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                <title>Police - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Police RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दतिया में धारा-163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक; प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[टिकट विवाद के बाद हुए बवाल और हाईवे जाम की घटना के बाद प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन, रैली और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/section-163-imposed-in-datia-ban-on-meetings-and-processions/article-58471"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-163.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे चक्का जाम और हिंसक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार उपचुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश लागू होने के बाद अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई भी सभा, जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू या अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य सार्वजनिक प्रसारण उपकरणों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे, भाषण या अन्य माध्यमों से ऐसी किसी भी सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी रोक रहेगी, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के पालन के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी आवश्यक है। इसलिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं से भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपेक्षा जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने अपने आदेश में हाल ही में झांसी-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए चक्का जाम का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार 10 जुलाई की रात हुए प्रदर्शन के दौरान लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई थीं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए एहतियात के तौर पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। आदेश के तहत भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीआरपीएफ और अन्य प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। धारा-163 लागू होने के बाद जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दतिया में नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का बवाल, NH-44 जाम; पुलिस पर पथराव, एसपी-एएसपी समेत 6 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की ओर से विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। एनएच-44 पर लंबा जाम लगा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/narottam-mishra-supporters-create-ruckus-in-datia-stone-pelting-at/article-58468"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/datia-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देर रात और शनिवार तड़के हिंसक रूप ले बैठा। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अतिरिक्त बल तैनात किया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे से बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र होने लगे थे। प्रशासन का कहना है कि तीन हजार से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले बाजार बंद कराने का प्रयास किया और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे दतिया के साथ-साथ आसपास के जिलों की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कई बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों के मुताबिक तड़के करीब चार बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और पुलिस टीम पर पत्थर फेंके जाने लगे। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन पथराव जारी रहने पर अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विरोध प्रदर्शन की वजह भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया जाना बताया जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी एक बार फिर उन्हें टिकट देगी। बताया जा रहा है कि उन्होंने नामांकन की तैयारी भी शुरू कर दी थी। जैसे ही पार्टी ने आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा की, समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई और वे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कुछ समर्थकों ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और पार्टी नेतृत्व से फैसला बदलने की मांग की। दूसरी ओर भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने दावा किया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे और पूरी रात रामधुन गाकर पार्टी नेतृत्व से टिकट पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहे थे। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई, जिससे हालात बिगड़ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए और भीड़ द्वारा पहले हिंसक व्यवहार किया गया। इस बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके वरिष्ठ नेता और अभिभावक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और डॉ. मिश्रा का मार्गदर्शन उन्हें मिलता रहेगा। हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया जा रहा है, जबकि पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:27:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'फिल्म रिलीज नहीं रोकी तो जान से मार देंगे': 'काला हिरण' के प्रोड्यूसर अमित जानी को पाकिस्तान नंबर से धमकी, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[दतिया में दर्शन के दौरान फिल्म निर्माता अमित जानी को व्हाट्सएप पर ऑडियो, वीडियो और कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/if-the-release-of-the-film-is-not-stopped-we/article-58102"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/amit-jani.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">दतिया में फिल्म<strong> </strong>'काला हिरण' के निर्माता अमित जानी को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आरोप है कि पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, ऑडियो और वीडियो भेजकर फिल्म की रिलीज रोकने की चेतावनी दी गई। शिकायत मिलने के बाद दतिया कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और मैसेज की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान और उसके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">नोएडा निवासी फिल्म निर्माता अमित जानी धार्मिक यात्रा के सिलसिले में दतिया पहुंचे थे। वे यहां स्थित प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करने आए थे और एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर विदेशी नंबरों से लगातार व्हाट्सएप संदेश और कॉल आने लगे। शुरुआत में उन्हें ऑडियो और वीडियो क्लिप भेजी गईं, जिसके बाद सीधे कॉल कर फिल्म रिलीज नहीं करने की चेतावनी दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अमित जानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई की देर रात करीब एक बजे पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबर से एक ऑडियो और वीडियो क्लिप प्राप्त हुई। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर दूसरे पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को पाकिस्तान से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए फिल्म की रिलीज रोकने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि फिल्म निर्धारित समय पर रिलीज हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और जान से मार दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वाले ने वीडियो में आधुनिक हथियार दिखाने का दावा किया। वीडियो में कथित रूप से ग्रेनेड, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) और अन्य हथियार दिखाई देने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस फिलहाल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो वास्तविक है या किसी अन्य स्रोत से तैयार कर भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">धमकी मिलने के बाद अमित जानी सीधे दतिया कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है और साइबर सेल के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कॉल वास्तव में विदेश से की गई थी या इंटरनेट आधारित किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आजकल इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का उपयोग कर कई बार विदेशी नंबरों का इस्तेमाल दिखाया जाता है। इसलिए केवल नंबर देखकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में विदेश में था या किसी अन्य स्थान से इंटरनेट आधारित तकनीक का उपयोग कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी भेज दी है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सभी डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच टीम व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, वीडियो फाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी जांच करेगी ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि यदि जांच में विदेशी कनेक्शन सामने आता है तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर जांच होगी। घटना के बाद दतिया में सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म निर्माता अमित जानी ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्हें मिली धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों को अपने मोबाइल में मौजूद सभी ऑडियो, वीडियो और कॉल संबंधी जानकारी उपलब्ध करा दी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक जांच के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि भेजे गए वीडियो और ऑडियो में किसी प्रकार की एडिटिंग या मॉर्फिंग तो नहीं की गई। इसके अलावा कॉल की लोकेशन, इंटरनेट सर्वर और उपयोग किए गए प्लेटफॉर्म की जानकारी भी जुटाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 14:44:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उज्जैन में दो गायों की मौत के बाद बस में तोड़फोड़, आग से वाहन जलकर खाक</title>
                                    <description><![CDATA[पंथ पिपलाई के पास हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, यात्रियों को सुरक्षित उतारने के बाद बस में आग लगी, पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/after-the-death-of-two-cows-in-ujjain-the-bus/article-58068"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ujjain-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उज्जैन-इंदौर मार्ग पर सोमवार रात एक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। पंथ पिपलाई क्षेत्र में बलराम जाट ढाबे के पास उज्जैन की ओर जा रही एक यात्री बस की टक्कर सड़क पर बैठी दो गायों से हो गई। हादसे में दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और आक्रोश जताने लगे। स्थिति बिगड़ती देख सबसे पहले बस में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद बस पर पथराव किया गया, जिससे उसके कई शीशे टूट गए। कुछ ही देर बाद बस में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही समय में बस का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए थे, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि बस को भारी नुकसान पहुंचा है।हादसा उस समय हुआ जब बस उज्जैन की ओर जा रही थी। सड़क पर बैठी दो गायें अचानक बस की चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद क्षेत्र में मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बस को रोक लिया और घटना का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां भीड़ बढ़ गई। कुछ लोगों ने बस पर पत्थर फेंके, जिससे उसके कांच टूट गए। इसके बाद बस में आग लगने की घटना हुई। आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि दो गायों की मौत के बाद बस को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई है। वहीं, आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की भी जताई गई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद कुछ समय के लिए उज्जैन-इंदौर मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और भीड़ को शांत कराया। इसके बाद क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनती रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग किन परिस्थितियों में लगी। संबंधित विभागों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:37:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायगढ़ में शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म का आरोप, विवाहित युवक गिरफ्तार; किराए के मकान में साथ रखकर किया धोखा</title>
                                    <description><![CDATA[महिला का आरोप- आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का वादा किया, वर्षों तक साथ रखा और संबंध बनाए। सच्चाई सामने आने पर घर से निकाला, पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-raigarh-accused-of-raping-a-woman-on-the-pretext/article-57957"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raigarh-new.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक विवाहित युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने खुद को अविवाहित बताकर महिला का विश्वास जीता, शादी का वादा किया और कई वर्षों तक उसे किराए के मकान में अपने साथ रखकर शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला को आरोपी की शादीशुदा होने की जानकारी मिली और उसने शादी का वादा पूरा करने की बात कही, तो आरोपी ने कथित रूप से उससे विवाद किया और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार यह मामला रायगढ़ के जूटमिल थाना क्षेत्र का है। महिला थाना में दर्ज शिकायत के मुताबिक 31 वर्षीय पीड़िता वर्ष 2018 से अपने पति से अलग रह रही थी और अपनी मां के साथ जीवन बिता रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान जूटमिल क्षेत्र निवासी 31 वर्षीय महेंद्र पासवान से हुई। दोनों के बीच पहले मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे मुलाकातों का सिलसिला बढ़ गया। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि महेंद्र ने खुद को अविवाहित बताया और उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास के आधार पर दोनों एक-दूसरे के करीब आए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता का कहना है कि उसने शुरुआत में ही आरोपी को यह जानकारी दे दी थी कि उसकी पहले शादी हो चुकी है और वह अपने पति से अलग रह रही है। इसके बावजूद आरोपी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा और दोनों साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करेंगे। महिला का आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर वह आरोपी के साथ किराए के मकान में रहने लगी। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह आरोपी की बातों पर विश्वास करती रही क्योंकि उसे लगातार शादी का आश्वासन दिया जाता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">समय बीतने के साथ महिला को आरोपी के बारे में ऐसी जानकारी मिली, जिससे पूरा मामला बदल गया। शिकायत के अनुसार उसे पता चला कि महेंद्र पासवान पहले से विवाहित है और उसने यह बात उससे जानबूझकर छिपाई थी। जब महिला ने इस बारे में आरोपी से सवाल किया और शादी का वादा निभाने की बात कही तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि 30 जून 2026 को आरोपी ने साफ तौर पर उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला ने न्याय पाने के लिए पुलिस की शरण ली।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया और उसकी सहमति से चिकित्सीय परीक्षण भी कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी से मामले से जुड़े कई सवाल किए गए। जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई व्यक्ति अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाकर किसी महिला को शादी का झूठा भरोसा देता है और उस विश्वास के आधार पर शारीरिक संबंध बनाता है, तो परिस्थितियों के अनुसार यह गंभीर आपराधिक मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करती हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है, जिसके बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">महिला संगठनों का भी मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को बिना किसी भय के पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई हो सके। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और प्रत्येक मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रायगढ़ जिले में सामने आया यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि किसी भी रिश्ते में विश्वास और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी पहचान या वैवाहिक स्थिति छिपाकर दूसरे को गुमराह किया जाता है, तो उसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों को केस डायरी में शामिल किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:40:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल के होटल में हथियारबंद बदमाशों का तांडव, तलवार-चाकू से हमला; CCTV में कैद हुई पूरी वारदात</title>
                                    <description><![CDATA[मिसरोद क्षेत्र के जैन ब्रदर्स होटल में 10-15 बदमाशों ने चार युवकों, शेफ और कर्मचारियों पर किया हमला। एक युवक गंभीर रूप से घायल, पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/attack-by-armed-miscreants-in-bhopal-hotel-with-sword-and/article-57941"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-hotel-attack.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित बंगरसिया-भोजपुर रोड पर शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 10 से 15 हथियारबंद बदमाश एक होटल में घुस आए और वहां मौजूद लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। तलवार, चाकू, हॉकी स्टिक और बेसबॉल बैट से लैस आरोपियों ने पहले होटल के भीतर तोड़फोड़ की, फिर चार युवकों को निशाना बनाया। बीच-बचाव करने पहुंचे होटल के शेफ और कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना शनिवार रात करीब 10:45 बजे जैन ब्रदर्स होटल में हुई। हमले में 24 वर्षीय लीलाधर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल लीगल केस (MLC) रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 10 से 12 लोगों के समूह द्वारा धारदार हथियारों से हमला किए जाने का उल्लेख किया गया है। एक अन्य युवक भी घायल हुआ, जिसका प्राथमिक उपचार कराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">घायल लीलाधर कुशवाहा ने बताया कि वह अपने तीन दोस्तों के साथ मंडीदीप स्थित फैक्ट्री से ड्यूटी खत्म कर पैदल होटल में खाना खाने जा रहे थे। राजपूत भवन के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहे कुछ युवकों ने उन्हें टक्कर मार दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो बाइक सवार युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। जान बचाने के लिए चारों युवक पास के जैन ब्रदर्स होटल के अंदर चले गए, लेकिन कुछ ही मिनट बाद हालात और भयावह हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के कुछ ही देर बाद करीब 10 से 15 युवक तलवार, चाकू, हॉकी और बेसबॉल बैट लेकर होटल में घुस आए। उन्होंने होटल में मौजूद लोगों के बीच दहशत फैलाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों पर हमला कर दिया। जब होटल के शेफ और अन्य कर्मचारी बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। अचानक हुए हमले से होटल में मौजूद ग्राहक भी घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">घायल लीलाधर का आरोप है कि हमलावरों ने पहले होटल के अंदर उसकी बेरहमी से पिटाई की और फिर उसे घसीटकर बाहर ले गए। वहां गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियारों से कई वार किए गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार शरीर पर कई गहरे घाव पाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि यदि उसने किसी तरह अपना बचाव नहीं किया होता तो उसकी जान भी जा सकती थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कई युवक हथियारों के साथ होटल में प्रवेश करते हैं और फिर हमला शुरू कर देते हैं। पीड़ित पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस अब वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही मिसरोद थाना पुलिस एम्स भोपाल पहुंची, जहां घायलों का उपचार चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल में पीड़ितों के प्रारंभिक बयान दर्ज किए हैं। थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। घायलों के विस्तृत बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद इलाके के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में हथियारबंद बदमाशों का पहुंच जाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/attack-by-armed-miscreants-in-bhopal-hotel-with-sword-and/article-57941</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:28:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में रॉयल एनफील्ड बाइक रैली, सड़क सुरक्षा का दिया मजबूत संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस कमिश्नर ने दिखाई हरी झंडी, देशभर से पहुंचे 100 से अधिक राइडर्स; हेलमेट पहनने और ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/royal-enfield-bike-rally-in-bhopal-gives-strong-message-of/article-57916"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/royal-enfield-bike-rally.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में रविवार को सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार मोटरसाइकिल राइडिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रॉयल एनफील्ड की ओर से भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपने कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 100 बाइकर्स ने भाग लिया और शहरवासियों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने का संदेश दिया। यह रैली पुलिस कमिश्नर कार्यालय से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से होते हुए आईएसबीटी तक पहुंची। पूरे मार्ग में बाइकर्स अनुशासित तरीके से निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए चले। सभी प्रतिभागियों ने हेलमेट पहनकर सुरक्षित राइडिंग का उदाहरण प्रस्तुत किया और लोगों से भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रॉयल एनफील्ड द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आयोजन के दौरान यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित ड्राइविंग केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। रैली में शामिल बाइकर्स ने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हेलमेट पहनना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना, ट्रैफिक संकेतों का पालन करना और लापरवाही से बचना सड़क सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण नियम हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>देशभर से पहुंचे रॉयल एनफील्ड राइडर्स</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस विशेष बाइक रैली में मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी रॉयल एनफील्ड राइडर्स शामिल हुए। कार्यक्रम ने बाइकिंग समुदाय को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान किया, जहां सभी ने सुरक्षित मोटरसाइक्लिंग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। राइडर्स ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन केवल बाइक चलाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देने का भी माध्यम बनते हैं। उनका उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार राइडिंग के लिए प्रेरित करना और सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अनुशासित राइडिंग बनी आकर्षण का केंद्र</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रैली के दौरान सभी बाइकर्स ने ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह पालन किया। किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या तेज रफ्तार का प्रदर्शन नहीं किया गया। निर्धारित लेन में चलते हुए सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित और जिम्मेदार बाइकिंग का उदाहरण पेश किया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरती इस रैली को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे मौजूद रहे। कई लोगों ने बाइकर्स की अनुशासित राइडिंग की सराहना की और सड़क सुरक्षा के प्रति इस पहल को सकारात्मक बताया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हेलमेट पहनने की दी गई विशेष सलाह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रैली में शामिल राइडर्स ने विशेष रूप से हेलमेट पहनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और मौतों का सबसे बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि चाहे यात्रा छोटी हो या लंबी, हमेशा मानक गुणवत्ता वाला हेलमेट पहनें। इसके साथ ही दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पुणे से पहुंचे राइडर ने साझा किया अनुभव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रैली में शामिल एरॉन डक्रूज ने बताया कि वे विशेष रूप से पुणे से इस आयोजन में भाग लेने के लिए भोपाल पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के बाइकर्स का एक ही उद्देश्य है कि सड़कों पर सुरक्षित राइडिंग की संस्कृति विकसित हो। उन्होंने कहा कि बाइक चलाते समय केवल अपनी सुरक्षा ही नहीं बल्कि अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है। ट्रैफिक नियमों का पालन करके ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>'सेफ राइड, सेफ लाइफ' का दिया संदेश</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रैली में शामिल सैफ खान ने बताया कि उनका राइडर्स ग्रुप भोपाल में सक्रिय है और इसमें 200 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। यह समूह समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाता है और लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने बताया कि उनके समूह का मुख्य संदेश 'सेफ राइड, सेफ लाइफ' है। उनका मानना है कि जिम्मेदार राइडिंग अपनाकर न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी सुरक्षित रखी जा सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बाइकिंग समुदाय को मिला साझा मंच</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न राज्यों से आए बाइकिंग समुदाय के सदस्यों को एक-दूसरे से अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला। सुरक्षित राइडिंग, लंबी दूरी की यात्रा, वाहन रखरखाव और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रतिभागियों ने चर्चा की। रॉयल एनफील्ड के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि बाइकिंग केवल रोमांच का माध्यम नहीं बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का भी प्रतीक है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार बढ़ रही पहल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। भोपाल में आयोजित यह बाइक रैली भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रही। इसमें पुलिस प्रशासन और बाइकिंग समुदाय की संयुक्त भागीदारी ने लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/royal-enfield-bike-rally-in-bhopal-gives-strong-message-of/article-57916</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:31:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी का झांसा देकर तीन साल तक दुष्कर्म का आरोप, बिलासपुर में आरक्षक गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान, युवती का आरोप- शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध, बाद में खुद को शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताया; पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को भेजा जेल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/constable-arrested-in-bilaspur-accused-of-raping-for-three-years/article-57894"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/korba-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उससे दोस्ती की, फिर शादी का वादा कर करीब तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने विवाह की बात को लेकर दबाव बनाया तो आरोपी ने खुद को पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में 22 वर्षीय युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए तखतपुर में पदस्थ आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरक्षक ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में उससे विवाह करेगा। युवती का कहना है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। शिकायत के मुताबिक आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, जिससे उसे विश्वास था कि दोनों का रिश्ता जल्द ही विवाह में बदल जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">युवती का आरोप है कि यह सिलसिला करीब तीन साल तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी आरक्षक अलग-अलग मौकों पर उससे मिलता रहा और हर बार शादी की बात दोहराता रहा। पुलिस के अनुसार, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में आरक्षक का तबादला बिलासपुर पुलिस लाइन हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसने युवती से संपर्क नहीं तोड़ा। वह उससे मिलता रहा और शादी का भरोसा देता रहा। युवती का कहना है कि उसे लंबे समय तक इस बात का पता नहीं था कि आरोपी पहले से विवाहित है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती ने शादी को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने यह तथ्य शुरुआत से उससे छिपाकर रखा था। जब उसे सच्चाई का पता चला तो उसने इसका विरोध किया और शादी के वादे की याद दिलाई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में यह भी कहा गया है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। लगातार मानसिक दबाव और कथित धमकियों से परेशान होकर युवती ने अंततः तखतपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक सुमंत मिरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, बयान और अन्य कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही उसके निलंबन की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जा रही है। विभाग का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आते हैं तो विभागीय नियमों के तहत स्वतंत्र जांच भी कराई जाती है। शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों का विस्तार से परीक्षण किया जाता है। ऐसे मामलों में न्यायालय और जांच एजेंसियां प्रत्येक तथ्य का कानूनी आधार पर मूल्यांकन करती हैं। इसलिए मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/constable-arrested-in-bilaspur-accused-of-raping-for-three-years/article-57894</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 18:45:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, शहडोल-शाजापुर समेत कई जिलों में नई जिम्मेदारियां</title>
                                    <description><![CDATA[रुचि वर्धन मिश्रा बनीं भोपाल ग्रामीण की आईजी, सागर और नर्मदापुरम रेंज को भी मिले नए आईजी, राज्य सरकार ने देर रात जारी किए तबादला आदेश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/9-ips-officers-transferred-in-madhya-pradesh-new-responsibilities-in/article-57824"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/madhya-pradesh-ips-transfer.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 9 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग की ओर से देर रात जारी आदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। इस बदलाव के तहत शहडोल और शाजापुर जिलों के पुलिस अधीक्षक भी बदल दिए गए हैं। संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा भोपाल ग्रामीण, सागर और नर्मदापुरम में नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की भी पदस्थापना की गई है। माना जा रहा है कि यह प्रशासनिक बदलाव कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा पुलिस व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तबादला सूची के अनुसार रुचि वर्धन मिश्रा को भोपाल ग्रामीण जोन का नया आईजी बनाया गया है। वह अब तक पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन के पद पर कार्यरत थीं। उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें राजधानी से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के आईजी के रूप में कार्य कर रहे थे और सागर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद सागर रेंज का आईजी पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के जरिए संचालित किया जा रहा था। अब सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए मिथिलेश शुक्ला की नियमित पदस्थापना कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में चंद्रशेखर सोलंकी को नर्मदापुरम जोन का नया आईजी बनाया गया है। वह फिलहाल इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे। उनके स्थानांतरण के साथ नर्मदापुरम जोन को नया नेतृत्व मिल गया है। वहीं हरि नारायणचारी मिश्रा को पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह आईजी एससीआरबी के पद पर कार्यरत थे। पुलिस मुख्यालय में प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आईजी प्रशासन का दायित्व पुलिस विभाग की कई अहम व्यवस्थाओं से जुड़ा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जारी आदेशों में जिला स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है। इससे पहले शाजापुर के पुलिस अधीक्षक रहे यशपाल सिंह राजपूत का तबादला पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर के पद पर किया गया है। दूसरी ओर शहडोल के पुलिस अधीक्षक रहे रामजी श्रीवास्तव को पुलिस अकादमी भौंरी में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर भेजा गया है। इन बदलावों के बाद दोनों जिलों में नए नेतृत्व के साथ पुलिस व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">तबादला आदेश में सिमाला प्रसाद को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें खरगोन रेंज का डीआईजी बनाया गया है। सिमाला प्रसाद इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और पुलिस जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस अहम पद पर नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने केवल नियमित तबादले ही नहीं किए, बल्कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार को उनकी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ स्पेशल डीजी दूरसंचार, पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग को आईजी एसएएफ इंदौर रेंज और आईजी आरएपीटीसी इंदौर का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। इन अतिरिक्त प्रभारों को विभागीय कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग में समय-समय पर इस तरह के प्रशासनिक बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। सरकार विभिन्न जिलों और रेंजों में अधिकारियों की कार्यशैली, अनुभव और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां तय करती है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि समय पर किए गए तबादले प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद करते हैं। नई तैनाती के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में हाल के महीनों में कई जिलों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और पुलिस आधुनिकीकरण जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है। ऐसे में नए अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी रणनीति बनाकर पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। खासकर शहडोल, शाजापुर, भोपाल ग्रामीण, सागर और नर्मदापुरम जैसे क्षेत्रों में नई नियुक्तियों के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश पुलिस में अवकाश प्रक्रिया हुई डिजिटल, अब eHRMS से ऑनलाइन होगी छुट्टी मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की सभी 120 पुलिस इकाइयों में ई-लीव मॉड्यूल लागू, एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन अवकाश आवेदन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/leave-process-in-madhya-pradesh-police-has-become-digital-now/article-57715"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/mp-police.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी के लिए कागजी आवेदन देने की बजाय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने 1 जुलाई 2026 से eHRMS (इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) का ई-लीव मॉड्यूल पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस विभाग की सभी 120 इकाइयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी eHRMS पोर्टल या मोबाइल एप के जरिए अवकाश के लिए आवेदन कर सकेंगे। छुट्टी की मंजूरी, उसकी स्थिति और पूरी प्रक्रिया अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। विभाग का मानना है कि इससे अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस कर्मचारियों को छुट्टी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कर्मचारी अपने मोबाइल या कंप्यूटर से लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित लीव क्लर्क उसे डिजिटल माध्यम से सक्षम अधिकारी तक भेजेगा। इसके बाद अधिकारी भी ऑनलाइन ही आवेदन पर अनुशंसा और स्वीकृति देंगे। कर्मचारी अपने लॉगिन के माध्यम से यह भी देख सकेंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर लंबित है या उसे स्वीकृति मिल चुकी है। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी की संभावना काफी कम हो जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस मुख्यालय के अनुसार eHRMS के ई-लीव मॉड्यूल का उपयोग फिलहाल प्रदेश सरकार के कुछ विभागों में ही किया जा रहा है, लेकिन पुलिस विभाग इस प्रणाली का सबसे अधिक उपयोग करने वाले विभागों में शामिल हो गया है। वर्तमान में लगभग 1,01,928 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ चुके हैं। विभाग का कहना है कि सभी कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी पहले से ही सिस्टम में दर्ज की जा चुकी है। इसमें प्रत्येक कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता और उपलब्ध छुट्टियों का पूरा विवरण भी शामिल है। इससे आवेदन करते समय किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस ऑनलाइन प्रणाली को सीधे पूरे प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। पहले इसे कुछ चुनिंदा इकाइयों में परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB), कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल और 25वीं वाहिनी भोपाल में ई-लीव मॉड्यूल का ट्रायल किया गया। इन इकाइयों से मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर तकनीकी सुधार किए गए। परीक्षण सफल रहने के बाद अब इसे प्रदेश की सभी लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग ने बताया कि सेवा प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की प्रक्रिया जुलाई 2025 से ही शुरू कर दी गई थी। इस दौरान विभाग ने पुराने मैनुअल रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने का अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाओं की स्कैनिंग कर उनका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया गया। इस काम में मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) की भी मदद ली गई। विभाग के अनुसार एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया जा चुका है और लगभग सभी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी eHRMS प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केवल अवकाश प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सेवा संबंधी अन्य रिकॉर्ड को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। इसी दिशा में 23 मार्च 2026 से eHRMS का ऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूल भी लागू किया गया है। इसके माध्यम से पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा आदेश ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। पहले कर्मचारियों को कई बार पुराने आदेशों या सेवा संबंधी दस्तावेजों के लिए कार्यालयों में संपर्क करना पड़ता था, लेकिन अब आवश्यक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से देखा जा सकेगा। इससे दस्तावेजों के संरक्षण और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी काफी सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी। ऑनलाइन सिस्टम के कारण आवेदन की निगरानी भी आसान होगी और किसी स्तर पर फाइल लंबे समय तक लंबित रहने की संभावना घटेगी। साथ ही कर्मचारियों को अपने अवकाश की स्थिति जानने के लिए अलग से कार्यालयों में संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरी जानकारी उनके लॉगिन पर उपलब्ध रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर में डायल-112 आरक्षक सस्पेंड, एक्सीडेंट कॉल पर देरी से पहुंचने पर कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[सिटी सेंटर मॉल के पास सड़क हादसे की सूचना पर समय पर नहीं पहुंचने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में आरक्षक निलंबित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/dial-112-constable-suspended-in-raipur-action-taken-on-late-arrival/article-57671"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/dial-112.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">रायपुर में आपातकालीन सेवाओं में लापरवाही का एक मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। डायल-112 सेवा में तैनात एक आरक्षक को सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बावजूद समय पर मौके पर नहीं पहुंचने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमेश प्रसाद गुप्ता ने इस मामले में आदेश जारी करते हुए आरक्षक संदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र (लाइन) रायपुर से संबद्ध कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 30 जून 2026 की रात करीब 11 बजे का है। देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिटी सेंटर मॉल के सामने सर्विस रोड पर एक कार और बाइक के बीच भीषण सड़क हादसे की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली थी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल डायल-112 की टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए गए थे। इस आपातकालीन कॉल पर ड्यूटी में तैनात आरक्षक संदीप शर्मा को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, लेकिन आरोप है कि वह निर्धारित समय पर वहां नहीं पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सड़क हादसे जैसी गंभीर घटना के बावजूद मौके पर पहुंचने में अनावश्यक देरी हुई। इस दौरान घायल लोगों को तत्काल सहायता मिलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर जांच कराई। जांच रिपोर्ट में आरक्षक की ओर से ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता के संकेत मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवा का मुख्य उद्देश्य संकट की स्थिति में लोगों तक सबसे पहले सहायता पहुंचाना है। सड़क दुर्घटना, अपराध, आगजनी या अन्य आपातकालीन घटनाओं में हर मिनट की अहमियत होती है। ऐसे में यदि संबंधित कर्मचारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचता है तो इससे पीड़ितों की जान को भी खतरा हो सकता है। इसी कारण इस मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक आरक्षक संदीप शर्मा पर केवल देरी से पहुंचने का ही नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अमर्यादित आचरण का भी आरोप लगाया गया है। विभागीय नियमों के अनुसार सरकारी कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। यदि कोई कर्मचारी इन मानकों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की है। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी आपातकालीन कॉल पर तत्काल रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है ताकि किसी भी घटना में राहत और बचाव कार्य में देरी न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">डायल-112 सेवा प्रदेश में पुलिस, फायर और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं तक लोगों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक इस सेवा के माध्यम से तुरंत मदद मांग सकते हैं। ऐसे में इस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी काफी अधिक मानी जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए डायल-112 की कार्यक्षमता और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में डायल-112 के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रत्येक इमरजेंसी कॉल के रिस्पॉन्स टाइम का रिकॉर्ड जांचा जाएगा और यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मानना है कि अनुशासन और समयबद्ध कार्रवाई ही पुलिस व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की है कि वे जनता की सुरक्षा और सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन घटनाओं में त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान बचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:06:37 +0530</pubDate>
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                <title>रायगढ़ में प्रोफेसर पर छात्रा से अश्लील हरकत का आरोप, थप्पड़ मारने का VIDEO वायरल; शिकायत के बाद हुआ समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[युवती ने प्रोफेसर पर अश्लील संदेश और संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया, हंगामे के बाद मामला समझौते तक पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-raigarh-video-of-professor-slapping-student-accused-of-obscene/article-57673"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raigarh-human-trafficking1.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत और समाज दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने शासकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लंबे समय से उसे अश्लील संदेश भेज रहा था और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। आरोपों से परेशान होकर युवती अपने मंगेतर के साथ प्रोफेसर के घर पहुंची, जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और युवती ने गुस्से में प्रोफेसर को थप्पड़ मार दिए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर रेमन भार्गव लैलूंगा के शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में पदस्थ हैं। युवती का कहना है कि वह प्रोफेसर की पड़ोसी है और पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी। उसने आरोप लगाया कि प्रोफेसर व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए अश्लील संदेश भेजता था और कई बार संबंध बनाने का दबाव भी डाल चुका था। कई बार समझाने और मना करने के बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं।</p>
<p style="text-align:justify;">युवती के मुताबिक उसकी जल्द ही शादी होने वाली है। ऐसे में वह लगातार मिल रही आपत्तिजनक गतिविधियों से बेहद परेशान थी। उसने बताया कि प्रोफेसर की हरकतों के कारण उसकी निजी जिंदगी और मानसिक स्थिति दोनों प्रभावित हो रही थीं। जब हालात असहनीय हो गए तो उसने परिवार और अपने मंगेतर को पूरी जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद युवती अपने मंगेतर के साथ आरोपी प्रोफेसर के घर पहुंची। वहां पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ने पर युवती ने प्रोफेसर का कॉलर पकड़ लिया और उसे थप्पड़ मार दिए। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में युवती काफी नाराज दिखाई देती है। वह प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहती है कि उसकी शादी होने वाली है और वह उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है। वीडियो में प्रोफेसर की पत्नी भी दिखाई देती हैं, जो विवाद शांत कराने और माफी मांगने की कोशिश करती नजर आती हैं। मौके पर मौजूद कुछ अन्य युवतियां भी दिखाई देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">युवती ने आरोप लगाया कि वह अकेली पीड़ित नहीं है। उसके अनुसार प्रोफेसर ने पहले भी कई अन्य लड़कियों को परेशान किया है। उसने अपील की कि यदि कोई और युवती भी ऐसी प्रताड़ना का शिकार हुई है तो वह सामने आए और न्याय की लड़ाई में उसका साथ दे। युवती का कहना है कि यदि उसे उचित न्याय नहीं मिला तो वह कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद युवती ने लैलूंगा थाना पहुंचकर लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। इसके चलते पुलिस ने आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि युवती द्वारा शिकायत दी गई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने आपसी समझौता कर लिया। समझौते के बाद शिकायतकर्ता ने आगे कार्रवाई नहीं चाही, इसलिए मामला वहीं समाप्त कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं शासकीय महाविद्यालय कुंजारा के प्राचार्य एमएल पटेल ने कहा कि यह घटना कॉलेज परिसर की नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों का निजी मामला है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन को पहले इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली थी। यदि संस्थान को आधिकारिक शिकायत मिलती तो नियमानुसार उच्च अधिकारियों को जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई की जाती।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग युवती के साहस की सराहना कर रहे हैं, जबकि कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि यदि आरोप इतने गंभीर थे तो कानूनी कार्रवाई तक मामला क्यों नहीं पहुंचा। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।  किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न, अश्लील संदेश या मानसिक प्रताड़ना के आरोपों की गंभीरता से जांच होना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक इस तरह की हरकतें करता है तो पीड़ित को कानूनी सहायता लेने और संबंधित अधिकारियों को समय रहते सूचना देने की जरूरत होती है। वहीं आरोपित व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए निष्पक्ष और तथ्य आधारित जांच भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:06:25 +0530</pubDate>
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