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                <title>Inflation - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Inflation RSS Feed</description>
                
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                <title>पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने पेट्रोल पर 13.18 रुपये और हाई-स्पीड डीजल पर 13.80 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। नई दरों के बाद पेट्रोल 310.71 और डीजल 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/petrol-and-diesel-again-expensive-in-pakistan-new-prices-implemented/article-58480"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/pakistan-fuel-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">पाकिस्तान में आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिसके बाद 11 जुलाई से नई दरें लागू हो गई हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 13.18 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 13.80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद देश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 310.71 पाकिस्तानी रुपये और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों के साथ-साथ परिवहन, कृषि, उद्योग और अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान पहले से ही महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में नई बढ़ोतरी से रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की लागत बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालिया बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी इस वर्ष के उच्चतम स्तर से नीचे बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 3 अप्रैल को हाई-स्पीड डीजल की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है। वहीं पेट्रोल की कीमत भी इसी अवधि में 458.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में तेजी का सिलसिला फरवरी के आखिर से शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक परिस्थितियों का इसका सीधा असर पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला। सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और आर्थिक आवश्यकताओं को देखते हुए ईंधन की नई कीमतें तय कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक आयातित तेल पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर घरेलू ईंधन दरों पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव भी ईंधन की लागत को प्रभावित करता है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार संशोधन किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ओर से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ हुए समझौतों और कर ढांचे में बदलाव को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। सरकार ने 1 जुलाई से क्लाइमेट सपोर्ट लेवी को बढ़ाकर 5 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर कर दिया है। हालांकि इसके साथ पेट्रोलियम लेवी में कुछ समायोजन भी किया गया है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार हाई-स्पीड डीजल पर लगभग 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी वसूली जा रही है, जबकि पेट्रोल पर 70 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पेट्रोलियम लेवी के साथ 5 रुपये प्रति लीटर क्लाइमेट सपोर्ट लेवी अलग से लागू है। इसके अलावा कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क भी ईंधन की अंतिम कीमत में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हाई-स्पीड डीजल पर कुल कर और शुल्क करीब 101 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाता है, जबकि पेट्रोल पर यह आंकड़ा लगभग 95 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है। इनमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और अन्य नियामकीय शुल्क शामिल हैं। इसके अतिरिक्त केरोसिन और लाइट डीजल ऑयल पर भी अलग-अलग दरों से पेट्रोलियम लेवी वसूली जा रही है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की शर्तों का पालन करने के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 13:27:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कच्चा तेल 72 डॉलर प्रति बैरल पर लौटा, पेट्रोल-डीजल में राहत के लिए करना होगा इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान तनाव कम होने के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने में अभी करीब ढाई महीने का समय लग सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/crude-oil-returns-to-72-per-barrel-will-have-to/article-56980"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/crude-oil-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर उस स्तर पर पहुंच गई हैं, जहां वे ईरान से जुड़े तनाव शुरू होने से पहले थीं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह लगभग वही स्तर है, जो युद्ध जैसे हालात बनने से पहले दर्ज किया गया था। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने से उम्मीद जरूर बढ़ी है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ताओं को इसका फायदा तुरंत मिलने वाला नहीं है। तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होना माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बातचीत के बाद ईरानी तेल के निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी गई है। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। जहाजों की संख्या बढ़ने से बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई और इसका असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभी भी जहाजों की आवाजाही पहले जैसी सामान्य नहीं हुई है। युद्ध से पहले जहां प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस मार्ग से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या उससे कुछ कम बनी हुई है। इसके बावजूद बाजार को यह भरोसा मिला है कि आने वाले समय में तेल की आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने का असर सीधे पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखता। इसकी सबसे बड़ी वजह तेल की खरीद और सप्लाई की लंबी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिन पेट्रोल और डीजल उत्पादों की बिक्री हो रही है, वे उस कच्चे तेल से तैयार किए गए हैं, जिसे उस समय खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें काफी अधिक थीं। ऐसे में वर्तमान में सस्ता हुआ कच्चा तेल अभी उपभोक्ताओं तक पहुंचने में समय लेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">किसी भी देश से खरीदा गया कच्चा तेल पहले वहां के बंदरगाहों तक पहुंचता है और फिर जहाजों में लोड किया जाता है। इसके बाद समुद्री रास्ते से भारत आने में लगभग दो महीने तक का समय लग सकता है। भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद तेल को रिफाइनरियों में भेजा जाता है, जहां उससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके बाद यह ईंधन देशभर के डिपो और पेट्रोल पंपों तक पहुंचता है। पूरी प्रक्रिया में करीब 75 से 80 दिन लग जाते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने के बावजूद उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है। अगर मौजूदा स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी रहती हैं तो अगस्त के आखिर या सितंबर की शुरुआत से कुछ असर दिखाई देना शुरू हो सकता है। वहीं पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वास्तविक राहत दशहरे के आसपास मिलने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण कारण तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी है। कंपनियां पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान झेल रही हैं। इसके अलावा सरकार ने पहले उत्पाद शुल्क में भी कटौती की थी, जिससे राजस्व पर असर पड़ा। ऐसे में यदि कच्चे तेल की कीमतें कम बनी रहती हैं तो शुरुआती अवधि में कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर सकती हैं। इसके बाद ही खुदरा कीमतों में कटौती का फैसला लिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां पहले की तुलना में काफी स्थिर दिखाई दे रही हैं। यदि पश्चिम एशिया में दोबारा कोई बड़ा तनाव नहीं बढ़ता और तेल आपूर्ति सामान्य रहती है तो निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना कम है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को राहत मिल सकती है और महंगाई पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में लुढ़के, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/stock-market-falls-due-to-us-iran-tension-and-crude-oil/article-55589"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/stock-market-india-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 11 जून 2026 को शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आया, जब वैश्विक बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला। सुबह के सत्र में बीएसई सेंसेक्स 358.54 अंक गिरकर 73,624.64 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 117 अंक टूटकर 23,098.30 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में यह गिरावट लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ग्लोबल आर्थिक संकेतों की कमजोरी के कारण देखने को मिली।</p>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। बुधवार को ही FIIs ने करीब 2,124 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच दी थी, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। अमेरिका की तरफ से ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे कच्चे तेल के बाजार में तेजी देखी गई है और ब्रेंट क्रूड 1.70 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।</p>
<p>शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Eternal और Trent जैसे प्रमुख शेयर गिरावट में रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ बैंकिंग और एविएशन स्टॉक्स में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिनमें ICICI Bank, Bharti Airtel और InterGlobe Aviation शामिल रहे। वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का कमजोर रुख देखा गया। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सभी में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार पहले ही बुधवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डॉव जोंस 950 अंकों से ज्यादा गिर गया था।</p>
<p>भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई का मिश्रित असर निवेशकों के मूड को प्रभावित कर रहा है। अमेरिकी महंगाई दर में बढ़ोतरी ने यह संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे वैश्विक निवेश प्रवाह प्रभावित हो रहा है। भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इससे न केवल महंगाई बढ़ने का खतरा है, बल्कि रुपये पर दबाव, कंपनियों के मुनाफे में गिरावट और राजकोषीय घाटे पर भी असर पड़ सकता है।</p>
<p>बुधवार को बाजार ने अंत में कुछ रिकवरी दिखाई थी और सेंसेक्स 64 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार की शुरुआत ने फिर से निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। निफ्टी भी हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे बाजार की अनिश्चितता साफ दिखाई देती है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। खासकर तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 11:51:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल फिर हो सकता है महंगा, तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे ने बढ़ाई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बढ़ती अंडर-रिकवरी के बीच पेट्रोल-डीजल में 5 रुपए प्रति लीटर तक और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a23e695a8fb5/article-55103"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/petrol-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में 5 रुपए प्रति लीटर तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। आर्थिक विश्लेषण करने वाली एजेंसियों के आकलन के अनुसार सरकारी तेल विपणन कंपनियां लगातार बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही हैं। ऐसे में कीमतों में और वृद्धि की संभावना से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारों के मुताबिक मई महीने के दूसरे पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को राहत नहीं मिली है। रिपोर्टों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कंपनियां अभी भी लागत से कम कीमत वसूल रही हैं, जिससे उन्हें रोजाना सैकड़ों करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि कीमतों में एक और बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों ने तेल बाजार को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। देश की अधिकांश पेट्रोलियम जरूरतें आयात पर निर्भर हैं, इसलिए वैश्विक कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक एजेंसियों के विश्लेषण के अनुसार हाल में हुई मूल्य वृद्धि के बावजूद तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर कई रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि इस स्थिति को संतुलित करना है तो कंपनियों को खुदरा कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं तो कुल बढ़ोतरी 10 रुपए प्रति लीटर तक भी पहुंच सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका व्यापक प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। सड़क परिवहन भारत की आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ माना जाता है। देश में अधिकांश माल ढुलाई सड़क मार्ग से होती है और परिवहन लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने का असर खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक पर दिखाई दे सकता है। विशेष रूप से दूध, फल, सब्जियां, दालें, मसाले, चाय, कॉफी, अंडे, मांस और मछली जैसे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इन वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में परिवहन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब ईंधन महंगा होता है तो उसका अतिरिक्त खर्च अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव को महंगाई से सीधे जोड़कर देखा जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उद्योग जगत पर भी इसका असर पड़ सकता है। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों को पहले ही कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। यदि परिवहन खर्च भी बढ़ता है तो उत्पादन लागत और अधिक बढ़ सकती है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा और कई मामलों में उत्पादों की कीमतें भी बढ़ानी पड़ सकती हैं। आर्थिक विशेषज्ञ इसे दोहरा झटका बता रहे हैं, क्योंकि उद्योगों को उत्पादन और वितरण दोनों स्तरों पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। उधर, सरकार और तेल कंपनियों के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी बनी हुई है। एक तरफ कंपनियों के वित्तीय नुकसान को कम करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती महंगाई और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि ईंधन मूल्य निर्धारण को लेकर आने वाले दिनों में चर्चा और तेज होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में कच्चे तेल की औसत कीमतें अनुमान से काफी ऊपर बनी हुई हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं होता है तो घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल आम लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और तेल कंपनियां आगे क्या फैसला लेती हैं और संभावित मूल्य वृद्धि को किस तरह संतुलित किया जाता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी केवल ईंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई दर, परिवहन व्यवस्था और आम नागरिकों के मासिक बजट से भी जुड़ा हुआ विषय है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:38:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में फिर महंगी हुई CNG, 15 दिन में दूसरी बढ़ोतरी से बढ़ी यात्रियों और चालकों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू गैस की कमी और बढ़ती लागत का असर, ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/cng-becomes-expensive-again-in-mumbai-second-increase-in-15/article-54560"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/mumbai-cng-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुंबई और उसके आसपास रहने वाले लाखों लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 29 और 30 मई की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है। साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 13 और 14 मई को भी कंपनी ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। लगातार हो रही मूल्य वृद्धि ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो रोजमर्रा के परिवहन के लिए CNG आधारित वाहनों पर निर्भर हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में लाखों निजी वाहन, ऑटो-रिक्शा, टैक्सियां और बसें CNG से संचालित होती हैं। ऐसे में इसका सीधा असर आम लोगों और परिवहन क्षेत्र दोनों पर दिखाई देने लगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कंपनी के अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी आने के कारण लागत लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि पहले की तुलना में कम मात्रा में घरेलू गैस उपलब्ध हो रही है, जिसके चलते कंपनी को अधिक महंगे वैकल्पिक स्रोतों से गैस खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी गैस आपूर्ति की लागत को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों का असर उपभोक्ताओं तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">CNG के दाम बढ़ने के साथ ही मुंबई की ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग भी तेज कर दी है। यूनियनों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है। वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और अन्य खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं। अब CNG की नई कीमतों ने चालकों की आय पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। कई यूनियन प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे सरकार और परिवहन विभाग के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव रख सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में CNG आधारित वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 5 लाख से अधिक निजी कारें, लगभग 4.7 लाख ऑटो-रिक्शा और 1.6 लाख से ज्यादा टैक्सियां CNG पर चल रही हैं। इसके अलावा हजारों टेम्पो, निजी बसें और सार्वजनिक परिवहन वाहन भी इसी ईंधन पर निर्भर हैं। पिछले एक वर्ष में करीब 2 लाख नए CNG वाहन सड़कों पर जुड़े हैं, जिसके बाद इस क्षेत्र में ऐसे वाहनों की कुल संख्या 12 लाख के पार पहुंच गई है। यही कारण है कि कीमतों में होने वाला हर बदलाव सीधे बड़ी आबादी को प्रभावित करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि कंपनी का कहना है कि बढ़ोतरी के बावजूद CNG अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में अधिक किफायती ईंधन बनी हुई है। MGL के अनुसार मौजूदा दरों पर भी CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिक पेट्रोल की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत और डीजल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं। यही वजह है कि लगातार मूल्य वृद्धि के बावजूद CNG की मांग में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर राजधानी दिल्ली में भी CNG उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। हाल के दिनों में वहां भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने बीते दो सप्ताह के दौरान कई बार दरों में संशोधन किया है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण गैस खरीद की लागत में वृद्धि हो रही है, जिसका प्रभाव स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है।</p>
<p>आम उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर और बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यदि गैस की उपलब्धता और आयात लागत में सुधार नहीं हुआ तो परिवहन क्षेत्र के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 14:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपये के पार हुए, 1 महीने में चौथी बार बढ़ें रेट</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। कई जिलों में पेट्रोल 109 रुपए पार पहुंचा, रायपुर में नया रेट 107.96 रुपए प्रति लीटर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-prices-increased-again-in-chhattisgarh-petrol-crossed/article-54169"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-petrol-diesel-rates.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को तेल कंपनियों ने इनकी कीमतों में फिर से इजाफा कर दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई जिलों में पेट्रोल अब 109 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गया है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल का दाम अब 107.96 रुपये प्रति लीटर है। इस महीने ये चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। बढ़ती कीमतों का असर आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट बिजनेस तक साफ देखने को मिल रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल की बढ़ोतरी में पेट्रोल लगभग 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। इससे पहले 15 मई को लगभग 3 रुपये</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">19 मई को 90 पैसे और 23 मई को भी करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसका मतलब है कि मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 8 रुपये का इजाफा हो चुका है। रायपुर में भले ही दाम 108 रुपये से कम हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि इस निरंतर बढ़ती लागत के कारण उनके घर का बजट बिगड़ने लगा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूर-दराज के जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। जैसे नारायणपुर में पेट्रोल 109.65 रुपये प्रति लीटर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि जगदलपुर में 109.64</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दंतेवाड़ा में 109.60 और बीजापुर में 109.59 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। सरगुजा के जिलों में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। जशपुर में पेट्रोल 109.52 रुपये और अंबिकापुर में 109.09 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। रायगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महासमुंद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर और धमतरी जैसे शहरों में भी यह दाम 108 रुपये से ऊपर पहुंच गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरबा में सबसे कम कीमत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पेट्रोल 107.63 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारों का कहना है कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूर के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्टेशन के खर्च ज्यादा होने के कारण वहां ईंधन की कीमतें अधिक होती हैं। बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में सप्लाई बेहतर होने से थोड़ा राहत भी मिलती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के साथ ही रायपुर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ब्लैक मार्केटिंग और ज्यादा कीमत वसूलने के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई अवैध बिक्री या ज्यादा पैसे मांगने की शिकायत करता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे प्रशासन को सूचित कर सकते हैं। हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह के चलते कई पंपों पर लंबी लाइने भी देखी गई थीं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है और कीमतों में इजाफा हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात नहीं सुधरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">महंगे होते ईंधन का असर मालभाड़े और रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किराए में बदलाव करना पड़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:24:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MP में पेट्रोल 116 के पार, डीजल 100 रुपये पहुंचा, 11 दिन में हुई चौथी बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हुआ। भोपाल समेत कई शहरों में पेट्रोल 116 रुपए और डीजल 100 रुपए के करीब पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-crosses-rs-116-in-mp-diesel-reaches-rs-100/article-54158"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-rates-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने फिर से आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह जो नए रेट जारी हुए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके मुताबिक कई शहरों में डीजल </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर के पार चला गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पेट्रोल </span>115<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>116<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए के बीच बिक रहा है। भोपाल की बात करें तो यहां पेट्रोल </span>114.65<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>99.74<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर हो गया है। तेल कंपनियों ने </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में चौथी बार कीमतें बढ़ाई हैं। इस बार पेट्रोल में करीब </span>2.61<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल में </span>2.71<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिला है। इन लगातार बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम जनता में नाराजगी भी साफ नजर आ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन अब सबसे महंगा शहर बन गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पेट्रोल </span>115.03<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए और डीजल </span>100.11<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इंदौर में पेट्रोल </span>114.54<span lang="hi" xml:lang="hi"> और डीजल </span>99.57<span lang="hi" xml:lang="hi"> रूपए पर पहुंच गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी दामों में तेजी देखने को मिली है। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोग बढ़े हुए रेट को लेकर बातें करते दिखे। कुछ का कहना था कि पिछले डेढ़ हफ्ते में अचानक खर्च बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक</span>, 15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई से अब तक चार बार रेट बढ़ चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए प्रति लीटर बढ़ गई हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल के </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">100<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपए के करीब पहुंचने का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी दिख सकता है। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रही तो उन्हें मालभाड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। इससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और अन्य सामग्रियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। खेती-किसानी पर भी इसका असर होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि ट्रैक्टर और डीजल पंप चलाने का खर्च बढ़ जाएगा। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की भी संभावना जताई जा रही है। भोपाल और इंदौर में कुछ निजी स्कूल संचालकों ने यह भी कहा है कि अगर डीजल महंगा रहा तो स्कूल बस फीस पर असर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। हाल ही में क्रूड ऑयल करीब </span>70<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब यह </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखी गई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उन पर दबाव बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी की बिक्री में भारी नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव हो सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोल-डीजल की कीमत कई स्तरों पर गुजरती है। कच्चे तेल की बेस कीमत के अलावा रिफाइनिंग खर्च</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट भी इसमें शामिल होता है। मध्य प्रदेश में वैट दरें ज्यादा होने की वजह से यहां ईंधन कई राज्यों की तुलना में महंगा पड़ता है। यही कारण है कि सीमावर्ती इलाकों में लोग उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से पेट्रोल भरवाने जाते भी नजर आते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक बयानबाजी भी अब तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई का बोझ लगातार जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले ही चेतावनी दी गई थी कि कीमतें बढ़ सकती हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन समय रहते इस पर कोई कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल बढ़ते पेट्रोल-डीजल रेट ने आम आदमी के महीने का बजट जरूर बिगाड़ दिया है और आने वाले दिनों में महंगाई का असर और बढ़ सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 14:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के इस पडोसी देश में 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल, लगातार दूसरी बार घटे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल 6 रुपये और डीजल 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया। लगातार दूसरी बार ईंधन कीमतों में राहत दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/petrol-becomes-cheaper-by-6-rupees-in-this-neighboring-country/article-54068"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/pakistan-petrol-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान की सरकार ने फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया है। शुक्रवार रात जारी किए गए नए रेट के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (</span>HSD) <span lang="hi" xml:lang="hi">की कीमत </span>6.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर कम की गई है। अब पाकिस्तान में पेट्रोल </span>403.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर और डीजल </span>402.78<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों में यह राहत की दूसरी बड़ी खबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे पहले भी सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतें </span>5-5<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये घटाई थीं। इस तरह से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को पेट्रोल पर </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये और डीजल पर लगभग </span>11.80<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की राहत मिल चुकी है। बढ़ती महंगाई के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले को आम जनता के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ महीनों से हर शुक्रवार को ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। फरवरी में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच हालात के बिगड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर पाकिस्तान समेत कई देशों पर पड़ा। मार्च की शुरुआत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक झटके में </span>55<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी गई थीं। इसके बाद वित्त मंत्री </span>Muhammad Aurangzeb <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। हालाँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ समय बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री </span>Shehbaz Sharif <span lang="hi" xml:lang="hi">ने पेट्रोलियम लेवी को कम कर जनता को राहत दी। अब लगातार दो हफ्तों से कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों का सीधा असर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर पड़ता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्यूंकि वहां बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहन और रिक्शे का उपयोग करते हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर साफ-साफ दिखता है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में हालात थोड़े अलग हैं। हाल के दिनों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। नई दिल्ली में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल की कीमत </span>99.51 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत </span>92.49 <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये प्रति लीटर हो गई है। तेल कंपनियों ने </span>15 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई के बाद से तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का प्रभाव दोनों देशों में अलग-अलग तरीके से नजर आ रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:41:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिन में हुई तीसरी बार बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में पेट्रोल 105.19 और डीजल 98.29 रुपए लीटर पहुंचा। 9 दिन में तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने से लोगों पर असर बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-prices-increased-again-in-raipur-third-increase/article-54036"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-petrol-diesel-fuel-prices.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार सुबह रायपुर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए। तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। अब राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत लगभग 105.19 रुपए प्रति लीटर और डीजल 98.29 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 और 19 मई को भी कीमतें बढ़ी थीं। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों को सुबह कई पेट्रोल पंपों पर बढ़ी हुई कीमतों के बारे में चर्चा करते हुए देखा गया। कुछ का कहना था कि रोज़-रोज़ बढ़ती कीमतों से उनके घर का बजट गड़बड़ा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राज्य के अन्य शहरों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। सरगुजा में पेट्रोल 106.52 रुपए और डीजल 99.68 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर में पेट्रोल की कीमत 106 रुपए से भी ऊपर जा चुकी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल महंगा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति यही बनी रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। हाल ही में रायपुर में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ भी देखी गई थी। उस समय सप्लाई प्रभावित होने और फ्यूल की कमी की अफवाहें थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रशासन ने बाद में स्थिति सामान्य बताई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण सब्जियों</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फलों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। खेती-बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि ज्यादा कीमत वसूलने या अवैध बिक्री की शिकायतें तुरंत दर्ज की जा सकें। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट किए जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिफाइनिंग लागत और राज्य सरकार के वैट जैसी कई बातें शामिल होती हैं। यही वजह है कि विभिन्न राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भिन्न होती हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:06:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा, 9 दिन में तीसरी बढ़ोतरी, भोपाल में पेट्रोल 111.71 रुपये लीटर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोलियम कंपनियों ने 9 दिन में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए। भोपाल में पेट्रोल 111.71 रुपए प्रति लीटर पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/petrol-became-costlier-by-87-paise-and-diesel-by-91/article-54009"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-petrol-diesel-rates.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। शनिवार सुबह नए दामों के ऐलान के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भोपाल और मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत एक रुपए से ज्यादा बढ़ गई है। पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 111.71 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। कीमतों में लगातार हो रही इस वृद्धि ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लोग रोजाना गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे इसे लेकर काफी नाराज दिख रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्र बताते हैं कि यह मई में तीसरी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 15 मई को दाम में लगभग 3 रुपए और 19 मई को करीब 90 पैसे का इजाफा हुआ था। नए दामों के बाद इस महीने पेट्रोल-डीजल की कीमत लगभग 5 रुपए तक बढ़ चुकी है। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए रेट्स पर चर्चा करते नजर आए। कुछ ड्राइवरों का कहना था कि पहले से ही महंगाई का असर उनके घर के बजट पर पड़ रहा था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब ईंधन के महंगे होने से रोजाना के खर्चे बढ़ने की आशंका है। भोपाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंदौर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में इन नई कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और बाजार पर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इस वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच का बढ़ता तनाव क्रूड ऑयल की कीमत को 100 डॉलर प्रति बैरल के पार ले गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ हफ्ते पहले यही कीमत करीब 70 डॉलर थी। तेल कंपनियों पर लागत का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए दाम बढ़ाने का फैसला लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत अपनी जरूरत के अधिकांश कच्चे तेल का आयात करता है। इसीलिए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजार का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है। कच्चे तेल की खरीद के बाद उसे रिफाइनरी में प्रोसेस करना पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और फिर उस पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट जोड़ा जाता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में दाम अलग-अलग होते हैं। मध्य प्रदेश में वैट अधिक होने के कारण यहां की कीमतें कई अन्य राज्यों की तुलना में ऊंची रहती हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिलचस्प बात यह है कि मार्च 2024 के बाद काफी समय तक ईंधन के दाम स्थिर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेल कंपनियां लगातार घाटे की बात कह रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डीजल और एलपीजी बिक्री पर हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा है। इसलिए कंपनियों पर दाम बढ़ाने का काफी दबाव रहा है। अब आम जनता की नज़र इस पर है कि आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलेगी या फिर ईंधन और महंगा होगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:46:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 4 दिन में दो बार बढ़े तेल के दाम</title>
                                    <description><![CDATA[रायपुर में पेट्रोल 104.32 और डीजल 97.38 रुपए लीटर पहुंचा। 4 दिन में दूसरी बार दाम बढ़ने से महंगाई और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने की आशंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/petrol-and-diesel-became-expensive-again-in-raipur-oil-prices/article-53793"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-raipur-petrol-diesel-prices.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम करीब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इसके बाद शहर में पेट्रोल की कीमत लगभग 104.32 रुपये और डीजल की करीब 97.38 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। ऐसे में सिर्फ चार दिनों के भीतर दूसरी बार हुई बढ़ोतरी ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोग नए दामों पर चर्चा करते नजर आए। कुछ ने इसे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का संकेत भी माना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डीजल</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ गाड़ियों तक ही सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने के चलते दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राशन और रोजमर्रा का सामान भी महंगे हो सकते हैं। ट्रकों और मालवाहक वाहनों के खर्च में बढ़ोतरी होने से बाजार में सामान की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। इसके साथ ही खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हार्वेस्टर और पंपिंग सेट्स की लागत भी बढ़ेगी। अगर यही स्थिति बनी रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों का माहौल भी व्याप्त था। कीमतें बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की चर्चाओं के चलते कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग जरूरत से ज्यादा फ्यूल भरवाते हुए नजर आए। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिलहाल सप्लाई सामान्य बताई जा रही है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच रायगढ़ जिले के खरसिया इलाके में खाद्य विभाग की टीम ने नियमों के उल्लंघन और स्टॉक में अनियमितता मिलने पर वंदना पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान रिकॉर्ड और स्टॉक में गड़बड़ियां पाई गई थीं। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासन ने काली बाजार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर ने अवैध बिक्री और ज्यादा कीमत वसूली की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग 9977222564</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">9977222574</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">9977222584 और 9977222594 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 17:10:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>एक हफ्ते में दूसरी बार झटका, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, देखें नए रेट </title>
                                    <description><![CDATA[देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ीं। 91 पैसे प्रति लीटर इजाफा, दिल्ली समेत बड़े शहरों में ईंधन महंगा, महंगाई का दबाव बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a0bf560b28a2/article-53741"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/petrol-diesel-price-hike-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Petrol Diesel Price Hike:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब देश में फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में औसतन </span>91<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। ये बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब कुछ ही दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी करीब </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। अब दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत </span>98.64<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि डीजल </span>91.58<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी रोजमर्रा की लागत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले कुछ हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर-नीचे हो रही थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन घरेलू स्तर पर कंपनियां लंबे समय से पुराने दामों पर ही ईंधन बेच रही थीं। इसी कारण उन्हें लगातार नुकसान उठाना पड़ा। बताया जा रहा है कि लगभग </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> हफ्तों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (</span>OMCs) <span lang="hi" xml:lang="hi">पर काफी दबाव बढ़ गया था। अब जब बढ़ोतरी शुरू हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका असर शहरों में साफ दिख रहा है। मुंबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी ईंधन की कीमतें </span>80<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे से लेकर करीब </span>96<span lang="hi" xml:lang="hi"> पैसे प्रति लीटर तक बढ़ी हैं। मुंबई में पेट्रोल </span>107.59<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये और डीजल </span>94.08<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं कोलकाता में यह </span>109.70<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये प्रति लीटर के आसपास बताया जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले हफ्ते हुई </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">3<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये की बढ़ोतरी के बाद भी कंपनियों का पूरा घाटा नहीं कवर हो पाया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा जानकारों का मानना है। अब मंगलवार को हुई इस नई बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोग ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि डीजल की कीमतों में इजाफा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर सब्जियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनाज और रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा। छोटे व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही बाजार में मांग कमजोर है और अब ईंधन के महंगे होने से लागत और बढ़ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि बस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्सी और निजी वाहनों की संचालन लागत भी धीरे-धीरे ऊपर जा रही है।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बनी रहीं या और भी बढ़ गईं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में एक और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। रोजमर्रा की चीजों की कीमतें पहले से ही अधिक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में यह नई बढ़ोतरी आम बजट पर और भी भारी पड़ सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:33:30 +0530</pubDate>
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