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                <title>Tamil Nadu - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Tamil Nadu RSS Feed</description>
                
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                <title>करूर हादसे पर भावुक हुए सीएम विजय, पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल, भीड़ प्रबंधन में लापरवाही का लगाया आरोप; हादसे में जान गंवाने वालों की याद में स्मारक बनाने का किया ऐलान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cm-vijay-became-emotional-over-karur-accident-and-raised-questions/article-58416"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/cm-vijay.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने करूर भगदड़ हादसे के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से इस घटना पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी। करूर पहुंचकर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री विजय ने हादसे को अपनी राजनीतिक यात्रा का सबसे बड़ा और सबसे गहरा घाव बताया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गहरा आघात पहुंचाया है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो इतने बड़े हादसे से बचा जा सकता था। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई तरह की चुनौतियां और कठिन परिस्थितियां सामने आती हैं, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिन्हें जीवन भर भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि करूर की घटना उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम में हुई दुर्घटना नहीं, बल्कि ऐसा दर्द है जिसे वे हमेशा अपने साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि इस हादसे में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनमें कई बच्चे भी शामिल थे, जिनकी याद उन्हें लगातार विचलित करती है। अपने संबोधन में विजय ने कहा कि उनकी राज्यव्यापी 'पीपल्स मीट' यात्रा का उद्देश्य प्रदेश के लोगों से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं को समझना और जनसंपर्क मजबूत करना था। इसी क्रम में करूर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाया गया था ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करूर कार्यक्रम से पहले पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार की विशेष चेतावनी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को यह महसूस हो रहा था कि कार्यक्रम स्थल पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने वाली है या सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, तो कार्यक्रम को स्थगित करने या आवश्यक बदलाव करने का सुझाव दिया जा सकता था। उनके अनुसार पुलिस के पास ऐसा करने का अधिकार भी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। विजय ने कहा कि उन्होंने पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा किया था और कार्यक्रम के दौरान भी अधिकारियों का धन्यवाद किया था। उन्हें विश्वास था कि सभी व्यवस्थाएं उचित ढंग से की गई हैं। लेकिन हादसे के बाद जब पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने आई तो उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि यदि भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम होते तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद क्या पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और अन्य लोगों को याद करते हुए भावुक शब्दों में कहा कि कई बच्चे उनसे मिलने और कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वे इस दुनिया से चले गए। उन्होंने कहा कि यह क्षति उनके लिए बेहद व्यक्तिगत है और इसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने सभी दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। इस दौरान विजय ने यह भी कहा कि हादसे के बाद उन्हें कई तरह की आलोचनाओं और आरोपों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में भी उनके ऊपर विभिन्न प्रकार के सवाल उठाए गए, जबकि उनकी प्राथमिकता केवल प्रभावित परिवारों की सहायता और स्थिति को संभालना थी। उन्होंने कहा कि किसी भी त्रासदी को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए और ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में एक स्मारक बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि तमिलगा वेत्री कड़गम की ओर से करूर में स्मारक का निर्माण कराया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ियां इस घटना को याद रख सकें और ऐसी त्रासदियों से सबक लिया जा सके। उन्होंने कहा कि स्मारक केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक नहीं होगा बल्कि यह जनसुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व का संदेश भी देगा। सभा के दौरान विजय ने प्रशासनिक जवाबदेही, बेहतर भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केरल और तमिलनाडु में राज्य चुनाव आयुक्त को लेकर बढ़ा विवाद, संवैधानिक स्वायत्तता पर फिर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया पर छिड़ी बहस, स्थानीय निकाय चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने वाले राज्य चुनाव आयोग की भूमिका फिर चर्चा में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/election/controversy-over-state-election-commissioner-increases-in-kerala-and-tamil/article-58313"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/state-election-commission.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देश में स्थानीय निकाय चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले राज्य चुनाव आयोग (SEC) की भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इसकी वजह केरल और तमिलनाडु में सामने आए दो अलग-अलग घटनाक्रम हैं, जिन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, अधिकारों और संवैधानिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। दोनों राज्यों में उठे विवादों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को किस तरह सुरक्षित रखा जाए और राजनीतिक हस्तक्षेप से उन्हें कैसे दूर रखा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">केरल में राज्य चुनाव आयुक्त पद के लिए सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एन. शेषाद्रिनाथन के नामांकन को लेकर विवाद शुरू हुआ है। इस नियुक्ति का विरोध करते हुए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के महासचिव पी.एम. नियास ने राज्य के गृह विभाग से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शेषाद्रिनाथन कथित तौर पर एक विशेष वैचारिक संगठन से जुड़े रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने इस संबंध में कोई निष्कर्ष सार्वजनिक किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एन. शेषाद्रिनाथन न्यायपालिका में लंबे समय तक सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने एर्नाकुलम स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा वे लक्षद्वीप के कवरत्ती में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रह चुके हैं। उनके प्रशासनिक और न्यायिक अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति की गई, लेकिन राजनीतिक आरोपों के चलते यह मामला विवादों में आ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर तमिलनाडु में राज्य सरकार और वर्तमान राज्य चुनाव आयुक्त बी. ज्योति निर्मलासामी के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। राज्य सरकार ने उनसे पद छोड़ने के लिए कहा है। बी. ज्योति निर्मलासामी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। इस घटनाक्रम ने संवैधानिक पद पर कार्यरत अधिकारियों की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य चुनाव आयोग भारतीय संविधान द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र और स्वायत्त संस्था है। इसका मुख्य दायित्व राज्यों में पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों जैसे स्थानीय स्वशासी निकायों के चुनावों का स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना है। लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती में इस संस्था की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर चुनी जाने वाली सरकारें सीधे जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करने, नामांकन प्रक्रिया की निगरानी, मतदान, मतगणना और परिणामों की घोषणा तक की पूरी प्रक्रिया का संचालन करता है। इसके साथ ही जहां राज्य कानून में व्यवस्था हो, वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण और अद्यतन कराने की जिम्मेदारी भी आयोग निभाता है। चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू कर उसका पालन सुनिश्चित करना भी आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा स्थानीय निकाय चुनावों से पहले वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का कार्य भी कई राज्यों में राज्य चुनाव आयोग की देखरेख में किया जाता है। चुनाव से जुड़े विवादों का निपटारा संबंधित राज्य कानूनों के अनुसार नामित न्यायालयों या अधिकृत प्राधिकरणों के माध्यम से किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि संविधान में राज्य चुनाव आयुक्त बनने के लिए कोई समान या अनिवार्य योग्यता निर्धारित नहीं की गई है। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों में नियुक्ति की प्रक्रिया और पात्रता अलग-अलग दिखाई देती है। कई राज्यों में सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को इस पद पर नियुक्त किया जाता है, जबकि कुछ राज्यों में पूर्व आईएएस अधिकारियों या अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी जाती है। केरल में राज्य चुनाव आयुक्त को एक अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभानी होती है। वे परिसीमन आयोग से जुड़े सदस्य के रूप में विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के निर्धारण से संबंधित प्रक्रियाओं में भाग लेते हैं। साथ ही पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों के वार्ड परिसीमन के लिए गठित राज्य परिसीमन आयोग के अध्यक्ष भी होते हैं। तमिलनाडु में भी राज्य चुनाव आयुक्त परिसीमन आयोग के पदेन अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं। चुनाव से पहले स्थानीय निकायों के वार्डों की सीमाओं का निर्धारण, आरक्षण व्यवस्था और जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके नेतृत्व में पूरे किए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:38:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा दावा, TVK विधायकों को करोड़ों की रिश्वत का ऑफर; सरकार गिराने की कथित साजिश की जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[TVK विधायक ने ₹35 करोड़ की पेशकश और धमकी मिलने का आरोप लगाया, शिकायत के बाद तीन लोग गिरफ्तार; राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले की जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-claim-in-tamil-nadu-politics-tvk-mlas-offered-bribe/article-57556"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tamil-nadu-politics-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अभिनेता और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के संस्थापक विजय की अगुवाई वाली सरकार को कथित रूप से अस्थिर करने की साजिश का दावा किया गया है। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया है कि उसके विधायकों को करोड़ों रुपये की रिश्वत देकर सरकार गिराने की कोशिश की गई। इस मामले में एक विधायक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर TVK इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर डीएमके ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक नैरेटिव करार दिया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">विधायक ने लगाया 35 करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप</h5>
<p style="text-align:justify;">TVK के ऊथंगुरै विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. एन. इलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उन्हें फोन के माध्यम से संपर्क कर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आने वाले एक प्रस्ताव में विशेष तरीके से मतदान करने के लिए कहा गया। इसके बदले उन्हें 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IPDS) नामक संगठन का प्रतिनिधि बताया। विधायक का दावा है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया और दोबारा संपर्क न करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;">15 विधायकों के इस्तीफे की कथित योजना</h5>
<p style="text-align:justify;">यह केवल एक विधायक तक सीमित मामला नहीं था। कथित योजना के तहत TVK के 15 विधायकों से एक साथ इस्तीफा दिलाकर सरकार के बहुमत को प्रभावित करने की रणनीति बनाई गई थी। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">TVK नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले का खुलासा नहीं होता तो राज्य की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती थी। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">शिकायत के बाद तीन लोगों की गिरफ्तारी</h5>
<p style="text-align:justify;">विधायक की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान चेन्नई स्थित एक कंसल्टेंसी फर्म से जुड़े तीन लोगों—तिरुनावुक्करासु, नरेश और त्यागराजन—को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में इन लोगों के कुछ राजनीतिक संपर्कों की भी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या नेता की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">TVK ने लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप</h5>
<p style="text-align:justify;">TVK नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई विधायकों से संपर्क कर उन्हें दल बदलने या सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए करोड़ों रुपये की पेशकश की गई। पार्टी का कहना है कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">TVK का दावा है कि कई विधायकों को 20 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">डीएमके ने आरोपों को बताया निराधार</h5>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर डीएमके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता ए. सरवनन ने कहा कि TVK बिना तथ्यों के राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। डीएमके का कहना है कि मामले की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए और बिना जांच पूरी हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">TVK और डीएमके के बीच पिछले कुछ समय से राजनीतिक बयानबाजी तेज रही है। चुनावी सभाओं और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान दोनों दलों के नेताओं के बीच कई बार तीखी टिप्पणियां देखने को मिली हैं। हाल के महीनों में भी विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा है। मौजूदा मामला उसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच</h5>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों इस मुद्दे पर अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में रिश्वत या सरकार गिराने की किसी संगठित साजिश के प्रमाण मिलते हैं तो यह राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मामला साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 17:46:13 +0530</pubDate>
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                <title> तमिलनाडु अमोनिया रिसाव: सीफूड प्लांट में एक की मौत, 60 अस्पताल में</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवल्लूर में सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव से एक की मौत, 60 घायल। NDRF की CBRN टीम तैनात। असम, ओडिशा, झारखंड के मजदूर प्रभावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/one-dead-60-hospitalized-in-tamil-nadu-ammonia-leak-seafood/article-56589"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/one-dead,-60-hospitalised-after-ammonia-leak-at-tamil-nadu-seafood-plant;-ndrf-deploys-specialised-cbrn-team-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>पेरियापालयम के पास सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में हादसा, 120 प्रवासी मजदूर रह रहे थे परिसर में</strong></p>
<p dir="ltr">रविवार को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कन्निगैपैर स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में अमोनिया गैस रिसाव के कारण एक मजदूर की मौत हो गई और कम से कम 60 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p dir="ltr">पुलिस सूत्रों के अनुसार, असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं सहित लगभग 120 प्रवासी मजदूर कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में फैक्ट्री परिसर में रह रहे थे। यह घटना यूनिट की साप्ताहिक छुट्टी के दिन हुई।</p>
<p dir="ltr">माना जा रहा है कि अमोनिया रिसाव सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट से हुआ और पूरे परिसर में फैल गया। कई मजदूरों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जबकि कुछ के मुंह और नाक से खून आने लगा।</p>
<p dir="ltr">प्रभावित मजदूरों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पतालों में ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। नौ गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बाद में 108 एंबुलेंस के माध्यम से चेन्नई के गवर्नमेंट स्टैनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p dir="ltr">कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सात मजदूरों की मौत हो गई और 60 से अधिक बेहोश हो गए। मृतक सभी उत्तर भारत के बताए गए हैं। जहरीली गैस के अत्यधिक अंतःश्वसन के कारण फेफड़ों में सूजन को मौत का कारण बताया गया।</p>
<p dir="ltr">जिला प्रशासन के अनुरोध पर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने अरक्कोणम में अपनी चौथी बटालियन से एक विशेष रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) प्रतिक्रिया टीम तैनात की।</p>
<p dir="ltr">गैस डिटेक्शन डिवाइस, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और विशेष बचाव उपकरणों से लैस 30 सदस्यीय टीम को रिसाव के प्रभाव का आकलन करने, क्षेत्र को सुरक्षित करने और बचाव कार्यों में सहायता करने के लिए लगाया गया।</p>
<p dir="ltr">पुलिस, अग्निशमन और बचाव सेवाओं, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।</p>
<p dir="ltr">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने घटना के बारे में सुनकर "गहरी पीड़ा" व्यक्त की और स्वास्थ्य विभाग को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने RGGGH के डीन डॉ. शांतराम की अध्यक्षता में गैस रिसाव के कारणों की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।</p>
<p dir="ltr">तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री कुमार निजी अस्पतालों में पहुंचे, घायलों से मिले और उनके स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गैस रिसाव से प्रभावित 60 महिलाओं और चार पुरुषों का इलाज किया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और FIR दर्ज की गई है। मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ अन्य कंपनी अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।</p>
<p dir="ltr">पेरियापालयम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 16:57:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>होसुर की टाटा फैक्ट्री पर संकट, भूजल प्रदूषण विवाद से हजारों नौकरियों पर खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेतावनी के बाद बढ़ी चिंता, मुख्यमंत्री थलपति विजय के सामने पर्यावरण संरक्षण और रोजगार बचाने की दोहरी चुनौती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a2e540588ff6/article-55879"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/tata-electronics.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तमिलनाडु की औद्योगिक राजधानी माने जाने वाले होसुर में स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आईफोन कंपोनेंट्स निर्माण इकाई इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गई है। फैक्ट्री पर आसपास के क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण फैलाने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी से जवाब मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने की स्थिति में फैक्ट्री के संचालन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इस घटनाक्रम ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, किसानों और हजारों कर्मचारियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जब तमिलनाडु में नई सरकार का गठन हुआ है और मुख्यमंत्री थलपति विजय राज्य के विकास और निवेश को लेकर कई बड़े फैसले लेने की तैयारी में हैं। ऐसे में राज्य की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों में शामिल टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की फैक्ट्री पर संकट खड़ा होना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। एक ओर पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों की रक्षा का दबाव है, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों के रोजगार और विदेशी निवेश को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सरकार के सामने है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल का असर आसपास के इलाकों के भूजल पर पड़ा है। स्थानीय स्तर पर कुछ किसानों ने भी शिकायत की है कि जल गुणवत्ता में बदलाव देखने को मिला है, जिससे कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इन शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई और कंपनी से जवाब मांगा गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की यह इकाई केवल तमिलनाडु ही नहीं बल्कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां आईफोन के बैक पैनल और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों का निर्माण किया जाता है। यह यूनिट एप्पल की वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की रणनीति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यही वजह है कि इस फैक्ट्री से जुड़ा कोई भी निर्णय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इस यूनिट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 75 हजार लोग जुड़े हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या स्थानीय युवाओं की है, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों में रोजगार के अवसर मिले हैं। यदि किसी कारणवश फैक्ट्री का संचालन प्रभावित होता है या उत्पादन अस्थायी रूप से भी रुकता है, तो इसका असर हजारों परिवारों की आय पर पड़ सकता है। इसके अलावा क्षेत्र में छोटे व्यवसायों और सेवा क्षेत्र पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> यह मामला केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और वैश्विक निवेशकों के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। हाल के वर्षों में एप्पल और उससे जुड़ी कंपनियों ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और अन्य राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयों का विस्तार हुआ है। ऐसे में यदि किसी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट पर पर्यावरणीय विवाद गहराता है तो उसका असर भविष्य के निवेश निर्णयों पर भी पड़ सकता है। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 तक दुनिया में बनने वाले कुल आईफोन उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इस लक्ष्य को हासिल करने में तमिलनाडु की फैक्ट्रियों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। इसलिए उद्योग जगत की नजरें भी इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरणीय नियमों का पालन और औद्योगिक विकास दोनों साथ-साथ चलने चाहिए ताकि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई दी है। कंपनी का कहना है कि वह पर्यावरणीय मानकों और स्थानीय समुदायों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंपनी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नोटिस मिलने के बाद एक मान्यता प्राप्त स्वतंत्र प्रयोगशाला से परीक्षण कराया गया था। इस अध्ययन में सभी नियामक मानकों का पालन किए जाने की पुष्टि हुई है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसका जवाब समय पर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है और वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 13:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने खोला खजाना, सरकारी कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/as-soon-as-he-became-the-chief-minister-vijay-opened/article-53355"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t160030.411.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने सरकारी कर्मचारियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षकों और पेंशनभोगियों को एक बड़ा राहत पैकेज दिया है। गुरुवार को राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस बढ़ोतरी के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगा। ये बदलाव 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे। विजय का यह पहला बड़ा आर्थिक निर्णय माना जा रहा है और इसे कर्मचारियों में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सरकारी बयान के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस निर्णय से कर्मचारियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राज्य सरकार पर सालाना लगभग 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए अधिकारियों ने कहा है कि सरकार आवश्यक अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चेन्नई से मिली सूचना के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री विजय सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों के कल्याण के लिए नई योजनाओं को जल्दी लागू करने की इच्छा रखते हैं। हाल के समय में तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरे विजय ने चुनाव के दौरान सरकारी कर्मचारियों और महिलाओं से जुड़े कई वादे किए थे। अब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद डीए बढ़ाने का निर्णय उन्हीं वादों की शुरुआत मानी जा रही है। राज्य के कई कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कुछ संगठनों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत जरूरी थी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्ष की तरफ से इस फैसले का ज्यादा विरोध नहीं देखने को मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार आने वाले महीनों में कुछ और सामाजिक योजनाएं भी नए रूप में लागू कर सकती है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय बोझ को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है क्योंकि राज्य पहले से कई कल्याणकारी योजनाओं पर बड़ा खर्च कर रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने महिलाओं के लिए चल रही </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कलैग्नार मगलीर उरिमाई थोगई</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">योजना को लेकर भी बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि मई महीने की किस्त जल्द ही लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">000 रुपये दिए जाते हैं। यह योजना पूर्व डीएमके सरकार के समय शुरू हुई थी और इसका नाम दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के नाम पर रखा गया था। सरकारी बयान में कहा गया कि योजना के पुनर्गठन के लिए थोड़ा समय चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल मई की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं ताकि महिलाओं को भुगतान में देरी न हो। विधानसभा चुनाव के दौरान विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम ने 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को हर महीने 2</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">500 रुपये देने का वादा भी किया था।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:40:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>तमिलनाडु-केरल में क्यों खरीदा जाता है सबसे ज्यादा सोना, जानिए वजह</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु, केरल और दक्षिण भारत में सोने की भारी खरीद के पीछे परंपरा, शादी, बचत और महिलाओं की सुरक्षा की सोच बड़ी वजह मानी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/know-the-reason-why-most-gold-is-bought-in-tamil/article-53281"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t163255.785.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद से देशभर में इस मुद्दे पर अब चर्चा तेज़ हो गई है। सोना तो हमेशा से ही भारतीय परिवारों की ज़िंदगी का हिस्सा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन खासकर दक्षिण भारत में इसकी महत्ता थोड़ी ज्यादा ही है। जैसे तमिलनाडु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोने की खरीद सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। यहां यह परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ा होता है। यही वजह है कि देश में जितना घरेलू सोना मौजूद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका बड़ा हिस्सा दक्षिण भारतीय राज्यों में ही है। ऐसी भी खबरें हैं कि इन राज्यों में शादी-ब्याह से लेकर छोटे-मोटे धार्मिक आयोजनों तक सोने की खरीद एक सामान्य सी बात है। कई परिवार तो हर साल थोड़ा-थोड़ा सोना जोड़ते रहते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दक्षिण भारत में सोने के प्रति लोगों की सोच बाकी हिस्सों से काफी अलग है। यहां सोना सिर्फ गहना नहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बचत का एक भरोसेमंद तरीका भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग इसे बैंक या शेयर बाजार से ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। जरूरत पड़ने पर इसे गिरवी रखकर तुरंत पैसे मिल जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए परिवार इसे इमरजेंसी फंड के रूप में देखते हैं। अधिकारियों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केरल और तमिलनाडु में गोल्ड लोन का मार्केट भी काफी बड़ा है। इसी कारण लोग नकद बचत से ज्यादा सोना खरीदना पसंद करते हैं। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादियों के चलते भी सोने की मांग बढ़ती है। दक्षिण भारत में शादी में दुल्हन के सोने के गहनों को प्रतिष्ठा और सम्मान से जोड़ा जाता है। कई समुदायों में शादी के दौरान भारी मात्रा में सोना पहनाना पारंपरिक बात है। रिपोर्ट्स के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल में तो कई दुल्हनें 300 ग्राम से ज्यादा सोना पहनती हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी यही देखा जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चेन्नई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोच्चि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर भी देश के बड़े ज्वेलरी हब माने जाते हैं। यहां बड़े-बड़े ब्रांड्स के साथ पारंपरिक ज्वेलर्स भी हैं। डिजाइन की विभिन्नता और प्रतिस्पर्धा होने से ग्राहकों के पास विकल्प भी ज्यादा होते हैं। कुछ व्यापारियों का मानना है कि दक्षिण भारत के कई शहरों के बंदरगाहों के करीब होने से सोने की सप्लाई आसान रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कारोबार भी मजबूत हुआ है। हालात ये हैं कि लोग रोज़ाना सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं। अक्षय तृतीया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओणम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पोंगल और शादी के मौसम में बाजारों में काफी भीड़ होती है। कई परिवारों में बेटियों के जन्म के साथ ही सोना जोड़ने की परंपरा शुरू हो जाती है। इसे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि मुश्किल समय में पहला काम घर के सोने को गिरवी रखना होता है। यही सोच पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में से एक है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसमें दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी काफी महत्वपूर्ण है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की मांग केवल अमीरी का प्रतीक नहीं है। इसके पीछे सामाजिक सोच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक परंपरा और सुरक्षा की भावना भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि महंगाई बढ़ने या कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद भी दक्षिण भारत में सोने की खरीद पूरी तरह रुकती नहीं है। आने वाले समय में पीएम मोदी की अपील का कितना असर पड़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो अलग बात है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल दिखता है कि दक्षिण भारत में सोना आज भी सबसे भरोसेमंद संपत्ति माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:23:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>थलापति विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, शपथ समारोह में दिखा शक्ति प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कांग्रेस, लेफ्ट और सहयोगी दलों के समर्थन से बनी सरकार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/thalapathy-vijay-becomes-chief-minister-of-tamil-nadu-show-of/article-53030"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t104008.203.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब टीवीके प्रमुख और अभिनेता थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर विजय समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। कई लोग पार्टी के झंडे और विजय की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। समारोह के दौरान </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">थलापति</span>… <span lang="hi" xml:lang="hi">थलापति</span>…” <span lang="hi" xml:lang="hi">के नारे लगातार गूंजते रहे। विजय सरकार के गठन के साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री बनने तक का सफर हालांकि आसान नहीं रहा। 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज हो गई थी। टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। ऐसे में विजय लगातार सहयोगी दलों से बातचीत करते रहे। 6 मई को कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ वह पहली बार राज्यपाल से मिले थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जरूरी संख्या पूरी नहीं होने पर उन्हें इंतजार करने को कहा गया। अगले दिन लेफ्ट पार्टियों </span>CPI <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>CPI(M) <span lang="hi" xml:lang="hi">के समर्थन के बाद फिर मुलाकात हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर तब भी आंकड़ा कम पड़ गया। इस दौरान चेन्नई में राजनीतिक बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा। टीवी चैनलों से लेकर सोशल मीडिया तक बस इसी चर्चा ने जगह बना ली थी कि क्या विजय सरकार बना पाएंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">8 मई को हालात अचानक बदले जब </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">VCK <span lang="hi" xml:lang="hi">ने समर्थन के संकेत दिए। हालांकि देर रात तक औपचारिक पुष्टि नहीं होने से मामला फिर अटक गया था। आखिरकार 9 मई को </span>IUML <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>VCK <span lang="hi" xml:lang="hi">ने आधिकारिक तौर पर समर्थन दे दिया। इसके बाद विजय 121 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर राजभवन पहुंचे। बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत थी। राज्यपाल ने दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया। बताया जा रहा है कि राजभवन से बाहर निकलते ही विजय ने अपने करीबी नेताओं से लंबी चर्चा की और देर रात मंत्रिमंडल की रूपरेखा तय हुई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। मंच पर विजय काफी भावुक नजर आए। शपथ के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। उनके समर्थकों ने इसे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">रील से रियल हीरो बनने का दिन</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">बताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को नई चुनौती दी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:48:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विजय थलपति ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का किया दावा, कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश किया। विजय गुरुवार सुबह चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/vijay-thalapathy-claims-to-form-government-in-tamil-nadu-will/article-52791"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(78).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि विजय लोकभवन पहुंचे और वहां उन्होंने सरकार गठन का दावा सौंपा। इसके साथ ही तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। अब सबकी नजर गुरुवार सुबह पर है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है और इसे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पार्टी सूत्रों के मुताबिक विजय गुरुवार सुबह 10 बजे से 11 बजकर 15 मिनट के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के लिए यही समय तय किया गया है। समारोह चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां तैयारियां देर शाम तक चलती रहीं। बताया जा रहा है कि विजय सुबह 10 बजे से पहले ही कार्यक्रम स्थल पहुंच जाएंगे। राज्यपाल की मौजूदगी में शपथ ग्रहण कराया जाएगा। स्टेडियम की क्षमता करीब 5000 लोगों की बताई जा रही है और पूरे आयोजन को लेकर प्रशासन सतर्क है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। नेहरू स्टेडियम के बाहर शाम से ही हलचल बढ़ गई थी और सुरक्षा इंतजाम भी कड़े कर दिए गए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्टेडियम प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सभी जरूरी तैयारियां रात में ही पूरी कर ली जाएं और गुरुवार सुबह 6 बजे तक परिसर कार्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार सौंप दिया जाए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुबह 10 बजे से पहले शुरू हो जाएगा और 11:30 बजे तक पूरा होने की संभावना है। तमिलनाडु में विजय की एंट्री पहले ही राजनीति में नई चर्चा खड़ी कर चुकी थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ वह औपचारिक रूप से सत्ता की कमान संभालेंगे। माना जा रहा है कि यह सिर्फ सरकार बदलने का क्षण नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत भी होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:43:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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