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                <title>Vastu Rules - दैनिक जागरण</title>
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                <title>जूते-चप्पल रखने की सही जगह नहीं चुनी तो आपसे रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, आज ही बदलें शू रैक की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[शू रैक रखने की सही दिशा जानें। गलत जगह जूते-चप्पल रखने से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। वास्तु के अनुसार सही उपाय यहां पढ़ें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/if-you-do-not-choose-the-right-place-to-keep/article-52760"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(59).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घर की सजावट और सामान रखने के तरीके को लेकर लोग अक्सर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यही छोटी गलतियां बड़े असर डाल सकती हैं। ऐसी ही एक चीज है शू रैक यानी जूते-चप्पल रखने की जगह और उसकी दिशा। कई घरों में देखा जाता है कि लोग जूते-चप्पल कहीं भी रख देते हैं या फिर बिना सोचे-समझे शू रैक को घर के किसी भी कोने में लगा देते हैं। लेकिन कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मान्यता है कि जूते-चप्पल को हमेशा व्यवस्थित तरीके से ही रखना चाहिए। अगर इन्हें इधर-उधर बिखेर दिया जाए तो घर की ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। यही कारण है कि शू रैक का इस्तेमाल जरूरी माना गया है। लेकिन सिर्फ शू रैक होना ही काफी नहीं है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे सही दिशा और सही जगह पर रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञों की राय के मुताबिक घर में शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे बेहतर माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में रखा गया शू रैक घर में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और वातावरण को शांत रखता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर यह भी मान्यता है कि यह दिशा भारी वस्तुओं और कम उपयोग होने वाली चीजों के लिए उपयुक्त होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए शू रैक के लिए इसे सही माना गया है। कुछ लोग इसे दक्षिण दिशा में भी रखना उचित समझते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में शू रैक रखने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और अनावश्यक तनाव कम होता है। हालांकि यह भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि शू रैक खुला और अव्यवस्थित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ढका हुआ और साफ-सुथरा होना चाहिए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घर के मुख्य द्वार को लेकर भी अक्सर लोगों में भ्रम रहता है। कई बार जगह की कमी के कारण लोग शू रैक को सीधे एंट्री गेट के पास रख देते हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु के अनुसार इसे सही नहीं माना जाता। कहा जाता है कि मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल खुले या बिखरे हुए रखने से घर की तरक्की पर असर पड़ सकता है और मां लक्ष्मी की कृपा बाधित हो सकती है। अगर मजबूरी में शू रैक दरवाजे के पास रखना पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे हमेशा बंद रखने की सलाह दी जाती है ताकि जूते-चप्पल दिखाई न दें और व्यवस्था बनी रहे। कुछ लोग इसे घर के बाहर की तरफ रखने को भी बेहतर विकल्प मानते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:10:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>घर में एक्वेरियम रखने से पहले जान लें वास्तु नियम, वरना हो सकता है नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[Aquarium Vastu के अनुसार घर में एक्वेरियम रखने की सही दिशा, मछलियों की संख्या और वास्तु नियम जानिए, जो सुख-समृद्धि से जुड़े माने जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/religion/know-the-vastu-rules-before-keeping-an-aquarium-in-the/article-52761"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(60).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक्वेरियम वास्तु (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Aquarium Vastu) <span lang="hi" xml:lang="hi">को लेकर लोगों में दिलचस्पी लगातार बढ़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अब घरों में एक्वेरियम सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं रह गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसे वास्तु से जोड़कर भी देखा जाने लगा है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में रखा मछली का एक्वेरियम पानी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और पानी को धन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रवाह और शांति का कारक माना गया है। यही वजह है कि सही दिशा में रखा गया एक्वेरियम घर के माहौल पर अच्छा असर डालता है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में हलचल के बीच भी एक संतुलन बना रहता है। कई लोग इसे सिर्फ सुंदरता के लिए रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि इसकी दिशा और देखभाल दोनों का असर घर की ऊर्जा पर पड़ता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वास्तु शास्त्र में एक्वेरियम रखने के लिए उत्तर और पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी गई है। उत्तर दिशा को धन और करियर से जोड़कर देखा जाता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पूर्व दिशा को नई ऊर्जा और मानसिक शांति की दिशा माना जाता है। ऐसे में वास्तु के अनुसार अगर एक्वेरियम इन दिशाओं में रखा जाए तो घर में सकारात्मकता का प्रवाह बेहतर बना रहता है। वहीं दक्षिण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण-पश्चिम या रसोई के आसपास इसे रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि गलत दिशा में रखा गया एक्वेरियम आर्थिक रुकावट और मानसिक बेचैनी बढ़ा सकता है। बेडरूम में भी इसे रखने से मना किया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि पानी का लगातार सक्रिय तत्व वहां की शांति को प्रभावित कर सकता है। ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया इसके लिए बेहतर जगह मानी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इसका असर भी संतुलित रहता है और देखने में भी अच्छा लगता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मछलियों की संख्या को लेकर भी वास्तु में खास बात कही गई है। आमतौर पर 9 मछलियां रखना शुभ माना जाता है। इसमें 8 रंगीन और 1 काली मछली रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि काली मछली नकारात्मक प्रभाव को अपने ऊपर ले लेती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि बाकी मछलियां घर में सौभाग्य और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखती हैं। हालांकि इसके साथ देखभाल सबसे जरूरी मानी जाती है। अगर एक्वेरियम का पानी गंदा हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछलियां बीमार हों या टैंक की सफाई न हो तो इसका असर उल्टा भी माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक साफ पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्रिय मछलियां और नियमित देखभाल ही एक्वेरियम के शुभ प्रभाव को बनाए रखती है। ऐसे में अगर घर में एक्वेरियम रखना है तो सिर्फ सजावट के तौर पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसकी दिशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मछलियों की संख्या और साफ-सफाई तीनों बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राशिफल</category>
                                            <category>धर्म</category>
                                    

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