<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/digital-fraud/tag-12365" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Digital Fraud - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/12365/rss</link>
                <description>Digital Fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लॉ स्टूडेंट ने NEET पेपर बेचने का झांसा देकर छात्रों से ठगी, इंस्टाग्राम के जरिए वसूले पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्स्ट ईयर लॉ छात्र को किया गिरफ्तार, 30 से 35 छात्रों से ऑनलाइन भुगतान लेने का आरोप; फर्जी लिंक और एडिटेड सामग्री के जरिए चला रहा था खेल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-paper-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों को गुमराह कर ऑनलाइन ठगी करने का एक मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक ऐसे लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर छात्रों से पैसे वसूल रहा था। आरोपी छात्रों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और प्रश्नपत्र मौजूद हैं। जांच में सामने आया है कि उसने फर्जी लिंक और भ्रामक पोस्ट के जरिए कई छात्रों को अपने जाल में फंसाया और उनसे ऑनलाइन भुगतान प्राप्त किया। क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो लसूड़िया क्षेत्र के आंगन शक्करखेड़ी का निवासी है। वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।  मामले की शुरुआत तब हुई जब राजस्थान के कोटा से पुलिस ने इंदौर पुलिस को एक ई-मेल भेजकर आरोपी की गतिविधियों की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियां कई दिनों से संदिग्ध थीं और उसकी प्रोफाइल पर लगातार ऐसे पोस्ट डाले जा रहे थे जिनमें NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। सूचना मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी सक्रिय हुई और शनिवार देर रात आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर आकर्षक पोस्ट और संदेश वायरल करता था। इन पोस्ट में दावा किया जाता था कि छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या विशेष अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कई छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में इन दावों पर विश्वास कर लेते थे। पोस्ट के साथ एक लिंक भी साझा किया जाता था, जिस पर क्लिक करने के बाद छात्रों को भुगतान करने के लिए कहा जाता था। बताया जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को ऐसी सामग्री भेजी जाती थी जिसे परीक्षा का असली पेपर बताया जाता था। हालांकि जांच में सामने आया है कि यह सामग्री वास्तविक प्रश्नपत्र नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और पहले से उपलब्ध अध्ययन सामग्री को एडिट कर नए पेपर के रूप में प्रस्तुत करता था। छात्र यह समझते थे कि उन्हें परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है, जबकि वास्तव में उन्हें गुमराह किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए करीब 30 से 35 लोगों से रकम प्राप्त की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कुल कितनी राशि एकत्र की गई और किन-किन राज्यों के छात्र इस ठगी का शिकार बने। जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही हैं ताकि लेन-देन का पूरा विवरण सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोपी पहले भी साइबर पुलिस की निगरानी में रहा है। NEET परीक्षा को लेकर पिछले वर्ष हुए विवाद और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं के दौरान भी उसने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थीं। उस समय भी उसकी गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिली थीं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार डिजिटल सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की ऑनलाइन ठगी केवल आर्थिक अपराध नहीं है बल्कि छात्रों के भविष्य और मानसिक स्थिति से भी जुड़ा मुद्दा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र तनाव और दबाव में रहते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर या विशेष सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करता है तो कुछ छात्र उसके झांसे में आ जाते हैं। इसी मनोविज्ञान का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर पैसे वसूल रहा था। क्राइम ब्रांच अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और व्यक्ति या समूह भी जुड़ा हुआ था। पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट को व्यापक स्तर पर फैलाने और भुगतान की प्रक्रिया संभालने में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा से जुड़ी ऐसी भ्रामक पोस्ट, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अधिकांश संदेश फर्जी होते हैं और उनका उद्देश्य लोगों से पैसे ठगना होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/neet-paper-scam.jpg"                         length="98568"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंस्टाग्राम से पानी बोतल ऑर्डर के बाद 2.99 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[रिफंड लिंक और अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से लाखों की साइबर ठगी, पुलिस जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/instagram-scam-indore.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा के साथ इंस्टाग्राम पर पानी की बोतल ऑर्डर करने के बाद साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक छात्रा ने एक इंस्टाग्राम पेज से दो पानी की बोतलें ऑर्डर की थीं और ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया था। इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। इस घटना में ठगों ने पहले रिफंड का झांसा देकर लिंक भेजा और फिर धीरे-धीरे छात्रा को डराकर बड़ी रकम ऐंठ ली। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला साइबर फ्रॉड का सुनियोजित पैटर्न दिखाता है जिसमें पहले छोटे लेनदेन का भरोसा दिलाया जाता है और बाद में मानसिक दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं। इस तरह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है और युवा वर्ग खासकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अधिक निशाने पर आ रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले सामान्य ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर संपर्क करते हैं और फिर बातचीत को धोखाधड़ी की दिशा में ले जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन शॉपिंग और इंस्टाग्राम आधारित पेजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खजराना पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि ठगों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से छात्रा को फंसाया और अलग-अलग चरणों में उसे मानसिक रूप से दबाव में रखा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला 11 मई का बताया जा रहा है जब छात्रा वरीदा की बहन अलीना ने इंस्टाग्राम पेज “सॉफ क्यूक इंडिया” से पानी की दो बोतलें ऑर्डर की थीं। ऑर्डर के बाद कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद एक कॉल आया जिसमें कहा गया कि ऑर्डर कैंसिल हो गया है और रिफंड के लिए एक लिंक भेजा जा रहा है। ठगों ने यह भी कहा कि छोटी राशि सीधे वापस नहीं हो सकती, इसलिए लिंक के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जैसे ही छात्रा ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके बैंक डिटेल्स कथित तौर पर ठगों के हाथ लग गए। इसके बाद धीरे-धीरे खाते से लेनदेन शुरू हो गया। इसी बीच 20 मई को फिर एक कॉल आया जिसमें आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास छात्रा की अश्लील तस्वीरें हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। इस धमकी के बदले 30 हजार रुपये की मांग की गई और डर के कारण छात्रा ने बताए गए यूपीआई खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ठग लगातार अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर रहे थे ताकि पीड़िता पर दबाव बना रहे और वह किसी को जानकारी न दे सके। यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और हर कदम पर पीड़िता को उलझाया जा रहा था।</p>
<p>मामला तब सामने आया जब 9 जून को छात्रा कॉलेज फीस जमा करने बैंक पहुंची। वहां उसे पता चला कि उसके खाते में पैसे नहीं हैं। बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 2 लाख 99 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इसके बाद छात्रा ने तुरंत खजराना थाने और साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी टीम आरोपियों के लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर आने वाले ऑफर्स या रिफंड कॉल्स पर तुरंत भरोसा न करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/cheated-of-rs-299-lakh-after-ordering-water-bottle-from/article-55962</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:42:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/instagram-scam-indore.jpg"                         length="131109"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ED की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन रमी प्लेटफॉर्म्स से जुड़े 3 संस्थापकों को किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ED ने गेम्जक्राफ्ट के 3 संस्थापकों को ऑनलाइन रमी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया। कई राज्यों में FIR के बाद बड़ी कार्रवाई हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/eds-big-action-3-founders-associated-with-online-rummy-platforms/article-52907"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t122820.751.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग को लेकर देश में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">ED <span lang="hi" xml:lang="hi">ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्जक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के तीन संस्थापकों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन रमी</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">और इससे जुड़े रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पृथ्वीराज सिंह और विकास तनेजा के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी कंपनी के शुरुआती प्रमोटर और मैनेजमेंट से जुड़े अहम लोग थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरा मामला कई राज्यों में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया है। आरोप है कि कंपनी और इसके जुड़े प्लेटफॉर्म्स जैसे </span>‘RummyCulture’ <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>‘RummyTime’ <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों से पैसे लगवाए गए और कई मामलों में यूजर्स को भारी नुकसान हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि आर्थिक नुकसान और मानसिक दबाव की वजह से अलग-अलग राज्यों में आत्महत्या जैसी घटनाओं से जुड़े केस भी दर्ज किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इन सभी मामलों की जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, ED <span lang="hi" xml:lang="hi">ने इस केस में </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को कर्नाटक और </span>NCR <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्र में एक साथ करीब </span>17<span lang="hi" xml:lang="hi"> ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी कंपनी के ऑफिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे जुड़ी अन्य इकाइयों और कुछ कर्मचारियों से जुड़े ठिकानों पर की गई थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दस्तावेज और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि शुरुआती सबूतों से यह संकेत मिले हैं कि फंड्स के लेन-देन और मनी फ्लो में कई तरह की अनियमितताएं हो सकती हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">ED <span lang="hi" xml:lang="hi">ने आगे की कार्रवाई करते हुए तीनों संस्थापकों को </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी </span>PMLA <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा </span>19<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को </span>NCR <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्र से हिरासत में लिया गया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया जा रहा है। वहीं विकास तनेजा को बेंगलुरु में ही गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट में तय होगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिलहाल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">ED <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल आखिर किन-किन जगहों पर किया गया। साथ ही यह भी जांच के दायरे में है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में सिर्फ यही कंपनी शामिल थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ा फाइनेंशियल इकोसिस्टम भी काम कर रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/eds-big-action-3-founders-associated-with-online-rummy-platforms/article-52907</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/eds-big-action-3-founders-associated-with-online-rummy-platforms/article-52907</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 13:27:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-08t122820.751.jpg"                         length="130245"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        