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                <title>Heavy Rainfall - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Heavy Rainfall RSS Feed</description>
                
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                <title>22 जून का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य भारत में हीटवेव की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक बारिश, कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/weather-of-june-22-heavy-rain-alert-in-many-states/article-56610"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/weather-update-22-june-2026.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
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<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p style="text-align:justify;">22 जून 2026 को जारी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग-अलग दिखाई दे रहा है। एक ओर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, तो दूसरी ओर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इससे आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">22 जून के लिए जारी चेतावनी में असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, कोंकण-गोवा और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग का कहना है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने, यातायात प्रभावित होने और दृश्यता कम होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और धूल भरी आंधी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य भारत के लिए मौसम विभाग ने अलग तरह की चेतावनी जारी की है। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति रह सकती है। तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर लू का असर देखा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने कहा है कि लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए गर्मी अधिक जोखिम पैदा कर सकती है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को ठंडा रखने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू की स्थिति भी रह सकती है। यह स्थिति मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक बनी रह सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र के लिए भी मौसम विभाग ने सलाह जारी की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने, तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। वहीं जहां गर्मी और लू की स्थिति है, वहां हल्की सिंचाई, मल्चिंग और पौधों को छायादार सुरक्षा देने की सिफारिश की गई है। मछुआरों के लिए समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है।  22 जून का मौसम देशभर में विविध रूप दिखाने वाला है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, राजस्थान में आंधी, मध्य भारत में लू और दक्षिणी राज्यों में मानसूनी गतिविधियां मौसम की प्रमुख विशेषताएं रहने वाली हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना लोगों के लिए जरूरी रहेगा।</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:38:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, मानसून बढ़ा आगे</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में लू का असर अभी बना रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/rain-and-storm-alert-in-many-states-of-the-country/article-55492"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/india-weather-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से 10 जून 2026 को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा है और अगले चार से पांच दिनों के दौरान कई नए इलाकों में इसकी दस्तक हो सकती है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुबह जारी पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर लगातार बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है। इन क्षेत्रों में पहले से नमी की मात्रा अधिक है, जिसके कारण वर्षा गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 जून को ओलावृष्टि की आशंका भी जताई है। वहीं तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd"><br />दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय होता दिख रहा है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में नमी और समुद्री हवाओं के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। उधर उत्तर-पश्चिम भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है। विभाग के अनुसार 10 और 11 जून को इन इलाकों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 12 और 13 जून के दौरान उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली चमकने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हैदराबाद में भी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश देखने को मिली। दूसरी तरफ राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून की वर्तमान रफ्तार सामान्य बनी हुई है और यदि परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल रहीं तो अगले कुछ दिनों में मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। हालांकि भारी वर्षा वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहना चाहिए। किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:39:55 +0530</pubDate>
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                <title>अगले 7 दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, केरल में बेहद भारी वर्षा की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/alert-of-heavy-rain-in-many-states-for-the-next/article-54825"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/weather-forecast.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां लगातार तेज होती दिखाई दे रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों के दौरान दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से केरल, माहे, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग के अनुसार केरल और माहे में लगातार कई दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में भी मौसम बदलता हुआ दिखाई देगा। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना कम है, लेकिन कुछ इलाकों में तेज बौछारें और तेज हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम में अचानक बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौसम विभाग ने बताया है कि तेज बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है और यात्रा में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। कुछ कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बना रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">समुद्री क्षेत्रों में भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों को मौसम की जानकारी लेकर ही समुद्र में जाने की सलाह दी गई है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जून के शुरुआती दिनों में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां देश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा लेकर आ सकती हैं। हालांकि इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने की जरूरत होगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। अगले सात दिनों का मौसम देश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा और तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर ध्यान देना बेहद जरूरी होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:47:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में मौसम का कहर, 2 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट हुआ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में 2 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट जारी, रायपुर-भिलाई में बारिश, NH-30 पर पानी और पेंड्रा में पेड़ गिरे, मौसम रहेगा बदला हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/weather-havoc-in-chhattisgarh-alert-of-storm-and-rain-issued/article-52748"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(52).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में मौसम का रुख अचानक बदल गया है और अब एक बार फिर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में आंधी बारिश का अलर्ट</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हवाओं की रफ्तार इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने का सिलसिला लगातार जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अचानक सक्रिय हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी वजह से कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है और गर्मी से राहत भी मिल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कुछ जगहों पर परेशानी भी बढ़ गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मंगलवार देर शाम से ही रायपुर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भिलाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरबा और रायगढ़ में मौसम ने करवट ले ली थी। कुछ ही देर में आसमान काले बादलों से ढक गया और फिर तेज बारिश शुरू हो गई। रायपुर और भिलाई में करीब एक घंटे तक लगातार बारिश होती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। कांकेर जिले के चारामा इलाके में तेज बारिश के चलते नेशनल हाईवे-30 पर पानी जमा हो गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कुछ देर के लिए आवागमन धीमा पड़ गया। वहीं कई जगहों पर बिजली सप्लाई भी बाधित रही और लोग अंधेरे में कुछ घंटों तक परेशान रहे। गरियाबंद और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (</span>GPM) <span lang="hi" xml:lang="hi">जिले में बारिश से मौसम तो ठंडा हो गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पेंड्रा क्षेत्र में तेज आंधी ने मुश्किलें बढ़ा दीं। यहां ओवरब्रिज के पास कई बड़े पेड़ टूटकर गिर गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन को देर रात तक काम करना पड़ा। मनेंद्रगढ़ के जनकपुर इलाके में बारिश का पानी घरों में घुस गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लोगों को सामान सुरक्षित करने में दिक्कतें आईं। कई इलाकों में लोग रातभर मौसम के बदलते मिजाज से परेशान नजर आए।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले 24 घंटे के मौसम आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चलता रहा। मंगलवार को रायपुर सबसे गर्म शहर रहा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रदेश में सबसे कम रहा। राजधानी रायपुर के मौसम की बात करें तो यहां आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि अगले कुछ दिन तक मौसम का यह अस्थिर मिजाज जारी रह सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 12:24:01 +0530</pubDate>
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