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                <title>Digital Payments - दैनिक जागरण</title>
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                <title>भारत-नेपाल के बीच UPI-NPS भुगतान लिंक लागू, डिजिटल और विकास सहयोग को मिली नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में भारत और नेपाल के बीच अहम समझौतों पर सहमति, सीमा पार भुगतान, भूकंप पुनर्निर्माण और भाषा प्रौद्योगिकी सहयोग को मिला बढ़ावा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2656db7bf6a/article-55251"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-nepal-upi-link.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित सीमा पार डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आखिरकार अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों को जोड़ने पर सहमति जताई, जिससे अब भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेपाल की नेशनल पेमेंट्स सिस्टम (NPS) के बीच सीधे लेनदेन का रास्ता साफ हो गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दोनों देशों के नागरिकों के लिए सीमा पार धन भेजना और प्राप्त करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह कदम आर्थिक संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा को भी सीधे प्रभावित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समझौता नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद सामने आया। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल संबंधों को विशेष और ऐतिहासिक बताते हुए भविष्य में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध बेहद गहरे हैं और नई भुगतान व्यवस्था इन्हीं संबंधों को और मजबूत करेगी। बताया गया कि यह पहल जून 2023 में नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (NCHL) और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) के बीच हुए समझौते पर आधारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीमा पार भुगतान सुविधा को लेकर पिछले कुछ समय से तकनीकी और प्रक्रियागत स्तर पर काम चल रहा था। मार्च 2024 में भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए क्यूआर आधारित भुगतान सेवा शुरू कर दी गई थी, लेकिन नेपाल के नागरिकों को भारत में उसी तरह की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक लेनदेन शुल्क, प्रोसेसिंग लागत और कुछ तकनीकी पहलुओं को लेकर चर्चा जारी थी। अब दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद इन अड़चनों को दूर कर लिया गया है। इससे नेपाल के नागरिक भारत यात्रा के दौरान डिजिटल भुगतान कर सकेंगे और व्यक्तिगत स्तर पर सीमा पार धन हस्तांतरण भी अधिक सहज होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू नेपाल के भूकंप पुनर्निर्माण कार्यक्रम से जुड़ा रहा। भारत ने औपचारिक रूप से नेपाल को 72 स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनियां और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनियां सौंप दीं, जिन्हें 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्निर्माण सहायता कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया था। गौरतलब है कि भूकंप के बाद भारत ने नेपाल की सहायता के लिए एक अरब डॉलर की अनुदान और ऋण सहायता की घोषणा की थी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और सांस्कृतिक धरोहरों को पुनर्जीवित करना था। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान दोनों देशों ने डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। काठमांडू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत के एआई एवं डिजिटल इंडिया भाषा प्रभाग ‘भाषिणी’ के बीच एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस साझेदारी का उद्देश्य नेपाल में डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को मजबूत करना और एक ऐसी भाषा अनुवाद प्रणाली विकसित करना है जो आवाज आधारित सेवाओं को बढ़ावा दे सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बहुभाषी संचार को आसान बनाने और तकनीक की पहुंच आम लोगों तक बढ़ाने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, ऊर्जा, संपर्क, जल संसाधन, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की। नेपाल दूतावास की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बैठक सकारात्मक और परिणामोन्मुख रही तथा दोनों देशों ने विकास सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत को अपने देश का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईंधन और उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली का आभार व्यक्त किया। नेपाल अभी भी पेट्रोलियम उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर भारत पर निर्भर है।</p>
<p style="text-align:justify;">जयशंकर ने भी नेपाल के विकास में भारत के निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, सूचना प्रौद्योगिकी तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। दोनों देशों ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं के पूरा होने का भी स्वागत किया। माना जा रहा है कि इससे सीमा पार अपराधों की जांच और अभियोजन में सहयोग बढ़ेगा। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद विदेश मंत्री स्तर की यह पहली महत्वपूर्ण यात्रा थी। इस दौरे ने भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को एक बार फिर मजबूती दी है और दोनों देशों के बीच पारंपरिक साझेदारी को नए दौर में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 12:58:44 +0530</pubDate>
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                <title>क्रेडिट कार्ड खो गया या चोरी हो गया? तुरंत करें ये काम, वरना मिनटों में हो सकता है बड़ा नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[क्रेडिट कार्ड खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत ब्लॉक करें, ट्रांजैक्शन चेक करें, बैंक में शिकायत दर्ज करें और FIR जरूर कराएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/if-your-credit-card-is-lost-or-stolen-do-this/article-52656"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/credit-card-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Mangal Pro';">क्रेडिट कार्ड खो जाए या चोरी हो जाए तो इसे हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। आज के डिजिटल दौर में कार्ड सिर्फ प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं, सीधे आपके बैंकिंग सिस्टम का रास्ता है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड गायब होते ही पहला काम घबराना नहीं, बल्कि तुरंत एक्शन लेना है। जरा सी देरी आपके खाते, लिमिट और डिजिटल पहचान तीनों पर भारी पड़ सकती है। कई बार लोग कार्ड मिलने की उम्मीद में इंतजार करते रहते हैं, लेकिन यही चूक बाद में महंगी पड़ती है। क्रेडिट कार्ड खो गया है तो सबसे पहले उसे तुरंत ब्लॉक कराना जरूरी है। बैंक के मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके यह काम फौरन किया जा सकता है। जितनी जल्दी कार्ड ब्लॉक होगा, उतना कम रिस्क रहेगा। कई बैंक अस्थायी ब्लॉक का विकल्प भी देते हैं, लेकिन अगर कार्ड चोरी का शक है तो सीधे परमानेंट ब्लॉक ही बेहतर माना जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Mangal Pro';">कार्ड ब्लॉक होने के बाद अगला जरूरी काम है अपने हर ट्रांजैक्शन पर नजर डालना। SMS, ईमेल अलर्ट और बैंक ऐप की हिस्ट्री तुरंत चेक करें। यह देखना जरूरी है कि कार्ड खोने के बाद कोई अनधिकृत भुगतान तो नहीं हुआ। शुरुआती जानकारी में कई बार छोटी रकम के ट्रांजैक्शन दिखते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यहीं से बड़ा फ्रॉड शुरू होता है। अगर कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक में डिस्प्यूट दर्ज करें। अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर बैंकों में जीरो या लिमिटेड लायबिलिटी का प्रावधान होता है, लेकिन इसका फायदा तभी मिलता है जब ग्राहक समय पर शिकायत दर्ज कराए। बैंक को मौखिक नहीं, लिखित शिकायत देना ज्यादा सुरक्षित रहता है। शिकायत नंबर लेना जरूरी है, क्योंकि आगे विवाद की स्थिति में यही सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनता है। आखिरी बार कार्ड कहां इस्तेमाल किया था, यह भी याद करें और बैंक स्टेटमेंट से मिलान करें।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:107%;font-family:'Mangal Pro';">क्रेडिट कार्ड चोरी हुआ है तो सिर्फ कार्ड ब्लॉक कर देना काफी नहीं माना जाता। अपने सभी डिजिटल पेमेंट अकाउंट्स, UPI ऐप, ईमेल और बैंकिंग पासवर्ड भी तुरंत बदलें। कार्ड डिटेल लीक होने का मतलब सिर्फ एक कार्ड का खतरा नहीं, पूरी डिजिटल प्रोफाइल पर रिस्क हो सकता है। PIN बदलें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें और सेव्ड कार्ड डिटेल्स हटाएं। इसके बाद नया कार्ड जरूर अप्लाई करें, ताकि नया नंबर और नया CVV जारी हो सके। बैंकिंग जानकार मानते हैं कि पुराना कार्ड बंद होने के बाद नया कार्ड लेना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। अगर मामला चोरी का है तो नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराना भी जरूरी है। FIR की कॉपी बैंक विवाद, इंश्योरेंस क्लेम और किसी भी कानूनी जांच में काम आती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 17:04:42 +0530</pubDate>
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