<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/military-operation/tag-12173" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Military Operation - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/12173/rss</link>
                <description>Military Operation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों का दावा, 36 नागरिकों की मौत; सीमा पर फिर बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तालिबान सरकार ने महिलाओं और बच्चों समेत 36 लोगों के मारे जाने का दावा किया, पाकिस्तान बोला- हालिया आतंकी हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a423786ad3d6/article-57312"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/afghanistan-pakistan-conflict.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है। तालिबान सरकार ने सोमवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से किए गए सीमा-पार हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन का कहना है कि पक्तिया, पक्तिका और कुनर प्रांतों में कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ। दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आरोपों के बीच अपनी कार्रवाई को हाल के आतंकी हमलों के जवाब में चलाया गया खुफिया-आधारित सैन्य अभियान बताया है। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बीती रात हुए हमलों में 36 नागरिकों की मौत हुई है और 163 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलों में तीन रिहायशी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। उनके मुताबिक मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अफगान प्रशासन ने इस घटना को नागरिक आबादी पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।<br /><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="isSelectedEnd">फितरत ने आरोप लगाया कि पक्तिया प्रांत के चमकनी जिले के मंडोखेल गांव में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने एक नागरिक के घर को निशाना बनाया। इस हमले में एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे तो उसी स्थान पर दूसरी बार भी बमबारी की गई। तालिबान प्रशासन का दावा है कि इस दूसरी कार्रवाई में 28 ग्रामीणों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हो गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। तालिबान सरकार ने यह भी कहा कि पक्तिका प्रांत के गियान जिले के वालुस्त गांव में भी एक घर पर हमला किया गया। इस घटना में छह लोगों की मौत होने का दावा किया गया है, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे बताए गए हैं। वहीं कुनर प्रांत के मनोगई जिले के बारोलो गांव में भी एक रिहायशी मकान को नुकसान पहुंचा। इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन मकान पूरी तरह तबाह हो गया और परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ की गई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सीमावर्ती क्षेत्र में सुनियोजित सैन्य अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए आतंकी हमलों के बाद यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। पाकिस्तान का दावा है कि उसका निशाना केवल आतंकी ठिकाने थे, न कि आम नागरिक।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img alt="Z"></img></p>
<p class="isSelectedEnd">सीमा पर बढ़े तनाव की एक बड़ी वजह हाल में पाकिस्तान के कराची शहर में हुआ हमला भी माना जा रहा है। कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय पर शनिवार रात हमला हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार हमलावरों ने एक वाहन से मुख्य द्वार को टक्कर मारी, जिसके बाद गोलीबारी और विस्फोट हुए। इस हमले में तीन अर्द्धसैनिक जवान और तीन हमलावर मारे गए थे। पाकिस्तान ने इस हमले को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया था। कराची हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग हुए एक संगठन ने ली है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की सीमा से संचालित आतंकी संगठन उसके भीतर हमलों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है और कहती है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद, आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कई बार सीमा पार गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं का सबसे अधिक असर सीमावर्ती गांवों में रहने वाले आम नागरिकों पर पड़ता है, जिन्हें बार-बार विस्थापन और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। यदि दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया मजबूत नहीं हुई तो सीमा पर हालात और जटिल हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पहले कई मौकों पर दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवादों का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील कर चुका है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से अपने-अपने दावों पर कायम रहने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अफगानिस्तान में हुए इन हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तालिबान सरकार नागरिकों के मारे जाने की बात कह रही है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a423786ad3d6/article-57312</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a423786ad3d6/article-57312</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:55:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/afghanistan-pakistan-conflict.jpg"                         length="317891"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान का अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक दावा, 29 आतंकी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[कराची हमले के बाद पाकिस्तान का जवाबी ऑपरेशन, TTP और जमात-उल-अहरार के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistan-airstrike-in-afghanistan-claims-29-terrorists-killed/article-57256"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pakistan-afghanistan-strike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के भीतर तीन अलग-अलग ठिकानों पर एयरस्ट्राइक और जमीनी कार्रवाई की है, जिसमें कुल 29 आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही कराची में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें चार जवानों की मौत हो गई थी और जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों को मार गिराया गया था। सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर तेज हो गया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया है। शुरुआती कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में की गई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर एक जमीनी ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन में चार आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक कमांडर खान फरोश भी शामिल था। बताया गया कि इस इलाके में आतंकियों की गतिविधियों को लेकर लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे और हालात अचानक बिगड़ते जा रहे थे। इसके बाद पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अफगानिस्तान के भीतर पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में स्थित तीन अलग-अलग आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में 25 और आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई है। इस तरह कुल मिलाकर 29 आतंकियों के ढेर होने का दावा किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि इन ठिकानों पर मौजूद हथियारों और गोला-बारूद के बड़े जखीरे को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। हालांकि अफगानिस्तान की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कराची में इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार रात करीब 8.30 बजे सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकी हमला हुआ था। हथियारों और विस्फोटकों से लैस आतंकियों ने अचानक परिसर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस हमले में चार रेंजर्स जवान शहीद हो गए थे। वहीं सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में छह हमलावर भी मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ा एक गुट माना जाता है। इस घटना ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को एक बार फिर गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img alt="2Q=="></img></p>
<p style="text-align:justify;">कराची हमले के बाद ही सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार मौजूद आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई थी। खुफिया रिपोर्टों में यह संकेत मिला था कि अफगानिस्तान सीमा के अंदर कई ऐसे ठिकाने सक्रिय हैं, जहां से पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाई जाती है। इसी आधार पर यह संयुक्त जमीनी और हवाई कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान कई स्थानों पर भारी विस्फोट हुए और इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि देश में हाल के महीनों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है और इसके पीछे सीमा पार से संचालित नेटवर्क जिम्मेदार हैं। सूचना मंत्री तरार ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नागरिक सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लगातार क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की कोशिश करता रहा है, लेकिन हालात उसे मजबूर कर रहे हैं कि वह कठोर कदम उठाए। पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बीच संघर्ष कोई नया नहीं है। इसकी जड़ें 2001 के बाद शुरू हुए अफगानिस्तान युद्ध और पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा नीतियों से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ टीटीपी ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े हमले किए हैं और उसका नेटवर्क खासकर खैबर पख्तूनख्वा और अफगान सीमा के पास सक्रिय माना जाता है। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो गई है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान टीटीपी को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराता है, जबकि अफगानिस्तान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। इसी विवाद के चलते दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव समय-समय पर बढ़ता रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistan-airstrike-in-afghanistan-claims-29-terrorists-killed/article-57256</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pakistan-airstrike-in-afghanistan-claims-29-terrorists-killed/article-57256</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 10:33:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/pakistan-afghanistan-strike.jpg"                         length="87079"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल ने हमास मिलिट्री चीफ को किया ढ़ेर, 7 अक्टूबर हमले का था मास्टरमाइंड</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल ने गाजा एयरस्ट्राइक में हमास के सैन्य प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार गिराने का दावा किया। 7 अक्टूबर हमले से जुड़ा बड़ा अपडेट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/israel-kills-hamas-military-chief-mastermind-of-october-7-attack/article-53604"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/israel-hamas-gaza-airstrike.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इजरायल-हमास के बीच चल रहे युद्ध में गाजा से एक बड़ी खबर आई है। इजरायल ने दावा किया है कि उसने हवाई हमले में हमास की मिलिट्री विंग के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को मार गिराया है। इस एयरस्ट्राइक को बीते शुक्रवार रात को गाजा पट्टी में अंजाम दिया गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें अल-हद्दाद को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल-हद्दाद उन चुनिंदा और आखिरी शीर्ष कमांडरों में से एक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए भीषण हमले की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह हमला पूरे मध्य पूर्व में हालात को बदलने वाला साबित हुआ था और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को और बढ़ा दिया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमास ने भी सोशल मीडिया पर अल-हद्दाद की मौत की पुष्टि की है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अल-हद्दाद लंबे समय से संगठन की सैन्य रणनीति का नेतृत्व कर रहा था और उसने कई बड़े हमलों की योजना में भी भाग लिया था। 7 अक्टूबर 2023 के इस हमले में दक्षिणी इजरायल में लगभग 1200 लोगों की जान गई थी और 250 से ज्यादा लोग बंधक बन गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। कहा जा रहा है कि अल-हद्दाद ने मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद हमास की मिलिट्री विंग की कमान संभाली और जमीनी स्तर पर ऑपरेशन का प्रबंधन किया। इजरायल का भी आरोप है कि उसने युद्ध के दौरान कई बार बंधकों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि हमास ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजा में हुए इस हवाई हमले में अल-हद्दाद के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए हैं। स्थानीय परिवारों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस हमले में उसकी पत्नी और बेटी की भी मौत हो गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कुल मिलाकर 6 अन्य लोगों की भी जान गई। अल-हद्दाद के दो बेटे पहले ही संघर्ष में मारे जा चुके थे। शनिवार को गाजा में उसका अंतिम संस्कार किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उसके शव को हमास और फिलिस्तीन के झंडों में लपेटकर दफनाया गया। इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इजरायल-हमास युद्ध के बीच सीजफायर की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन के लगातार आरोप लगा रहे हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीजफायर लागू होने के बाद भी गाजा में 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/israel-kills-hamas-military-chief-mastermind-of-october-7-attack/article-53604</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/israel-kills-hamas-military-chief-mastermind-of-october-7-attack/article-53604</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:03:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/israel-hamas-gaza-airstrike.jpg"                         length="106518"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सऊदी ने अमेरिका को एयरस्पेस देने से किया इनकार, ट्रम्प ने रोका होर्मुज ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ सऊदी इनकार के बाद रुका। ट्रम्प और क्राउन प्रिंस के बीच तनाव की खबरें सामने आईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/saudi-refused-to-give-airspace-to-america-trump-stopped-hormuz/article-52836"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-07t121550.881.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर शुरू हुआ अमेरिका का बड़ा ऑपरेशन अब राजनीतिक तनाव में बदलता दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक 4 मई को अमेरिका ने </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोजेक्ट फ्रीडम</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">नाम से एक अभियान शुरू किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित और तेज करना बताया गया था। लेकिन शुरुआत के महज एक दिन बाद ही यह पूरा ऑपरेशन अचानक रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि इसके पीछे खाड़ी देशों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर सऊदी अरब की असहमति बड़ी वजह बनी। इस पूरे घटनाक्रम ने वॉशिंगटन और रियाद के रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NBC <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरस्पेस और सैन्य एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। यह वही एयरस्पेस था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके सहारे अमेरिकी विमान होर्मुज स्ट्रेट में निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले थे। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह ऑपरेशन बिना विस्तृत कूटनीतिक चर्चा के सोशल मीडिया पर अचानक घोषित कर दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे खाड़ी के कई सहयोगी देश असहज हो गए। सऊदी नेतृत्व ने इस फैसले पर नाराजगी जताई और इसके बाद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और ट्रम्प के बीच बातचीत भी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन किसी तरह की सहमति नहीं बन सकी। इसी बीच हालात ऐसे बने कि अमेरिका को अपने कदम पीछे खींचने पड़े।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थिति तब और जटिल हो गई जब ऑपरेशन के शुरुआती दो दिनों में अमेरिका केवल तीन जहाजों को ही सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से पार करा पाया। इसके बाद मिशन की रफ्तार लगभग ठप हो गई और रणनीतिक स्तर पर कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगीं। सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सहयोगी देशों के असहयोग के चलते ट्रम्प प्रशासन पर दबाव बढ़ा और आखिरकार </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोजेक्ट फ्रीडम</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">को रोकने का फैसला लेना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या अमेरिका अब अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखने में कमजोर पड़ रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच ईरान से भी एक प्रतीकात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान में एक बड़े अमेरिका विरोधी बिलबोर्ड के सामने एक महिला ईरानी झंडा लहराती नजर आई। उस बिलबोर्ड पर राष्ट्रपति ट्रम्प की मूंछ को होर्मुज स्ट्रेट के रूप में दर्शाया गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे स्थानीय स्तर पर अमेरिका की नीतियों पर कटाक्ष माना जा रहा है। पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल अमेरिका की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान सीमित ही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इसे रणनीतिक असफलता और कूटनीतिक संतुलन की चुनौती के तौर पर देख रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/saudi-refused-to-give-airspace-to-america-trump-stopped-hormuz/article-52836</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/saudi-refused-to-give-airspace-to-america-trump-stopped-hormuz/article-52836</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 12:19:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-07t121550.881.jpg"                         length="140314"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        