<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/vastu-shastra/tag-11760" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>vastu shastra - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/11760/rss</link>
                <description>vastu shastra RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नौतपा में उत्तर-पूर्व दिशा में रख दें ये चीज, धन लाभ के बन सकते हैं योग</title>
                                    <description><![CDATA[नौतपा 2026 में उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी का घड़ा रखने का वास्तु उपाय चर्चा में है। जानें इससे जुड़े नियम और मान्यताएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keep-these-things-in-the-north-east-direction-in-nautapa-there/article-54265"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/nautapa-vastu-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Nautapa Vastu Tips:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">25 मई से शुरू हुआ नौतपा इस बार भी तेज गर्मी के साथ लोगों की दिनचर्या पर असर डाल रहा है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र मानने वाले लोग इस दौरान कई तरह के उपाय भी कर रहे हैं। वास्तु जानकारों के अनुसार नौतपा का समय सूर्य ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है और इन दिनों में किए गए कुछ छोटे उपाय घर की सकारात्मकता और आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं। खासतौर पर घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को लेकर एक आसान उपाय काफी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि इस दिशा में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ सकती है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को जल तत्व और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। इसी दिशा को कुबेर की दिशा भी कहा जाता है। ऐसे में नौतपा के दौरान यहां मिट्टी का घड़ा या सुराही रखना शुभ माना जाता है। बताया जा रहा है कि इससे घर का ऊर्जा संतुलन बेहतर होता है और मानसिक शांति भी बनी रहती है। कई लोग इन दिनों घरों में मिट्टी के बर्तन रखने को पारंपरिक उपाय भी मानते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि गर्मी के मौसम में यह प्राकृतिक ठंडक बनाए रखने में मदद करते हैं। वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक अगर घड़ा रखना संभव न हो तो मिट्टी का गमला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दीपक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुल्लक या छोटी मूर्तियां भी रखी जा सकती हैं। हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि पानी का घड़ा कभी खाली या टूटा हुआ नहीं होना चाहिए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऐसा कहा जाता है कि नौतपा के दौरान सूर्य का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है और जल से जुड़े उपायों का असर भी इसी समय अधिक माना जाता है। कुछ लोग सुबह के समय घड़े में ताजा पानी भरकर रखने और उसके आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह देते हैं। साथ ही ईशान कोण में आग से जुड़ी चीजों को रखने से बचने को भी कहा गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के चलते लोग आज भी इन उपायों को अपनाते हैं। गर्मी के इस मौसम में मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल स्वास्थ्य और वातावरण दोनों के लिहाज से फायदेमंद माना जाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keep-these-things-in-the-north-east-direction-in-nautapa-there/article-54265</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keep-these-things-in-the-north-east-direction-in-nautapa-there/article-54265</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 00:00:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/nautapa-vastu-tips.jpg"                         length="90686"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांच या शीशा टूटना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहते हैं वास्तु और विज्ञान </title>
                                    <description><![CDATA[कांच या शीशे का टूटना शुभ है या अशुभ? जानें वास्तु शास्त्र और विज्ञान में इससे जुड़ी मान्यताएं और इसके पीछे की वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/breaking-glass-or-mirror-is-auspicious-or-inauspicious-know-what/article-53630"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/is-breaking-glass-auspicious-or-inauspicious.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घर में अचानक कांच या शीशे का टूट जाना कई बार लोगों को परेशान कर देता है। कुछ लोग इसे आने वाले किसी बुरे संकेत के तौर पर मानते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरे इसे सामान्य घटना समझकर अनदेखा कर देते हैं। भारतीय संस्कृति में ये मान्यता है कि शीशा टूटना अशुभ होता है। लेकिन वास्तु शास्त्र इस पर अलग राय पेश करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसके पीछे कुछ व्यावहारिक कारण होते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर घर में रखा कांच अचानक टूट जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसे हमेशा बुरा संकेत नहीं माना जाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि वो टूट हुआ कांच घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा या बड़े संकट को अपने ऊपर ले लेता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मतलब परिवार को जो परेशानियाँ आ रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो टल गईं। कुछ लोग इसे पुराने विवाद या लंबे समय से चल रही समस्याओं के खत्म होने का भी संकेत मानते हैं। कई जगहों पर कांच के टूटने को स्वास्थ्य में सुधार और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होने से भी जोड़ा जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु में एक बात स्पष्ट है कि टूटे या चटके हुए कांच को घर में नहीं रखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि टूटे हुए शीशे से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और इससे नकारात्मकता बढ़ने लगती है। वास्तु विशेषज्ञों की सलाह है कि टूटे कांच को तुरंत हटा दिया जाए और घर से बाहर फेंक दिया जाए। इसलिए कई लोग शीशा टूटने के बाद ज्यादा सोचे-समझे बिना उसे फेंक देते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कांच के टूटने को अशुभ मानने के पीछे कुछ पुरानी सामाजिक और आर्थिक वजहें भी हैं। पहले कांच बहुत महंगा होता था और इसे दूसरे देशों से मंगवाया जाता था। इसे खरीदने और संभालकर रखने में काफी खर्च होता था। इसीलिए लोगों को सावधान करने के लिए कांच टूटने को धार्मिक और अशुभ संकेतों से जोड़ा गया। उस समय धार्मिक मान्यताएं लोगों पर गहरा असर डालती थीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए वे इसको गंभीरता से लेते थे। धीरे-धीरे ये बातें परंपरा और मान्यता का हिस्सा बन गईं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में कांच का टूटना एक सामान्य घटना हो सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन टूटे हुए कांच से चोट लगने का खतरा जरूर होता है। इसलिए इसे तुरंत साफ करना और सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/breaking-glass-or-mirror-is-auspicious-or-inauspicious-know-what/article-53630</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/breaking-glass-or-mirror-is-auspicious-or-inauspicious-know-what/article-53630</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 00:00:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/is-breaking-glass-auspicious-or-inauspicious.jpg"                         length="114734"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाथरूम की ये गलती रोक सकती है घर की बरकत और पैसा, खर्चे रॉकेट की रफ्तार से बढ़ेंगे!</title>
                                    <description><![CDATA[जानें Bathroom Vastu Tips के अनुसार खाली बाल्टी क्यों मानी जाती है अशुभ और कैसे यह घर में धन हानि व नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/this-bathroom-mistake-can-stop-the-prosperity-of-the-house/article-53577"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bathroom-vastu-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Bathroom Vastu Tips:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">बाथरूम से जुड़े वास्तु टिप्स पर वास्तु शास्त्र में कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति से सीधे तौर पर जुड़ते हैं। ये माना जाता है कि घर में छोटी-छोटी आदतें भी बड़े असर डाल सकती हैं। इनमें से एक है बाथरूम में रखी हुई खाली बाल्टी। लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये घर में धन की रुकावट पैदा कर सकती है और अनावश्यक खर्चों को बढ़ा सकती है। कहा जाता है कि अगर बाथरूम में खाली बाल्टी लंबे समय तक पड़ी रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका असर घर की बरकत पर पड़ने लगता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में पानी को समृद्धि और धन का प्रतीक माना गया है। ऐसे में जब बाथरूम में रखी बाल्टी खाली रहती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसे ऊर्जा के असंतुलन का संकेत समझा जाता है। इससे घर में पैसे का टिकना मुश्किल हो जाता है और फिजूल खर्ची भी बढ़ सकती है। इसलिए कई वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाथरूम में बाल्टी को हमेशा इस्तेमाल के बाद साफ पानी से भरकर रखा जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और घर में बरकत बनी रहे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये भी कहा जाता है कि बाथरूम में खाली बाल्टी नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित कर सकती है। वास्तु के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाथरूम खुद एक ऐसा स्थान है जहां नकारात्मक ऊर्जा जल्दी जमा होती है। अगर वहां अव्यवस्था हो या खाली बाल्टी पड़ी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका असर घर के माहौल पर भी पड़ सकता है। कई बार इससे परिवार के लोगों के बीच तनाव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिड़चिड़ापन और बेवजह विवाद भी बढ़ सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी इस बात को अलग तरीके से देखा जाता है। ये माना जाता है कि पानी का संबंध चंद्रमा से और सफाई का संबंध शनि ग्रह से होता है। इस लिहाज से</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर बाथरूम गंदा रहे या बाल्टी खाली रखी जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इन ग्रहों का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे जीवन में रुकावटें आ सकती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम अटक सकता है और भाग्य का साथ कम मिल सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखा जाए तो साफ-सुथरा और व्यवस्थित वातावरण मन को शांति देता है। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिखरा हुआ बाथरूम और खाली बाल्टी लापरवाही और अव्यवस्था का संकेत मानी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। इसलिए घर के माहौल को संतुलित बनाए रखने के लिए साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में कुछ सरल उपाय भी दिए गए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें अपनाकर नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। माना जाता है कि रात में सोने से पहले बाथरूम की बाल्टी में साफ पानी भरकर रखना शुभ होता है। अगर किसी कारणवश बाल्टी खाली रखनी पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे उल्टा करके रखना बेहतर माना जाता है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीले रंग की बाल्टी का उपयोग भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मददगार कहा गया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/this-bathroom-mistake-can-stop-the-prosperity-of-the-house/article-53577</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/this-bathroom-mistake-can-stop-the-prosperity-of-the-house/article-53577</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 11:58:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/bathroom-vastu-tips.jpg"                         length="81833"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक उपाय: शुक्रवार को करें ये काम, दूर होगी आर्थिक तंगी</title>
                                    <description><![CDATA[शुक्रवार को मां लक्ष्मी की कृपा पाने के सरल उपाय जानें। ज्योतिष अनुसार शुक्र और वास्तु से जुड़े आसान टिप्स जो धन और समृद्धि बढ़ाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/surefire-ways-to-attain-lakshmi-do-these-things-on-friday/article-53249"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t113356.609.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। आमतौर पर कहा जाता है कि जिन घरों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां आर्थिक तंगी और दरिद्रता का असर नहीं होता। ज्योतिष के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन कुछ सरल उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। ज्योतिष का कहना है कि शुक्र ग्रह की मजबूती के बिना ऐश्वर्य और भौतिक सुखों की प्राप्ति मुश्किल होती है। कुछ रोज़मर्रा की आदतें और छोटे उपाय व्यक्ति के जीवन में धन आकर्षित करने की ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शरीर और घर की साफ-सफाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुबह-शाम की दिनचर्या और पूजा-पाठ का सही तरीका इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा के साथ कुछ पारंपरिक नियमों का पालन किया जाए तो इसका असर लंबे समय तक देखा जा सकता है। ज्योतिष में कहते हैं कि शुक्र के कमजोर होने से व्यक्ति को आर्थिक उतार-चढ़ाव और अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इसके संतुलन के लिए कुछ सरल उपाय बताए गए हैं जो बिना किसी जटिलता के अपनाए जा सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लक्ष्मी प्राप्ति के उपायों में पहले दिनचर्या और शुद्धता को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए मिट्टी के बर्तन में खाना खाना फायदेमंद होता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इससे शरीर और मन दोनों में संतुलन बना रहता है। शाम के समय घर में घी का दीप जलाना भी बहुत शुभ माना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर मुख्य दरवाजे पर दीपक रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में समृद्धि का माहौल बनता है। वहीं ज्योतिष परंपरा में यह भी बताया जाता है कि शाम के समय झाड़ू लगाने से बचना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसे लक्ष्मी के आगमन के समय से जोड़ा जाता है। आर्थिक लाभ और मनोकामना पूर्ति के लिए चींटियों को भोजन कराना भी एक पुरानी मान्यता है। आटे में चीनी और घी मिलाकर बनाई गई पंजीरी को चींटियों को खिलाने से पुण्य और सकारात्मक फल मिलने की संभावना होती है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कनकधारा स्तोत्र का नियमित पाठ और शुक्रवार का व्रत भी लक्ष्मी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। वृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए केले के पेड़ में जल चढ़ाना और उसमें कच्ची हल्दी तथा चने की दाल चढ़ाना भी शुभ बताया गया है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछलियों को दाना डालना भी आर्थिक बाधाओं को दूर करने और रुके हुए धन की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में भी धन वृद्धि से जुड़े कुछ सरल नियम बताए गए हैं जिनका पालन घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मददगार समझा जाता है। कहा जाता है कि तिजोरी को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना और उसका मुख उत्तर दिशा की ओर होना शुभ संकेत होता है। इससे धन संचय और स्थिरता में वृद्धि होती है। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">घर में शीशा हमेशा उत्तर दिशा की दीवार पर लगाने की सलाह दी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक प्रगति के अवसर बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपाय किसी चमत्कार की तरह तुरंत परिणाम नहीं देते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन नियमित आस्था और सही दिनचर्या के साथ इनका प्रभाव धीरे-धीरे जीवन में नजर आने लगता है। शुक्रवार को किए जाने वाले ये उपाय भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और लोग इन्हें श्रद्धा से अपनाते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/surefire-ways-to-attain-lakshmi-do-these-things-on-friday/article-53249</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/surefire-ways-to-attain-lakshmi-do-these-things-on-friday/article-53249</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:38:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-13t113356.609.jpg"                         length="104184"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कड़ी मेहनत के बाद भी नौकरी और कारोबार में रुक रही तरक्की? अपनाएं ये असरदार वास्तु उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[नौकरी और कारोबार में सफलता के लिए असरदार वास्तु उपाय अपनाएं। जानें कैसे सकारात्मक ऊर्जा और सही दिशा से बढ़ेगी तरक्की और दूर होंगे बाधा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/despite-hard-work-progress-in-job-and-business-is-stalling/article-53050"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t132846.861.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नौकरी और कारोबार में लगातार मेहनत के बाद भी अगर सफलता नहीं मिल रही है तो लोग अक्सर इसे किस्मत से जोड़कर देख लेते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु शास्त्र के जानकार मानते हैं कि इसके पीछे घर या कार्यस्थल में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष भी बड़ी वजह हो सकते हैं। कई बार माहौल ठीक न होने की वजह से तरक्की के रास्ते धीमे पड़ जाते हैं और मेहनत का पूरा फल नहीं मिल पाता। ऐसे में कुछ आसान और पारंपरिक वास्तु उपाय अपनाकर करियर और बिजनेस में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं। माना जाता है कि जैसे ही वातावरण संतुलित और सकारात्मक होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कामकाज में रुकावटें खुद-ब-खुद कम होने लगती हैं और आगे बढ़ने के अवसर बढ़ते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु के अनुसार भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा को बेहद शुभ माना गया है। कहा जाता है कि गणेश जी विघ्नों को दूर करते हैं जबकि मां लक्ष्मी समृद्धि और धन का आशीर्वाद देती हैं। ऐसे में घर या ऑफिस में नियमित रूप से दीपक जलाना और कपूर का उपयोग करना वातावरण को शुद्ध करता है और मानसिक रूप से भी स्थिरता देता है। इसके साथ ही उत्तर दिशा को धन और करियर की दिशा माना गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इस हिस्से में गंदगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारी सामान या कबाड़ जमा नहीं होना चाहिए। अक्सर देखने में आता है कि लोग इस दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि वास्तु मान्यताओं के अनुसार यही दिशा आर्थिक प्रगति को प्रभावित करती है। साफ-सुथरा और व्यवस्थित उत्तर भाग जीवन में नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यक्षेत्र में बैठने की दिशा को भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि काम करते समय अगर व्यक्ति पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठे तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है। साथ ही पीठ के पीछे मजबूत दीवार का होना स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे काम में एकाग्रता बनी रहती है। घर या ऑफिस का मुख्य द्वार भी वास्तु में खास महत्व रखता है क्योंकि इसे ऊर्जा के प्रवेश का रास्ता माना जाता है। यदि यहां साफ-सफाई और उचित रोशनी बनी रहे तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। कई लोग मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या भगवान गणेश का चिन्ह लगाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे शुभ संकेत माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी की दिशा भी तरक्की पर असर डालती है। वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना और इसका दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खोलना शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है और पैसों से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। वहीं एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि घर या ऑफिस में टूटे इलेक्ट्रॉनिक सामान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बंद घड़ियां या बेकार वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। कहा जाता है कि ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं और तरक्की में बाधा पैदा कर सकती हैं। इसलिए समय-समय पर ऐसे सामान को हटाना जरूरी माना गया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/despite-hard-work-progress-in-job-and-business-is-stalling/article-53050</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/despite-hard-work-progress-in-job-and-business-is-stalling/article-53050</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:49:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-10t132846.861.jpg"                         length="154494"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गृह प्रवेश से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना जा सकती है घर की सुख-समृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[नए घर में गृह प्रवेश के समय कौन-सी चीजें अशुभ मानी जाती हैं और क्या लेकर जाना चाहिए, जानें Vastu Tips for New Home के जरूरी नियम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-these-important-things-before-entering-the-house-otherwise-the/article-53045"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t130928.675.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नया घर हर किसी के लिए एक नई शुरुआत की तरह होता है और इसी वजह से लोग इसे लेकर खास तरह की तैयारियां करते हैं। वास्तु को लेकर भी काफी जागरूकता देखने को मिलती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब बात गृह प्रवेश की होती है। हिंदू धर्म में गृह प्रवेश को बेहद शुभ संस्कार माना गया है और मान्यता है कि सही विधि और सही चीजों के साथ नए घर में प्रवेश करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसी के उलट अगर कुछ अशुभ या नकारात्मक चीजें नए घर में ले जाई जाएं तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि गृह प्रवेश से पहले लोग पुरानी चीजों की छंटाई भी करते हैं और कुछ वस्तुओं को बिल्कुल नए घर में ले जाने से बचते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार नए घर में कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें भूलकर भी साथ नहीं ले जाना चाहिए। इनमें सबसे पहले टूटे हुए बर्तन</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दरार वाले शीशे या चटक चुकी क्रॉकरी शामिल हैं। कहा जाता है कि ऐसी चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं और धीरे-धीरे परिवार के बीच तनाव और अशांति का कारण बन सकती हैं। इसी तरह कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस को भी अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ये पौधे घर के वातावरण में कड़वाहट और विवाद पैदा कर सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इन्हें नए घर में रखना ठीक नहीं माना जाता।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण बात जो अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं वह है झाड़ू। पुराने घर की टूटी या पुरानी झाड़ू को नए घर में ले जाना वास्तु के अनुसार अशुभ माना गया है क्योंकि झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसी झाड़ू दरिद्रता और आर्थिक समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसी तरह बंद पड़ी या खराब घड़ियों को भी नए घर में ले जाना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि रुकी हुई घड़ी जीवन में प्रगति और करियर की रफ्तार को रोक सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ये छोटी-छोटी बातें भी बड़े प्रभाव डाल सकती हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं नए घर में क्या ले जाना चाहिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है। गृह प्रवेश के समय अनाज जैसे चावल और गेहूं ले जाना शुभ संकेत माना जाता है। तुलसी का पौधा भी घर में सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता लाने का प्रतीक है। दूध और दही जैसी चीजों को भी समृद्धि और शुभता से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र लेकर नए घर में प्रवेश करना बेहद शुभ माना गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-these-important-things-before-entering-the-house-otherwise-the/article-53045</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-these-important-things-before-entering-the-house-otherwise-the/article-53045</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:14:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-10t130928.675.jpg"                         length="176095"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर की खुशहाली पर असर डाल सकते हैं ये 5 पौधे, वास्तु में माने गए अशुभ</title>
                                    <description><![CDATA[वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को घर के लिए अशुभ माना गया है। जानिए कौन से 5 पौधे नकारात्मक ऊर्जा और परेशानियों का कारण माने जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/these-5-plants-can-affect-the-well-being-of-the-house/article-52935"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t162513.905.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Unlucky Plants:</strong></span>घर में लगाए गए पौधे सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं होते</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई लोग इन्हें सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़कर देखते हैं। यही वजह है कि आजकल लोग बालकनी से लेकर ड्रॉइंग रूम तक अलग-अलग तरह के पौधे लगा रहे हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे पौधों का जिक्र मिलता है जिन्हें घर के अंदर रखना अच्छा नहीं माना गया। मान्यता है कि ये पौधे घर के माहौल पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं और परिवार के लोगों के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं माना जाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काफी लोग आज भी इन मान्यताओं का पालन करते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु के अनुसार घर में कांटेदार पौधों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। कहा जाता है कि गुलाब को छोड़कर बाकी कांटेदार पौधे रिश्तों में खटास और मानसिक तनाव बढ़ाते हैं। खासतौर पर कैक्टस को लेकर ऐसी मान्यता काफी प्रचलित है। इसी तरह बोन्साई पौधा भी घर में लगाने से मना किया जाता है। माना जाता है कि यह पौधा व्यक्ति की प्रगति को सीमित कर देता है और करियर की रफ्तार धीमी पड़ने लगती है। कई लोग इसे सिर्फ सजावटी पौधा मानते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु में इसे शुभ नहीं माना गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इमली के पौधे को लेकर भी अलग तरह की मान्यताएं हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस पेड़ के आसपास नकारात्मक ऊर्जा रहती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इसे घर के भीतर या मुख्य प्रवेश के पास नहीं लगाना चाहिए। वहीं जिन पौधों से सफेद दूध जैसा पदार्थ निकलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें भी वास्तु में अशुभ बताया गया है। मान्यता है कि ऐसे पौधे आर्थिक परेशानियों और कर्ज बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा घर में सूखे हुए पौधे रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। अगर कोई पौधा पूरी तरह सूख जाए तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसे ठहरी हुई और नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु में कुछ पौधों को शुभ भी बताया गया है। तुलसी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनी प्लांट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जेड प्लांट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्नेक प्लांट और शमी का पौधा घर में सकारात्मक माहौल बनाने वाले पौधों में गिने जाते हैं। कई लोग इन्हें सुख-समृद्धि और अच्छी किस्मत से जोड़कर देखते हैं। हालांकि पौधे चुनते समय साफ-सफाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धूप और देखभाल का ध्यान रखना सबसे जरूरी माना जाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/these-5-plants-can-affect-the-well-being-of-the-house/article-52935</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/these-5-plants-can-affect-the-well-being-of-the-house/article-52935</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 16:33:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t162513.905.jpg"                         length="179550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑफिस डेस्क पर इन चीजों को रखना शुभ नहीं, जानें वास्तु के अहम टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[ऑफिस डेस्क पर क्या रखें और क्या नहीं, जानें वास्तु शास्त्र के आसान उपाय जो नौकरी और तरक्की में आ रही रुकावटें दूर कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keeping-these-things-on-office-desk-is-not-auspicious-know/article-52884"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t095608.255.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऑफिस डेस्क पर इन चीजों को रखना शुभ नहीं माना जाता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा वास्तु शास्त्र में स्पष्ट रूप से बताया गया है और इसका सीधा असर व्यक्ति की नौकरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तरक्की और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। सुबह ऑफिस पहुंचने से लेकर शाम तक लगभग </span>8-9<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे लोग अपने कार्यस्थल की टेबल पर ही बिताते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में वहां मौजूद हर छोटी-बड़ी चीज का प्रभाव धीरे-धीरे काम करने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति पर पड़ता है। कई बार लोग अनजाने में ऐसी चीजें डेस्क पर रख लेते हैं जो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का कारण बनती हैं और काम में रुकावटें आने लगती हैं। खासकर खाने की प्लेट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिखरी हुई फाइलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनावश्यक कागज या तार जैसी चीजें डेस्क पर जमा होना शुभ संकेत नहीं माना जाता। बताया जा रहा है कि इस तरह की अव्यवस्था से मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है और काम में फोकस कम हो जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार ऑफिस डेस्क पर कैक्टस या किसी भी प्रकार के कांटेदार पौधे रखना भी ठीक नहीं माना जाता क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का वाहक कहा गया है। इसी तरह डेस्क के बीच वाले हिस्से को हमेशा खाली रखना चाहिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां किसी भी प्रकार की वस्तु रखना कार्य में बाधा का कारण बन सकता है। कई लोग आदत में अनावश्यक फाइलें और पुराने कागज डेस्क पर ही छोड़ देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा करने से काम की गति प्रभावित हो सकती है और व्यक्ति खुद को अस्थिर महसूस करने लगता है। ऑफिस डेस्क पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी बताया जाता है क्योंकि गंदगी या अव्यवस्थित माहौल मानसिक थकान को बढ़ाता है। इसी बीच यह भी कहा जाता है कि डेस्क का आकार भी भूमिका निभाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयताकार या चौकोर टेबल को अधिक शुभ माना गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एल-शेप डिजाइन को लेकर नकारात्मक प्रभाव की बात कही जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्हें ऑफिस डेस्क पर रखने से सकारात्मकता बढ़ती है और काम में स्थिरता आती है। छोटे आकार का कछुआ या हाथी की मूर्ति को वास्तु में शुभ संकेत माना गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे तरक्की और स्थिरता का प्रतीक बताया जाता है। कई लोग अपने कार्यस्थल पर छोटे पौधे भी रखते हैं जो वातावरण को हल्का और सकारात्मक बनाए रखते हैं। साथ ही कंप्यूटर या लैपटॉप को सही दिशा में रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे काम में संतुलन बना रहता है। डेस्क की दिशा भी असर डालती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा की ओर टेबल रखना बेहतर बताया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि हर ऑफिस में यह संभव नहीं होता इसलिए उपलब्ध स्थान के अनुसार भी संतुलन बनाया जा सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऑफिस डेस्क सिर्फ काम करने की जगह नहीं है बल्कि यह आपकी सोच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा और काम करने के तरीके को भी प्रभावित करती है। यदि वहां अनावश्यक और अव्यवस्थित चीजें रखी जाएं तो उसका असर धीरे-धीरे कार्यक्षमता पर दिखाई देता है। वहीं अगर डेस्क को साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थित और वास्तु के अनुसार रखा जाए तो काम में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है। छोटे-छोटे बदलाव कई बार बड़े परिणाम दे सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा विशेषज्ञ भी मानते हैं। इसलिए अपने कार्यस्थल पर ध्यान देना केवल आदत नहीं बल्कि एक जरूरी प्रक्रिया मानी जा सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आगे चलकर करियर में भी सुधार ला सकती है</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keeping-these-things-on-office-desk-is-not-auspicious-know/article-52884</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/keeping-these-things-on-office-desk-is-not-auspicious-know/article-52884</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 10:16:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t095608.255.jpg"                         length="135175"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जूते-चप्पल रखने की सही जगह नहीं चुनी तो आपसे रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, आज ही बदलें शू रैक की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[शू रैक रखने की सही दिशा जानें। गलत जगह जूते-चप्पल रखने से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। वास्तु के अनुसार सही उपाय यहां पढ़ें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/if-you-do-not-choose-the-right-place-to-keep/article-52760"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(59).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घर की सजावट और सामान रखने के तरीके को लेकर लोग अक्सर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यही छोटी गलतियां बड़े असर डाल सकती हैं। ऐसी ही एक चीज है शू रैक यानी जूते-चप्पल रखने की जगह और उसकी दिशा। कई घरों में देखा जाता है कि लोग जूते-चप्पल कहीं भी रख देते हैं या फिर बिना सोचे-समझे शू रैक को घर के किसी भी कोने में लगा देते हैं। लेकिन कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मान्यता है कि जूते-चप्पल को हमेशा व्यवस्थित तरीके से ही रखना चाहिए। अगर इन्हें इधर-उधर बिखेर दिया जाए तो घर की ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। यही कारण है कि शू रैक का इस्तेमाल जरूरी माना गया है। लेकिन सिर्फ शू रैक होना ही काफी नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे सही दिशा और सही जगह पर रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञों की राय के मुताबिक घर में शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे बेहतर माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में रखा गया शू रैक घर में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और वातावरण को शांत रखता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर यह भी मान्यता है कि यह दिशा भारी वस्तुओं और कम उपयोग होने वाली चीजों के लिए उपयुक्त होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए शू रैक के लिए इसे सही माना गया है। कुछ लोग इसे दक्षिण दिशा में भी रखना उचित समझते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में शू रैक रखने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और अनावश्यक तनाव कम होता है। हालांकि यह भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि शू रैक खुला और अव्यवस्थित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ढका हुआ और साफ-सुथरा होना चाहिए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घर के मुख्य द्वार को लेकर भी अक्सर लोगों में भ्रम रहता है। कई बार जगह की कमी के कारण लोग शू रैक को सीधे एंट्री गेट के पास रख देते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु के अनुसार इसे सही नहीं माना जाता। कहा जाता है कि मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल खुले या बिखरे हुए रखने से घर की तरक्की पर असर पड़ सकता है और मां लक्ष्मी की कृपा बाधित हो सकती है। अगर मजबूरी में शू रैक दरवाजे के पास रखना पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे हमेशा बंद रखने की सलाह दी जाती है ताकि जूते-चप्पल दिखाई न दें और व्यवस्था बनी रहे। कुछ लोग इसे घर के बाहर की तरफ रखने को भी बेहतर विकल्प मानते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/if-you-do-not-choose-the-right-place-to-keep/article-52760</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/if-you-do-not-choose-the-right-place-to-keep/article-52760</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:10:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%2859%29.jpg"                         length="163490"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर में एक्वेरियम रखने से पहले जान लें वास्तु नियम, वरना हो सकता है नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[Aquarium Vastu के अनुसार घर में एक्वेरियम रखने की सही दिशा, मछलियों की संख्या और वास्तु नियम जानिए, जो सुख-समृद्धि से जुड़े माने जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-vastu-rules-before-keeping-an-aquarium-in-the/article-52761"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(60).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक्वेरियम वास्तु (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Aquarium Vastu) <span lang="hi" xml:lang="hi">को लेकर लोगों में दिलचस्पी लगातार बढ़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अब घरों में एक्वेरियम सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं रह गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे वास्तु से जोड़कर भी देखा जाने लगा है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में रखा मछली का एक्वेरियम पानी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और पानी को धन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रवाह और शांति का कारक माना गया है। यही वजह है कि सही दिशा में रखा गया एक्वेरियम घर के माहौल पर अच्छा असर डालता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में हलचल के बीच भी एक संतुलन बना रहता है। कई लोग इसे सिर्फ सुंदरता के लिए रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि इसकी दिशा और देखभाल दोनों का असर घर की ऊर्जा पर पड़ता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में एक्वेरियम रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी गई है। उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पूर्व दिशा को नई ऊर्जा और मानसिक शांति की दिशा माना जाता है। ऐसे में वास्तु के अनुसार अगर एक्वेरियम इन दिशाओं में रखा जाए तो घर में सकारात्मकता का प्रवाह बेहतर बना रहता है। वहीं दक्षिण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण-पश्चिम या रसोई के आसपास इसे रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि गलत दिशा में रखा गया एक्वेरियम आर्थिक रुकावट और मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। बेडरूम में भी इसे रखने से मना किया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि पानी का लगातार सक्रिय तत्व वहां की शांति को प्रभावित कर सकता है। ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया इसके लिए बेहतर जगह मानी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इसका असर भी संतुलित रहता है और देखने में भी अच्छा लगता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मछलियों की संख्या को लेकर भी वास्तु में खास बात कही गई है। आमतौर पर 9 मछलियां रखना शुभ माना जाता है। इसमें 8 रंगीन और 1 काली मछली रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि काली मछली नकारात्मक प्रभाव को अपने ऊपर ले लेती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी मछलियां घर में सौभाग्य और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती हैं। हालांकि इसके साथ देखभाल सबसे जरूरी मानी जाती है। अगर एक्वेरियम का पानी गंदा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछलियां बीमार हों या टैंक की सफाई न हो तो इसका असर उल्टा भी माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक साफ पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्रिय मछलियां और नियमित देखभाल ही एक्वेरियम के शुभ प्रभाव को बनाए रखती है। ऐसे में अगर घर में एक्वेरियम रखना है तो सिर्फ सजावट के तौर पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसकी दिशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछलियों की संख्या और साफ-सफाई तीनों बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-vastu-rules-before-keeping-an-aquarium-in-the/article-52761</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-vastu-rules-before-keeping-an-aquarium-in-the/article-52761</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:10:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%2860%29.jpg"                         length="162270"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में भाग्य बदल सकता है मटके का पानी, बस जान लें रखने की सही दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[मटके का पानी किस दिशा में रखना शुभ है? जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी का मटका रखने की सही दिशा, फायदे और जरूरी नियम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AE%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE/article-52506"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/matka-water-vastu-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">गर्मियों के आते ही लोग मटके का पानी पीना शुरू कर देते हैं। मटके का पानी शरीर को ठंठक देने के साथ ही फायदा भी पहुंचाता है। इहालांकि इसको सही दिशा में रखने से जीवन में भी शीतलता और बदलाव आता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार मटके को सही दिशा में रखने से जल तत्व कंट्रोल में रहता है। ऐसा करने से चंद्र गृह भी कुंडली में मजबूत होता है। आइए जानते हैं कि पानी के मटके को रखने की सही दिशा क्या है और इससे क्या फायदे मिलते हैं।<span>  </span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">घर में किस दिशा में रखें पानी का मटका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा को घर में पानी का मटका रखने की सही दिशा मानी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन दिशाओं में पानी का मटका रखने से घर में सुख-समृद्धि का संचार होता है। उत्तर दिशा में मटका रखने से धन का लाभ होता है और सफलता के नए रास्ते मिलते हैं। वहीं मान्यता के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता है और यहां पर देवी देवताओं का वस् माना जाता है। ऐसे में इस दिशा में पानी का मटका रखने से ईश्वर की कृपा मिलती है। आपके जीवन में सकारात्मकऊर्जा का संचार होता है और परिवार में खुशियां भर जाती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">किस दिशा में नहीं रखना चाहिए मटका</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वास्तु शास्त्र के अनुसार। दक्षिण दिशा में मटका नहीं रखना चाहिए। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम दिशा में मटका ही रखना चाहिए। इन दिशाओं में मटका रखने से आपके जीवन में परेशानियां ही पैदा होंगी। इससे आपको धन की हानि होती होगी और परिवार के लोगों की सेहत पर असर पड़ेगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में मटका रखने से आपकी मानसिक शांति पर भी असर पड़ेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">इन बातों का रखें ध्यान</span></strong></p>
<ul>
<li class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर दिन मटके को सही दिशा में रखने के साथ उसकी साफ-सफाई करना बेहद अच्छा माना जाता है। मटके के आसपास गंदगी नई जमा होनी चाहिए।<span>  </span></span></li>
<li class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">मटके के पानी हमेशा बदलते रहें।</span></li>
<li style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Nirmala UI', sans-serif;">अगर हो सके तो मटके को जमीन पर न रखें, बल्कि इसे रखने के एक स्टैंड की वयवस्था कर सकते हैं या फिर किसी लकड़ी रखकर उसके ऊपर रख सकते हैं।</span></li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AE%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE/article-52506</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AE%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80--%E0%A4%AC%E0%A4%B8-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE/article-52506</guid>
                <pubDate>Sat, 02 May 2026 11:10:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/matka-water-vastu-tips.jpg"                         length="128003"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        