों के घर भी जाकर जांच की जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित भोजन या पानी के सेवन से ऐसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल डॉक्टर बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देने और स्वास्थ्य पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। इस घटना के बाद सोमवार को अभिभावकों का गुस्सा भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और पूरे मामले को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि बच्चों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कई अभिभावकों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। सोमवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। करीब चार घंटे तक चली जांच के दौरान किचन और खाद्य भंडारण व्यवस्था की पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री और मसालों की एक्सपायरी डेट समाप्त होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल के किचन को सील कर दिया। जांच दल ने किचन से विभिन्न खाद्य पदार्थों और पेय सामग्री के नमूने भी एकत्र किए हैं। इनमें पनीर, दूध, आइसक्रीम, दाल, तैयार भोजन, मसाले और पानी के नमूने शामिल हैं। कुल 23 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि विभाग को अब तक कई अभिभावकों की ओर से शिकायतें और जानकारी प्राप्त हुई हैं। स्कूल प्रशासन ने भी अस्वस्थ महसूस करने वाले करीब 85 विद्यार्थियों को एहतियातन घर भेजा था। फिलहाल किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं पड़ी है और सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अभिभावक, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। तब तक स्वास्थ्य विभाग बच्चों की निगरानी जारी रखेगा और एहतियाती कदम उठाता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/shishu-kunj-school-case-team-of-doctors-reached-door-to/article-56784</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 12:17:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/shishukunj-school-indore.jpg"                         length="295698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: 19 मई से शुरू होगा वेरिफिकेशन, ऐसे करा सकेंगे री-इवैल्यूएशन</title>
                                    <description><![CDATA[CBSE Class 12 Result 2026 के बाद 19 मई से वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होगी। जानें पूरा शेड्यूल और आवेदन तरीका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbse-12th-result-2026-verification-will-start-from-may-19/article-53541"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/cbse-class-12-result-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>CBSE Class <span lang="hi" xml:lang="hi">12</span> Result <span lang="hi" xml:lang="hi">2026:</span></strong> CBSE Class <span lang="hi" xml:lang="hi">12 का रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद कई छात्र अपने नंबरों को लेकर चिंतित हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं रिजल्ट 2026 के लिए वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">19 मई 2026 से छात्र ऑनलाइन माध्यम से अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बार </span>CBSE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया है ताकि मार्क्स जोड़ने में या मूल्यांकन में मानवीय गलतियाँ कम हों। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिज़ल्ट आने के बाद कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपने नंबरों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। यही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइंस और मैथ्स स्ट्रीम के छात्रों में री-चेकिंग को लेकर ज्यादा रुचि देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और निर्धारित समय सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि आंसर-शीट की फोटोकॉपी के लिए रजिस्ट्रेशन 19 मई से शुरू होकर 22 मई 2026 की रात 11:55 बजे तक चलेगा। इसके बाद मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की विंडो 26 मई से 29 मई तक खुली रहेगी। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्लीमेंट्री और इंप्रूवमेंट एग्जाम 15 जुलाई 2026 से आयोजित किए जाने की योजना है। </span>CBSE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने यह भी बताया है कि छात्र सीधे री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर सकते। पहले उन्हें मार्क्स वेरिफिकेशन कराना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर जरूरत पड़ने पर आंसर शीट की कॉपी लेनी होगी और इसके बाद किसी विशेष प्रश्न के लिए री-इवैल्यूएशन का विकल्प मिलेगा। बोर्ड का कहना है कि इस प्रक्रिया से छात्रों को पारदर्शिता मिलेगी और वे यह जान सकेंगे कि किस सवाल में उन्हें कितने अंक मिले हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेरिफिकेशन के दौरान केवल टोटलिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना जाँच किए गए प्रश्न और मार्क्स एंट्री जैसी चीजों की जांच की जाती है। अगर छात्र फिर भी संतुष्ट नहीं होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह अपनी चेक की गई उत्तर पुस्तिका की डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकता है। इसके बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर किसी प्रश्न का मूल्यांकन गलत लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसी प्रश्न के लिए रिव्यू की मांग की जा सकती है। कई शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में </span>CBSE <span lang="hi" xml:lang="hi">की यह प्रक्रिया छात्रों के लिए मददगार साबित हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्यूंकि इससे उन्हें अपनी कॉपी देखने का मौका मिलता है। दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पटना और लखनऊ जैसे शहरों में रिजल्ट आने के बाद साइबर कैफे और स्कूल हेल्प डेस्क पर छात्रों की भीड़ देखी गई है। कुछ छात्रों का कहना था कि उन्हें 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक की उम्मीद थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अंक उससे कम आए। जबकि कई स्कूलों ने छात्रों को जल्दबाजी में आवेदन न करने और पहले परिणाम का सही तरीके से विश्लेषण करने की सलाह दी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBSE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने छात्रों से कहा है कि आवेदन करते वक्त रोल नंबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी को सही ढंग से भरें। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "</span>Apply for Verification/Re-evaluation Class XII - <span lang="hi" xml:lang="hi">2026" लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद संबंधित विषय या प्रश्न का चयन करना होगा और ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करना भी जरूरी है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिजल्ट के बाद री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी हलचल बनी हुई है और 19 मई से पोर्टल खुलने का इंतजार किया जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbse-12th-result-2026-verification-will-start-from-may-19/article-53541</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbse-12th-result-2026-verification-will-start-from-may-19/article-53541</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:27:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/cbse-class-12-result-2026.jpg"                         length="141054"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जबलपुर में भारी स्कूल बैग पर सख्ती, पहली कक्षा का बस्ता 1078 ग्राम का हो, DPI के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर में भारी स्कूल बैग को लेकर प्रशासन सख्त हुआ। DPI ने स्कूलों को नेशनल बैग पॉलिसी लागू करने और तय वजन मानक मानने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/strictness-on-heavy-school-bags-in-jabalpur-dpi-instructions-first/article-52914"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t135944.152.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबलपुर में बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर सख्ती शुरू हो गई है। बाल संरक्षण आयोग और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर कहा है कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नेशनल स्कूल बैग पॉलिसी का पालन कराया जाए। शुरुआती निर्देशों में साफ कहा गया है कि पहली कक्षा के बच्चे के स्कूल बैग का वजन 1078 ग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बताया जा रहा है कि कई स्कूलों में छोटे बच्चों से जरूरत से ज्यादा किताबें और कॉपियां लाने को कहा जाता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बस्ते का वजन बढ़ जाता है। अधिकारियों के अनुसार इसका असर बच्चों के शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। छोटे बच्चों में कमर दर्द</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंधों में दबाव और थकान जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए अब जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक डीपीआई की ओर से पहले भी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में बैग का वजन जांचने के निर्देश दिए गए थे। समग्र शिक्षा अभियान और लोक शिक्षण संचालनालय की अपर परियोजना संचालक नंदा भलावे की तरफ से यह जानकारी मांगी गई थी कि निरीक्षण के दौरान छात्रों के बैग का वजन कितना पाया गया। हालांकि अब तक किसी बड़े स्कूल पर कार्रवाई या औपचारिक जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इधर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा विभाग के भीतर भी इस बात को लेकर चर्चा है कि गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद रिपोर्ट मांगने से वास्तविक जांच पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि कई स्कूलों से केवल कागजी जानकारी भेजी जा सकती है। कुछ अभिभावकों ने भी कहा कि स्कूल बैग का वजन तय होना अच्छी पहल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसका पालन जमीन पर होना ज्यादा जरूरी है। कई निजी स्कूल अब भी बच्चों को अलग-अलग विषयों की पूरी किताबें रोज लाने के लिए कहते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीपीआई के निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को बैग लाने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए। वहीं पहली से बारहवीं तक हर कक्षा के लिए अधिकतम वजन तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों पर पढ़ाई का बोझ केवल मानसिक नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी बढ़ रहा है। बाल संरक्षण आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि कुछ निजी स्कूल अब भी नीति का सही पालन नहीं कर रहे हैं और छोटे बच्चों को भारी बस्ते के साथ स्कूल आने को मजबूर किया जा रहा है। आयोग ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। निर्देश में कहा गया है कि उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तय मानकों के अनुसार कक्षा 2 के बैग का वजन 1080 ग्राम</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा 3 के लिए 1572 ग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा 4 के लिए 1804 ग्राम और कक्षा 5 के लिए 1916 ग्राम रखा गया है। वहीं छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए यह सीमा करीब 3 से 3.6 किलो तक तय की गई है। कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए 4 किलो से अधिक वजन नहीं रखने की बात कही गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अधिकतम सीमा 3.5 किलो से 5 किलो तक रखी गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/strictness-on-heavy-school-bags-in-jabalpur-dpi-instructions-first/article-52914</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/strictness-on-heavy-school-bags-in-jabalpur-dpi-instructions-first/article-52914</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:13:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t135944.152.jpg"                         length="179371"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा आज से शुरू, सीएम मोहन यादव ने छात्रों को दिया खास संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा आज से शुरू, सीएम मोहन यादव ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं और इसे दूसरा अवसर बताया। 10वीं-12वीं के छात्र शामिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/second-exam-of-mp-board-starts-from-today-cm-mohan/article-52814"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(89).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में आज से माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी एमपी बोर्ड की </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">द्वितीय परीक्षा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">की शुरुआत हो गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे लेकर छात्रों में एक बार फिर तैयारी और उम्मीद दोनों का माहौल देखा जा रहा है। यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए एक नया मौका मानी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले परीक्षा परिणाम में सफल नहीं हो सके थे या जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा था। एमपी बोर्ड की तरफ से इसे छात्रों के बेहतर भविष्य और एक और अवसर के रूप में शुरू किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी एक परिणाम के आधार पर किसी का साल बर्बाद न हो।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राज्य भर में 10वीं और 12वीं के हजारों छात्र इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सुबह से ही कई परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की हलचल देखी गई। कुछ जगहों पर अभिभावक भी बच्चों के साथ पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाते नजर आए। मौसम और सामान्य हालात के बीच परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी केंद्रों पर निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही पुख्ता किए गए हैं ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। यह परीक्षा 7 मई से शुरू होकर तय शेड्यूल के अनुसार आगे चलेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस साल 10वीं और 12वीं के परिणाम पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहतर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जो विद्यार्थी किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके लिए यह द्वितीय परीक्षा एक नया अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी उनके लिए केवल छात्र नहीं बल्कि प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सपने रुकते नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें बस एक नए मौके की जरूरत होती है।</span></span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/">इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में जो परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके, उनके लिए द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत आज से हो रही है।<br /><br />आप सभी को सफलता की अग्रिम शुभकामनाएं... </a><a href="https://t.co/OJW4RisRuq">pic.twitter.com/OJW4RisRuq</a></p>
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) <a href="https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2052208410507317564?ref_src=twsrc%5Etfw">May 7, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">

"&gt;</span></span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">इस साल एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में जो परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके, उनके लिए द्वितीय परीक्षा अवसर की शुरुआत आज से हो रही है।<br /><br />आप सभी को सफलता की अग्रिम शुभकामनाएं... <a href="https://t.co/OJW4RisRuq">pic.twitter.com/OJW4RisRuq</a></p>
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) <a href="https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2052208410507317564?ref_src=twsrc%5Etfw">May 7, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi">


</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएम मोहन यादव ने अपने संदेश में छात्रों को यह भी समझाने की कोशिश की कि एक परीक्षा का परिणाम पूरे जीवन की कहानी तय नहीं करता। उन्होंने कहा कि यह अवसर सिर्फ अंक सुधारने का नहीं बल्कि आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने का भी है। सरकार की यह पहल विद्यार्थियों के सपनों को फिर से उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि खुद को दोबारा साबित करने का मौका है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां छात्र अपनी मेहनत से नई शुरुआत कर सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की है कि इस समय बच्चों के साथ मजबूती से खड़े रहें। उन्होंने कहा कि कई बार एक सकारात्मक शब्द या छोटा सा भरोसा भी बच्चों के आत्मविश्वास को बड़ा सहारा दे सकता है। बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से मजबूत करना ज्यादा जरूरी है। उनके अनुसार हर विद्यार्थी में क्षमता होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और समर्थन की होती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/second-exam-of-mp-board-starts-from-today-cm-mohan/article-52814</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/second-exam-of-mp-board-starts-from-today-cm-mohan/article-52814</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:24:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%2889%29.jpg"                         length="148346"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ICSE ISC Result 2026: 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक</title>
                                    <description><![CDATA[ICSE ISC Result 2026 घोषित, छात्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें मार्कशीट रिजल्ट का इंतजार खत्म हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/icse-isc-result-2026-10th-12th-result-released-check-this-way/article-52419"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-04/icse-isc-result-2026-.jpg" alt=""></a><br /><p>काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने गुरुवार को ICSE (कक्षा 10वीं) और ISC (कक्षा 12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं। देशभर में लाखों छात्र इस रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे, जो अब समाप्त हो गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट बपेबम.वतह और तमेनसजे.बपेबम.वतह पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं और मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष भी बोर्ड ने टॉपर्स की सूची जारी नहीं की है। यह परंपरा पिछले कुछ वर्षों से बंद कर दी गई है। परीक्षा फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 4 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होते ही वेबसाइट्स पर ट्रैफिक बढ़ गया, हालांकि शुरुआती समय में तकनीकी दिक्कतों की भी खबरें सामने आईं।</p>
<h5><strong>कैसे देखें रिजल्ट</strong></h5>
<p>छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए इस<a title="cisce.org, results.cisce.org, digilocker.gov.in" href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/digilocker.gov.in"> </a></p>
<p><a title="https://test-33760-ybe6-ddyt-dgc-globa3l-systlem.cisce.org/" href="https://test-33760-ybe6-ddyt-dgc-globa3l-systlem.cisce.org/">https://test-33760-ybe6-ddyt-dgc-globa3l-systlem.cisce.org/</a></p>
<p><a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/admin/post/post/results.cisce.org">results.cisce.org</a></p>
<p><a title="https://www.digilocker.gov.in/https://www.digilocker.gov.in/" href="https://www.digilocker.gov.in/https://www.digilocker.gov.in/">https://www.digilocker.gov.in/https://www.digilocker.gov.in/</a></p>
<p>वेबसाइट पर जाकर कोर्स कोड (ICSE/ISC), यूनिक आईडी, इंडेक्स नंबर और कैप्चा दर्ज करना होगा। इसके बाद ‘Show Result’ पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर स्कोरकार्ड दिखाई देगा।</p>
<p>इसके अलावा, छात्र DigiLocker के जरिए भी अपनी डिजिटल मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल मार्कशीट को आधिकारिक दस्तावेज के रूप में मान्यता प्राप्त है।</p>
<h5><strong>पास प्रतिशत और आंकड़े</strong></h5>
<p>इस साल ICSE और ISC दोनों परीक्षाओं में पास प्रतिशत उच्च स्तर पर रहा है। विभिन्न श्रेणियों में छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक बताया गया है।आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ICSE 10वीं में OBC वर्ग का पास प्रतिशत 99% से अधिक रहा, जबकि SC और ST वर्ग के छात्रों ने भी 98% से ऊपर सफलता हासिल की। ISC 12वीं में भी लगभग सभी श्रेणियों में 98–99% के बीच पास प्रतिशत दर्ज किया गया है।विशेष रूप से दृष्टिबाधित और विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के प्रदर्शन ने ध्यान खींचा है, जहां कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।</p>
<h5><strong>पुनर्मूल्यांकन और सुधार परीक्षा</strong></h5>
<p>CISCE ने छात्रों को अपने अंकों की समीक्षा का विकल्प भी दिया है। जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे 1 मई से 4 मई 2026 के बीच पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।सुधार परीक्षा (Improvement Exam) की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। छात्र अधिकतम दो विषयों में सुधार परीक्षा दे सकते हैं। यह परीक्षा जून में आयोजित होगी और परिणाम जुलाई में घोषित किए जाने की संभावना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/icse-isc-result-2026-10th-12th-result-released-check-this-way/article-52419</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/icse-isc-result-2026-10th-12th-result-released-check-this-way/article-52419</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 16:18:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-04/icse-isc-result-2026-.jpg"                         length="146722"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nitin Trivedi]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        