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                <title>CENTCOM - दैनिक जागरण</title>
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                <title>ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी हमले, होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[सीजफायर खत्म होने के बाद अमेरिका ने ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक तेज की, ट्रम्प ने आगे भी कड़ी कार्रवाई के दिए संकेत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/american-attacks-again-on-iran-tension-increased-after-attack-on/article-58239"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/us-iran-conflict-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में बना तनाव अब एक बार फिर खुले सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर खत्म होने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई शहरों में एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कोनारक, चाबहार और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कई स्थानों पर धुएं के बड़े गुबार उठने की बात कही गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। लगातार हो रहे इन हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहरी हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेना ने इससे पहले मंगलवार को भी ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। अधिकारियों के अनुसार ताजा अभियान उसी कार्रवाई का विस्तार माना जा रहा है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल क्षेत्र में हमलों के लिए किया जा रहा है। दूसरी ओर ईरान की ओर से अभी तक सभी हमलों के नुकसान का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है, लेकिन कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और राहत एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान पर जोरदार हमला कर चुका है और जरूरत पड़ने पर आगे भी बड़े सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि ईरान लंबे समय से मध्य पूर्व में दबाव बनाने और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अब अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके इस बयान के कुछ समय बाद ही ईरान में नई एयरस्ट्राइक की खबरें सामने आने लगीं, जिससे माना जा रहा है कि अमेरिका ने अपनी चेतावनी पर तुरंत अमल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">तनाव की शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए जहाजों पर हमलों के बाद और तेज हुई। ईरान ने मंगलवार को तीन जहाजों को निशाना बनाने की पुष्टि करते हुए दावा किया कि संबंधित जहाज उसके निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन नहीं कर रहे थे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की गई, जबकि अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता पर हमला बताया। अमेरिका का कहना है कि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक जवाबी अभियान के तहत ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। बंदर अब्बास स्थित शाहिद हक्कानी पोर्ट पर भी एयरस्ट्राइक की गई, जिसके बाद वहां से धुएं का बड़ा गुबार उठता देखा गया। यह बंदरगाह ईरान के प्रमुख समुद्री केंद्रों में गिना जाता है और इसकी सामरिक अहमियत भी काफी अधिक मानी जाती है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि दोनों देशों के बीच यही स्थिति बनी रही तो इसका असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी असर डाल सकता है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और शिपिंग लागत बढ़ने की आशंका पहले से ही जताई जा रही है। कई देशों ने अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात पर नजर रखी जा रही है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए तत्काल तनाव कम होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति प्रभावित होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:04:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>ईरान का कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की</title>
                                    <description><![CDATA[IRGC ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, CENTCOM ने कहा- सभी हमले नाकाम रहे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/iran-attacks-american-bases-in-kuwait-bahrain-america-retaliates/article-54816"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/iran-us-conflict-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान के अनुसार इन हमलों में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, सैन्य एयरबेस और हेलीकॉप्टर सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान द्वारा दागी गई सभी मिसाइलों और ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया गया और किसी भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा।</p>
<p class="isSelectedEnd">अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने क्षेत्र के विभिन्न देशों की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कुवैत की ओर भेजी गई दो मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो गईं या रास्ता भटक गईं। वहीं बहरीन की दिशा में छोड़ी गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन की संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया। अमेरिकी सेना का दावा है कि किसी भी सैन्य अड्डे पर प्रत्यक्ष हमला सफल नहीं हुआ और सभी कर्मी सुरक्षित हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">ईरान की ओर से किए गए इन दावों और अमेरिकी खंडन के बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ सप्ताह से फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव लगातार बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष टकराव की आशंका पहले की तुलना में अधिक बढ़ गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केश्म आइलैंड पर मौजूद एक कम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई। उनका कहना है कि उक्त संचार प्रणाली का उपयोग सैन्य गतिविधियों और समुद्री अभियानों के समन्वय में किया जा रहा था। अमेरिकी सेना का दावा है कि हमले का उद्देश्य संभावित खतरे को कम करना था।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ऑयल टैंकर को भी निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी ड्रोन फुटेज में एक टैंकर आग की लपटों में घिरा दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार बोत्सवाना के झंडे वाला यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए ईरान के खार्ग आइलैंड की दिशा में बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई समुद्री नाकेबंदी के दौरान की गई, जबकि ईरानी पक्ष ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पिछले 24 घंटों में घटनाओं की रफ्तार काफी तेज रही है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया, जबकि अमेरिका ने ईरानी सैन्य और समुद्री ढांचे पर जवाबी हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। तेल आपूर्ति मार्गों पर संभावित असर को लेकर भी वैश्विक बाजारों की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी दौरान क्षेत्रीय राजनीति में भी नई हलचल देखने को मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लेबनान में जारी इजराइली सैन्य अभियानों को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। बताया गया है कि ट्रम्प ने लेबनान में बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताई और क्षेत्रीय तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि इस बातचीत को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उधर लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों, खासकर नबातियेह क्षेत्र में इजराइली हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह की ओर से भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए जाने के दावे किए गए हैं। दोनों पक्षों के बीच जारी सैन्य कार्रवाई ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकती हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि कई देश हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान दोनों अपनी-अपनी स्थिति पर कायम हैं। जहां ईरान अपने हमलों को सफल बता रहा है, वहीं अमेरिका का कहना है कि उसकी रक्षा प्रणालियों ने सभी खतरों को निष्क्रिय कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:14:05 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप की चेतावनी, बोले- सीजफायर टूटा तो दिखेगा बड़ा धमाका</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर पर बड़ा बयान दिया। होर्मुज के पास सैन्य झड़पों के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/amidst-iran-america-tension-trump-warns-if-ceasefire-is-broken-big/article-52921"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-08t144038.308.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच घोषित सीजफायर अभी भी लागू है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि हाल के दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास सैन्य गतिविधियां और झड़पें लगातार बढ़ी हैं। वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने काफी आक्रामक अंदाज में कहा कि अगर यह सीजफायर टूटा तो दुनिया को उसका असर तुरंत दिखाई देगा। उन्होंने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">आपको यह जानने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि सीजफायर खत्म हुआ या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस ईरान की तरफ उठती हुई रोशनी देख लेंगे।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अमेरिका अब ईरान को लेकर पहले से ज्यादा सख्त रुख में दिखाई दे रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CENTCOM <span lang="hi" xml:lang="hi">के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस ट्रक्सटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूएसएस राफेल पेराल्टा और यूएसएस मेसन ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी उन पर मिसाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ड्रोन और छोटी नावों के जरिए हमला किया गया। हालांकि अमेरिकी सेना ने दावा किया कि सभी हमलों को बीच रास्ते में ही नाकाम कर दिया गया और किसी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार जवाबी कार्रवाई में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर इन हमलों में हो रहा था। देर रात तक अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से लगातार अपडेट जारी किए जाते रहे। इलाके में तनाव काफी ज्यादा बताया जा रहा है और समुद्री रास्तों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">पूरी ताकत</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">से जवाब दिया और ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। ट्रंप ने लिखा कि कई छोटी नावें तबाह हुईं और मिसाइलों व ड्रोन को अमेरिकी डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही खत्म कर दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">डील हो सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं भी हो सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये किसी भी दिन तय हो सकता है</span>,” <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने कहा। हालांकि उनके बयान में सख्ती ज्यादा दिखाई दी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:47:27 +0530</pubDate>
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