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                <title>SIT Probe - दैनिक जागरण</title>
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                <description>SIT Probe RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[सुबह 7 बजे पुलिस की आठ टीमों ने एक साथ दी दबिश, कई घरों पर मिले ताले, परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ; संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/big-police-action-in-ram-mandir-offering-theft-case-simultaneous/article-57177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ram-mandir-donation-theft.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अयोध्या में राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार सुबह पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर कार्रवाई को और तेज कर दिया। सुबह करीब 7 बजे पुलिस की अलग-अलग आठ टीमों ने एक ही समय पर सभी आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई घरों पर ताले लगे मिले, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस ने परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर जरूरी जानकारी जुटाई। अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं और आरोपियों की संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर शुरुआत में ताला लगा मिला। कुछ देर बाद उनकी मां मौके पर पहुंचीं और घर का ताला खोला। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर तलाशी ली और जरूरी दस्तावेजों की जांच की। इसी तरह टिन्नू के भतीजे और सह-आरोपी मनीष यादव के घर पर भी ताला लगा मिला। पुलिस टीम वहां भी कुछ समय तक मौजूद रही और आसपास के लोगों से पूछताछ की। तीसरे आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के घर पर भी कोई मौजूद नहीं था और बाहर ताला लगा मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर पर भी लंबी कार्रवाई की। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों की जांच की और खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। साथ ही बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं चोरी की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या अन्य निवेश में तो नहीं किया गया। छापेमारी अभियान में पुलिस के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी, विशेष रूप से लेखपालों को भी शामिल किया गया। इनकी मदद से आरोपियों के नाम पर दर्ज जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध संपत्ति या संदिग्ध निवेश सामने आता है तो संबंधित कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह मामला 7 जून को सामने आया था, जब राममंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने विभिन्न दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। इसके बाद जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को नामजद किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन 26 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके बाद से लगातार मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे घटनाक्रम के बीच मंदिर ट्रस्ट में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इस्तीफों के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन यह घटनाक्रम मामले की जांच के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। अधिकारियों के अनुसार जांच निष्पक्ष और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:42:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या पहुंचेंगे योगी, चंपत राय को कार्यक्रम से दूर रहने का संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[चढ़ावा चोरी जांच तेज, सीएम योगी के दौरे से पहले प्रशासन की सख्ती बढ़ी, मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/yogi-champat-rai-will-reach-ayodhya-amid-ram-temple-offering/article-56342"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राम मंदिर में चढ़ावा राशि की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद और जांच के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मंदिर प्रबंधन, दान राशि की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। हालांकि इस दौरे को लेकर जारी प्रोटोकॉल में एक ऐसा बिंदु सामने आया है जिसने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को कार्यक्रम में शामिल न होने और अपने स्थान पर किसी प्रतिनिधि को नामित करने का सुझाव दिया गया है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में इस संबंध में जानकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट को देने के लिए भी कहा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल चंपत राय मंदिर ट्रस्ट के सबसे प्रभावशाली पदाधिकारियों में गिने जाते हैं। मंदिर निर्माण से लेकर प्रबंधन और वीआईपी कार्यक्रमों तक उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उनकी अनुपस्थिति की संभावना को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दूसरी ओर, चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) चौथे दिन भी सुबह से ही राम मंदिर परिसर पहुंची और जांच प्रक्रिया जारी रखी। सूत्रों के मुताबिक टीम ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की और दान राशि की गिनती एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दान राशि की गिनती, उसके भंडारण और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई। इसी क्रम में मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से भी पूछताछ किए जाने की खबर सामने आई है। अब तक की जांच में पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी किसी न किसी रूप में दान राशि की गिनती और उससे संबंधित कार्यों से जुड़े थे। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर अब तक करीब दो करोड़ रुपये की बरामदगी भी की जा चुकी है। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी गुरुवार को अयोध्या पहुंचे और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावा राशि से जुड़े मामले में बड़े लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और पूरी सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी दावा किया था कि मंदिर में करोड़ों रुपये की दान राशि के गबन की आशंका है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने भी मामले की जांच की मांग की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगे जाने की खबर सामने आई थी, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया। इसके बाद राज्य स्तर पर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी बीच एक और महत्वपूर्ण चर्चा राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को लेकर शुरू हुई है। बताया जा रहा है कि काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर राम मंदिर में भी किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को सीईओ बनाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं की निगरानी और अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पूरा मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक दलों की बयानबाजी, जांच एजेंसियों की सक्रियता और मंदिर प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सभी की नजरें इस दौरे पर टिकी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:27:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्विशा केस में SIT की जांच पर CBI की नाराजगी, केस डायरी में खामियां उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[आधी-अधूरी केस डायरी पर फटकार, गिरिबाला की कॉल डिटेल खंगालने की तैयारी; जांच प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cbis-displeasure-over-sit-investigation-in-twisha-case-flaws-in/article-54305"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल की मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला एक बार फिर जांच एजेंसियों के बीच टकराव और सवालों के घेरे में आ गया है। मामले की जांच कर रही SIT द्वारा सौंपी गई केस डायरी पर CBI ने गंभीर आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी अधूरी, अव्यवस्थित और कई अहम तथ्यों से वंचित पाई गई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने नाराजगी जाहिर की है। मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।</p>
<p>करीब 360 पन्नों की केस डायरी में घटनाओं का क्रम सही तरीके से दर्ज नहीं था और कई महत्वपूर्ण बिंदु पूरी तरह गायब थे। इस पर CBI ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरी फाइल को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाए और सभी तथ्यों को क्रमवार तरीके से दर्ज किया जाए। इसके बाद SIT ने संशोधित केस डायरी और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं, लेकिन अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं। मामले की जांच में यह लापरवाही ऐसे समय सामने आई है जब जांच एजेंसियों से उच्च स्तर की पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती की उम्मीद की जा रही थी। CBI अधिकारियों ने दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान कहा कि केस डायरी में कई अहम पहलू या तो दर्ज नहीं हैं या फिर अस्पष्ट तरीके से लिखे गए हैं, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।</p>
<h5><strong>जांच की दिशा में बदलाव के संकेत</strong></h5>
<p>सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस केस में जांच की दिशा को और व्यापक करने पर विचार कर रही है। एजेंसी ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला से पहले ही पूछताछ की है। पूछताछ में पारिवारिक संबंधों, घटनाक्रम और आपसी तनाव से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं।</p>
<p>इसके साथ ही अब गिरिबाला की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भी भेज दिया है, ताकि मोबाइल कॉल और डिजिटल संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाली जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि कॉल डिटेल से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। CBI ने इस मामले में ट्विशा शर्मा के परिजनों से भी मुलाकात की है और उनसे घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली है। परिजनों ने जांच में तेजी और निष्पक्षता की मांग की है।</p>
<h5><strong>फॉरेंसिक जांच और पुराने सबूतों की समीक्षा</strong></h5>
<p>जांच एजेंसी अब इस मामले में पुराने फॉरेंसिक सबूतों की दोबारा जांच कराने पर भी विचार कर रही है। पहले एकत्र किए गए साक्ष्यों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है। CBI इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर पहलू की दोबारा जांच की संभावना को खारिज नहीं किया जा रहा है। डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयान—सभी को एक साथ जोड़कर नए सिरे से विश्लेषण किया जाएगा।</p>
<h5><strong>कानूनी प्रक्रिया पर असर</strong></h5>
<p>केस डायरी में पाई गई खामियों का असर अब कानूनी प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है। दस्तावेजों के सही तरीके से व्यवस्थित न होने के कारण आगे की कोर्ट प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जब तक केस डायरी और संबंधित दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक जांच की गति धीमी रह सकती है। हालांकि CBI इस मामले में जल्द स्पष्टता लाने की कोशिश कर रही है।</p>
<h5><strong>जांच एजेंसियों पर बढ़ता दबाव</strong></h5>
<p>ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक जांच मामला नहीं रह गया है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। SIT और CBI के बीच दस्तावेजों को लेकर सामने आई खामियां पूरे सिस्टम पर चर्चा का विषय बन गई हैं।  जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:05:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या में सामने आया नया कनेक्शन, बाइक नंबर से खुला बड़ा राज</title>
                                    <description><![CDATA[शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में धनबाद कनेक्शन सामने आया। अपराधियों ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया, जांच में बड़ा खुलासा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/new-connection-revealed-in-the-murder-of-bengal-cm-shubhendu/article-53052"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t140917.831.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले ने अब झारखंड के धनबाद से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में इस्तेमाल की गई बाइक पर जो नंबर प्लेट लगी थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह असल में धनबाद के एक कर्मचारी विभाष भट्टाचार्य की बाइक का रजिस्टर्ड नंबर था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे अपराधियों ने फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बंगाल पुलिस की एसआईटी टीम भी जांच के सिलसिले में देर रात धनबाद पहुंची और कई घंटे तक स्थानीय स्तर पर पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से पहचान छिपाने की कोशिश का हिस्सा लग रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे-वैसे कई परतें खुलती चली गईं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अपराधियों ने जिस बाइक का इस्तेमाल वारदात में किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उस पर </span>JH <span lang="hi" xml:lang="hi">सीरीज का नंबर प्लेट लगाया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे झारखंड कनेक्शन की आशंका मजबूत हुई। जब इस नंबर को ट्रेस किया गया तो यह धनबाद के पाथरडीह इलाके में तैनात एक कर्मचारी विभाष भट्टाचार्य के नाम पर दर्ज पाया गया। इसके बाद जांच टीम चास नाला कार्यालय तक पहुंची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से यह जानकारी भी मिली कि भट्टाचार्य मूल रूप से बंगाल के बर्नपुर के रहने वाले हैं और उनका तबादला कुछ साल पहले झारखंड में हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम ने जांच को और पेचीदा बना दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा था कि अपराधियों ने जानबूझकर किसी और की पहचान का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच के दौरान एक अहम मोड़ तब आया जब विभाष भट्टाचार्य की लोकेशन और गतिविधियों की पुष्टि की गई। उनके कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह साफ हो गया कि घटना के समय वह अपने कार्यस्थल पर ही मौजूद थे। इससे उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई है। पुलिस के अनुसार हत्यारों ने न सिर्फ बाइक का नंबर चुराया बल्कि उसे दूसरी बाइक पर फर्जी तरीके से चिपकाकर इस्तेमाल किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। अब एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जी नंबर प्लेट किसने और किस नेटवर्क के जरिए तैयार की और इसका इस्तेमाल किन लोगों ने किया।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 15:10:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भोपाल कोहेफिजा में छात्रा-आत्महत्या के बाद मकान मालिक ने की खुदकुशी, उठे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल के कोहेफिजा में एमबीबीएस छात्रा और मकान मालिक की आत्महत्या से हड़कंप। परिजनों ने दबाव और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal-after-student-suicide-in-kohefiza-landlord-commits-suicide-serious/article-53043"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t124519.491.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल के कोहेफिजा इलाके में एक पुरानी घटना ने शनिवार देर रात नया मोड़ ले लिया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब एमबीबीएस छात्रा की आत्महत्या के तीन महीने बाद उसी मकान के मालिक ने भी आत्महत्या कर ली। इस मामले ने इलाके में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। मृतक की पहचान विजय राठौर के रूप में हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसी मकान के मालिक थे जहां छात्रा रोशनी किराए से रहती थी। परिजनों का कहना है कि लगातार चल रहे मानसिक दबाव और आरोप-प्रत्यारोप के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मकान मालिक की पत्नी करुणा राठौर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा के परिजन लगातार उनके पति पर दबाव बना रहे थे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस भी बार-बार बयान के नाम पर थाने बुलाकर घंटों बैठाए रखती थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे परिवार मानसिक तनाव में आ गया था। पत्नी का दावा है कि विजय राठौर कई दिनों से परेशान थे और उन्होंने कई बार यह बात भी कही थी कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शनिवार देर रात उन्होंने घर में ही आत्महत्या कर ली।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला उसी घटना से जुड़ा है जिसमें फरवरी महीने में गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 साल की छात्रा रोशनी का शव उसके किराए के कमरे के बाथरूम में मिला था। उस समय घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बाद में पुलिस की फॉरेंसिक जांच में उसके मोबाइल से एक संदेश सामने आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सुसाइड नोट बताया गया। उसमें छात्रा ने नीट और एमबीबीएस की पढ़ाई के दबाव का जिक्र करते हुए माफी मांगी थी। पुलिस के अनुसार यह संदेश घटना से कुछ घंटे पहले खुद को भेजा गया था।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छात्रा की मौत के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया था। मेडिकल छात्रों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कोहेफिजा थाने के बाहर देर रात तक प्रदर्शन भी किया था। हालात को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। हालांकि जांच के दौरान अब तक किसी तरह की प्रत्यक्ष हत्या के सबूत सामने नहीं आए थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब मकान मालिक की आत्महत्या के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी का कहना है कि उनके पति को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी वजह से वह डिप्रेशन में चले गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन घर आकर दबाव बनाते थे और कार्रवाई की मांग करते हुए धमकी भरे तरीके से बात करते थे। परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने विजय राठौर को अंदर से तोड़ दिया था।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मृतक की बेटी बेंगलुरु में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं को जोड़कर हर पहलू की जांच की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:15:07 +0530</pubDate>
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