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                <title>IndiaNews - दैनिक जागरण</title>
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                <title>डेटा एंट्री जॉब के नाम पर छात्र से 44 हजार की ठगी, 8 बार कराए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[युवती ने फोन कर चयन होने का दावा किया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा कराए; पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/in-the-name-of-data-entry-job-a-student-was/article-57865"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/indore-job-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में ऑनलाइन जॉब फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है, जहां नौकरी की तलाश कर रहे एक छात्र को डेटा एंट्री जॉब दिलाने का झांसा देकर करीब 44 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को एक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए पहले फोन पर संपर्क किया और फिर अलग-अलग चरणों में चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू, सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर पैसे जमा करवाते रहे। जब काफी रकम जमा कराने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही जमा की गई राशि वापस हुई, तब छात्र को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एमआईजी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल करने वाले लोग किस नेटवर्क से जुड़े थे और जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए गए, उनका इस्तेमाल किन लोगों ने किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार नेहरू नगर निवासी राजेश पाटीदार ने शिकायत में बताया कि 17 जून को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अनुष्का बताया और कहा कि उसने जिस नौकरी के लिए आवेदन किया था, उसमें उसका चयन हो गया है। बातचीत के दौरान युवती ने राजेश से कुछ व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक विवरण मांगा। इसके बाद उसने कहा कि डेटा एंट्री की नौकरी के लिए उसे शॉर्टलिस्ट किया गया है और जल्द ही टेलीफोनिक इंटरव्यू लिया जाएगा। युवती ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक रेफरेंस आईडी भी मांगी और पूरी प्रक्रिया को सामान्य भर्ती प्रक्रिया की तरह पेश किया, जिससे छात्र को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार बातचीत का तरीका इतना भरोसेमंद था कि उसे लगा कि वास्तव में किसी कंपनी से संपर्क किया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुछ समय बाद युवती ने राजेश से कहा कि चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 1,800 रुपये एक बैंक खाते में जमा करने होंगे। उसने यह भरोसा भी दिया कि इस राशि में से केवल 50 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में काटे जाएंगे और बाकी पैसे चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस कर दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता ने बताए गए खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को इंटरव्यू टीम का सदस्य बताया। उसने कहा कि इंटरव्यू मोबाइल पर ही लिया जाएगा और उसके लिए तैयार रहना होगा। इंटरव्यू जैसी बातचीत के बाद उस व्यक्ति ने दावा किया कि राजेश का चयन हो गया है, लेकिन आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए फिर से 1,800 रुपये जमा करने होंगे। छात्र ने यह रकम भी जमा कर दी। इसके कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर संपर्क किया और इस बार 8,500 रुपये जमा कराने को कहा। हर बार यही कहा गया कि यह राशि बाद में पूरी तरह वापस कर दी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई। कभी सर्विस चार्ज तो कभी जीएसटी और अन्य प्रक्रिया शुल्क के नाम पर अलग-अलग रकम जमा कराई गई। आरोपियों ने कुल आठ अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए और इस तरह करीब 44 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब लगातार पैसे जमा कराने के बावजूद नियुक्ति पत्र नहीं मिला और न ही कोई आधिकारिक दस्तावेज भेजा गया, तब राजेश को शक हुआ। उसने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में पूरे मामले की लिखित शिकायत एमआईजी थाना पुलिस को दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाते हैं। वे आकर्षक वेतन, जल्दी जॉइनिंग और आसान चयन प्रक्रिया का लालच देकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, ट्रेनिंग चार्ज, जीएसटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। कई बार फर्जी इंटरव्यू भी कराए जाते हैं ताकि पीड़ित को किसी तरह का संदेह न हो। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के नाम पर पहले पैसे जमा करने की मांग होने पर पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर सत्यापित करें। यदि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जाए तो तुरंत सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले जांच करें।</p>
<p style="text-align:justify;">एमआईजी पुलिस ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल ट्रेल खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज कराई जाती है तो कई मामलों में राशि को फ्रीज कराने की संभावना भी रहती है। इसलिए किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>आगरा में सनसनी: 45 दिन तक पति को लापता बताती रही पत्नी, बाथरूम के फर्श के नीचे मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सत्यापन के दौरान खुला हत्या का राज, पत्नी पर नींद की दवा देकर गला घोंटने और शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/sensation-in-agra-wife-kept-calling-husband-missing-for-45/article-57845"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/agra-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। सिकंदरा क्षेत्र के दहतोरा इलाके में रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा पिछले करीब 45 दिनों से लापता बताए जा रहे थे। परिवार और पड़ोसियों को उनकी पत्नी रूबी शर्मा लगातार यही कहती रही कि वह घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। इस बीच पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई और परिजनों ने कई जगह उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मामला तब अचानक पलट गया जब पुलिस एक पुराने मामले के सिलसिले में नियमित सत्यापन के लिए घर पहुंची। अधिकारियों को बातचीत के दौरान पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लगा। पूछताछ आगे बढ़ी तो शक गहराया और आखिरकार जांच उस भयावह सच तक पहुंच गई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस ने घर के बाथरूम का फर्श तुड़वाया तो उसके नीचे से सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद हुआ। इसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार सुरेंद्र शर्मा और रूबी शर्मा की शादी लगभग 16 वर्ष पहले हुई थी। दोनों अपनी दो बेटियों के साथ दहतोरा इलाके में रहते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन रूबी ने दोनों बेटियों को सुरेंद्र के बड़े भाई के घर भेज दिया था। इसके बाद उसने कथित रूप से सुरेंद्र को ऐसी खीर खिलाई जिसमें नींद की दवा मिलाई गई थी। पुलिस का आरोप है कि जब सुरेंद्र बेहोश हो गए तो उनका गला घोंटकर हत्या कर दी गई। अगले दिन घर के बाथरूम में गड्ढा खोदकर शव को उसमें दबा दिया गया और ऊपर से सीमेंट डालकर फर्श को दोबारा तैयार कर दिया गया, ताकि किसी को इस बात का संदेह न हो कि घर के भीतर ही शव दफन है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना पहली नजर में सुनियोजित प्रतीत होती है, हालांकि सभी तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घटना के बाद करीब डेढ़ महीने तक रूबी शर्मा कथित तौर पर सभी रिश्तेदारों और पड़ोसियों से यही कहती रही कि उसका पति घर छोड़कर चला गया है। पुलिस के मुताबिक वह लोगों के सामने दुख भी जताती थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। 26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की रिपोर्ट सिकंदरा थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच आगे बढ़ रही थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था। इसी दौरान पुलिस एक अन्य मामले के संबंध में नियमित सत्यापन के लिए घर पहुंची। अधिकारियों ने देखा कि पूछताछ के दौरान रूबी काफी घबराई हुई थी और उसने तुरंत अपने देवर को भी घर बुला लिया। पुलिस को उसका व्यवहार असामान्य लगा। दूसरी ओर सुरेंद्र के बड़े भाई को पहले से ही अपने भाई की गुमशुदगी और रूबी के व्यवहार पर संदेह था। उन्होंने पुलिस के सामने अपनी आशंकाएं साझा कीं। इसके बाद पुलिस ने रूबी से लगातार पूछताछ की। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से हत्या की बात स्वीकार कर ली और शव दफनाने की जगह भी बता दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बाथरूम का फर्श तुड़वाया और जमीन के नीचे से शव बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारण और समय की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी। पुलिस ने घर और घटनास्थल से कई साक्ष्य भी एकत्र किए हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आगरा के हरिपर्वत सर्किल की एसीपी अमीषा ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही थी। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर यह मामला हत्या में बदल गया। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पड़ोसियों के अनुसार उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति को वे लापता समझ रहे हैं, उसका शव उसी घर के बाथरूम के नीचे दफन हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:37:57 +0530</pubDate>
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                <title>केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया का दूसरा मोबाइल बरामद, कोडवर्ड चैट से खुल सकते हैं कई राज</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, नार्को टेस्ट से दोनों ने किया इनकार; पुलिस डिजिटल सबूतों और कथित तीसरे शख्स की भूमिका की जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/ketan-aggarwal-murder-case-sias-second-mobile-recovered-many-secrets/article-57841"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ketan-agrawal-murder-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को वडगांव अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों अब पुणे की येरवदा जेल में रहेंगे। पुलिस ने अदालत से दोनों की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों ने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने भी स्पष्ट किया कि किसी आरोपी की सहमति के बिना इस तरह का परीक्षण नहीं कराया जा सकता। इसी बीच जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने सिया गोयल के घर से एक दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मोबाइल में हत्या की साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिल सकते हैं। फोन को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेज दिया गया है, जहां उसके डेटा की गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पहले जब्त किए गए मोबाइल से बड़ी मात्रा में डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया गया है और अब दूसरे मोबाइल से भी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन कथित तौर पर सामान्य भाषा में बातचीत करने के बजाय कोडवर्ड, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल करते थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच हुई चैट में कई ऐसे शब्द और संकेत मिले हैं, जिनका वास्तविक अर्थ फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इन्हें समझने के लिए साइबर और डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों ने अपनी कथित योजना को छिपाने के लिए सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल किया था। जांच टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कोडवर्ड का क्या मतलब था और क्या इनका संबंध हत्या की कथित साजिश से है। पुलिस के मुताबिक यदि इन चैट का सही अर्थ सामने आता है तो मामले की जांच को नई दिशा मिल सकती है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की जा रही है। दूसरी ओर अदालत में पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों से और पूछताछ की जरूरत बताई थी, लेकिन अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान एक और नया पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने महाराष्ट्र के बीड जिले से एक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह बालेवाड़ी की एक निजी कंपनी में काम करता है और सिया या केतन में से किसी एक का परिचित है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या उसे कथित हत्या की योजना की पहले से जानकारी थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों ने उससे किसी स्तर पर योजना साझा की थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस युवक की आधिकारिक भूमिका स्पष्ट नहीं की है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि जांच में सहयोग मिलने पर उसे गवाह बनाया जा सकता है। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों के अनुसार कथित साजिश की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह में हुई थी। पुलिस का दावा है कि 31 मई के आसपास सिया ने केतन की हत्या का विचार बनाया। जांच में यह भी सामने आया कि केतन को ट्रैकिंग और पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने का शौक था, जिसका फायदा उठाकर उसे बार-बार लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार 5 जून को सिया ने दोबारा वहां जाने की जिद की, लेकिन उस समय योजना सफल नहीं हो सकी। इसी बीच विदेश यात्रा से पहले कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट भी छिपा दिया गया ताकि यात्रा टल जाए। इसके बाद 14 जून को दोनों फिर लोहगढ़ पहुंचे। पुलिस का दावा है कि उस दिन भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह पेड़ का सहारा मिलने से बच गया। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसने सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी वजह से उस समय किसी को शक नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार 18 जून को तीसरी बार कथित योजना को अंजाम दिया गया। दावा है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक रिजॉर्ट में बुकिंग कर रखी थी, लेकिन उससे पहले प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर उसे फिर लोहगढ़ किले ले जाया गया। जांच में आरोप है कि इस बार चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे वहां पहुंचा। पुलिस का दावा है कि जब केतन पहाड़ी की ओर देख रहा था, तभी दोनों ने पीछे से उसे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल सबूत, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 12:53:22 +0530</pubDate>
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                <title>हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक से किया इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश पर सवाल जरूर उठाए, लेकिन पहले से रिहा हो चुकी सोनम की जमानत तत्काल रद्द करने से इनकार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/honeymoon-murder-case-supreme-court-refuses-to-stay-bail-of/article-57833"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sonam-raghuvanshi.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मेघालय सरकार ने इस मामले में मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत सोनम को जमानत दी गई थी। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले के कुछ पहलुओं पर सवाल जरूर उठाए, लेकिन यह भी माना कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की गई शर्तों का पालन करते हुए फिलहाल शिलांग में रह रही हैं। अदालत ने फिलहाल उनकी जमानत रद्द करने या उस पर रोक लगाने का कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। यह मामला वर्ष 2025 में सामने आए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा है। आरोप है कि मेघालय में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, उनके कथित प्रेमी और अन्य आरोपियों को जांच के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस केस ने देशभर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार चर्चा में रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट और निचली अदालतों ने पहले ही सोनम के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि सोनम की जमानत याचिका पहले तीन बार खारिज हो चुकी थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि जांच के दौरान इस बात की आशंका जताई गई थी कि यदि उन्हें राहत दी जाती है तो वह फरार हो सकती हैं, गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं या साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती हैं। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को लेकर कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। जस्टिस एमएम सुंदरेश ने सुनवाई के दौरान पूछा कि यदि पहले तथ्यों के आधार पर जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं, तो बाद में केवल तकनीकी आधार पर राहत देना किस हद तक उचित माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली नजर में हाई कोर्ट के आदेश के कुछ पहलुओं पर अदालत की आपत्तियां हैं। हालांकि पीठ ने इस बात को भी ध्यान में रखा कि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी हैं और फिलहाल अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन कर रही हैं। ऐसे में तत्काल उनकी जमानत पर रोक लगाने की जरूरत नहीं समझी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है और आगे विस्तृत सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।</p>
<p>इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू गिरफ्तारी के दौरान दर्ज की गई कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा रहा। रिकॉर्ड के अनुसार सोनम रघुवंशी को 27 अप्रैल को जमानत मिली थी और इस फैसले में गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हुई एक गंभीर त्रुटि अहम कारण बनी। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत दर्ज किया गया था, जो हत्या के अपराध से संबंधित है। लेकिन जब सोनम को गिरफ्तारी के आधार बताए गए तो दस्तावेजों में बीएनएस की धारा 403(1) का उल्लेख किया गया। अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि बीएनएस में धारा 403(1) का कोई अस्तित्व ही नहीं है। जांच में यह भी सामने आया कि यही त्रुटि केवल एक दस्तावेज तक सीमित नहीं थी, बल्कि गिरफ्तारी मेमो, गिरफ्तारी चेकलिस्ट, निरीक्षण मेमो, अधिकारों की जानकारी से जुड़े रिकॉर्ड और केस डायरी सहित कई दस्तावेजों में दोहराई गई थी। हाई कोर्ट ने माना था कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और गिरफ्तारी के वास्तविक आधार की स्पष्ट जानकारी देना उसका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि यह केवल क्लर्क की साधारण गलती थी। हाई कोर्ट का मानना था कि कई दस्तावेजों में एक जैसी त्रुटि होना गंभीर प्रक्रिया संबंधी कमी को दर्शाता है। इसी आधार पर सोनम को जमानत दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट इस आदेश की वैधता और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/honeymoon-murder-case-supreme-court-refuses-to-stay-bail-of/article-57833</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नर्मदापुरम में नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक निलंबित, बच्चों से अभद्र व्यवहार के आरोप पर केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[इटारसी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय का मामला, शिक्षक पर छात्र-छात्राओं से दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप; मेडिकल रिपोर्ट में नशे की पुष्टि के बाद विभागीय कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/teacher-reached-school-drunk-in-narmadapuram-case-registered-against-him/article-57832"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narmadapuram.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आए मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इटारसी के आदिवासी विकासखंड केसला के एक गांव स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक गोपाल गिरी गोस्वामी पर स्कूल में शराब के नशे में पहुंचने, बच्चों के साथ मारपीट करने और छात्राओं से कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और शिक्षक के व्यवहार के वीडियो बनाकर अधिकारियों तक पहुंचाए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ बाल संरक्षण कानून के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं जनजातीय कार्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जब शिक्षक कथित रूप से नशे की हालत में स्कूल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और बच्चों के सामने अनुचित व्यवहार कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने एक छात्र से अपने जूते साफ करने के लिए कहा और उसे अनुचित तरीके से व्यवहार करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। वहीं एक छात्रा को अनुचित संबोधन से बुलाने और अन्य छात्राओं के साथ भी आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद पूरे गांव में नाराजगी फैल गई और अभिभावकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रामीणों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं था जब शिक्षक पर इस तरह के आरोप लगे हों। उनका कहना है कि वह लंबे समय से शराब के नशे में स्कूल आते थे और बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करते थे, लेकिन इस बार घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंच गया। आरोप यह भी है कि शिक्षक ने बीड़ी लाने से इनकार करने पर एक छात्र के साथ मारपीट की। घटना के बाद स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी आशा मौर्य, बीआरसी रत्ना सोनिया और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अभिभावकों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद जिला शिक्षा विभाग के निर्देश पर केसला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बच्चों और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों के अनुसार बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जा रही है ताकि घटना के बाद उनके मन में पैदा हुआ डर और मानसिक तनाव कम किया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच संवेदनशीलता के साथ की जा रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। घटना से जुड़े वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी ताकि आगे की विभागीय कार्रवाई की जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">केसला थाना प्रभारी राहुल रैकवार ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय कानून की संबंधित धाराओं और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिसमें शिक्षक के नशे में होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग विवेक नागवंशी ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय का वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीईओ आशा मौर्य ने बताया कि पालकों, बच्चों और स्कूल से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। सभी तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल कर कलेक्टर को भेजा जाएगा। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित निगरानी, समय-समय पर निरीक्षण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुजरात-एमपी से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, ATS ने नेटवर्क का किया खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन, सोशल मीडिया के जरिए कथित भर्ती और पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क की जांच तेज; कई जिलों में एक साथ कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/8-suspected-jaish-e-mohammed-terrorists-arrested-from-gujarat-mp-ats-reveals-network/article-57831"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gujarat-ats.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े आठ संदिग्धों को गुजरात और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही खुफिया निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनका नेटवर्क कितना व्यापक था और वे किन गतिविधियों में शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में दो युवकों की उम्र 18 और 19 वर्ष है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि सभी गुजरात के रहने वाले हैं और राज्य में जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। एटीएस का कहना है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर नए सदस्यों को जोड़ने, संगठन की विचारधारा फैलाने और भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने के उद्देश्य से काम कर रहा था। इसी सूचना के आधार पर एटीएस ने अलग-अलग टीमें बनाकर गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी और पाटण के अलावा मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान सभी आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी से पूछताछ के साथ-साथ जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सबसे पहले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर छह अन्य लोगों तक जांच पहुंची और उन्हें भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के पास से कुछ साहित्य, झंडे और अन्य सामग्री बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एटीएस का कहना है कि इन मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी मिली है, जिसकी साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच जारी है। प्रारंभिक जांच के अनुसार सभी संदिग्ध सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में मौजूद एक कथित हैंडलर के संपर्क में थे, जिसकी पहचान 'अब्दुल्ला साहब' के नाम से हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी हैंडलर के निर्देश पर गुजरात में संगठन का नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपियों तक कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रकम भी पहुंचाई गई थी। फिलहाल एजेंसियां इस धनराशि के स्रोत, लेन-देन के तरीके और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध पाटण जिले के एक मदरसे में रह रहे थे। वहां से भी कुछ दस्तावेज और प्रचार सामग्री बरामद की गई है। हालांकि जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्धों ने कथित तौर पर 'तंजीम' नाम से एक समूह बनाया था, जिसके जरिए नए सदस्यों को जोड़ने और उन्हें संगठन की विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। एटीएस का दावा है कि यह समूह स्थानीय स्तर पर युवाओं से संपर्क कर उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहा था। साथ ही प्रतिबंधित संगठन से जुड़े साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद कर उसे स्थानीय स्तर पर प्रसारित करने की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल चैट, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं। जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान आधारित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2000 में मसूद अजहर ने की थी। भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में इस संगठन का नाम सामने आ चुका है और इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष अप्रैल में गुजरात एटीएस ने कथित तौर पर आईएसआईएस से जुड़े दो संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और नेटवर्क तैयार करने के आरोप लगाए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को सूचित करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:51:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया का दूसरा मोबाइल मिला, कोडवर्ड चैट की जांच तेज</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, पुलिस अब बरामद मोबाइल और कथित सांकेतिक चैट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a48978572de9/article-57819"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ketan-agrawal-murder.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके कथित साथी चेतन चौधरी को वडगांव अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों अब येरवदा जेल में रहेंगे। पुलिस ने अदालत से दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी ताकि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ाई जा सके, लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की। पेशी के दौरान दोनों आरोपियों ने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आरोपी की सहमति के बिना ऐसे परीक्षण नहीं कराए जा सकते। इसके बाद फिलहाल इन जांच प्रक्रियाओं पर रोक लग गई है। पुलिस का कहना है कि अब डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। इसी बीच सिया के घर से एक दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। इस मोबाइल को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है, जहां उसके डेटा की जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इस डिवाइस से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में डिलीट किया गया डेटा रिकवर किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन आपस में कथित तौर पर कोडवर्ड और सांकेतिक भाषा में बातचीत करते थे। चैट में निकनेम, इमोजी और ऐसे संकेतों का इस्तेमाल किया गया है, जिनका वास्तविक अर्थ समझने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन चैट के जरिए दोनों कथित रूप से अपनी योजनाओं पर चर्चा करते थे। हालांकि इन संदेशों की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इसी बीच मामले में तीसरे व्यक्ति की संभावित भूमिका की भी जांच शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक बीड जिले से एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि वह पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है और सिया या केतन में से किसी एक का परिचित है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या उसे कथित योजना की पहले से जानकारी थी। फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि उसे गवाह बनाया जाए या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच के अनुसार केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। दोनों की सगाई पहले हो चुकी थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। जांच में यह दावा किया गया है कि मई के आखिर में कथित हत्या की योजना बनाई गई और अगले कुछ दिनों में घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा। पुलिस का आरोप है कि 14 जून को लोहगढ़ किले पर पहली बार कथित तौर पर केतन को धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह बच गया। इसके बाद 18 जून को सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को दोबारा लोहगढ़ फोर्ट चलने के लिए राजी किया। पुलिस का आरोप है कि उसी दिन चेतन चौधरी भी वहां मौजूद था और दोनों ने मिलकर केतन को पहाड़ी से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और फोरेंसिक रिपोर्ट के जरिए जोड़ने की कोशिश कर रही है। वहीं बचाव पक्ष ने अभी तक आरोपों पर विस्तार से सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामले की अगली सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत तय तारीख पर होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चलते ई-रिक्शा को रोकने वाले 7 ऐप पर सरकार सख्त, बैटरी सुरक्षा में बड़ी खामी आई सामने</title>
                                    <description><![CDATA[ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी बंद करने की शिकायतों के बाद कार्रवाई, सरकार ने ऐप स्टोर से हटाने के दिए निर्देश; इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर फिलहाल सुरक्षित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/government-strict-on-7-apps-that-stop-e-rickshaws-from-moving/article-57821"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/e-rickshaw.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दिल्ली समेत देश के कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का कारण बने कुछ मोबाइल ऐप्स पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऐसे सात ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग कर चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ के जरिए बंद किया जा रहा था। इनमें BAT-BMS, Smart BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion जैसे ऐप शामिल हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिनमें चलते हुए ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर रुक जाते थे। इसके बाद शिकायतें मिलने पर सरकार ने मामले का संज्ञान लिया। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देश जारी होने के बावजूद कुछ ऐप्स अभी भी डाउनलोड के लिए उपलब्ध दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित प्लेटफॉर्म से इन्हें पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया जारी है। इस पूरे मामले ने ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली कुछ लीथियम-आयन बैटरियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या किसी एक ऐप की नहीं, बल्कि उन बैटरियों की है जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। ऐसे सिस्टम बिना मजबूत पासवर्ड या एन्क्रिप्शन के खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति सीमित दूरी के भीतर उनसे कनेक्ट होकर बैटरी की सेटिंग्स बदल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार BAT-BMS जैसे ऐप मूल रूप से बैटरी की निगरानी और रखरखाव के लिए विकसित किए गए थे। इनका उद्देश्य बैटरी की चार्जिंग, तापमान, वोल्टेज, क्षमता और अन्य तकनीकी जानकारियों पर नजर रखना है। जरूरत पड़ने पर अधिकृत उपयोगकर्ता इन ऐप्स के जरिए बैटरी को ऑन या ऑफ भी कर सकता है। यही सुविधा कुछ मामलों में गलत तरीके से इस्तेमाल की गई। बताया जा रहा है कि जिन ई-रिक्शा में ब्लूटूथ आधारित लीथियम-आयन बैटरी लगी है और जिनका ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के खुला छोड़ा गया है, वहां यह जोखिम ज्यादा है। ऐसे ऐप लगभग 10 से 15 मीटर की दूरी से बैटरी से कनेक्ट हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि सभी ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं हैं। देश में बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा अब भी चल रहे हैं जिनमें पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियां लगी हैं। इनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम नहीं होता, इसलिए ऐसे वाहनों पर इन ऐप्स का कोई असर नहीं पड़ता। वहीं जिन लीथियम बैटरियों में निर्माता ने मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट किया है, उन्हें भी सामान्य तरीके से एक्सेस नहीं किया जा सकता। इलेक्ट्रिक कारों और स्कूटरों के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि उनमें कहीं अधिक उन्नत साइबर सुरक्षा, एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल होता है। इसलिए किसी सामान्य मोबाइल ऐप के जरिए उन्हें नियंत्रित करना संभव नहीं है। यही वजह है कि फिलहाल यह खतरा मुख्य रूप से कुछ कम कीमत वाले ई-रिक्शा की बैटरियों तक सीमित माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित ऐप्स को मूल रूप से ई-रिक्शा नियंत्रित करने के लिए नहीं बनाया गया था। इनका उपयोग सौर ऊर्जा प्रणाली, नावों और अन्य उपकरणों में लगी लीथियम बैटरियों की निगरानी के लिए किया जाता था। भारत में कुछ स्थानीय बैटरी असेंबलरों और कम लागत वाले निर्माताओं ने इन्हीं सिस्टम का उपयोग ई-रिक्शा में भी करना शुरू कर दिया, लेकिन कई मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में डिफॉल्ट पासवर्ड जैसे "1234" या "0000" ही छोड़ दिए जाएं या बिल्कुल पासवर्ड न लगाया जाए, तो कोई भी व्यक्ति आसानी से उससे कनेक्ट हो सकता है। इस समस्या का सबसे प्रभावी समाधान मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करना है। सरकार और तकनीकी विशेषज्ञ ई-रिक्शा चालकों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपने नजदीकी बैटरी डीलर या अधिकृत मैकेनिक से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उनकी बैटरी का ब्लूटूथ सिस्टम पासवर्ड से सुरक्षित है। यदि डिफॉल्ट पासवर्ड लगा हो तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। इसके अलावा यदि यात्रा के दौरान ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाए तो घबराने के बजाय वाहन को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर मुख्य बैटरी स्विच या एमसीबी को बंद करके दोबारा चालू करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि तकनीकी सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और ऐसे ऐप्स के दुरुपयोग पर रोक लगाने से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी आज करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, राजस्थान को मिलेंगी तीन बड़ी विकास परियोजनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[बालोतरा में जनसभा को भी संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण और जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-will-inaugurate-pachpadra-refinery-today-rajasthan-will-get/article-57812"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tarot-horoscope-4-july-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के दौरे पर हैं, जहां वे राज्य को तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण बालोतरा जिले की बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था और अब इसके शुरू होने के साथ ही प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे और लगभग दो घंटे तक कार्यक्रम में शामिल रहेंगे। इस दौरान वे रिफाइनरी परियोजना का निरीक्षण करेंगे, अधिकारियों से जानकारी लेंगे और इसके बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। रिफाइनरी परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है। पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में गिना जा रहा है और इससे क्षेत्र में रोजगार, निवेश तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान केवल रिफाइनरी का उद्घाटन ही नहीं होगा, बल्कि जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसके अलावा जयपुर मेट्रो के फेज-2 परियोजना की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखी जाएगी। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से राज्य के परिवहन और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। पचपदरा रिफाइनरी परिसर में जनसभा के लिए विशेष डोम तैयार किया गया है, जिसमें करीब पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। प्रशासन ने कार्यक्रम को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 400 कार्यकर्ता गुलाब सर्किल से साइकिल और ऊंटगाड़ी के माध्यम से रैली निकालते हुए रिफाइनरी परिसर तक पहुंचेंगे। इस आयोजन को स्थानीय संस्कृति और विकास के प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्यक्रम में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि उद्घाटन से पहले मौसम ने प्रशासन की तैयारियों को कुछ देर के लिए प्रभावित जरूर किया। शुक्रवार शाम पचपदरा क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए कई होर्डिंग और बैनर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ बड़े पोस्टर जमीन पर गिर गए, जबकि कई जगह सजावट को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद रात और शनिवार सुबह से ही कर्मचारियों और मजदूरों ने मरम्मत का काम तेज कर दिया। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर दी गईं। गौरतलब है कि इसी वर्ष 20 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (वीडीयू) में आग लग गई थी। यह घटना उस समय हुई थी जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन प्रस्तावित था। आग लगने के बाद उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था और सुरक्षा तथा तकनीकी जांच पूरी होने के बाद नई तारीख तय की गई। अब सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद परियोजना का उद्घाटन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही रिफाइनरी को संचालन के लिए तैयार घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी बल्कि हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी परियोजनाएं भी राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 10:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायपुर में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, CM विष्णुदेव साय बोले- नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है उनका संघर्ष और त्याग</title>
                                    <description><![CDATA['आपातकाल के योद्धा' स्मारिका का हुआ विमोचन, इंद्रेश कुमार ने कहा- संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र प्रथम की भावना से मजबूत बनेगा भारत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/honoring-democracy-fighters-in-raipur-cm-vishnudev-sai-said/article-57669"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raipur-democracy-fighters1.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को देश की लोकतांत्रिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उस दौर में जिन लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कठिनाइयों का सामना किया, उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन किया। इसके साथ ही आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। समारोह में लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की स्वतंत्रता, अधिकारों और जिम्मेदारियों से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है ताकि युवा यह समझ सकें कि लोकतांत्रिक अधिकार कितने महत्वपूर्ण हैं और उनकी रक्षा के लिए कई लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने परिवार से जुड़ी एक पुरानी स्मृति भी साझा की। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय करीब 19 महीने तक जेल में रहे थे। उस समय परिवार को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों तक राशन और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाते थे, ताकि कोई परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव लोकतंत्र की रक्षा के लिए दिए गए त्याग की गवाही देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इतिहास के इन महत्वपूर्ण अध्यायों को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को देश के लोकतांत्रिक संघर्ष और उसके मूल्यों की जानकारी मिल सके। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में लोकतंत्र के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि भारतीय समाज के जीवन मूल्यों का आधार है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर असर पड़ा था। ऐसे समय में लोकतंत्र सेनानियों ने जेल, यातनाएं और अनेक कठिनाइयां सहते हुए लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा की। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों से और अधिक मजबूत होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रेस सेंसरशिप लागू की गई, मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए और संविधान में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए। उन्होंने कहा कि इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय वर्ग में रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम, कोरबा के सूरज तांडिया ने द्वितीय और दुर्ग के अंश देशमुख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महाविद्यालय वर्ग में रायपुर की कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय और दुर्ग की खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:22:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायगढ़ में नाबालिग को राजस्थान में बेचने की साजिश का खुलासा, चार साल से फरार आरोपी जशपुर से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[17 वर्षीय लड़की को शादी के बहाने 20 हजार रुपये में बेचने की थी योजना, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/conspiracy-to-sell-minor-to-rajasthan-exposed-in-raigarh-accused/article-57674"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-crime.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चार साल पुराने मानव तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को राजस्थान ले जाकर बेचने की कथित साजिश में शामिल एक फरार आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले चार वर्षों से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। पुलिस ने उसे जशपुर जिले के उसके गांव से दबिश देकर पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था, जबकि चौथा आरोपी लगातार फरार था।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2022 को हुई थी, जब नाबालिग लड़की के पिता ने धरमजयगढ़ थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 23 जून की शाम घर से बिना किसी को बताए चली गई थी। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से मदद मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन से मिली। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक ट्रेन में सफर कर रही नाबालिग लड़की को दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ बरामद किया। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर वापस रायगढ़ लाई। इसके बाद उससे और संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वहां उसकी शादी कराने का झांसा देकर उसे 20 हजार रुपये में बेचने की कथित साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मानव तस्करी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। जांच में हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान के नाम सामने आए।</p>
<p>पुलिस ने वर्ष 2022 में कार्रवाई करते हुए हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा और रामपाल यादव को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हालांकि मामले का चौथा आरोपी रामा चौहान गिरफ्तारी से बच निकला था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और चार वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा।</p>
<p>रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे <strong>ऑपरेशन क्लीन हंट</strong> के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रामा चौहान जशपुर जिले के अपने गांव जोराडोल आया हुआ है। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गांव में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी दी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना पहले से जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं।</p>
<p>रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लंबे समय से फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। अभियान का उद्देश्य ऐसे मामलों में लंबित कार्रवाई को पूरा करना और फरार आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।</p>
<p>मानव तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग बच्चों और युवतियों को नौकरी, शादी या बेहतर भविष्य का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाने के कई मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में परिवारों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी जाती है।</p>
<p>पुलिस का यह भी कहना है कि रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है ताकि इस तरह के मामलों को समय रहते रोका जा सके। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के बीच हुए समन्वय से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया जा सका, जिसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>चार साल बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। हालांकि मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार निगरानी और अभियान चलाने की बात कह रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:06:18 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई की बारिश बनी आफत, अश्नूर कौर के लग्जरी घर में घुसा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[तेज बारिश के बीच परिवार के साथ घर से पानी निकालती नजर आईं अभिनेत्री, सोशल मीडिया पर लिखा- मेरे ऊपर लगी हर नजर खुशियों, सफलता और तरक्की में बदल जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/mumbais-rains-become-a-disaster-water-enters-ashnoor-kaurs-luxury/article-57654"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ashnoor-kaur.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुंबई में लगातार हो रही बारिश का असर आम लोगों के साथ-साथ फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों पर भी देखने को मिल रहा है। तेज बारिश और जलभराव के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच टीवी और फिल्म अभिनेत्री अश्नूर कौर ने अपने घर की एक झलक सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसमें उनके लग्जरी घर के अंदर बारिश का पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों ने चिंता जताई है और जल्द सब कुछ सामान्य होने की कामना की है। अश्नूर कौर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनके परिवार के सदस्य और घर में काम करने वाले लोग मिलकर घर से पानी निकालते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि घर के फर्श पर काफी मात्रा में पानी जमा हो गया है। सभी लोग बाल्टियों, पोछों और अन्य सामान की मदद से पानी बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान घर के फर्नीचर और अन्य सामान को भी सुरक्षित स्थान पर रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नुकसान कम से कम हो। वीडियो के साथ अश्नूर ने एक भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने बताया कि उन्हें एक इवेंट के लिए घर से निकलना था, लेकिन ठीक उसी समय यह स्थिति बन गई। उन्होंने लिखा, "मुझे एक इवेंट के लिए निकलना था और तभी घर पर ये हो गया। मेरे ऊपर लगी हर नजर खुशियों, सफलता और तरक्की में बदल जाए।" उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे सकारात्मक सोच का उदाहरण बताते हुए उनके लिए शुभकामनाएं दीं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि अभिनेत्री ने यह नहीं बताया कि पानी घर में किस वजह से भरा, लेकिन लगातार हो रही तेज बारिश को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। मुंबई में पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में सड़कें पानी से भर गई हैं और कई रिहायशी परिसरों में भी बारिश का पानी पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। अश्नूर के घर का वीडियो भी इसी स्थिति की एक तस्वीर पेश करता है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने अभिनेत्री और उनके परिवार के लिए चिंता जताई, जबकि कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशंसकों ने यह भी कहा कि मुश्किल समय में अश्नूर ने जिस तरह सकारात्मक संदेश दिया, वह काफी प्रेरणादायक है। कई लोगों ने उनके पोस्ट पर हौसला बढ़ाने वाले कमेंट भी किए। मुंबई की बारिश का असर केवल अश्नूर कौर तक सीमित नहीं रहा। अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शहर के भारी ट्रैफिक से बचने के लिए मेट्रो से सफर करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वे साधारण यात्रियों की तरह मेट्रो में यात्रा करते दिखाई दिए। उन्होंने अपना चेहरा भी ढक रखा था ताकि भीड़ में आसानी से सफर कर सकें। उनके इस अंदाज की भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने बारिश का अलग ही अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने बारिश के मौसम का आनंद लेते हुए अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें वे मानसून का लुत्फ उठाती नजर आईं। इससे साफ है कि जहां एक ओर भारी बारिश कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी है, वहीं कुछ लोगों ने इस मौसम का आनंद भी लिया। मुंबई में मानसून के दौरान जलभराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर साल भारी बारिश शहर की रफ्तार पर असर डालती है। सड़क यातायात, लोकल ट्रेन सेवाएं और दैनिक जीवन कई बार प्रभावित हो जाता है। कई रिहायशी इलाकों में भी पानी भरने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। अश्नूर कौर की बात करें तो उन्होंने कम उम्र में ही टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत करने वाली अश्नूर कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों का हिस्सा रह चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है, जहां वे अपने निजी जीवन और पेशेवर गतिविधियों से जुड़े अपडेट साझा करती रहती हैं। हाल के समय में वह रियलिटी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय नजर आई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 14:05:34 +0530</pubDate>
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