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                <title>हिंदी न्यूज - दैनिक जागरण</title>
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                <description>हिंदी न्यूज RSS Feed</description>
                
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                <title> स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[ ईरान ने परमाणु बम न बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन संवर्धन अधिकार को बताया अटूट।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/us-iran-switzerland-talks-begin-amid-lebanon-crisis/article-56595"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/us-iran-high-stakes-four-party-talks-begin-in-switzerland;-iran-assures-no-bomb-but-call-enrichment-non-negotiable-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">अमेरिका और ईरान के बीच अत्यंत संवेदनशील और उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता रविवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ की अगुवाई में हो रही इस चार-पक्षीय शिखर बैठक में पाकिस्तान और कतर के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">यह महत्वपूर्ण बैठक हाल ही में हस्ताक्षरित 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) के बाद आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्ष को रोकना है। हालांकि, दोनों पक्ष 60 दिनों के अस्थाई युद्धविराम के साये में बातचीत की मेज पर आए हैं, लेकिन दोपहर के सत्र से पहले ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। तेहरान ने साफ कहा कि उसका यूरेनियम संवर्धन (Nuclear Enrichment) का अधिकार पूरी तरह से संप्रभु और गैर-परक्राम्य (जिस पर कोई समझौता न हो सके) है, हालांकि वह यह लिखित आश्वासन देने को तैयार है कि वह कभी भी परमाणु बम नहीं बनाएगा।</p>
<p dir="ltr">स्विस विदेश मंत्रालय के अनुसार, राजनयिक कार्यक्रम की शुरुआत बंद कमरे में हुई द्विपक्षीय बैठकों से हुई, जहां ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थ टीमों के साथ बातचीत की रूपरेखा तैयार की। इन तकनीकी वार्ताओं के बाद—जिसमें पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर की अचानक मौजूदगी ने सबको चौंका दिया—दोपहर बाद आधिकारिक चार-पक्षीय पूर्ण सत्र (Plenary Session) की शुरुआत हुई।</p>
<h3 dir="ltr">लेबनान संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य एजेंडे में सबसे ऊपर</h3>
<p dir="ltr">मूल रूप से यह बैठक अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते की तकनीकी बारीकियों को तय करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालातों के कारण चर्चा का दायरा तुरंत बढ़ा दिया गया। दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सूत्रों ने पुष्टि की है कि लेबनान में जारी संघर्ष की आपातकालीन समीक्षा को बैठक के प्राथमिक एजेंडे के रूप में शामिल किया गया है।</p>
<p dir="ltr">मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति इस समय बेहद नाजुक बनी हुई है। सप्ताहांत में दक्षिणी लेबनान के कफ़र तेबनित के पास हिजबुल्लाह के रॉकेट और ड्रोन हमलों में कम से कम छह इजरायली सैनिक मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए। इसके साथ ही लेबनान के पश्चिमी बेका और टायर क्षेत्रों में इजरायली हवाई हमलों में एक बच्चे और महिला सहित कम से कम सात नागरिकों की जान चली गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड पहुंचने से पहले कहा था कि लेबनान में स्थाई युद्धविराम सुनिश्चित करना वाशिंगटन की तात्कालिक प्राथमिकता है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने इजरायल पर लेबनान में अपनी प्रतिबद्धताओं को बार-बार तोड़ने का आरोप लगाया।</p>
<p dir="ltr">सैन्य तनाव के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन (समुद्री व्यापार मार्ग) को लेकर भी विवाद गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े फार्स न्यूज ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अगले आदेश तक अनधिकृत वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस समुद्री नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मचा दिया है, जिसके कारण कतर को खाड़ी देशों की ओर से सुबह के सत्र में आक्रामक रूप से हस्तक्षेप करना पड़ा, क्योंकि खाड़ी देशों की तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला इस बंदी के कारण सीधे तौर पर ठप हो गई है।</p>
<h3 dir="ltr">अरबों डॉलर का वित्तीय और कूटनीतिक गतिरोध</h3>
<p dir="ltr">बर्गनस्टॉक शिखर सम्मेलन के आर्थिक दांव बेहद ऊंचे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने रविवार को घोषणा की कि इस प्रारंभिक समझौते का एक मुख्य हिस्सा कतरी खातों में फ्रीज (जब्त) किए गए 6 अरब डॉलर के ईरानी फंड की तत्काल रिहाई है। पेज़ेशकियन ने दावा किया कि इस समझौते की शर्तें पूरी तरह से तेहरान के पक्ष में हैं, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन अधिकारों को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है जिन्हें वाशिंगटन पहले दबाना चाहता था।</p>
<p dir="ltr">दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन से इस पूरे मामले में एक नया और विवादित मोड़ जोड़ दिया है। ट्रंप ने पुष्टि की कि 60 दिनों के युद्धविराम के दौरान जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन भविष्य में यह मुफ्त आवाजाही सशर्त होगी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि कोई व्यापक समझौता नहीं होता है, तो मध्य पूर्व की सुरक्षा में अमेरिका द्वारा निभाई गई "गार्जियन एंजेल" (रक्षक) की भूमिका और सुरक्षा खर्चों की भरपाई के लिए अमेरिका जहाजों पर ट्रांजिट फीस (टोल) लगा सकता है।</p>
<p dir="ltr">"अमेरिका के साथ किसी भी अंतिम शांति समझौते की असली परीक्षा कागजों पर नहीं, बल्कि तेल क्षेत्र में होगी। हम वैश्विक भागीदारों के लिए सैकड़ों निवेश परियोजनाएं खोलने को तैयार हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब पश्चिमी देश प्रतिबंधों में ढील देने के अपने वादों का पूरी तरह पालन करेंगे।" — मोहसेन पाकनेजाद, ईरानी तेल मंत्री</p>
<h3 dir="ltr">कड़ा घरेलू विरोध और संशय के बादल</h3>
<p dir="ltr">स्विट्जरलैंड में चल रही इस कूटनीतिक कवायद के बावजूद, दोनों देशों के भीतर घरेलू स्तर पर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। वाशिंगटन में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने भू-राजनीतिक गतिरोध से निपटने के राष्ट्रपति ट्रंप के तरीकों पर चौतरफा हमला बोला है। मैरीलैंड के डेमोक्रेटिक सांसद जॉनी ओल्शेवस्की ने सोशल मीडिया पर इस पहल की कड़ी आलोचना करते हुए इसे "समझौते के रूप में पेश किया गया एक दिखावटी युद्धविराम" करार दिया, जो लागू होने से पहले ही बिखरना शुरू हो गया है।</p>
<p dir="ltr">ऐसा ही असंतोष यरूशलेम (इजरायल) में भी देखने को मिल रहा है। हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम और अगाम इंस्टीट्यूट द्वारा जारी एक व्यापक जनमत संग्रह (Poll) से पता चला है कि 92.1% इजरायलियों का मानना है कि इस हालिया संघर्ष और अमेरिकी समझौते से ईरान और मजबूत होकर उभरा है। इसके अलावा, 82.9% उत्तरदाताओं को लगता है कि इससे इजरायल की दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर समझौता हुआ है।</p>
<p dir="ltr">इस कड़े रुख को दोहराते हुए इजरायल के दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने रविवार को दोटूक कहा कि जब तक हिजबुल्लाह पूरी तरह से अपने हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से "एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेगी"। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका समय से पहले पीछे हटने की मांग करता है, तो इजरायल वाशिंगटन के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।</p>
<p dir="ltr">फिलहाल, अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने के बाद ईरान ने अपने खार्ग द्वीप निर्यात टर्मिनल से कच्चे तेल की लोडिंग दोबारा शुरू कर दी है। आर्थिक मोर्चे पर यह समझौता राजनीतिक सहमति की तुलना में कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकारों, जिनमें मोहसेन रजाई और मोहम्मद मोखबर शामिल हैं, ने अपने वार्ताकारों को अमेरिकी हस्ताक्षरों पर अत्यधिक भरोसा न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि वाशिंगटन अपने आर्थिक वादों से मुकरता है, तो मध्य पूर्व के ऊर्जा गलियारों को एक बार फिर तत्काल व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 17:24:02 +0530</pubDate>
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                <title>शादी के 2 दिन बाद ससुराल पहुंचा बॉयफ्रेंड, बोला- दुल्हन मेरी गर्लफ्रेंड, मचा हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में शादी के 2 दिन बाद युवती के बॉयफ्रेंड ने ससुराल पहुंचकर हंगामा किया। दूल्हे ने तलाक मांगा, रिसेप्शन रद्द, मामला थाने पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/boyfriend-reached-in-laws-house-2-days-after-marriage-and-said/article-53044"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t125649.095.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शादी के महज दो दिन बाद ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे इलाके में चर्चा बढ़ा दी है। यहां एक युवती के ससुराल में उसका कथित बॉयफ्रेंड अचानक पहुंच गया और हंगामा कर दिया। मनेंद्रगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कठौतिया गांव में हुई इस घटना ने शादी की खुशियों को विवाद में बदल दिया। युवक ने ससुराल वालों के सामने दावा किया कि दुल्हन उसकी गर्लफ्रेंड है और दोनों पिछले करीब तीन साल से रिलेशनशिप में थे। उसने यह भी कहा कि उसके पास दोनों के फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर मौजूद हैं। अचानक हुए इस खुलासे से घर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और रिसेप्शन की तैयारियों के बीच ही सब कुछ बिगड़ गया। मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ा कि पुलिस को बीच में आना पड़ा और फिर पूरे परिवार को थाने ले जाया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत कठौतिया निवासी नवीन कुमार की शादी 6 मई को रीति-रिवाज के साथ कोड़ा गांव की युवती अनिता से हुई थी। शादी के बाद 7 मई को विदाई हुई और दुल्हन अपने ससुराल पहुंची थी। उसी दिन परिवार रिसेप्शन की तैयारी में जुटा था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन तभी अचानक ड्राय फ्रूट्स कारोबारी मयूर अग्रवाल वहां पहुंच गया। उसने सभी के सामने दावा किया कि वह और दुल्हन लंबे समय से रिश्ते में हैं और वह उसके बिना नहीं रह सकता। उसके आरोपों ने शादी वाले घर में भारी हंगामा खड़ा कर दिया। परिवार के लोग भी इस बात से हैरान रह गए और कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने पुलिस को सूचना दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और तीनों दूल्हा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुल्हन और युवक</span>—<span lang="hi" xml:lang="hi">को सिटी कोतवाली ले जाया गया। देर रात करीब 2 बजे तक थाने में समझाइश चलती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">थाने में हुई बातचीत के दौरान दूल्हे ने साफ तौर पर कह दिया कि वह अब इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। उसका कहना था कि जब दुल्हन पहले से किसी और के साथ संबंध में थी तो वह उसे स्वीकार नहीं कर सकता। इसी कारण उसने तलाक की मांग भी कर दी और रिसेप्शन कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। थाने के बाहर भी दोनों पक्षों के बीच हल्की बहस की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और मामला आपसी समझाइश के लिए छोड़ दिया गया है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:15:00 +0530</pubDate>
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