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                <title>Money Laundering - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Money Laundering RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल FATF के उपाध्यक्ष बने</title>
                                    <description><![CDATA[मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था में भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/vivek-aggarwal-secretary-to-the-government-of-india-became-the/article-56489"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/fatf-vice-president.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार में सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में आतंकवाद की फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। विदेश मंत्रालय ने इस चयन को भारत के लिए बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि इससे वैश्विक वित्तीय सुरक्षा के क्षेत्र में देश की भूमिका और मजबूत होगी। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा वर्षों से उठाए जा रहे मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक मजबूती मिलेगी। विवेक अग्रवाल 1994 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक सेवा में उन्हें तीन दशक से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वित्तीय प्रशासन, कर व्यवस्था, आर्थिक अपराध और नीतिगत मामलों में उनकी गहरी समझ मानी जाती है। इससे पहले वह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सरकारी तंत्र में उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रभावी अधिकारी के रूप में रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">FATF को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण अंतर-सरकारी संस्थाओं में गिना जाता है। यह संस्था वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद की फंडिंग और अन्य वित्तीय अपराधों पर निगरानी रखने का काम करती है। FATF विभिन्न देशों के लिए मानक और दिशा-निर्देश तय करती है ताकि वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग रोका जा सके। संस्था समय-समय पर सदस्य देशों और अन्य देशों की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन भी करती है। जिन देशों की व्यवस्था कमजोर पाई जाती है, उन्हें ग्रे लिस्ट या ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। FATF के फैसलों का असर वैश्विक निवेश, बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार विवेक अग्रवाल का उपाध्यक्ष चुना जाना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और प्रभाव का भी प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। इसी कारण FATF जैसी संस्था में भारत की सक्रिय भूमिका लगातार बढ़ती गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विवेक अग्रवाल का FATF से जुड़ाव नया नहीं है। वह पहले भी FATF में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा वह फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के निदेशक भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की निगरानी, आर्थिक अपराधों की जांच और वित्तीय खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। अधिकारियों का मानना है कि FATF के कामकाज की गहरी समझ और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में काफी मददगार साबित होगा। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दुनिया तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन बैंकिंग, क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल एसेट्स के बढ़ते उपयोग ने वित्तीय सुरक्षा के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कई देशों में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अवैध लेनदेन और धन शोधन के मामले सामने आए हैं। FATF इन नए जोखिमों से निपटने के लिए लगातार नए मानक तैयार कर रही है। भारत भी डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में FATF के नेतृत्व में भारत की भागीदारी बढ़ने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत पिछले कई वर्षों से सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाता रहा है। भारत का कहना है कि आतंकवादी संगठनों को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकना आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी संदर्भ में FATF की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। जून 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद FATF ने भी इस घटना की निंदा की थी और सभी देशों से आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की थी। उसके बाद भारत ने FATF के समक्ष पाकिस्तान को दोबारा ग्रे लिस्ट में शामिल करने का औपचारिक अनुरोध भी किया था। भारत का आरोप रहा है कि सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क को आर्थिक सहायता मिलती है और इस पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। ऐसे में FATF के नेतृत्व ढांचे में भारत की बढ़ती भूमिका को रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय ने भी विवेक अग्रवाल को मिली इस जिम्मेदारी पर खुशी जताई है। मंत्रालय का कहना है कि दुनिया के 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के बीच भारत की विश्वसनीयता लगातार बढ़ रही है। यह चयन इस बात का संकेत है कि वैश्विक संस्थाओं में भारत की भागीदारी अब पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हो चुकी है। आने वाले समय में FATF के मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका वैश्विक वित्तीय पारदर्शिता, मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवाद की फंडिंग रोकने के प्रयासों को नई दिशा दे सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>DMF घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, छापों में एक करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में कार्रवाई, कारोबारियों और कांग्रेस नेता से जुड़े ठिकानों की जांच; दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी मिले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/eds-big-action-in-dmf-scam-more-than-rs-1/article-56211"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-dmf-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। कथित 575 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत एजेंसी ने राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी ने रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर में कई ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अब विस्तार से जांच की जा रही है। ईडी की टीमों ने कुल नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें चार आवासीय परिसरों के साथ पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल थे। जांच के दौरान सबसे अधिक नकदी कोरबा और धमतरी जिले से बरामद होने की बात कही जा रही है। हालांकि एजेंसी की ओर से अब तक जब्त राशि का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि सभी दस्तावेजों और जब्त सामग्री के सत्यापन के बाद ईडी इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छापेमारी जिन लोगों और संस्थानों से जुड़ी बताई जा रही है, उनमें कई कारोबारी और सप्लाई से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक कृषि और अन्य विभागों में आपूर्ति का काम करने वाले कुछ कारोबारियों के परिसरों की जांच की गई। इनमें कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व जिला पदाधिकारी का नाम भी चर्चा में है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जारी धनराशि का उपयोग किस तरह किया गया और कहीं उसमें वित्तीय अनियमितताएं तो नहीं हुईं। तलाशी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण बैंक लेनदेन रिकॉर्ड, अनुबंध संबंधी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डाटा प्राप्त हुआ है। जांच अधिकारी अब इन रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से कथित लेनदेन, भुगतान और फंड के प्रवाह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एजेंसी का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि किन माध्यमों से खर्च हुई और उसमें किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों को संदेह है कि जिला खनिज न्यास फंड से जारी रकम का एक हिस्सा ठेकेदारों, सप्लायरों और कथित बिचौलियों के माध्यम से डायवर्ट किया गया। आरोप यह भी हैं कि विभिन्न परियोजनाओं और सरकारी कार्यों के टेंडर आवंटन में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसी आधार पर अब मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार कुछ मामलों में ठेकों और परियोजनाओं की मंजूरी के बदले कमीशन लिए जाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या सरकारी धन के उपयोग में ऐसी व्यवस्थाएं बनाई गई थीं जिनसे चुनिंदा लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके। सूत्रों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद कई और लोगों से पूछताछ की जा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह पहला अवसर नहीं है जब DMF घोटाला चर्चा में आया हो। इससे पहले भी इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और कथित बिचौलियों के नाम जांच में सामने आ चुके हैं। पिछले दो वर्षों में ईडी और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने इस मामले में कई दौर की कार्रवाई की है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के साथ करोड़ों रुपये की संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क काफी व्यापक है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। जिला खनिज न्यास फंड का गठन खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए किया गया था। इस फंड का उपयोग सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाता है। लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ जिलों में फंड के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि कई टेंडरों में नियमों का पालन नहीं किया गया और सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राज्य सरकार की ओर से पहले जारी की गई जानकारी में भी यह कहा गया था कि जांच के दौरान टेंडर प्रक्रिया और कार्य आवंटन में आर्थिक अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए और बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू सामने आने पर ईडी ने जांच शुरू की। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले से जुड़े धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया और इसके वास्तविक लाभार्थी कौन थे। ईडी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद आगे और कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:55:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>₹1400 करोड़ घोटाला: ED ने समुद्र किनारे ₹60 करोड़ का बंगला कुर्क किया</title>
                                    <description><![CDATA[एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व सीएमडी नितिन कसलीवाल पर शिकंजा, लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित संपत्ति समेत अब तक ₹179.55 करोड़ की परिसंपत्तियां जब्त]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/%E2%82%B91400-crore-scam-ed-attaches-sea-shore-bungalow-worth-%E2%82%B960/article-55613"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ed-action.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">1400 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक ऋण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (SKNL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन शंभुकुमार कासलीवाल की महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग क्षेत्र में स्थित आलीशान समुद्र तटीय संपत्ति को कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी के अनुसार अरब सागर के किनारे स्थित इस लग्जरी बंगले की मौजूदा बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी इंदौर की ओर से की गई इस कार्रवाई को 1400 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति बैंक ऋण के दुरुपयोग और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अर्जित की गई थी। इसी आधार पर इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के मुताबिक एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड ने विभिन्न बैंकों के कंसोर्टियम से भारी मात्रा में ऋण प्राप्त किया था। आरोप है कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने इन फंड्स का उपयोग निर्धारित व्यावसायिक उद्देश्यों के बजाय अन्य गतिविधियों में किया और बड़ी रकम को विभिन्न शेल कंपनियों तथा संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इधर-उधर स्थानांतरित कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी की जांच में सामने आया है कि कंपनी के तत्कालीन प्रमुख नितिन कासलीवाल ने कथित तौर पर अपने परिवार और करीबी सहयोगियों के नाम पर कई कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया था। इन कंपनियों के जरिए धन को कई स्तरों पर घुमाया गया, जिसे वित्तीय भाषा में ‘लेयरिंग’ कहा जाता है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के माध्यम से बैंक ऋण की रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई और बाद में उससे देश-विदेश में महंगी संपत्तियां खरीदी गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">अलीबाग में स्थित यह बंगला भी कथित रूप से इसी धन से खरीदा गया था। समुद्र के सामने बनी यह संपत्ति लग्जरी सुविधाओं से लैस बताई जा रही है और इसे मामले की सबसे मूल्यवान भारतीय संपत्तियों में से एक माना जा रहा है। ईडी अधिकारियों के अनुसार संपत्ति के स्वामित्व और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही इसे कुर्क करने की कार्रवाई की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2025 में ईडी ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। जांच के दौरान विदेशी ट्रस्ट, ऑफशोर कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी को विदेशों में निवेश और संपत्ति खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं सुरागों के आधार पर ईडी ने लंदन में स्थित एक हाई-वैल्यू संपत्ति को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया था। जांच एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति ब्रिटेन के प्रतिष्ठित क्षेत्र में स्थित है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 119.55 करोड़ रुपये है। रिपोर्टों के मुताबिक यह प्रॉपर्टी बकिंघम पैलेस के आसपास के प्रीमियम इलाके में स्थित है। एजेंसी का मानना है कि इस संपत्ति की खरीद में भी कथित रूप से बैंक ऋण से जुड़े धन का उपयोग किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के अनुसार मौजूदा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल 179.55 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इनमें भारत और विदेश दोनों स्थानों की अचल संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि एजेंसी का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले समय में कई अन्य संपत्तियों की पहचान भी हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"> इस तरह के बड़े लोन फ्रॉड मामलों में धन को विभिन्न कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए छिपाने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में वित्तीय ट्रेल का पता लगाने में लंबा समय लगता है। ईडी और अन्य जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, विदेशी लेन-देन, संपत्ति खरीद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा किन माध्यमों से धन को भारत से बाहर भेजा गया। इसके अलावा लाभार्थियों की पहचान और अन्य संपत्तियों की ट्रैकिंग का काम भी जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंकिंग संस्थानों और नियामक एजेंसियों की भी नजर इस जांच पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। ईडी का कहना है कि यदि जांच में और संपत्तियों या निवेशों का पता चलता है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अलीबाग में स्थित 60 करोड़ रुपये के इस आलीशान बंगले की कुर्की को 1400 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में ईडी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एजेंसी की कार्रवाई ने यह संकेत भी दिया है कि आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 13:56:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>IRCTC घोटाला मामला: फिर टला फैसला, लालू परिवार पर अब 9 जून को आएगा कोर्ट का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला टाल दिया है। लालू परिवार पर अब 9 जून को आदेश सुनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/irctc-scam-case-decision-postponed-again-now-court-order-on/article-53980"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/irctc-scam-lalu-yadav.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IRCTC <span lang="hi" xml:lang="hi">घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले का फैसला फिर नहीं आया। अदालत ने सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून तय की है। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी पत्नी राबड़ी देवी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेटे तेजस्वी यादव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेज प्रताप यादव और बेटी मीसा भारती सहित कई अन्य लोग आरोपी हैं। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस केस के चारों ओर राजनीतिक और कानूनी हलचल बढ़ती जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पिछली सुनवाई के बाद से ही उम्मीद थी कि आज कोर्ट कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मामला फिर से टल गया। इससे पहले </span>6<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई को भी अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। अब </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को जो आदेश आएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो इस पूरे केस की दिशा तय कर सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि आगे की कानूनी कार्रवाई इसी पर निर्भर करेगी। अदालत पहले ही आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और अब ट्रायल से पहले का ये अहम फैसला सबकी निगाहों में है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह पूरा मामला </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2004<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>2009<span lang="hi" xml:lang="hi"> के बीच का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। उन पर आरोप है कि उस समय </span>IRCTC <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत रांची और पुरी में बीएनआर होटलों के संचालन के लिए हुए टेंडर में गंभीर अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसियों का कहना है कि नियमों को दरकिनार कर एक निजी कंपनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को ये टेंडर दिया गया और इसके बदले में लालू परिवार को पटना में बेशकीमती जमीन मिली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीबीआई और ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि यह जमीन डिलाइट मार्केटिंग लिमिटेड से लारा प्रोजेक्ट्स के नाम पर सिर्फ </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">65<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये में ट्रांसफर की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि इसकी बाजार कीमत लगभग </span>94<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये और सर्कल रेट करीब </span>32<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये लेन-देन सीधे सत्ता के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कोर्ट ने पहले की सुनवाई में यह भी कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप के काफी सबूत सामने आए हैं और इससे कथित तौर पर लालू परिवार को आर्थिक लाभ हुआ। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी। ईडी ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और इसे मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर मामला बताया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:06:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>AAP मंत्री संजीव अरोड़ा को हुई 14 दिन की जेल, कोर्ट में बेटी से मिलकर हुए भावुक, जानें क्या था केस</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के AAP मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गुरुग्राम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। पेशी के दौरान परिवार से मिलकर भावुक हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/aap-minister-sanjeev-arora-got-14-days-jail-got-emotional/article-53699"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/aap-minister-sanjeev-arora-jailed-ed-action.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पंजाब में आम आदमी पार्टी के मंत्री संजीव अरोड़ा को सोमवार को गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहां उन्हें </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">14</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">1</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> जून को तय की है। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में भावुक माहौल देखा गया। संजीव अरोड़ा का चेहरा थका हुआ नजर आया और उनकी बढ़ी हुई दाढ़ी चर्चा का कारण बनी। परिवार से मुलाकात के समय वह खुद को संभाल नहीं पाए और अपनी बेटी कृतिका अरोड़ा को गले लगाकर भावुक हो गए</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिससे वहां मौजूद लोग कुछ समय के लिए चुप हो गए। कहा जा रहा है कि यह गिरफ्तारी के बाद परिवार से उनकी पहली मुलाकात थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईडी ने मंत्री संजीव अरोड़ा को </span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">9</span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"> मई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। एजेंसी का दावा है कि मामला करोड़ों रुपए के कथित मनी लॉन्ड्रिंग</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फर्जी निवेश और शेल कंपनियों के जरिए फंड रूटिंग से जुड़ा हुआ है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले सात दिन और फिर दो दिन की रिमांड पर लिया गया था। सोमवार को रिमांड खत्म होने पर उन्हें गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया। इसी बीच पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर भी सुनवाई हुई</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जहां ईडी को जवाब दाखिल करना था।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच अब मंत्री तक ही सीमित नहीं रही</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बल्कि कई अधिकारियों और कारोबारियों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ईडी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। इसके अलावा</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पावरकॉम के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">डायरेक्टर कमर्शियल हरशरण कौर त्रेहन और कारोबारियों हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल को भी तलब किया गया है। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या कुछ कंपनियों को नियमों के खिलाफ लाभ पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी पर फर्जी एक्सपोर्ट</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">संदिग्ध निवेश और करोड़ों के लेनदेन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ईडी को शक है कि कई लेनदेन कागजातों पर दिखाए गए हैं और पैसों को विभिन्न कंपनियों के जरिए घुमाया गया। हालांकि</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपरीत राजनीतिक दलों के नेताओं को एजेंसियों के जरिए दबी हुई कार्रवाई का शिकार बनाया जा रहा है</span><span lang="en-us" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबकि बीजेपी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की तरह देख रही है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:17:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>100 करोड़ रुपये GST घोटाले में फंसे पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, ED ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की बड़ी कार्रवाई। 100 करोड़ फर्जी GST मामले में रेड के बाद गिरफ्तारी की खबर से राजनीति गरमाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/69ff1ac65e30b/article-53005"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-09t171131.952.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">ED) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक रेड के दौरान अरोड़ा चंडीगढ़ स्थित अपनी सरकारी कोठी में मौजूद थे और वहीं से उन्हें हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि देर शाम तक </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">की तरफ से गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। सुबह अचानक चंडीगढ़ के सेक्टर-</span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> इलाके में </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">की गाड़ियों का काफिला पहुंचा तो आसपास के इलाके में हलचल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि करीब </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> गाड़ियां एक साथ मंत्री के घर पहुंचीं और कुछ ही देर में </span>CRPF <span lang="hi" xml:lang="hi">जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया। किसी को अंदर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">जांच एजेंसी के अनुसार मामला </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">100<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए से ज्यादा के फर्जी </span>GST <span lang="hi" xml:lang="hi">इनपुट टैक्स क्रेडिट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी पर मोबाइल फोन की फर्जी खरीद दिखाकर टैक्स लाभ लेने का आरोप है। कहा जा रहा है कि बाद में इन्हीं लेनदेन के जरिए विदेशों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर दुबई से पैसों की राउंड-ट्रिपिंग की गई। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की कई ऐसी फर्मों से खरीद के बिल लिए गए जो कागजों में मौजूद थीं लेकिन जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं मिला। </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए </span>GST <span lang="hi" xml:lang="hi">रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का गलत फायदा उठाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचा। चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरुग्राम और कंपनी से जुड़े दूसरे ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के दफ्तर को भी जांच के दायरे में लिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">रेड के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">ED <span lang="hi" xml:lang="hi">को मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के बजाय विपक्षी पार्टियों को तोड़ने में लगाया गया है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पंजाब को डराने की कोशिश की जा रही है और भाजपा विपक्षी नेताओं पर एजेंसियों के जरिए दबाव बना रही है। मान ने दावा किया कि इससे पहले भी कई नेताओं पर रेड के बाद राजनीतिक दबाव बनाया गया। इधर विपक्ष इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहा है। संजीव अरोड़ा पर पिछले महीने भी </span>ED <span lang="hi" xml:lang="hi">ने दबिश दी थी। उस दौरान अवैध सट्टेबाजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फर्जी निर्यात बिल और हवाला जैसे मामलों में जांच की बात सामने आई थी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पंजाब की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:22:15 +0530</pubDate>
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