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                <title>Rajnath Singh - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Rajnath Singh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत-न्यूजीलैंड के बीच 18 बड़े समझौते, FTA और निवेश पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम में प्रोजेक्ट-17A के छठे स्टेल्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि को नौसेना में शामिल किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/18-major-agreements-fta-and-investment-agreed-between-india-and/article-58483"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ins-mahendragiri.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को शुक्रवार को एक और बड़ी मजबूती मिली, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में अत्याधुनिक स्टेल्थ युद्धपोत INS महेंद्रगिरि को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया। यह प्रोजेक्ट-17A के तहत तैयार किया गया नीलगिरि श्रेणी का छठा स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। इस युद्धपोत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण, तकनीक और प्रणालियों का उपयोग किया गया है। इससे देश की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिली है। समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि आधुनिक सैन्य तकनीक विकसित करने वाला देश बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि INS महेंद्रगिरि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक क्षमता और परिचालन दक्षता को नई ऊंचाई देगा। कार्यक्रम में नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि और रक्षा उद्योग से जुड़े कई विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में विकसित किए जा रहे ड्रोन क्लस्टर का भी उल्लेख किया और कहा कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश का प्रमुख ड्रोन हब बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह सूरत अपनी हीरा उद्योग और बेंगलुरु सूचना प्रौद्योगिकी के लिए पहचाना जाता है, उसी तरह कुरनूल ड्रोन निर्माण और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा।</p>
<p>INS महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया है, जबकि इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने किया है। इसके निर्माण में देशभर की अनेक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। यह युद्धपोत अत्याधुनिक सरफेस-टू-सरफेस और सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणालियों, उन्नत सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमता से लैस है। इसमें इंटीग्रेटेड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह हवा, समुद्र की सतह और समुद्र के भीतर मौजूद खतरों का एक साथ प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है। जहाज में स्टेल्थ तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे रडार पर इसकी पहचान करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा इसमें कम्बाइंड डीजल एंड गैस (CODOG) प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जो इसे लंबी दूरी तक तेज गति से संचालन करने में सक्षम बनाता है। भारतीय नौसेना का मानना है कि यह युद्धपोत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री स्थिरता बनाए रखने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और समुद्री चुनौतियों को देखते हुए इस तरह के अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को और मजबूत करेंगे।</p>
<p>INS महेंद्रगिरि प्रोजेक्ट-17A के तहत तैयार किए जा रहे कुल सात स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स में से एक है। इस परियोजना के अंतर्गत चार युद्धपोतों का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई और तीन युद्धपोतों का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता द्वारा किया जा रहा है। प्रोजेक्ट-17A को पहले के शिवालिक श्रेणी (प्रोजेक्ट-17) का उन्नत संस्करण माना जाता है। इसमें पहली बार बड़े स्तर पर इंटीग्रेटेड ब्लॉक कंस्ट्रक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है। इस तकनीक में जहाज के विभिन्न हिस्सों का निर्माण अलग-अलग किया जाता है और बाद में उन्हें जोड़कर पूरा युद्धपोत तैयार किया जाता है। इससे निर्माण प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और गुणवत्ता के अनुरूप होती है। INS महेंद्रगिरि का नाम ओडिशा के प्रसिद्ध महेंद्रगिरि पर्वत के नाम पर रखा गया है, जिसका भारतीय संस्कृति और पौराणिक परंपरा में विशेष महत्व है। मान्यता है कि भगवान परशुराम ने इसी पर्वत पर तपस्या की थी और रामायण में भी इसका उल्लेख मिलता है। भारतीय नौसेना अपनी कई युद्धपोतों के नाम देश के ऐतिहासिक पर्वतों, नदियों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों पर रखती है, जिससे आधुनिक सैन्य शक्ति के साथ भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का भी सम्मान बना रहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 14:44:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में नई सरकार, CM मोहन यादव बोले- शुरू हुआ सुशासन का नवयुग</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सुवेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। डॉ. मोहन यादव ने सुशासन और विकास की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-government-in-west-bengal-dr-mohan-yadav-said/article-53014"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-09t180418.213.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">कोलकाता के बिग्रेड परेड ग्राउंड में शनिवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के साथ राज्य में सत्ता परिवर्तन औपचारिक रूप से हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में आज से सुशासन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और विकास के नवयुग की शुरुआत हो गई है। डॉ. यादव ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल सच्चे अर्थों में </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">आमार सोनार बांग्ला</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं और पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही बिग्रेड परेड ग्राउंड के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी और समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही नई सरकार के पांच अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में पहुंचे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासन कई दिनों से तैयारी में जुटा था। मंच से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर स्तर पर विशेष इंतजाम किए गए थे। समारोह के दौरान भाजपा समर्थकों में उत्साह साफ दिखाई दिया और कई जगह </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">विकास</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">परिवर्तन</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">के नारे भी सुनाई दिए।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सुवेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल अब अपने पुराने गौरव की ओर लौटेगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य में निवेश</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुशासन और जनकल्याण के नए कीर्तिमान स्थापित होंगे। डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल की जनता और मैदानी कार्यकर्ताओं को भी इस राजनीतिक बदलाव के लिए बधाई दी। राजनीतिक जानकारों की मानें तो राज्य में यह सत्ता परिवर्तन आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं विपक्ष की ओर से भी नई सरकार की नीतियों और फैसलों पर नजर रखी जा रही है। कोलकाता में देर शाम तक राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी रहा और पूरे घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में एक बड़े मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:25:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>DRDO का TARA ग्लाइड वेपन सिस्टम टेस्ट हुआ सफल, भारत की रक्षा क्षमता बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[DRDO ने TARA ग्लाइड वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण किया। यह स्वदेशी तकनीक बमों को सटीक हथियार में बदलकर भारत की रक्षा क्षमता बढ़ाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/drdos-tara-glide-weapon-system-test-successful-indias-defense-capability/article-52906"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t121317.006.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ओडिशा तट के पास बीते </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">7<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को जो परीक्षण हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने देश की रक्षा तैयारियों को एक नई दिशा दे दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी </span>DRDO <span lang="hi" xml:lang="hi">और भारतीय वायुसेना ने मिलकर जिस स्वदेशी ग्लाइड वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे लेकर अब सैन्य हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस सिस्टम का नाम है </span>DRDO TARA, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>Tactical Advanced Range Augmentation<span lang="hi" xml:lang="hi">। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और इससे भारत की स्वदेशी हथियार क्षमता में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह परीक्षण ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्र में किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां एक अनिर्देशित बम को सटीक निर्देशित हथियार में बदलकर उसकी क्षमता को परखा गया। सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह पूरा प्रयोग बेहद सावधानी से किया गया और परिणाम उम्मीद से बेहतर रहे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह पुराने और अनिर्देशित बमों को भी आधुनिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सटीक मारक क्षमता वाले हथियार में बदल देता है। </span>DRDO TARA <span lang="hi" xml:lang="hi">को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह विंग आधारित ग्लाइड तकनीक की मदद से </span>150<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>180<span lang="hi" xml:lang="hi"> किलोमीटर तक की दूरी तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। इसमें </span>EO/IR <span lang="hi" xml:lang="hi">गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे लक्ष्य की पहचान और उसे सटीक तरीके से हिट करने की क्षमता और मजबूत हो जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक आने वाले समय में भारतीय वायुसेना के ऑपरेशंस को और ज्यादा प्रभावी बना सकती है। खास बात यह भी बताई जा रही है कि इसका सर्कुलर एरर लगभग </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> मीटर के भीतर रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी टारगेट के बेहद करीब जाकर सटीक वार करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक न केवल मारक क्षमता बढ़ाती है बल्कि पायलटों की सुरक्षा के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे दुश्मन के एयर डिफेंस क्षेत्र में कम जोखिम के साथ ऑपरेशन संभव हो सकेगा।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">DRDO TARA <span lang="hi" xml:lang="hi">को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (</span>RCI) <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>DRDO <span lang="hi" xml:lang="hi">की अन्य प्रयोगशालाओं के संयुक्त प्रयास से विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य कम लागत में मौजूदा हथियारों की क्षमता को कई गुना बढ़ाना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण पर </span>DRDO, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय वायुसेना और इंडस्ट्री पार्टनर्स को बधाई दी है और इसे भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है। वहीं </span>DRDO <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमुख समीर वी. कामत ने भी टीम को इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। फिलहाल रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ इसे भविष्य के युद्धों में भारत के लिए एक रणनीतिक बढ़त के रूप में देख रहे हैं। शुरुआती स्तर पर इस सिस्टम के और परीक्षण किए जाने की संभावना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:25:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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