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                <title>Census - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Census RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बंगाल में सत्ता बदलते ही एक्शन मोड में सरकार, शुभेंदु अधिकारी ने पहली बैठक में लिए कई बड़े फैसले</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में सीमा सुरक्षा, आयुष्मान भारत, भर्ती प्रक्रिया और जनगणना को लेकर बड़े फैसले हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/government-in-action-mode-as-soon-as-power-changed-in/article-53211"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t165410.494.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो राज्य में चर्चा का विषय बन गए हैं। राज्य सचिवालय में हुई इस बैठक में सीमा सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य योजनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी नौकरियां और जनगणना जैसे कई मुद्दों पर निर्णय हुए। ऐसी खबरें आ रही हैं कि नई सरकार प्रशासनिक पकड़ को मजबूत करने के लिए जल्दी से फैसले ले रही है। बैठक के बाद की सूचनाओं ने राज्य की राजनीति में और भी गर्माहट ला दी है। खास बात ये है कि कुछ योजनाओं को लागू करने का निर्णय लिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन पर पहले राजनीतिक विवाद होते रहते थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">माना जा रहा है कि भारत-बांग्लादेश सीमा से संबंधित निर्णय सबसे बड़ा है। सरकार ने बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन देने की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह काम अगले 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले सीमा क्षेत्रों में फेंसिंग के लिए जमीन हस्तांतरण में काफी मुश्किलें आती रही हैं। अब नई सरकार इसे प्राथमिकता में रख रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव के संकेत हैं। सरकार ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होने जा रही है। पहले यहां </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य साथी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">योजना चल रही थी। नई सरकार का दावा है कि इस योजना के लागू होने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को अस्पतालों में इलाज का लाभ मिलेगा। इसी बैठक में विश्वकर्मा योजना और उज्ज्वला योजना को भी मंजूरी दी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके तहत कारीगरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छोटे कामगारों और गरीब परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक में युवाओं और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले हुए। लंबे समय से रुकी भर्ती प्रक्रियाओं को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उम्मीदवारों को पांच साल तक का रिलेक्सेशन देने का फैसला भी किया गया। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भर्ती विवाद और कोर्ट मामलों के कारण हजारों उम्मीदवार प्रभावित हुए थे। नई सरकार इस समस्या को जल्द सुलझाने के संकेत दे रही है। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनगणना की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय भी चर्चा में है। सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों के लिए सही जनसंख्या आंकड़े आवश्यक हैं। ऐसे में रुकी हुई प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाने की बात कही गई है। हालाँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पिछले शासन की सभी योजनाएं बंद नहीं होंगी। जिन योजनाओं से जनता को लाभ मिल रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें जारी रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव किया जा सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में इस पहली बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें दिलीप घोष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अग्निमित्रा पॉल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निशीथ प्रमाणिक और अन्य नेता शामिल थे। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विभागों का अंतिम बंटवारा अभी नहीं हुआ है। सरकार ने कहा है कि अगले सोमवार को फिर से कैबिनेट बैठक होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें विभागों और नई नीतियों पर चर्चा की जाएगी। बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद राज्य की राजनीति में पूर्ण बदलाव आया है। तृणमूल कांग्रेस को इस बार बड़ा नुकसान हुआ है और कई प्रमुख नेताओं की सीटें भी हाथ से निकल गईं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनगणना में घर–गाड़ी की डिटेल छिपाई तो सीधा जाएंगे जेल, जुर्माना भी लगेगा</title>
                                    <description><![CDATA[जनगणना में घर, संपत्ति या गाड़ी की जानकारी छिपाने पर 3 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान। अधिकारियों ने प्रक्रिया में सख्ती बढ़ाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/if-you-hide-the-details-of-house-and-vehicle-in/article-53193"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t143838.600.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनगणना की प्रक्रिया के बीच देशभर में लोगों में जागरूकता और थोड़ी चिंता दोनों देखने को मिल रही है। इसके तहत तय किया गया है कि अगर कोई अपने घर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संपत्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या अन्य जानकारियाँ छिपाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर कोई जानबूझकर तथ्य छिपाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे एक हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की जेल हो सकती है। खास बात यह है कि यह नियम सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जनगणना करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गोरखपुर में जनगणना के पांचवे दिन भी स्वगणना का काम जारी रहा। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों द्वारा जानकारी छिपाने या कम बताने की खबरें आई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रगणक और पर्यवेक्षक अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं। बताया जा रहा है कि अगर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में कोई अनियमितता पाई जाती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसकी जिम्मेदारी प्रगणक पर भी होगी। और अगर किसी क्षेत्र में जनसंख्या या घरों की संख्या सामान्य से कम दिखाई देती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पुनरीक्षण कराया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि पूरा फील्ड वर्क अब भौतिक सत्यापन के आधार पर किया जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि किसी भी गलती या जानबूझकर छिपाई गई जानकारी को पकड़ा जा सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिला प्रशासन के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनगणना के दौरान टीमें हर घर जाकर सभी विवरणों की जांच कर रही हैं। अगर किसी के पास बड़ा मकान है और वह कम कमरे बता रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या अगर परिवार में दो-तीन गाड़ियां हैं लेकिन सिर्फ एक गाड़ी दर्ज करवाई जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसकी अलग-अलग तरीकों से जांच की जाएगी। इसमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और अन्य रिकॉर्ड भी देखे जाएंगे ताकि सही जानकारी सामने आ सके। जिला जनगणना अधिकारी का कहना है कि लोगों को किसी जानकारी को छिपाने की जरूरत नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जनगणना का डेटा आयकर या किसी वित्तीय कार्रवाई से नहीं जुड़ा होता। यह सिर्फ सांख्यिकीय जानकारी के लिए है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर कोई जानबूझकर गलत जानकारी देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनगणना फॉर्म में पूछे जा रहे कुछ सवालों को लेकर भी चर्चा चल रही है। 34 सवालों की सूची में परिवार की संरचना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यों की संख्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और दंपति से जुड़े सवाल शामिल हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कई लोगों को अजीब लग रहे हैं। उदाहरण के लिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह भी पूछा जा रहा है कि परिवार में कितनी पत्नियां हैं और इस आधार पर परिवार की संरचना तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल सामाजिक और सांख्यिकीय डेटा को सही तरीके से रिकॉर्ड करना है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह स्पष्ट किया गया है कि परिवार का मुखिया किसी भी उम्र का व्यक्ति या महिला हो सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह परिवार की सहमति और स्थिति पर निर्भर करेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनगणना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमीनी स्तर पर टीमें हर जानकारी की जाँच कर ही फीडिंग कर रही हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में किसी भी गड़बड़ी या विवाद की स्थिति न बने।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 15:05:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>MP में फर्जी BPL कार्डधारियों पर बड़ा एक्शन, राशन कार्ड से कटेंगे 1.50 लाख परिवारों के नाम</title>
                                    <description><![CDATA[MP News: राजधानी में 1.50 लाख फर्जी BPL कार्डधारियों की पहचान शुरू, मकान सर्वे के बाद सूची से हटाए जा सकते हैं नाम।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/big-action-against-fake-bpl-card-holders-in-mp-names/article-52865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-07t164619.070.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजधानी में अब फर्जी तरीके से बनाए गए </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">BPL <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्डों पर बड़ा एक्शन होने जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर चल रही तैयारी के मुताबिक शहर के करीब 1.50 लाख परिवारों के नाम गरीबी रेखा सूची से हटाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पक्के मकानों में रह रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छी आर्थिक स्थिति में हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सालों से बीपीएल कार्ड के जरिए सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे। अब जनगणना अभियान और मकान सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शहर के सभी 85 वार्डों में की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कच्चे और पक्के मकानों की अलग-अलग मैपिंग हो रही है। इसी दौरान बीपीएल श्रेणी में दर्ज परिवारों की वास्तविक स्थिति भी देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मकान सामने आए हैं जो पूरी तरह पक्के हैं और जिनमें रहने वाले परिवार आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी में नहीं आते। इसके बावजूद इनके पास बीपीएल कार्ड मौजूद हैं। सूत्रों का कहना है कि कई मामलों में गलत दस्तावेज लगाकर कार्ड बनवाए गए थे। अब मकान सर्वे के दौरान इन परिवारों को विशेष निगरानी सूची में रखा गया है। प्रशासन पहले इन परिवारों को नोटिस देकर सुनवाई का मौका देगा। यदि संबंधित परिवार यह साबित नहीं कर पाते कि वे वास्तव में गरीबी रेखा के पात्र हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा और कार्ड भी निरस्त कर दिए जाएंगे। शहर में इस खबर के बाद कई इलाकों में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सही कदम बता रहे हैं तो कुछ का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए ताकि पात्र गरीब परिवार प्रभावित न हों।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बीपीएल कार्ड सूची को लेकर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों में रही है। जानकारी के मुताबिक साल 2021 तक जिले में बीपीएल कार्डधारियों की सूची सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध रहती थी। आम लोग भी वहां जाकर जानकारी देख सकते थे। लेकिन जैसे-जैसे फर्जी कार्डधारियों के मामले सामने आने लगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूची को सार्वजनिक पोर्टल से हटा दिया गया। अब केवल आवेदनकर्ता ही अपने आधार नंबर या आवेदन नंबर के जरिए स्थिति जांच सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सर्वे के दौरान डेटा का क्रॉस वेरिफिकेशन भी किया जाएगा ताकि गलत तरीके से लाभ लेने वालों की पहचान आसानी से हो सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:22:07 +0530</pubDate>
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