<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/fire-brigade/tag-12004" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Fire Brigade - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/12004/rss</link>
                <description>Fire Brigade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उज्जैन में दो गायों की मौत के बाद बस में तोड़फोड़, आग से वाहन जलकर खाक</title>
                                    <description><![CDATA[पंथ पिपलाई के पास हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद बस में आग लगी, पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/after-the-death-of-two-cows-in-ujjain-the-bus/article-58068"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ujjain-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उज्जैन-इंदौर मार्ग पर सोमवार रात एक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। पंथ पिपलाई क्षेत्र में बलराम जाट ढाबे के पास उज्जैन की ओर जा रही एक यात्री बस की टक्कर सड़क पर बैठी दो गायों से हो गई। हादसे में दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और आक्रोश जताने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सबसे पहले बस में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद बस पर पथराव किया गया, जिससे उसके कई शीशे टूट गए। कुछ ही देर बाद बस में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही समय में बस का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि बस को भारी नुकसान पहुंचा है।हादसा उस समय हुआ जब बस उज्जैन की ओर जा रही थी। सड़क पर बैठी दो गायें अचानक बस की चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद क्षेत्र में मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बस को रोक लिया और घटना का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां भीड़ बढ़ गई। कुछ लोगों ने बस पर पत्थर फेंके, जिससे उसके कांच टूट गए। इसके बाद बस में आग लगने की घटना हुई। आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि दो गायों की मौत के बाद बस को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है। वहीं, आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की भी जताई गई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद कुछ समय के लिए उज्जैन-इंदौर मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और भीड़ को शांत कराया। इसके बाद क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनती रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी। संबंधित विभागों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/after-the-death-of-two-cows-in-ujjain-the-bus/article-58068</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/after-the-death-of-two-cows-in-ujjain-the-bus/article-58068</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:37:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/ujjain-news-%281%29.jpg"                         length="121823"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर कलेक्टर निवास में देर रात लगी आग, शॉर्ट-सर्किट की आशंका; एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते आग बुझाई, कोई जनहानि नहीं; पार्किंग शेड, फर्नीचर और विद्युत उपकरणों को नुकसान, प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/fire-broke-out-late-night-in-raipur-collectors-residence-suspicion/article-57951"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-collector-residence.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रायपुर के कलेक्टर गौरव सिंह के सरकारी निवास परिसर में रविवार देर रात अचानक आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पार्किंग शेड, फर्नीचर, विद्युत उपकरण और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार आग शनिवार और रविवार की दरमियानी रात लगभग दो से ढाई बजे के बीच लगी। उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक परिसर से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई देने पर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और पुलिस कंट्रोल रूम को भी जानकारी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया। करीब एक घंटे तक लगातार पानी की बौछारें और अन्य अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर आग को नियंत्रित किया गया। इसके बाद यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विद्युत प्रणाली में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता विस्तृत तकनीकी जांच और फॉरेंसिक निरीक्षण के बाद ही चल सकेगा। जांच पूरी होने तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आग की चपेट में आने से कलेक्टर निवास परिसर का पार्किंग शेड सबसे अधिक प्रभावित हुआ। इसके अलावा वहां रखे कुछ फर्नीचर, विद्युत उपकरण, वायरिंग और अन्य सामग्री भी जल गई। नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए संबंधित विभागों की टीम को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि सभी क्षतिग्रस्त वस्तुओं का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। अधिकारियों का मानना है कि यदि बिजली चालू रहती तो आग और अधिक फैल सकती थी या किसी अन्य दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती थी। बिजली विभाग की टीम ने बाद में पूरे परिसर की वायरिंग और विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आग बुझाने के कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने से बड़ा हादसा टल गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार आग लगने के बाद सबसे पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि परिसर में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हों। इसके बाद आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए व्यवस्थित तरीके से अभियान चलाया गया। दमकल कर्मियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आग बुझाने का कार्य पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने भी बताया कि देर रात अचानक दमकल वाहनों के सायरन सुनाई दिए, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। सरकारी भवनों और आवासीय परिसरों में नियमित रूप से विद्युत वायरिंग, फायर सेफ्टी सिस्टम और अग्निशमन उपकरणों की जांच बेहद आवश्यक होती है। समय-समय पर फायर ऑडिट कराने से इस प्रकार की घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए कर्मचारियों को भी नियमित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">रायपुर कलेक्टर निवास में लगी आग भले ही समय रहते नियंत्रित कर ली गई, लेकिन इस घटना ने सरकारी परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर, नियमित फायर ऑडिट और विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देकर इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/fire-broke-out-late-night-in-raipur-collectors-residence-suspicion/article-57951</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/fire-broke-out-late-night-in-raipur-collectors-residence-suspicion/article-57951</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/raipur-collector-residence.jpg"                         length="198849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में AC ब्लास्ट से भीषण आग, दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[सेक्टर-119 अरण्य सोसाइटी की 21वीं मंजिल पर आग, तीन फ्लैट चपेट में; फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर, सीएम योगी ने दिए निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a4200d5102d8/article-57277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/noida-fire-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">नोएडा में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया जब सेक्टर-119 स्थित अरण्य सोसाइटी की एक 24 मंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 21वें फ्लोर पर लगे एक फ्लैट में AC ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते आसपास के कम से कम तीन फ्लैट इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यह घटना सुबह करीब साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है। आग लगते ही ऊपरी मंजिलों से धुएं का घना गुबार उठने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग के एक हिस्से में धुआं भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की लपटें इतनी तेज थीं कि खिड़कियों से बाहर तक दिखाई देने लगीं। कई लोगों ने घबराकर सीढ़ियों के जरिए नीचे उतरने की कोशिश की, जबकि कुछ लोग बालकनी और अन्य सुरक्षित स्थानों पर फंस गए।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><img alt="Z"></img></p>
<p>सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। दमकल विभाग की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऊंची इमारत होने के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। फिलहाल बिल्डिंग को खाली कराया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, हालांकि कुछ लोग धुएं की वजह से असहज महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद आसपास की इमारतों में रहने वाले लोग भी मदद के लिए सामने आए। कुछ लोगों ने पाइप और बाल्टियों के जरिए ऊपर की मंजिलों तक पानी पहुंचाने की कोशिश की ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती प्रयास नाकाफी साबित हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाएं। साथ ही घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और किसी भी तरह की लापरवाही न करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p><img alt="Z"></img></p>
<p>दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नोएडा जैसी हाईराइज सोसाइटियों में आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। ये मशीनें 30 से 42 मीटर तक की ऊंचाई तक प्रभावी रूप से आग बुझाने में सक्षम हैं, जो लगभग 10 फ्लोर तक कवर करती हैं। हालांकि इससे अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए अभी भी संसाधनों की कमी महसूस की जाती है। नोएडा में 72 और 102 मीटर तक पहुंचने वाली नई हाइड्रोलिक मशीनों की खरीद प्रक्रिया चल रही है, लेकिन वे अभी सेवा में शामिल नहीं हुई हैं। शहर की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल सुपरनोवा टावर जैसे प्रोजेक्ट्स में आग से निपटने की क्षमता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। यहां मौजूदा हाइड्रोलिक सिस्टम सीमित ऊंचाई तक ही काम कर पाते हैं, जबकि पूरी इमारत इससे कहीं ज्यादा ऊंची है। इसी बीच यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ हफ्तों में नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले 5 जून को सेक्टर-74 की एक सोसाइटी में भी कई फ्लैटों में आग लगने की घटना हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने हाईराइज बिल्डिंग्स की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a4200d5102d8/article-57277</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a4200d5102d8/article-57277</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:35:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/noida-fire-accident.jpg"                         length="148916"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कौशांबी टोल प्लाजा पर LPG टैंकर में भीषण आग, चालक की मौत; कई लोग झुलसे</title>
                                    <description><![CDATA[सिहोरी टोल प्लाजा पर एलपीजी टैंकर टकराने के बाद लगी आग से कई वाहन जलकर राख, पांच टोल कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसे, हादसे की जांच शुरू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/massive-fire-in-lpg-tanker-at-kaushambi-toll-plaza-driver/article-57014"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sirohi-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर एक एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर टोल संरचना से टकरा गया। टक्कर के कुछ ही क्षण बाद टैंकर में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया। हादसे में टैंकर चालक की मौत हो गई, जबकि टोल प्लाजा पर मौजूद कई कर्मचारी झुलस गए। आग की चपेट में आकर टोल परिसर में खड़ी 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें भी पूरी तरह जल गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के बाद गैस रिसाव होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके तुरंत बाद तेज धमाके के साथ आग फैल गई। कुछ ही मिनटों में आग ने टोल परिसर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय टोल प्लाजा पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई कर्मचारियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया और वे झुलस गए। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच कर्मचारियों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका विशेष बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है। टैंकर चालक वाहन से बाहर निकलने में सफल हो गया है, लेकिन आग बुझने के बाद जब राहत दल ने टैंकर की जांच की तो चालक का शव अंदर मिला। आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और चालक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले इलाके में हल्की बारिश हुई थी। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक का नियंत्रण कैसे बिगड़ा और गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच विशेषज्ञ टीम करेगी। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं दिखाई दे रहा था। घटना के बाद टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने तुरंत दोनों तरफ का यातायात रोक दिया। सूचना मिलते ही जिले की फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे एक लेन को यातायात के लिए खोला गया और बाद में ट्रैफिक सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू हुई। टोल कर्मचारियों के अनुसार आग टोल प्लाजा के यार्ड तक पहुंच गई, जहां कर्मचारियों की निजी गाड़ियां खड़ी थीं। आग की चपेट में आकर 16 मोटरसाइकिलें और दो कारें पूरी तरह जल गईं। पास स्थित अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/massive-fire-in-lpg-tanker-at-kaushambi-toll-plaza-driver/article-57014</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/massive-fire-in-lpg-tanker-at-kaushambi-toll-plaza-driver/article-57014</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:29:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/sirohi-news-%281%29.jpg"                         length="149829"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुना की पाइप फैक्ट्री में भीषण आग, पांच घंटे बाद पाया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्लास्टिक पाइप यूनिट में देर रात भड़की आग, चार फायर ब्रिगेड की मदद से बुझी लपटें; 80 लाख रुपए तक नुकसान की आशंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-in-gunas-pipe-factory-brought-under-control-after/article-56208"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/guna-factory-fire.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुना के इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक प्लास्टिक पाइप निर्माण फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री परिसर में रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामग्री इसकी चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दूर स्थित कॉलोनियों से भी धुएं का गुबार और आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। सूचना मिलने के बाद नगरपालिका की फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यह घटना शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक प्लास्टिक पाइप निर्माण इकाई में हुई। फैक्ट्री का संचालन हरीश रत्रा द्वारा किया जाता है। यहां कृषि और सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक पाइप तैयार किए जाते हैं। फैक्ट्री के एक हिस्से में उत्पादन कार्य होता है, जबकि दूसरे हिस्से में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के दाने, रॉ मटेरियल और तैयार उत्पादों का भंडारण किया जाता है। यही कारण रहा कि आग लगने के बाद स्थिति तेजी से गंभीर हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फैक्ट्री संचालक के अनुसार मंगलवार शाम रोजाना की तरह उत्पादन कार्य पूरा होने के बाद करीब साढ़े आठ बजे फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। सभी कर्मचारी अपने घर लौट गए थे और परिसर पूरी तरह बंद था। उस समय किसी प्रकार की असामान्य स्थिति नहीं थी। रात करीब 11 बजे के आसपास इंडस्ट्रियल एरिया से सटी विंध्याचल कॉलोनी के लोगों ने फैक्ट्री की दिशा से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत नगरपालिका और प्रशासन को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही नगरपालिका का अमला सक्रिय हो गया। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। आग की भयावहता को देखते हुए एक के बाद एक चार दमकल वाहनों को राहत कार्य में लगाया गया। आग बुझाने का काम शुरू तो हो गया, लेकिन प्लास्टिक सामग्री की अधिकता के कारण आग बार-बार भड़क रही थी। इससे दमकल कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राहत कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री की मजबूत पक्की दीवारें बनीं। आग फैक्ट्री के अंदर गहराई तक फैल चुकी थी और बाहर से पानी की बौछार सीधे प्रभावित हिस्सों तक नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसी स्थिति में फायर टीम को अलग रणनीति अपनानी पड़ी। सबसे पहले फैक्ट्री के गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, लेकिन इससे भी आग तक पूरी तरह पहुंचना आसान नहीं था। इसके बाद दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री की दीवारों में कई स्थानों पर छेद किए। इन छेदों के माध्यम से अंदर तक पानी पहुंचाया गया। लगातार पानी डालने और धुएं को नियंत्रित करने के प्रयासों के बाद आग की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगी। आग बुझाने के लिए लगातार पानी की आवश्यकता पड़ रही थी, इसलिए टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई भी जारी रखी गई। पूरी रात राहत कार्य चलता रहा और दमकलकर्मी आग को नियंत्रित करने में जुटे रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">करीब पांच घंटे तक चले अभियान के बाद तड़के आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आर्थिक नुकसान काफी बड़ा माना जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आगजनी की इस घटना में 70 से 80 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य उपकरण जलकर राख हो गए। घटना के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष पति अरविंद गुप्ता सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी की और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता था तथा आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक भी आग फैलने का खतरा था। आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आग लगने की वजह का पता लगाया जा सके। जिन इकाइयों में ज्वलनशील सामग्री बड़ी मात्रा में मौजूद रहती है, वहां फायर सेफ्टी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। नियमित निरीक्षण, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन प्रबंधन की व्यवस्था ऐसी घटनाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकती है। गुना की इस फैक्ट्री में लगी आग भले ही किसी बड़ी जनहानि का कारण नहीं बनी, लेकिन इससे हुए आर्थिक नुकसान ने फैक्ट्री प्रबंधन को बड़ा झटका दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-in-gunas-pipe-factory-brought-under-control-after/article-56208</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/massive-fire-in-gunas-pipe-factory-brought-under-control-after/article-56208</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/guna-factory-fire.jpg"                         length="132142"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर की पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[उरला क्षेत्र की फैक्ट्री से उठता धुएं का गुबार दूर तक दिखा, दमकल और पुलिस टीमों ने समय रहते पाया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-factory-fire.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शुक्रवार को अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर से उठते काले धुएं के घने गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिए, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग फैक्ट्री के उत्पादन क्षेत्र में उस समय लगी जब वहां सैंपल लेने की प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि तकनीकी कारणों से एक वाल्व पूरी तरह बंद नहीं हो पाया, जिसके चलते गर्म पदार्थ बाहर निकलने लगा। जैसे ही यह पदार्थ ऑक्सीजन के संपर्क में आया, सेल्फ इग्नीशन यानी स्वतः दहन की प्रक्रिया शुरू हो गई और देखते ही देखते आग फैल गई। फैक्ट्री कर्मचारियों ने शुरुआत में खुद आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बढ़ने पर दमकल विभाग को सूचना दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान सैंपल ले रहे एक कर्मचारी के हाथ में हल्की चोट आई। फैक्ट्री प्रबंधन ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि आग लगने के बाद कुछ समय तक फैक्ट्री परिसर और आसपास का इलाका धुएं से घिरा रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार आसमान में कई मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया था। दूर से गुजर रहे लोगों ने भी धुएं के बड़े-बड़े गुबार देखे और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी। कई लोगों ने घटना के वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में फैक्ट्री परिसर से उठता धुआं और मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां साफ दिखाई दे रही हैं। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका थी। इसी वजह से अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी मौके पर भेजा गया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया। सुरक्षा के लिहाज से फैक्ट्री के कुछ हिस्सों को खाली कराया गया और आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में टायरों को प्रोसेस कर डामर और बिटुमिनस उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस तरह के उद्योगों में उच्च तापमान और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा नियमों के पालन में कोई कमी तो नहीं रही। इस घटना ने कुछ सप्ताह पहले रायपुर के एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल बिल्डिंग में लगी भीषण आग की याद भी ताजा कर दी। उस हादसे में आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में दमकल विभाग को करीब 11 घंटे का समय लगा था। आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक फैल गई थी और फायर कर्मियों को जेसीबी मशीन की मदद से भवन का हिस्सा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा था। हालांकि पोरवाल ऑयल फैक्ट्री की घटना उस स्तर की नहीं रही, लेकिन इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सही कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना पूरी तरह तकनीकी खराबी का परिणाम थी या फिर सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/6a2d01a4a496e/article-55806</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:22:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raipur-factory-fire.jpg"                         length="148349"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला बैरागढ़ रोड</title>
                                    <description><![CDATA[हलालपुरा स्थित पटाखा दुकान में तड़के लगी आग, लगातार होते रहे विस्फोट, 70 फीट तक उठीं लपटें, तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bairagarh-road-shaken-by-massive-fire-explosions-in-firecracker-shop/article-55712"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-fire-news-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल के बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा इलाके में शुक्रवार तड़के एक पटाखा दुकान में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। आग इतनी भयावह थी कि दुकान में रखे पटाखों के कारण लगातार धमाके होते रहे और आग की लपटें करीब 70 फीट तक आसमान में उठती दिखाई दीं। देर रात हुए इस हादसे ने आसपास के लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। राहत की बात यह रही कि घटना उस समय हुई जब सड़क पर आवाजाही बेहद कम थी, वरना बड़ा जनहानि वाला हादसा हो सकता था।</p>
<p style="text-align:justify;"> हलालपुरा में सुंदर वन गार्डन के सामने स्थित सोनी पटाखा दुकान में सुबह करीब साढ़े तीन बजे आग लगने की सूचना मिली। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक रखा हुआ था, जिसके कारण आग लगते ही तेज धमाकों का सिलसिला शुरू हो गया। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज काफी दूर तक सुनाई दे रही थी और कई लोग नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए।</p>
<p style="text-align:justify;">आग की सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर और अन्य फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। लेकिन पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोटों की वजह से आग बुझाने का काम आसान नहीं था। दमकल कर्मियों को सुरक्षित दूरी बनाकर काम करना पड़ा। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ समय के लिए पूरा इलाका धुएं और आग की रोशनी से भर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगा। सुबह सात बजे के आसपास स्थिति नियंत्रण में आ सकी। हालांकि तब तक दुकान में रखा लगभग पूरा सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और इसकी जांच की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना स्थल की एक और गंभीर बात यह रही कि जिस दुकान में आग लगी वह मुख्य सड़क से सटी हुई थी। दिन के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है और सड़क किनारे बड़ी संख्या में वाहन भी खड़े रहते हैं। इसके अलावा दुकान के पास ही पेट्रोल पंप भी मौजूद है। ऐसे में यदि आग दिन के समय लगती या आसपास की दूसरी दुकानों तक फैल जाती तो स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया गया ताकि कोई वाहन या व्यक्ति आग की चपेट में न आ सके। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। लगातार उड़ते पटाखों और चिंगारियों के कारण इलाके में काफी देर तक खतरे की स्थिति बनी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">आग को नियंत्रित करने के लिए बिजली कंपनी की टीम को भी बुलाया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई ताकि किसी प्रकार का शॉर्ट सर्किट या अन्य दुर्घटना न हो। इसके बाद दमकल कर्मियों ने अधिक प्रभावी तरीके से आग बुझाने का काम जारी रखा। सुबह तक दुकान से धुआं निकलता रहा और आसपास के इलाके में जले हुए पटाखों की गंध महसूस की जाती रही।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हलालपुरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पटाखा कारोबार से जुड़ी दुकानें हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। घटना के बाद कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की जाए और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। पटाखों से जुड़े गोदामों और दुकानों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बड़ी तबाही का कारण बन सकती हैं। ऐसे स्थानों पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और आपातकालीन निकासी योजनाओं का होना बेहद आवश्यक है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को सामने ला दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bairagarh-road-shaken-by-massive-fire-explosions-in-firecracker-shop/article-55712</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bairagarh-road-shaken-by-massive-fire-explosions-in-firecracker-shop/article-55712</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:57:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhopal-fire-news-%282%29.jpg"                         length="146471"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर के एमजी रोड स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम में भीषण आग, कई घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग में लगी आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक पहुंची, टायर-ट्यूब और ज्वलनशील सामान के कारण बढ़ी लपटें; आसपास की दुकानों को कराया गया खाली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/massive-fire-in-the-automobile-showroom-located-on-mg-road/article-55617"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-fire-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र एमजी रोड में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जया ऑटोमोबाइल नामक एक ऑटोमोबाइल शोरूम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई। घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौदहापारा थाना क्षेत्र में स्थित इस शोरूम में आग लगने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान खुलने के कुछ समय बाद ही इमारत के भीतर से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि शोरूम के भीतर बड़ी मात्रा में वाहन स्पेयर पार्ट्स, टायर, ट्यूब, प्लास्टिक सामग्री और लुब्रिकेंट्स रखे हुए थे। ये सभी सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील मानी जाती हैं। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही समय में इमारत की दूसरी मंजिल से होते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोग भी चिंतित हो गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था संभाली। आग के फैलने की आशंका को देखते हुए आसपास की कई दुकानों को एहतियातन बंद कराया गया। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा, क्योंकि दमकल वाहनों और राहत टीमों को रास्ता देने के लिए पुलिस ने सड़क के कुछ हिस्सों को नियंत्रित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फायर ब्रिगेड की पांच से अधिक गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं। दमकल कर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। टायर और प्लास्टिक सामग्री के लगातार जलने से तापमान बढ़ता गया और धुआं भी अधिक मात्रा में निकलता रहा। आग बुझाने के लिए लगातार पानी की बौछार की गई, वहीं कुछ स्थानों पर विशेष अग्निशमन उपकरणों का भी उपयोग किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आग इमारत के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में दमकलकर्मियों को सावधानी के साथ अंदर प्रवेश करना पड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कराई गई ताकि किसी प्रकार की अतिरिक्त दुर्घटना न हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ समय तक लगातार धमाके जैसी आवाजें भी सुनाई दीं। माना जा रहा है कि यह आवाजें आग की चपेट में आने वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स या अन्य सामग्री के कारण हुई होंगी। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कई लोग अपने मोबाइल फोन से घटना के वीडियो और तस्वीरें बनाते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी आग की तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा आग पूरी तरह बुझने और निरीक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने की असली वजह क्या थी। शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या अन्य किसी कारण की संभावना को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण के बाद फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों की मदद से कारणों की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। वहीं शोरूम प्रबंधन से भी आग सुरक्षा व्यवस्था और भवन में मौजूद सामग्री के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। रायपुर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल एमजी रोड पर हुई इस घटना ने व्यापारियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आग ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/massive-fire-in-the-automobile-showroom-located-on-mg-road/article-55617</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/massive-fire-in-the-automobile-showroom-located-on-mg-road/article-55617</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:54:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raipur-fire-news-%281%29.jpg"                         length="114202"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के लालघाटी में तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में आग, छह रेस्टोरेंट प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[भोज इन रेस्टोरेंट के किचन से शुरू हुई आग ने पूरे भवन को चपेट में लिया, फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/fire-in-three-storey-complex-in-lalghati-bhopal-six-restaurants-affected/article-55173"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-fire-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">भोपाल के लालघाटी इलाके में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत से घना धुआं उठता दिखाई दिया। एलर कॉम्प्लेक्स नाम की इस इमारत में स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी आग देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय इमारत के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग की वजह से रेस्टोरेंट और अन्य दुकानों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले भोज इन रेस्टोरेंट के किचन में लगी थी। शुरुआती समय में किसी को इसका अंदाजा नहीं हुआ। सुबह करीब सात बजे पड़ोस की एक इमारत में तैनात सुरक्षा गार्ड ने कॉम्प्लेक्स की खिड़कियों से धुआं निकलते देखा। पहले उसे लगा कि यह रोज की तरह किचन से निकलने वाला सामान्य धुआं है, लेकिन कुछ ही देर बाद जब धुएं के साथ लपटें दिखाई देने लगीं तो स्थिति की गंभीरता समझ में आई। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">एलर कॉम्प्लेक्स इलाके की प्रमुख व्यावसायिक इमारतों में गिना जाता है। यहां कुल छह रेस्टोरेंट संचालित होते हैं। बेसमेंट में प्रसिद्ध भोजनालय बापू की कुटिया स्थित है, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर डोमिनोज का आउटलेट और कई अन्य दुकानें मौजूद हैं। आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया और कुछ ही समय में आसपास के क्षेत्र में भी इसकी चर्चा फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत से उठ रहा काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूचना मिलने के बाद शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। तीन वाटर टैंकरों सहित कुल आठ दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता को देखते हुए दमकलकर्मियों को भवन के अंदर पहुंचने में कठिनाई हुई। कई हिस्सों में घना धुआं भर जाने के कारण सामान्य रास्तों से प्रवेश संभव नहीं था। ऐसे में फायर ब्रिगेड के जवानों ने एक दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार पानी की बौछार और विशेष उपकरणों की मदद से लपटों को नियंत्रित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">हादसे के दौरान सबसे बड़ा खतरा रेस्टोरेंट के किचन में रखे कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों से था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वहां चार बड़े एलपीजी सिलेंडर मौजूद थे। यदि इनमें विस्फोट हो जाता तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था और आसपास की इमारतें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। दमकलकर्मियों ने तेजी दिखाते हुए सबसे पहले इन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते यह कदम उठा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक आग की लपटें तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच रही थीं। रेस्टोरेंट के अंदर मौजूद फर्नीचर, लकड़ी की सजावट और अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग फैलने की गति और बढ़ गई। हालांकि दमकल विभाग की टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया। करीब एक घंटे बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उनके अनुसार जिस समय आग लगी, उस वक्त रेस्टोरेंट बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि परिसर में फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस घटना के बाद एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स में बड़ी मात्रा में गैस, बिजली के उपकरण और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए नियमित सुरक्षा जांच और फायर सेफ्टी ड्रिल बेहद जरूरी है। स्थानीय प्रशासन भी अब इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी कर रहा है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और फायर विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हुई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/fire-in-three-storey-complex-in-lalghati-bhopal-six-restaurants-affected/article-55173</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/fire-in-three-storey-complex-in-lalghati-bhopal-six-restaurants-affected/article-55173</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 13:06:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhopal-fire-news-%281%29.jpg"                         length="96032"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर में सेंट्रल बैंक के जोनल ऑफिस में भीषण आग, जरूरी दस्तावेज जलने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[बॉम्बे मार्केट स्थित कार्यालय में सुबह उठता दिखा धुआं, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/major-fire-in-the-zonal-office-of-central-bank-in/article-55087"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ebola-virus-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बॉम्बे मार्केट इलाके में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। सुबह करीब 9 बजे आसपास से गुजर रहे लोगों ने बंद पड़े कार्यालय की खिड़कियों और वेंटिलेशन से निकलता धुआं देखा तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। आग बैंक के जोनल ऑफिस में लगी थी, इसलिए शुरुआत से ही आशंका जताई जा रही थी कि अंदर रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और कार्यालयी रिकॉर्ड इसकी चपेट में आ सकते हैं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। शुरुआती हालात को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि आग अंदरूनी हिस्से में तेजी से फैल चुकी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार्यालय बंद था और अंदर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की खबर सामने नहीं आई।</p>
<p class="isSelectedEnd">मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। फायर ब्रिगेड के जवानों को आग तक पहुंचने और उसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि धुएं की वजह से कुछ समय तक अंदर प्रवेश करना भी मुश्किल हो रहा था। रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से भवन के भीतर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और फिर अलग-अलग हिस्सों में फैल रही आग को नियंत्रित किया। घटना के दौरान आसपास की दुकानों और इमारतों में मौजूद लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर आग लगने वाले हिस्से के आसपास आवाजाही सीमित कर दी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मात्रा बढ़ने लगी, जिसके बाद लोगों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को सूचना दी। बैंक कार्यालय में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम और रिकॉर्ड रूम को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन अभी किया जा रहा है।</p>
<p>आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले अधिकारी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। पुलिस और फायर विभाग की टीम संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही है। आग किस हिस्से से शुरू हुई और कितनी तेजी से फैली, इसे लेकर तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। बैंक प्रबंधन भी घटना के बाद सक्रिय हो गया है और अंदर रखे दस्तावेजों तथा अन्य सामग्री के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जोनल ऑफिस होने के कारण यहां कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और प्रशासनिक दस्तावेज रखे होने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में आग से हुए नुकसान की वास्तविक तस्वीर जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस बीच एडीसीपी मध्य तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार आग अब पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी गई है ताकि किसी प्रकार की दोबारा आग भड़कने की स्थिति न बने। शहर के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने एक बार फिर संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सूचना मिल जाने से बड़ा हादसा टल गया, वरना आग आसपास की अन्य इमारतों तक भी फैल सकती थी। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/major-fire-in-the-zonal-office-of-central-bank-in/article-55087</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/major-fire-in-the-zonal-office-of-central-bank-in/article-55087</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:12:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/ebola-virus-%282%29.jpg"                         length="160788"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायपुर के मिवान स्टील प्लांट में भीषण आग, पांच घंटे बाद पाया गया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर हसौद स्थित औद्योगिक इकाई में सुबह लगी आग से मचा हड़कंप, 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार, शॉर्ट सर्किट की आशंका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/massive-fire-in-raipurs-miwan-steel-plant-brought-under-control/article-54742"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raipur-fire-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद औद्योगिक क्षेत्र स्थित मिवान स्टील लिमिटेड प्लांट में मंगलवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी विकराल थी कि इसकी ऊंची लपटें और आसमान में उठता काले धुएं का घना गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। सुबह के समय हुई इस घटना के बाद आसपास के औद्योगिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और कई घंटों तक चले रेस्क्यू एवं राहत अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे प्लांट परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती समय में किसी को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। कुछ ही मिनटों में आग ने प्लांट के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें कई फीट ऊंची उठने लगीं और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया। धुएं का यह गुबार दूर-दराज के क्षेत्रों से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट प्रबंधन ने तत्काल दमकल विभाग और प्रशासन को सूचना दी। सूचना के बाद रायपुर, मंदिर हसौद और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर भेजे गए। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए फायर कर्मियों को काफी सतर्कता के साथ काम करना पड़ा। प्लांट में मौजूद ज्वलनशील सामग्री और औद्योगिक उपकरणों के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आग को नियंत्रित करने के लिए पानी और फोम का लगातार उपयोग किया। कई घंटों तक लगातार प्रयास किए गए ताकि आग प्लांट के अन्य हिस्सों तक न पहुंच सके। करीब पांच घंटे तक चले अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे आग आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक नहीं फैल सकी।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्लांट के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों में मौजूद लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और राहत कार्यों का लगातार निरीक्षण किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस आगजनी की घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, जिसे सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। हालांकि आग के कारण प्लांट को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। आग से मशीनरी, कच्चा माल और अन्य औद्योगिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। नुकसान का वास्तविक आंकलन विस्तृत जांच और सर्वेक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">आग बुझने के बाद अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों की टीम को आग के कारणों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच के दौरान विद्युत व्यवस्था, मशीनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस बड़ी घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े उद्योगों में अग्नि सुरक्षा मानकों का नियमित परीक्षण और उपकरणों का समय-समय पर रखरखाव बेहद जरूरी है। किसी भी छोटी तकनीकी खराबी को नजरअंदाज करना बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में इस घटना के बाद अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह अचानक आसमान में घना काला धुआं दिखाई देने लगा था। शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर यह धुआं कहां से उठ रहा है। जब आग की जानकारी सामने आई तो बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास पहुंचने लगे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लोगों को दूर रखा और क्षेत्र को नियंत्रित किया।</p>
<p>प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और विशेषज्ञों की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस भीषण आग के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह जिम्मेदार थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/massive-fire-in-raipurs-miwan-steel-plant-brought-under-control/article-54742</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/massive-fire-in-raipurs-miwan-steel-plant-brought-under-control/article-54742</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 14:16:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/raipur-fire-news.jpg"                         length="175682"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के रचना टॉवर के बेसमेंट में लगी आग, SUV जलकर हुई खाक</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल के रचना टॉवर बेसमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने के बाद SUV जल गई। घटना से बिल्डिंग में अफरातफरी मच गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-breaks-out-in-bhopals-rachna-tower-basement-suv-burnt/article-54163"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bhopal-rachna-tower-fire-incident.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल के रचना नगर क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक आवासीय बिल्डिंग के बेसमेंट में अचानक आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे हड़कंप मच गया। यह घटना रचना टॉवर में हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से आग शुरू हुई। बहुत जल्दी ही यह आग पास खड़ी एक एसयूवी को भी अपनी चपेट में ले ली। थोड़ी ही देर में एसयूवी धू-धूकर जलने लगी और बेसमेंट में धुआं भर गया। यह घटना करीब डेढ़ बजे हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेसमेंट में कई गाड़ियां खड़ी थीं। जिस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह चार्जिंग पर थी। अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और कुछ ही सेकंड में लपटें उठने लगीं। आसपास के लोगों ने पहले खुद आग बुझाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग तेजी से फैल गई। पास की एसयूवी भी आग की चपेट में आ गई और वह भी कुछ ही मिनटों में जल गई। बेसमेंट बंद होने की वजह से धुआं तेजी से पूरे बिल्डिंग में फैलने लगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस घटना के समय वहां कई परिवार मौजूद थे। धुआं फैलते ही लोग घबराकर घरों से बाहर निकलने लगे। कुछ लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सीढ़ियों से नीचे आए। इस वजह से थोड़ी देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने पहले बेसमेंट खाली कराया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग इतनी भयंकर थी कि उसका धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में खराबी की आशंका जताई जा रही है। लेकिन आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं अलग-अलग शहरों में सामने आई हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर बेसमेंट पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इमारतों में सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच जरूरी है ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-breaks-out-in-bhopals-rachna-tower-basement-suv-burnt/article-54163</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/fire-breaks-out-in-bhopals-rachna-tower-basement-suv-burnt/article-54163</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:36:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/bhopal-rachna-tower-fire-incident.jpg"                         length="72608"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        