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                <title>Government of India - दैनिक जागरण</title>
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                <title>E20 पेट्रोल पर बड़ा बयान, रियल टेस्ट अगले साल आएगा</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा—20% एथेनॉल ब्लेंडिंग जारी, नीति में बदलाव नहीं, असर का असली आकलन 2027 तक होगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-statement-on-e20-petrol-real-test-will-come-next/article-57478"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/e20-petrol-india.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) ब्लेंडिंग का प्रयोग अभी भी चल रहा है और इसका वास्तविक प्रभाव यानी “रियल टेस्ट” अभी पूरा नहीं हुआ है। सरकार के अनुसार इस नीति के नतीजे अगले वर्ष तक स्पष्ट रूप से सामने आएंगे, जिसके बाद ही इसके दीर्घकालिक प्रभावों का सही आकलन संभव होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब E20 पेट्रोल को लेकर देश में लगातार बहस जारी है और कई विशेषज्ञ यह आशंका जता रहे हैं कि इससे पुरानी गाड़ियों के इंजन पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार ने कोर्ट में यह साफ कर दिया कि अब तक किसी तरह के ठोस वैज्ञानिक या तकनीकी सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि E20 मिश्रण से वाहनों को मैकेनिकल नुकसान होता है। सरकार ने इसे ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात में कमी, किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक अहम नीति बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में यह टिप्पणी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी द्वारा की गई। यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें तेल कंपनियों को एक डिस्टिलरी के आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया था। BPCL ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश राष्ट्रीय स्तर की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि सरकार पहले ही E20 को एक व्यापक नीतिगत लक्ष्य के रूप में आगे बढ़ा रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने भी यह सवाल उठाया कि कंपनी ने पहले कर्नाटक हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील क्यों नहीं की, बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट आने के। इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि देश के कई हाई कोर्ट में इसी तरह के मामले लंबित हैं, इसलिए इन सभी मामलों को एक साथ सुनना जरूरी हो सकता है ताकि नीति में असमानता न पैदा हो।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल सप्लाई वर्ष 2025-26 के अनुबंध पहले ही कई स्तरों पर अंतिम रूप दिए जा चुके हैं और अक्टूबर 2025 में इनके रिन्यूअल से पहले इस विवाद का निपटारा जरूरी है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने ट्रांसफर याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इससे मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी होगी और नीति से जुड़े फैसलों पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, अटॉर्नी जनरल ने यह भी कहा कि अलग-अलग अदालतों में चल रहे मामलों के कारण राष्ट्रीय नीति पर अस्थिरता की स्थिति बन सकती है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई उचित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी की ओर से यह दावा भी किया गया कि उसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 9.90 करोड़ लीटर है, लेकिन उसे उसके अनुरूप एथेनॉल आवंटन नहीं मिला। इसी वजह से उसने अतिरिक्त आवंटन की मांग की थी। सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि किसी भी कंपनी को “प्रेफरेंशियल अलोकेशन” या “बेस्ट एंडेवर” के आधार पर अतिरिक्त एथेनॉल आवंटन का कानूनी अधिकार नहीं है। यदि किसी एक कंपनी के लिए आवंटन बढ़ाया जाता है तो पूरी नीति में बदलाव करना पड़ेगा, जिसकी अनुमति कानून नहीं देता। सुनवाई के बाद सरकार ने दोहराया कि मौजूदा E20 नीति जारी रहेगी और इसमें किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं है, जबकि वास्तविक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 09:48:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>निजी सुरक्षा उद्योग के लिए गृह मंत्रालय का बड़ा कदम, PSARA अनुपालन और कारोबार आसान बनाने पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की PSARA संयुक्त कार्यशाला में 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में निजी सुरक्षा उद्योग के लिए नियमों को सरल बनाने, लाइसेंस प्रक्रिया, प्रशिक्षण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर व्यापक चर्चा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/home-ministrys-big-step-for-private-security-industry-national-workshop/article-57340"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/psara.jpg" alt=""></a><br /><p>देश में निजी सुरक्षा उद्योग को अधिक संगठित, पारदर्शी और व्यवसाय के अनुकूल बनाने की दिशा में गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में निजी सुरक्षा कंपनियों के विभिन्न संगठनों ने 25 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में <strong>"PSARA अनुपालन और लागू करने पर संयुक्त कार्यशाला"</strong> का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के नियंत्रण अधिकारी, डीजीपी एवं एडीजीपी स्तर के पुलिस अधिकारी तथा निजी सुरक्षा उद्योग से जुड़े 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।</p>
<p>कार्यशाला का उद्देश्य <strong>निजी सुरक्षा एजेंसी (विनियमन) अधिनियम, 2005 (PSARA)</strong> के प्रभावी क्रियान्वयन, उद्योग के समक्ष मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान तथा निजी सुरक्षा क्षेत्र के लिए "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा देना था। यह मंच सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद, सहयोग और नीति सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.14-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.14 PM" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत <strong>CAPSI (सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री)</strong> के अध्यक्ष <strong>कुंवर विक्रम सिंह</strong> के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में निजी सुरक्षा उद्योग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।</p>
<p>इसके बाद गृह मंत्रालय में पुलिस आधुनिकीकरण विभाग की <strong>उप सचिव सुश्री कृति गर्ग (IAS)</strong> ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने PSARA के विभिन्न प्रावधानों, सरकार की अपेक्षाओं और निजी सुरक्षा उद्योग को अधिक सक्षम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्यों में कानून के प्रभावी और समान क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.15-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.15 PM" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यशाला के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में <strong>FICCI, SAI, KSSA, BSRU</strong> सहित विभिन्न उद्योग संगठनों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा में लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने, नियमों के अनुपालन, सुरक्षा गार्डों के प्रशिक्षण, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता, डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने तथा विभिन्न राज्यों में एक समान मानकों को लागू करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।</p>
<p>एक विशेष सत्र में विभिन्न राज्यों के नियंत्रण अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कानून के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। इसके बाद आयोजित खुले प्रश्नोत्तर सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने सीधे सरकारी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जिससे संवाद और समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना।</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-5.10.15-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-06-29 at 5.10.15 PM (1)" width="1600" height="1067"></img></p>
<p> </p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य संबोधन गृह मंत्रालय में <strong>संयुक्त सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण) श्री आर. प्रसन्ना (IAS)</strong> ने दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार निजी सुरक्षा उद्योग को देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग मानती है और इसे अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग के बीच इस प्रकार का सहयोग भविष्य में सुरक्षा क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।</p>
<p>कार्यशाला के समापन पर इस बात पर सहमति बनी कि PSARA के प्रभावी क्रियान्वयन, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, उद्योग की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था तथा सरकार और निजी सुरक्षा क्षेत्र के बीच मजबूत समन्वय के लिए ठोस सिफारिशें तैयार की जाएंगी। इन सुझावों से न केवल निजी सुरक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 17:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मनरेगा की जगह जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, अब मिलेगा 125 दिन का रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना लागू होगी। नई स्कीम में ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार देने का दावा किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/vb-gram-g-scheme-will-be-implemented-from-july-instead/article-53865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/vb-g-ram-g.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से नई ग्रामीण रोजगार योजना </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">VB-G RAM G <span lang="hi" xml:lang="hi">को लागू करने की योजना बना रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो मौजूदा मनरेगा के स्थान पर आएगी। सरकार का दावा है कि यह नई योजना गांवों में रोजगार बढ़ाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास कार्यों को तेज करने और पारदर्शिता लाने पर केंद्रित होगी। इस फैसले के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चाएं तेज हो गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि मनरेगा ने पिछले लगभग 20 वर्षों से ग्रामीण रोजगार का एक बड़ा सहारा दिया है। अब सरकार इस नई योजना के माध्यम से रोजगार गारंटी को एक नए मॉडल में बदलने का इरादा रखती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को जानकारी दी है कि कई राज्यों ने इस योजना के लिए अपना हिस्सा का फंड जारी कर दिया है और जुलाई से इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस योजना का पूरा नाम "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)" यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">VB-G RAM G <span lang="hi" xml:lang="hi">रखा गया है। सबसे बड़ा बदलाव रोजगार के दिनों से संबंधित है। वर्तमान में मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार मिलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा होगा और पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नई स्कीम में तकनीकी का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। पुराने जॉब कार्ड की जगह स्मार्ट रोजगार कार्ड दिए जाएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें फेस रिकग्निशन और </span>e-KYC <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी सुविधाएँ होंगी। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। गांवों में होने वाले कामों में भी बदलाव किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे कि पानी संरक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण सड़कें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आजीविका मिशन और जलवायु से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। हर ग्राम पंचायत को अपनी जरूरत के अनुसार विकास योजना तैयार करनी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे ग्राम सभा से मंजूरी प्राप्त होगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना का खर्च उठाएंगे। सामान्य राज्यों में खर्च का अनुपात 60:40 रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह 90:10 होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत चल रहे अधूरे काम अचानक बंद नहीं किए जाएंगे। उन्हें नई योजना में शामिल कर पूरा किया जाएगा ताकि मजदूरों को रोजगार पाने में कोई परेशानी न हो। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने नई योजना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका कहना है कि बदलाव के दौरान ग्रामीण मजदूरों को मुश्किलें आ सकती हैं। फिलहाल सरकार इस योजना को ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में पेश कर रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आज से छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे अमित शाह, हर जिले में डायल-112 और फॉरेंसिक यूनिट्स की देंगे बड़ी सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। डायल-112 विस्तार, फॉरेंसिक यूनिट्स और बस्तर विकास योजनाओं पर बड़ा फोकस रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/amit-shah-will-be-on-chhattisgarh-tour-from-today-will/article-53586"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/amit-shah-chhattisgarh-visit.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 17 मई से छत्तीसगढ़ में तीन दिन का दौरा करेंगे। इस दौरे को लेकर प्रशासनिक हलकों में खास हलचल है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सुरक्षा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले और कार्यक्रम शामिल हैं। अहम बातें डायल-112 सेवा का विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक यूनिट्स की शुरुआत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बस्तर क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेंगी। बताया गया है कि शाह रायपुर और जगदलपुर में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रविवार शाम करीब 6:25 बजे गृहमंत्री अहमदाबाद से विशेष विमान से रवाना होंगे और रात लगभग 8:10 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे मेफेयर रिसॉर्ट जाएंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे रात बिताएंगे। उनके आगमन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थलों तक अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे में सुरक्षा और विकास दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">18 मई को उनका कार्यक्रम रायपुर में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां वे पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जाकर डायल-112 सेवा के लिए तैयार किए गए 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य में आपातकालीन पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अभी तक यह सेवा कुछ ही जिलों तक सीमित थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था से आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है। इसी दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए सभी 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स तैनात की जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो घटनास्थल पर शुरुआती वैज्ञानिक जांच में मदद करेंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके बाद शाह रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे और नेतानार पहुंचकर जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन करेंगे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद वे अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों की याद में यह कार्यक्रम खास महत्व रखता है। दोपहर बाद जगदलपुर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठकें भी होंगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास योजनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और प्रशासनिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें गृहमंत्री दौरे और फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं। और फिर शाम को वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पूरे दौरे को बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 13:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचत अपील के बाद सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में कैबिनेट बैठक पहुंचे, कई राज्यों में असर दिखने लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-gave-a-big-message-in-a-convoy-of/article-53296"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t182012.126.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानसेवक की मिसाल</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LPG सब्सिडी पर नया नियम, 7 दिन में जवाब नहीं दिया तो मिलना बंद जाएगा ये बड़ा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने LPG सब्सिडी नियम कड़े किए, आय जांच के बाद 7 दिन में जवाब नहीं देने पर सब्सिडी बंद होगी। जानें पूरा अपडेट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/new-rule-on-lpg-subsidy-if-reply-is-not-given/article-53188"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t133605.638.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्सिडी के लिए सरकार ने नया और सख्त नियम लागू करने की योजना बनाई है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और सरकारी खजाने पर दबाव के चलते यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब उन उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं लेकिन फिर भी </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्सिडी का फायदा उठा रहे हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां इनकम टैक्स विभाग के डेटा का सहारा ले रही हैं। कहा जा रहा है कि जिनकी सालाना आय करीब </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये या उससे अधिक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें इस नियम के दायरे में लाया जा सकता है। सबसे अहम बात ये है कि अगर किसी ग्राहक को आपत्ति है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे केवल </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन में जवाब देना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नहीं तो सब्सिडी अपने आप बंद कर दी जाएगी। कई उपभोक्ताओं को मोबाइल से </span>SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">भेजा जा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जाहिर है कि प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेल कंपनियों ने उन ग्राहकों की सूची बनानी शुरू कर दी है जिनकी टैक्सेबल इनकम तय सीमा से ज्यादा पाई गई है। इन लोगों को मैसेज के जरिए बताया जा रहा है कि उनके रिकॉर्ड के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सब्सिडी के लिए पात्र नहीं माने जा सकते। संदेश में ये भी लिखा जा रहा है कि यदि किसी का डेटा गलत है या उनकी आय की जानकारी ठीक नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे </span>7<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। ये शिकायत टोल-फ्री नंबर या आधिकारिक पोर्टल पर की जा सकती है। अगर तय समय में किसी का जवाब नहीं आता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। कई उपभोक्ताओं में चिंता भी दिख रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर उन लोगों में जिनके आय के रिकॉर्ड में कोई तकनीकी गलती हो सकती है या जिनके दस्तावेज अपडेट नहीं हैं। प्रशासन का कहना है कि ये कदम पूरी पारदर्शिता के साथ सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए उठाया गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। लगातार सब्सिडी पर होने वाले खर्च से राजकोषीय घाटा भी बढ़ रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे नियंत्रित करने के लिए ये सख्ती जरूरी मानी जा रही है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अब सब्सिडी को सिर्फ जरूरतमंद वर्ग तक सीमित करना चाहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सार्वजनिक संसाधनों का सही उपयोग हो सके। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में और भी बदलाव देखने की चर्चा हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा गया है कि सरकार आयात खर्च कम करने के लिए सोने और इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर भी निगरानी बढ़ा सकती है। कुल मिलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरा मामला देश की आर्थिक रणनीति से जुड़ा हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका प्रभाव सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब और रसोई पर पड़ सकता है.</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:56:49 +0530</pubDate>
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                <title>‘कोरोना काल जैसे अनुशासन’ की जरूरत, PM मोदी ने क्यों की लॉकडाउन जैसे संयम रखने की अपील?</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पेट्रोल बचाने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा टालने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/need-for-discipline-like-corona-period-why-did-pm-modi/article-53138"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t173423.241.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने देश में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक परिवहन अपनाने और गैरजरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखने की अपील की। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर संभव हो तो लोग एक साल तक सोना खरीदने से बचें और विदेश यात्रा टाल दें। पीएम मोदी ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए बताया कि देश पहले भी कठिन दौर में अनुशासन और संयम का प्रदर्शन कर चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए अब भी जिम्मेदारी निभाना मुश्किल नहीं होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे कि क्या देश किसी बड़े आर्थिक दबाव या संभावित संकट की तैयारी कर रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं और तेल-गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से मेट्रो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस और ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की। इसके साथ ही कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात भी कही। मोदी ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान लोगों ने कई कठिन नियमों का पालन किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब समय आ गया है कि देशहित में कुछ आदतों को फिर से अपनाने की जरूरत है। वह स्पष्ट करते हैं कि देशभक्ति केवल सीमा पर लड़ने तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि कठिन समय में जिम्मेदार जीवन जीना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार फिलहाल किसी तरह की पाबंदी लगाने की तैयारी में नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आर्थिक मोर्चे पर सावधानी बरतने का संदेश जरूर दिया जा रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा भंडार का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा और सोने की खरीदारी में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए लोगों को इस समय सोच-समझकर निर्णय लेने चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के भीतर घूमने की संभावनाएं कम नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगर हालात चुनौतीपूर्ण हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कुछ समय के लिए विदेश यात्रा टाली जा सकती है। सोने के बारे में उन्होंने पुराने समय का उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध या संकट के समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग देश के लिए सोना दान तक कर देते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आज केवल खरीदारी को टालना भी एक जिम्मेदारी हो सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 17:53:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भारत को मिला नया CDS, लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि संभालेंगे जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि को नया CDS नियुक्त किया। जानिए उनका सैन्य करियर और CDS पद की अहमियत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-gets-new-cds-lieutenant-general-ns-raja-subramani-will/article-53012"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-09t175604.209.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह कार्यभार संभालने की तारीख से अगले आदेश तक सैन्य मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इस नियुक्ति के बाद रक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े हलकों में उनकी भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है। मौजूदा </span>CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को खत्म हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद एन एस राजा सुब्रमणि यह जिम्मेदारी संभालेंगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि लंबे समय से सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। फिलहाल वह 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के तौर पर तैनात हैं। इससे पहले उन्होंने सेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में भी काम किया। जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक वह इस पद पर रहे। वहीं मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी संभाली थी। सेना के भीतर रणनीतिक योजना और ऑपरेशनल मामलों में उनका अनुभव काफी बड़ा माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में उनका अनुभव अहम भूमिका निभा सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">का पद देश की सुरक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अधिकारी थल सेना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वायु सेना और नौसेना के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करता है। रक्षा मामलों में सरकार को सलाह देने के साथ-साथ संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करने में भी </span>CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">की बड़ी भूमिका होती है। भारत में इस पद की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2019 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की थी। इसके बाद देश के पहले </span>CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">जनरल बिपिन रावत बने थे। हालांकि दिसंबर 2021 में हेलिकॉप्टर हादसे में उनकी मौत हो गई थी। बाद में जनरल अनिल चौहान को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;" xml:lang="hi">बताया जाता है कि कारगिल युद्ध के बाद ही इस पद की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस की गई थी। उस दौरान तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी को लेकर कई सवाल उठे थे। इसके बाद रक्षा मामलों के जानकारों और समितियों ने सुझाव दिया था कि एक ऐसा सैन्य अधिकारी होना चाहिए जो तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाए रख सके और बड़े फैसलों में एकीकृत दृष्टिकोण दे सके। इसी सोच के बाद </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;color:#222222;background:#FFFFFF;">CDS <span lang="hi" xml:lang="hi">का पद बनाया गया। अब लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि के सामने भी यही बड़ी जिम्मेदारी होगी कि बदलते सुरक्षा हालात में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और मजबूत हो सके।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:26:02 +0530</pubDate>
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