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                <title>Technical Glitch - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Technical Glitch RSS Feed</description>
                
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                <title>भोपाल आने वाली इंडिगो फ्लाइट का टेक-ऑफ अंतिम क्षणों में रोका गया, यात्रियों में मची हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई एयरपोर्ट पर रनवे पर रफ्तार पकड़ चुके विमान में तकनीकी संकेत मिलने के बाद पायलट ने रोकी उड़ान, करीब ढाई घंटे की देरी से भोपाल पहुंची फ्लाइट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/take-off-of-indigo-flight-coming-to-bhopal-was-stopped-at/article-55503"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indigo-flight-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मुंबई से भोपाल आने वाली इंडिगो की एक उड़ान मंगलवार को उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब टेक-ऑफ के अंतिम चरण में विमान को अचानक रोकना पड़ा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया जब विमान रनवे पर पूरी गति से आगे बढ़ रहा था और कुछ ही सेकंड में हवा में उड़ान भरने वाला था। अचानक लगाए गए ब्रेक से विमान में बैठे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि पायलट की सतर्कता और सुरक्षा मानकों के पालन के चलते एक संभावित जोखिम को समय रहते टाल दिया गया। घटना मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की है, जहां से इंडिगो की एयरबस ए-321 नियो फ्लाइट भोपाल के लिए रवाना होने वाली थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार विमान ने दोपहर करीब 3:50 बजे टेक-ऑफ की प्रक्रिया शुरू की थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद विमान रनवे पर तेजी से आगे बढ़ने लगा। इसी दौरान पायलट को सिस्टम में किसी तकनीकी गड़बड़ी का संकेत प्राप्त हुआ। विमानन नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। पायलट ने तत्काल निर्णय लेते हुए टेक-ऑफ को निरस्त कर दिया और विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर रोक लिया। विमान की गति काफी अधिक होने के कारण अचानक ब्रेक लगने से कई यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान में मौजूद यात्रियों को पहले कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। विमान के अचानक रुकने के बाद कुछ मिनटों तक असमंजस की स्थिति बनी रही। कई यात्रियों ने बाद में बताया कि उस क्षण उन्हें लगा कि कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। नियमित हवाई यात्रा करने वाले कुछ यात्रियों ने भी इसे असामान्य अनुभव बताया। हालांकि विमान चालक दल ने स्थिति को नियंत्रित रखा और यात्रियों को शांत रहने की सलाह दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">घटना के बाद विमान को रनवे से हटाकर पार्किंग बे तक ले जाया गया। वहां तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम ने विमान की विस्तृत जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह सुनिश्चित किया गया कि उड़ान सुरक्षा से जुड़ी कोई गंभीर समस्या मौजूद तो नहीं है। एयरलाइन के तकनीकी कर्मचारियों ने कई स्तरों पर परीक्षण किए और विमान के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच की गई। इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया, जिसके कारण उड़ान निर्धारित समय से काफी पीछे हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस फ्लाइट में कुल 221 यात्री सवार थे। इनमें हज यात्रा से लौट रहे लगभग 25 यात्री भी शामिल थे। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए परिजन और रिश्तेदार काफी संख्या में पहले से मौजूद थे। फ्लाइट के विलंबित होने के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों को शुरुआत में देरी का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था, जिससे यात्रियों के परिजनों की चिंता भी बढ़ गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">करीब एक घंटे बाद यात्रियों को विमान के भीतर स्थिति की जानकारी दी गई। एयरलाइन की ओर से बताया गया कि तकनीकी संकेत मिलने के कारण सुरक्षा जांच की जा रही है और सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद ही विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद इंजीनियरों ने विमान को दोबारा उड़ान के लिए फिट घोषित किया। सभी जांच पूरी होने के बाद शाम 6:26 बजे विमान ने पुनः मुंबई से उड़ान भरी और रात करीब 7:40 बजे भोपाल पहुंचा। टेक-ऑफ के अंतिम क्षणों में उड़ान रोकना सामान्य स्थिति नहीं होती, लेकिन यह प्रक्रिया सुरक्षा प्रोटोकॉल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि पायलट को किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या असामान्य संकेत मिलता है तो टेक-ऑफ को रोकना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार मामूली तकनीकी संकेत भी बड़े जोखिम का कारण बन सकते हैं, इसलिए विमान चालक दल ऐसे मामलों में कोई जोखिम नहीं लेता।</p>
<p> एयरलाइन की ओर से तकनीकी गड़बड़ी की प्रकृति को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आधुनिक विमानन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। यात्रियों को भले ही कुछ घंटों की असुविधा का सामना करना पड़ा हो, लेकिन समय रहते लिया गया निर्णय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 13:53:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रीवा स्टेशन पर बड़ी चूक: लिफ्ट में 3 घंटे तक फंसे 10 यात्री, मची अफरा-तफरी</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा स्टेशन पर इतवारी ट्रेन के 10 यात्री लिफ्ट में 3 घंटे फंसे रहे। मेंटेनेंस लापरवाही से हुई घटना, सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/major-mistake-at-rewa-station-10-passengers-stuck-in-lift/article-52815"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ-(90).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस वक्त अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब प्लेटफॉर्म नंबर-2 की लिफ्ट में करीब 10 यात्री फंस गए। यह सभी यात्री इतवारी ट्रेन से आए हुए थे और लिफ्ट के जरिए प्लेटफॉर्म से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही लिफ्ट कुछ मीटर ऊपर-नीचे हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अचानक बीच रास्ते में ही अटक गई और दरवाजे भी लॉक हो गए। अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब यह पता चला कि बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है। इस पूरे मामले में रीवा स्टेशन लिफ्ट में फंसे यात्रियों को निकालने में करीब तीन घंटे का समय लग गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लिफ्ट में फंसे यात्रियों में एक महिला चिकित्सक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक तीन साल की मासूम बच्ची और कुछ बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंदर का माहौल और भी तनावपूर्ण होता गया। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में उस समय मेंटेनेंस का काम चल रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वहां कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। इसी वजह से यात्री अनजाने में लिफ्ट में चढ़ गए और फिर तकनीकी खराबी के चलते वह बीच में ही अटक गई। घटना की जानकारी जैसे ही बाहर पहुंची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में यात्री मौके पर इकट्ठा हो गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लिफ्ट में फंसे लोगों को राहत देने के लिए बीच-बीच में गैप बनाकर पानी और जूस पहुंचाया गया ताकि किसी को घबराहट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। इस दौरान कई यात्री लगातार मदद की गुहार लगाते रहे। मौके पर सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए थे। उन्होंने तुरंत तकनीकी टीम को बुलाकर लिफ्ट खोलने के प्रयास शुरू करवाए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तकनीकी खराबी को ठीक किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि कुछ लोगों में अभी भी घबराहट और कमजोरी देखी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">घटना के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही सूचना बोर्ड लगाए गए होते या मेंटेनेंस के दौरान लिफ्ट को पूरी तरह बंद किया गया होता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीएमएचओ की ओर से भेजी गई मेडिकल टीम ने सभी यात्रियों का मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण किया और बताया कि किसी को गंभीर चोट या समस्या नहीं है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और लिफ्ट संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:24:35 +0530</pubDate>
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