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                <title>Health - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Health RSS Feed</description>
                
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                <title>महात्मा गांधी का जीवन मंत्र: स्वास्थ्य ही वास्तविक धन, सुखी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी</title>
                                    <description><![CDATA[बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के दौर में महात्मा गांधी का स्वास्थ्य पर दिया गया संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक माना जाता है, जितना उनके समय में था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/mantras-of-life/mahatma-gandhis-life-mantra-health-is-the-real-wealth-and/article-58449"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mahatma-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p>महात्मा गांधी ने अपने जीवन में सादगी, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को जितना महत्व दिया, उतना ही जोर उन्होंने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी दिया था। उनका प्रसिद्ध विचार, "स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, सोने और चांदी के टुकड़े नहीं", आज भी लोगों को यह समझाने का काम करता है कि जीवन में सबसे बड़ी पूंजी अच्छी सेहत है। बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और भागदौड़ के दौर में यह संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। आज लोग आर्थिक सफलता, करियर और सुविधाओं के पीछे लगातार भाग रहे हैं, लेकिन इसी दौड़ में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यदि शरीर और मन स्वस्थ नहीं हैं, तो धन-दौलत और भौतिक सुविधाओं का आनंद लेना भी मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि गांधीजी के इस विचार को आज के समय में स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र माना जा रहा है। उनका मानना था कि व्यक्ति का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से स्वस्थ हो। उन्होंने अपने जीवन में प्राकृतिक जीवनशैली, नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और आत्मसंयम को अपनाकर इसका उदाहरण भी प्रस्तुत किया।</p>
<p>गांधीजी का जीवन केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि वह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का भी एक बड़ा संदेश देता है। वे सादा भोजन करते थे, नियमित पैदल चलते थे और प्राकृतिक चिकित्सा में विश्वास रखते थे। उनका मानना था कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि सही आदतों की जरूरत होती है। आज जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, तब उनका यह संदेश लोगों को अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा सोचने के लिए प्रेरित करता है। डॉक्टरों के अनुसार, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय रोग जैसी कई समस्याएं अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान से जुड़ी हुई हैं। यदि लोग समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें, रोजाना कुछ समय व्यायाम या पैदल चलने के लिए निकालें और तनाव को नियंत्रित रखने का प्रयास करें, तो कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। गांधीजी भी आत्मअनुशासन को स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी मानते थे। उनका विश्वास था कि संयमित जीवन व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी संतुलित रखता है। यही कारण है कि उनके विचार आज केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए इसी तरह की सलाह देते हैं।</p>
<p>आज के दौर में मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल उपकरणों पर बढ़ती निर्भरता ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक गतिविधियों में कमी ने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। ऐसे समय में गांधीजी का संदेश याद दिलाता है कि स्वस्थ शरीर के बिना जीवन का संतुलन बनाए रखना कठिन है। मानसिक स्वास्थ्य भी आज बड़ी चिंता का विषय बन चुका है। तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं हर आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवन केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है। नियमित योग, ध्यान, संतुलित भोजन, पर्याप्त आराम और परिवार के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। गांधीजी का जीवन भी आत्मचिंतन, धैर्य और सकारात्मक सोच का उदाहरण रहा है। उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया कि सरल जीवन और उच्च विचार व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाते हैं। यही सोच आज भी लोगों को प्रेरित करती है कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन भी है। बदलती दुनिया में जहां भौतिक उपलब्धियों को सफलता का पैमाना माना जाता है, वहीं गांधीजी का यह विचार याद दिलाता है कि यदि स्वास्थ्य साथ नहीं है, तो बाकी उपलब्धियां अधूरी रह जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग अपने व्यस्त जीवन में स्वास्थ्य को सबसे पहली प्राथमिकता दें, नियमित दिनचर्या अपनाएं, संतुलित खानपान रखें और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए समय निकालें। यही आदतें लंबे समय तक बेहतर जीवन की आधारशिला बन सकती हैं और महात्मा गांधी के इस अमर संदेश को व्यवहार में उतारने का सबसे अच्छा तरीका भी यही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जीवन के मंत्र</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 00:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रात को देर तक मोबाइल चलाना पड़ सकता है भारी, जानिए शरीर और दिमाग पर इसके गंभीर असर</title>
                                    <description><![CDATA[नींद की कमी से लेकर आंखों की समस्या, मानसिक तनाव और हार्मोन असंतुलन तक—विशेषज्ञ बताते हैं क्यों सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाना है जरूरी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/using-mobile-phone-till-late-at-night-can-be-harmful/article-58219"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mobile-at-night.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रात को सोने से पहले मोबाइल फोन चलाना आज की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, वीडियो देखना, चैटिंग करना या वेब सीरीज देखना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है। लेकिन यही आदत धीरे-धीरे सेहत पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात तक मोबाइल स्क्रीन के सामने समय बिताने से न केवल नींद प्रभावित होती है, बल्कि इसका असर शरीर, दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में बच्चे, युवा और बुजुर्ग लगभग हर आयु वर्ग के लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। कई लोग बिस्तर पर जाने के बाद भी एक-दो घंटे तक मोबाइल देखते रहते हैं। शुरुआत में यह सामान्य आदत लगती है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से कई गंभीर समस्याएं जन्म ले सकती हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करती है। यही हार्मोन शरीर को यह संकेत देता है कि अब सोने का समय हो गया है। जब रात में लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल किया जाता है, तो मस्तिष्क सक्रिय बना रहता है और नींद आने में देरी होती है। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं ले पाता और अगले दिन थकान महसूस करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार कई दिनों तक नींद पूरी नहीं होने पर शरीर की कार्यक्षमता कम होने लगती है। इससे काम में मन नहीं लगता, याददाश्त कमजोर हो सकती है और दिनभर चिड़चिड़ापन बना रहता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आंखों पर बढ़ता है दबाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मोबाइल स्क्रीन को लगातार देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे आंखों में जलन, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई लोग देर रात तक अंधेरे कमरे में मोबाइल चलाते हैं, जिससे आंखों को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मानसिक स्वास्थ्य भी हो सकता है प्रभावित</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">देर रात तक सोशल मीडिया का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। लगातार नकारात्मक खबरें, तुलना की भावना और सोशल मीडिया का दबाव तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। कई बार लोग देर रात तक ऑनलाइन रहने के कारण मानसिक रूप से शांत नहीं हो पाते, जिससे दिमाग को आराम नहीं मिल पाता।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बढ़ सकता है मोटापा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कम लोग जानते हैं कि देर रात तक जागने और मोबाइल चलाने का संबंध वजन बढ़ने से भी जुड़ा हो सकता है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर शरीर में भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। इसके कारण व्यक्ति को बार-बार भूख लगती है और जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसके अलावा देर रात तक जागने वाले लोग अक्सर शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं, जिससे मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गर्दन और पीठ में दर्द की समस्या</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मोबाइल का लगातार उपयोग करते समय अधिकांश लोग गर्दन झुकाकर बैठते या लेटते हैं। लंबे समय तक इसी स्थिति में रहने से गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द की शिकायत शुरू हो सकती है। इसे कई विशेषज्ञ "टेक्स्ट नेक" की समस्या भी मानते हैं।यदि यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है तो रीढ़ की हड्डी पर भी असर पड़ सकता है और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या बढ़ सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हार्मोन संतुलन पर असर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त नींद शरीर के हार्मोन संतुलन के लिए बेहद जरूरी होती है। लगातार देर रात तक मोबाइल चलाने और कम सोने से शरीर का जैविक चक्र प्रभावित होता है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है और शरीर की रिकवरी प्रक्रिया भी धीमी पड़ सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों और किशोरों के लिए ज्यादा नुकसानदायक</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों और किशोरों में मोबाइल की लत तेजी से बढ़ रही है। पढ़ाई के बाद भी घंटों मोबाइल देखने से उनकी नींद, पढ़ाई और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है। कई बच्चों में ध्यान की कमी, व्यवहार में बदलाव और आंखों की समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखें और सोने से पहले मोबाइल के इस्तेमाल की आदत को सीमित करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कैसे करें बचाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं। सोने से कम से कम 45 मिनट से एक घंटे पहले मोबाइल का उपयोग बंद कर दें। यदि जरूरी हो तो मोबाइल में ब्लू लाइट फिल्टर या नाइट मोड का इस्तेमाल करें। बिस्तर पर मोबाइल लेकर न जाएं और अलार्म के लिए अलग घड़ी का उपयोग करें। रात के समय किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या ध्यान करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इसके अलावा दिनभर नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय पर सोने की आदत भी अच्छी नींद और बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी मानी जाती है। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल हमारी जरूरत बन चुका है, लेकिन इसका सही समय और सीमित उपयोग ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। छोटी-सी सावधानी भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है। यदि आप भी रात को देर तक मोबाइल चलाने की आदत रखते हैं, तो समय रहते इस आदत में बदलाव करना आपके शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:37:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रोज 30 मिनट वॉक करने से शरीर में आते हैं चौंकाने वाले बदलाव, दिल से लेकर दिमाग तक मिलता है फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना सिर्फ आधा घंटा पैदल चलने की आदत वजन नियंत्रित रखने, हृदय को स्वस्थ बनाने, तनाव कम करने और शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/walking-for-30-minutes-daily-brings-surprising-changes-in-the/article-58104"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/daily-walking-benefits.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास व्यायाम के लिए अलग से समय निकालना आसान नहीं होता। लंबे समय तक बैठकर काम करना, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलने की सलाह देते हैं। यह एक ऐसा आसान व्यायाम है, जिसे किसी महंगे उपकरण, जिम या विशेष प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती। नियमित रूप से की गई वॉक न केवल शरीर को फिट रखती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालती है। रोजाना 30 मिनट तेज कदमों से चलने से शरीर का रक्त संचार बेहतर होता है। इससे हृदय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व आसानी से पहुंचते हैं, जिससे दिल मजबूत बनता है और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। नियमित वॉक करने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी अपेक्षाकृत कम देखी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वजन नियंत्रित रखने के लिए भी पैदल चलना बेहद प्रभावी माना जाता है। जब व्यक्ति रोजाना आधे घंटे तक लगातार चलता है, तो शरीर अतिरिक्त कैलोरी खर्च करता है। यदि इसके साथ संतुलित आहार भी लिया जाए, तो धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है। मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए यह सबसे सुरक्षित और आसान शारीरिक गतिविधियों में से एक है।</p>
<p style="text-align:justify;">डायबिटीज के मरीजों के लिए भी रोजाना वॉक करना लाभकारी माना जाता है। पैदल चलने से शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर होती है और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। डॉक्टर भी भोजन के बाद कुछ समय पैदल चलने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे ग्लूकोज का उपयोग बेहतर तरीके से होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजाना वॉक करने का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी दिखाई देता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पैदल चलने के दौरान शरीर में एंडॉर्फिन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन सक्रिय होते हैं, जिन्हें "फील गुड हार्मोन" भी कहा जाता है। ये तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। नियमित वॉक करने वाले लोगों की मानसिक एकाग्रता और मूड भी बेहतर रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी नींद पाने में भी पैदल चलना महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिन लोगों को रात में नींद आने में परेशानी होती है या बार-बार नींद खुल जाती है, उनके लिए नियमित वॉक लाभदायक हो सकती है। दिनभर की शारीरिक गतिविधि शरीर को स्वाभाविक रूप से थका देती है, जिससे रात में गहरी और आरामदायक नींद आती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी पैदल चलना मदद करता है। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है, लेकिन नियमित वॉक करने से हड्डियों पर सकारात्मक दबाव पड़ता है, जिससे उनकी मजबूती बनी रहती है। इसके साथ ही पैरों, कमर और शरीर की अन्य मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए भी वॉक को उपयोगी माना जाता है। भोजन के बाद कुछ देर पैदल चलने से पाचन क्रिया तेज होती है और गैस, अपच तथा कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर भारी भोजन के तुरंत बाद लेटने के बजाय थोड़ी देर टहलने की सलाह देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रोजाना वॉक करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। नियमित शारीरिक गतिविधि से शरीर संक्रमणों से लड़ने के लिए अधिक तैयार रहता है। मौसम बदलने पर होने वाली सामान्य बीमारियों का खतरा भी कुछ हद तक कम हो सकता है। सुबह की खुली हवा में वॉक करना अधिक फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इस समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और प्रदूषण कम होता है। हालांकि यदि सुबह समय नहीं मिल पाता, तो शाम को भी नियमित पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता बनाए रखना है।</p>
<p style="text-align:justify;">वॉक करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। आरामदायक जूते पहनें, शरीर को सीधा रखें, शुरुआत धीमी गति से करें और धीरे-धीरे अपनी चाल तेज करें। पर्याप्त पानी पीते रहें और यदि किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या हाल ही में सर्जरी हुई है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही वॉक शुरू करें। रोजाना केवल 30 मिनट की वॉक लंबे समय में जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है। यह आदत न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने, ऊर्जा बनाए रखने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आधुनिक जीवनशैली में यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से पैदल चलने की आदत अपना ले, तो यह उसके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सबसे आसान और प्रभावी निवेश साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:46:59 +0530</pubDate>
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                <title>ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड: 45 सूत्रीय एजेंडे पर मंत्रियों से जवाब मांगेंगे सीएम मोहन यादव</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभागवार समीक्षा बैठकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, पर्यटन, कृषि, हवाई सेवाओं और प्रशासनिक सुधार सहित 45 बिंदुओं पर मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-will-seek-answers-from-ministers-on-45-point/article-57747"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mohan-yadav-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे होने के बाद सरकार की प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इसके लिए 45 सूत्रीय एजेंडा तैयार कर सभी विभागों को भेज दिया है। समीक्षा बैठकों में मंत्रियों के साथ अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। प्रत्येक विभाग से अब तक हुए कार्यों का लेखा-जोखा लिया जाएगा और अगले ढाई वर्षों के लिए कार्ययोजना भी तय की जाएगी। पहले इन बैठकों का आयोजन 8 मई से प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। अब नई तारीख जल्द जारी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि आगामी वर्षों के लिए विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करना भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सभी विभागों के कार्यों की अलग-अलग समीक्षा करेंगे। प्रत्येक विभाग से योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, लंबित परियोजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति मांगी जाएगी। समीक्षा के दौरान समय-सीमा में काम पूरा करने और जनता से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि विकास योजनाओं का लाभ तय समय में लोगों तक पहुंचे और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। इसी उद्देश्य से सभी विभागों के लिए अलग-अलग एजेंडा तैयार किया गया है। राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में स्वामित्व योजना प्रमुख विषय रहेगा। मुख्यमंत्री ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नाम पर निशुल्क रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री के माध्यम से 50 लाख पट्टों के सिंगल क्लिक वितरण और नई आबादी भूमि के चिन्हांकन की प्रगति की समीक्षा करेंगे। ग्राम पंचायतों में आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को तेज करने और ग्रामीण संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में भी विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद कम करना और संपत्ति के अधिकारों को स्पष्ट करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव प्रस्तावित है। सरकार राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की योजना पर आगे बढ़ रही है। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव समीक्षा बैठक में प्रमुख विषय रहेगा। इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन भागों में विभाजित करने की योजना पर चर्चा होगी। सरकार सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का दोपहर की पाली में महाविद्यालयों, कोचिंग सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में उपयोग करने की संभावनाओं पर भी रिपोर्ट लेगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन लाने की नीति पर भी विचार किया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, सीवेज प्रबंधन और नई फायर सेफ्टी नीति समीक्षा बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। सरकार शहरी निकायों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के साथ अग्निशमन सेवाओं की एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग से प्रदेश में कैंसर अस्पतालों के विस्तार की कार्ययोजना मांगी जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। सरकार जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियां अभी से शुरू कर रही है। औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग को निवेश आकर्षित करने के लिए नई रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोपाल में आईटी नॉलेज सिटी और उज्जैन में डीप टेक पार्क विकसित करने की योजना पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष नीतियों पर भी चर्चा होगी। सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को उभरते हुए औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करना है। पर्यटन विभाग की समीक्षा में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की प्रगति प्रमुख विषय होगी। मुख्यमंत्री इन परियोजनाओं की समय-सीमा तय करने और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर विभाग से रिपोर्ट लेंगे। विमानन विभाग को उज्जैन के दताना-मताना क्षेत्र में नए हवाई अड्डे के निर्माण, भूमि अधिग्रहण और पीपीपी मॉडल पर परियोजना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश के छोटे शहरों में हवाई सेवाओं के विस्तार और एयर कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। समीक्षा बैठकों में वित्त विभाग से लाड़ली बहना और किसान सम्मान जैसी डीबीटी योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल मांगा जाएगा। कृषि विभाग के साथ मंडी शुल्क में और राहत देने तथा किसानों के लिए बिजली सब्सिडी आधारित सिंचाई योजनाओं पर चर्चा होगी। सरकार अग्निवीर योजना से जुड़े युवाओं को राज्य की सरकारी भर्तियों में आरक्षण देने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगी। गृह विभाग से लंबे समय से लंबित पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड पदों के सृजन की स्थिति पर जवाब मांगा जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा जेलों और मंडियों को शहरों से बाहर स्थानांतरित करने, सार्वजनिक भूमि के पुनर्विकास, बीएचईएल भोपाल की भूमि उपयोग रणनीति, यूनियन कार्बाइड की जमीन के उपयोग, सार्वजनिक पार्कों में पीपीपी मॉडल पर खेल और मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हैं। सरकार का मानना है कि विभागीय समीक्षा केवल प्रगति रिपोर्ट लेने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अगले ढाई वर्षों के विकास रोडमैप को अंतिम रूप देने का आधार भी बनेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, निवेश, पर्यटन, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर लिए जाने वाले फैसले राज्य की विकास दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:53:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्रोजन फूड सेहत के लिए कितना सही? जानिए फायदे, नुकसान और कितनी मात्रा में खाना चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रोजन फूड पूरी तरह नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन सही चुनाव, सीमित मात्रा और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/know-how-frozen-food-is-good-for-health-its-advantages/article-57447"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/frozen-food.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में फ्रोजन फूड लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। कामकाजी लोग हों, छात्र हों या फिर छोटे परिवार, समय बचाने के लिए फ्रोजन फूड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। बाजार में फ्रोजन मटर, कॉर्न, सब्जियां, चिकन, फिश, फ्रेंच फ्राइज, रेडी-टू-कुक पराठे, पिज्जा, नगेट्स और कई तरह के पैकेज्ड खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या फ्रोजन फूड सेहत के लिए सुरक्षित है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब पूरी तरह "हां" या "नहीं" में नहीं दिया जा सकता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि फ्रोजन फूड किस प्रकार का है, उसे कैसे तैयार किया गया है और आप कितनी मात्रा में उसका सेवन करते हैं। फ्रोजन फूड तैयार करने की प्रक्रिया में खाद्य पदार्थों को बहुत कम तापमान पर तेजी से फ्रीज किया जाता है। इस प्रक्रिया से उनमें मौजूद अधिकांश पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। खासतौर पर फ्रोजन फल और सब्जियां कई बार ताजी सब्जियों जितनी ही पौष्टिक हो सकती हैं, क्योंकि इन्हें तोड़ने के तुरंत बाद फ्रीज कर दिया जाता है। इसके विपरीत, बाजार में कई दिनों तक रखी ताजी सब्जियों में कुछ विटामिन धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। इसलिए हर फ्रोजन फूड को नुकसानदायक मानना सही नहीं होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">फ्रोजन फूड का सबसे बड़ा फायदा इसकी सुविधा है। व्यस्त जीवनशैली में खाना बनाने का समय कम होने पर यह अच्छा विकल्प बन सकता है। यह लंबे समय तक खराब नहीं होता, जिससे भोजन की बर्बादी भी कम होती है। फ्रोजन सब्जियां पूरे साल उपलब्ध रहती हैं, चाहे उनका मौसम हो या नहीं। इसके अलावा इन्हें साफ करने, काटने और तैयार करने में समय नहीं लगता, जिससे खाना जल्दी बन जाता है। कई लोगों के लिए यह बजट के लिहाज से भी सुविधाजनक साबित होता है। हालांकि सभी फ्रोजन फूड एक जैसे नहीं होते। फ्रोजन मटर, पालक, कॉर्न, मिश्रित सब्जियां और बिना मसाले वाला फ्रोजन चिकन अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माने जाते हैं। दूसरी ओर फ्रोजन पिज्जा, बर्गर पैटी, फ्रेंच फ्राइज, सॉसेज, नगेट्स और अधिक प्रोसेस्ड रेडी-टू-ईट उत्पादों में नमक, चीनी, ट्रांस फैट और प्रिजर्वेटिव की मात्रा काफी अधिक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अत्यधिक प्रोसेस्ड फ्रोजन फूड खाने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इनमें मौजूद अतिरिक्त सोडियम शरीर में पानी रोकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है। कई उत्पादों में संतृप्त वसा और कृत्रिम स्वाद भी मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय पैकेट पर लिखी पोषण संबंधी जानकारी पढ़ना जरूरी है। कितना फ्रोजन फूड खाना चाहिए, इसका कोई एक निश्चित नियम नहीं है। पोषण विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि आपका आहार संतुलित है तो सप्ताह में एक-दो बार फ्रोजन रेडी-टू-कुक भोजन लेना सामान्य माना जा सकता है। वहीं फ्रोजन सब्जियों और फलों का उपयोग जरूरत के अनुसार नियमित रूप से भी किया जा सकता है, बशर्ते उनमें अतिरिक्त नमक, चीनी या मसाले न मिले हों। कोशिश करें कि आपकी थाली का अधिकांश हिस्सा ताजा और घर में बना भोजन ही हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी फ्रोजन फूड चुनते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें अधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बजाय साधारण फ्रोजन सब्जियां, फल या बिना मसाले वाले खाद्य विकल्प देना बेहतर माना जाता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें ज्यादा सोडियम वाले फ्रोजन उत्पादों से बचना चाहिए। फ्रोजन फूड का उपयोग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक बार पिघलाए गए खाद्य पदार्थ को दोबारा फ्रीज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है। पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और उत्पाद को निर्देशानुसार ही स्टोर करें। खाना बनाते समय उसे पूरी तरह पकाना भी आवश्यक है ताकि किसी प्रकार के संक्रमण की संभावना कम हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">यदि आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहते हैं तो फ्रोजन फूड को सुविधा के रूप में देखें, भोजन का स्थायी विकल्प नहीं। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध, अंडे और घर का बना भोजन अब भी सबसे बेहतर विकल्प माने जाते हैं। फ्रोजन फूड का उपयोग तभी करें जब समय की कमी हो या ताजे विकल्प उपलब्ध न हों। आखिरकार यह कहना गलत होगा कि फ्रोजन फूड हमेशा नुकसानदायक होता है। सही उत्पाद चुनकर, सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन किया जाए तो यह व्यस्त जीवनशैली में उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फ्रोजन फूड का नियमित सेवन लंबे समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए खरीदारी करते समय लेबल पढ़ें, पोषण संबंधी जानकारी समझें और अपनी जरूरत के अनुसार समझदारी से चुनाव करें। संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली ही अच्छी सेहत की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 00:00:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में दो चचेरी बहनों ने एक साथ खाया जहर, आईसीयू में भर्ती; पुलिस जांच में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[लौर क्षेत्र की 15-15 वर्षीय किशोरियों की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी; घटना के कारणों का अब तक खुलासा नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/two-cousin-sisters-consumed-poison-together-in-rewa-admitted-in/article-56999"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-poison-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां दो चचेरी बहनों ने एक साथ कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते परिजन उन्हें तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया है। फिलहाल दोनों किशोरियों का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों किशोरियां रीवा जिले के लौर क्षेत्र की रहने वाली हैं और दोनों की उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है। गुरुवार सुबह परिजन उन्हें गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) के रूप में दर्ज किया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों ने एक साथ किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, लेकिन यह पदार्थ क्या था और उसे कैसे हासिल किया गया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जब दोनों किशोरियों को इमरजेंसी में लाया गया, तब उनकी हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और आवश्यक जांच के बाद दोनों को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि अगले कुछ घंटे दोनों की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण हैं। मेडिकल टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है और जरूरी दवाएं एवं उपचार दिए जा रहे हैं। घटना के बाद परिवार के सदस्यों में चिंता का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें फिलहाल यह समझ नहीं आ रहा कि दोनों किशोरियों ने ऐसा कदम क्यों उठाया। परिवार के मुताबिक घटना से पहले किसी तरह के विवाद या तनाव की जानकारी उनके सामने नहीं आई थी। हालांकि पुलिस इस बयान की भी जांच कर रही है और परिवार के अन्य सदस्यों तथा आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझा जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों किशोरियां अभी बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए जांच फिलहाल परिजनों, पड़ोसियों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जहरीला पदार्थ कहां से आया, दोनों ने उसका सेवन कब किया और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मेडिकल कॉलेज में मामला दर्ज होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी उपचार से संबंधित सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की स्थिति में सुधार लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यदि उनकी हालत में सुधार होता है और वे बयान देने की स्थिति में आती हैं, तो पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। फिलहाल प्राथमिकता दोनों की जान बचाने और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस घटना ने इलाके के लोगों को भी हैरान कर दिया है। दो किशोरियों के एक साथ बीमार पड़ने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में चर्चा शुरू हो गई। हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी साझा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही, दबाव या अन्य कारण सामने आते हैं तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना का कारण स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों किशोरियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्वास्थ्य में होने वाले हर बदलाव की जानकारी पुलिस को भी दी जा रही है। रीवा जिले की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि किशोरों से जुड़े ऐसे मामलों में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय तथ्यों के सामने आने का इंतजार करना जरूरी होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:24:37 +0530</pubDate>
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                <title>19 जून 2026 का राशिफल: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी?</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, जबकि कुछ जातकों को फैसले लेते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/horoscope/horoscope-for-june-19-2026-which-zodiac-sign-will-benefit/article-56347"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/horoscope-19-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">19 जून 2026, शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति जहां कुछ लोगों के करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे रही है, वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। चंद्रमा की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव से दिनभर अलग-अलग राशियों पर अलग असर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मेष राशि</strong><br />आज का दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिलने के संकेत हैं। व्यापार में किसी पुराने निवेश का लाभ मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान पर ध्यान दें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>वृषभ राशि</strong><br />आज आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बिना सोच-विचार के कोई बड़ा निवेश न करें। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मिथुन राशि</strong><br />दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ होगी। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। किसी मित्र से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कर्क राशि</strong><br />आज भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। किसी वरिष्ठ अधिकारी से मतभेद हो सकता है, इसलिए संयम रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सिंह राशि</strong><br />आज का दिन सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक साबित हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। यात्रा के योग बन सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कन्या राशि</strong><br />किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>तुला राशि</strong><br />आज संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में किसी मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>वृश्चिक राशि</strong><br />आज का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार का माहौल सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>धनु राशि</strong><br />भाग्य का साथ मिलने से कई कार्य आसानी से पूरे होंगे। करियर में तरक्की के संकेत हैं। आर्थिक लाभ के अवसर बनेंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मकर राशि</strong><br />आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहेगा। व्यवसाय में नए संपर्क लाभ दिला सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कुंभ राशि</strong><br />आज नए विचार और योजनाएं सफलता दिला सकती हैं। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में शुभ समाचार मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मीन राशि</strong><br />आज धैर्य और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता होगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक संभाल लेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आज का विशेष ज्योतिषीय संदेश</strong><br />19 जून 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। मेहनत, धैर्य और सही निर्णय लेने की क्षमता आपको सफलता की ओर ले जाएगी। आर्थिक मामलों में समझदारी और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनाए रखना दिन को और बेहतर बना सकता है। ग्रहों की अनुकूलता का लाभ उठाते हुए नए अवसरों का स्वागत करें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 05:00:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>थकान या सिर्फ दिमाग का खेल? चाय पीते ही क्यों आ जाती है ताजगी</title>
                                    <description><![CDATA[चाय पीते ही थकान क्यों कम लगती है? जानिए कैफीन और दिमाग के एडेनोसिन पर असर के साथ इसके साइकोलॉजिकल कारण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/tiredness-or-just-a-mental-game-why-do-you-feel/article-53914"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/effects-of-tea.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिनभर की भागदौड़</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफिस का दबाव या फिर दोपहर की सुस्ती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन सब मौकों पर एक कप चाय राहत देती है। जैसे ही गर्म चाय गले से उतरती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शरीर हल्का और मन ताज़ा महसूस करने लगता है। कई लोग इसे थकान मिटाने का सबसे आसान तरीका मानते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन असली सवाल ये है कि क्या चाय वाकई थकान कम करती है या ये सिर्फ हमारे दिमाग का खेल है</span>?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके पीछे एक दिलचस्प विज्ञान है। विशेषज्ञों का कहना है कि चाय में कैफीन होता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हमारे दिमाग की गतिविधियों पर असर डालता है। हमारे मस्तिष्क में एक केमिकल एडेनोसिन होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो दिनभर बढ़ता जाता है और थकान व नींद का संकेत देता है। जैसे-जैसे एडेनोसिन का लेवल बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हम ज्यादा सुस्त और थके हुए महसूस करते हैं। लेकिन जब हम चाय पीते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसमें मौजूद कैफीन एडेनोसिन के रिसेप्टर्स को ब्लॉक कर देता है। इससे दिमाग को थकान के संकेत नहीं मिलते और शरीर कुछ समय के लिए एक्टिव महसूस करता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन ये सब सिर्फ केमिकल का खेल नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि चाय का असर मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी होता है। चाय बनाने की प्रक्रिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पानी उबालना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाय बनाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कप पकड़ना और धीरे-धीरे चुस्की लेना</span>—<span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब दिमाग को एक छोटा ब्रेक देते हैं। भागदौड़ और तनाव के बीच ये चंद मिनट का ठहराव मानसिक सुकून देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लगता है कि थकान कम हो गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">साइकायट्रिस्ट के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाय कई लोगों के लिए सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि एक तरह का "मूड बूस्टर" बन गई है। ये रोजमर्रा के तनाव से कुछ पल की राहत देती है और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करती है। यही वजह है कि कई बार सिर्फ चाय के बारे में सोचते ही लोग हल्का महसूस करने लगते हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञ इस बात की चेतावनी भी देते हैं कि चाय पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता ठीक नहीं है। अगर कोई इंसान बिना चाय के थकान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिड़चिड़ापन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिरदर्द या सुस्ती महसूस करने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ये कैफीन की आदत का संकेत हो सकता है। ऐसे में शरीर इसकी लत का आदी हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लंबे समय में नुकसानदेह हो सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/tiredness-or-just-a-mental-game-why-do-you-feel/article-53914</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 00:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केला टेढ़ा क्यों होता है? इसके पीछे छिपा है गुरुत्वाकर्षण और सूरज की रोशनी का साइंस। जानें यहां</title>
                                    <description><![CDATA[क्या आपने सोचा है केला हमेशा टेढ़ा ही क्यों होता है? जानिए गुरुत्वाकर्षण, रोशनी और ऑक्सिन हार्मोन से जुड़ा इसका वैज्ञानिक कारण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/the-science-of-gravity-and-sunlight-is-hidden-behind-why/article-53372"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t174223.048.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केला दुनिया के सबसे लोकप्रिय फलों में से एक है। सुबह के नाश्ते से लेकर जिम की डाइट तक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग इसे हर दिन खाते हैं। इसके स्वाद और सेहत के फायदों के साथ-साथ इसका आकार भी लोगों का ध्यान खींचता है। अक्सर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि आखिर केला हमेशा टेढ़ा क्यों होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीधे क्यों नहीं बढ़ता। देखने में साधारण लगने वाली इस बात के पीछे एक दिलचस्प वैज्ञानिक प्रक्रिया छिपी हुई है। वैज्ञानिक इसे </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऋणात्मक गुरुत्वाकर्षण प्रतिक्रिया</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">या नेगेटिव जियोट्रॉपिज्म से समझाते हैं। यह प्रक्रिया ही है जो केला उगते समय अपना आकार बदलता है और अंत में मुड़ा हुआ दिखाई देता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">केले की शुरुआत बाकी फलों की तरह सीधी नहीं होती। जब फल छोटे होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे नीचे की ओर लटके रहते हैं। केले के बड़े गुच्छे को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">हैंड</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इनमें लगे छोटे फल शुरुआत में जमीन की तरफ झुके रहते हैं। लेकिन जैसे-जैसे इनका आकार बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पौधे के भीतर हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। ये हार्मोन केले को सूरज की रोशनी की तरफ बढ़ने का सिग्नल देते हैं। उधर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरुत्वाकर्षण फल को नीचे खींचता है और पौधे की प्राकृतिक प्रवृत्ति उसे रोशनी की दिशा में मोड़ने लगती है। इस खिंचाव के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केला धीरे-धीरे मुड़ जाता है। अगर केले पर गुरुत्वाकर्षण और प्रकाश का यह दबाव न होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शायद उसका आकार बिलकुल अलग होता।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरी प्रक्रिया में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑक्सिन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम का हार्मोन बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह हार्मोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पौधों की ग्रोथ को नियंत्रित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केले के अलग-अलग हिस्सों में समान रूप से नहीं फैला होता। यदि फल के किसी हिस्से पर ज्यादा रोशनी पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ऑक्सिन दूसरे हिस्से में जमा होने लगता है। इससे एक तरफ की कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी तरफ की ग्रोथ सामान्य रहती है। यही असमान बढ़त केले को सीधा नहीं रहने देती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उसका आकार मुड़ने लगता है। वैज्ञानिकों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यही कारण है कि केले में प्राकृतिक कर्व दिखाई देता है। इसी वजह से लगभग हर प्रकार का केला थोड़ा या ज्यादा टेढ़ा नजर आता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलग-अलग मौसम और खेती की परिस्थितियों के कारण इसका घुमाव थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। कई वैज्ञानिक प्रयोगों में भी यह साबित हुआ है कि रोशनी की दिशा बदलने पर केले के बढ़ने का एंगल भी बदल जाता है। इसलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह साधारण चीज भी अपने अंदर गहरा विज्ञान छुपाए हुए है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफ स्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/the-science-of-gravity-and-sunlight-is-hidden-behind-why/article-53372</link>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:17:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>राजगढ़ सांसद का बड़ा दावा: 4 साल में 27 बच्चों को हुआ ब्लड कैंसर, खाने में मिलावट पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[राजगढ़ में सांसद रोडमल नागर ने नकली दूध और मिलावट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कॉलोनी में 27 बच्चों में ब्लड कैंसर का दावा करते हुए स्वास्थ्य पर खतरे की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-claim-of-rajgarh-mp-27-children-got-blood-cancer/article-52745"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(51).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजगढ़ में मंगलवार रात एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद रोडमल नागर ने नकली दूध और मिलावट को लेकर जो बयान दिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने माहौल को गंभीर बना दिया। उन्होंने मंच से कहा कि गांवों और शहरों में बढ़ती मिलावट और जहरीले खानपान की वजह से नई पीढ़ी की सेहत पर बड़ा संकट खड़ा हो रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि उनकी ही कॉलोनी में पिछले चार साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हो गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे उन्होंने बेहद भयावह स्थिति बताया। हालांकि यह दावा उन्होंने अपने अनुभव और जानकारी के आधार पर मंच से रखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसके पीछे के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक चिकित्सा पुष्टि नहीं की गई है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव और मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना के प्रशासक विकास राजोरिया भी मौजूद रहे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सांसद ने अपने भाषण में नकली दूध और सब्जियों में हो रही कथित मिलावट पर खास चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लालच के चलते ऐसा कारोबार बढ़ रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे ईमानदार पशुपालक भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं भी नकली दूध तैयार होने की जानकारी मिले तो उसे छिपाने की बजाय प्रशासन तक पहुंचाया जाए। उनके अनुसार यह जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि समाज की भी है। उन्होंने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">अगर कहीं भी नकली दूध बन रहा है तो बिना नाम बताए मुझे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विधायक अमर सिंह यादव को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कलेक्टर या एसपी को जानकारी दें।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आज की सब्जियों में भी बदलाव आ गया है और लौकी जैसी सामान्य सब्जी में भी इंजेक्शन लगाए जाने की बातें सामने आती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। मूंग दाल जैसी पौष्टिक मानी जाने वाली चीजें भी अब शुद्ध नहीं रहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसा उनका कहना था।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सांसद ने खेती में बढ़ते रासायनिक उपयोग को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन बढ़ाने के दबाव में जरूरत से ज्यादा यूरिया और रासायनिक खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जमीन की सेहत खराब हो रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में जिस तरह खेती के गलत तरीकों और अत्यधिक रसायनों के इस्तेमाल का असर जमीन पर पड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे ठीक होने में दशकों लग गए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति रही तो हमारी जमीन भी आने वाले 10 सालों में बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार यह सिर्फ खेती का मुद्दा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर अभी से ध्यान देने की जरूरत है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 11:43:57 +0530</pubDate>
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