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                <title>Electricity Bill - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Electricity Bill RSS Feed</description>
                
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                <title>दुर्ग में स्मार्ट मीटर के विरोध में फूटा गुस्सा, लोगों ने तोड़े मीटर</title>
                                    <description><![CDATA[जनदर्शन में पहुंचे सैकड़ों उपभोक्ताओं ने बढ़े बिजली बिल का विरोध किया, पुराने मीटर बहाल करने और बिजली दरें घटाने की मांग उठाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/anger-erupted-against-smart-meters-in-durg-people-broke-meters/article-57542"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/durg-smart-meter-protest.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपभोक्ता अपने घरों से उतारे गए स्मार्ट मीटर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने अपने साथ लाए स्मार्ट मीटर जमीन पर पटककर तोड़ दिए और सरकार तथा बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाने, पुराने मीटर दोबारा लगाने और बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की। पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि राज्य में बिजली का उत्पादन स्थानीय संसाधनों, खासकर कोयले के जरिए किया जाता है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई के कारण घरेलू बजट प्रभावित है और अब बिजली के बढ़े हुए बिलों ने आम परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई लोगों ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके मासिक बिजली बिल पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गए हैं। उनका कहना था कि उन्होंने अपने घरों में कोई नया बिजली उपकरण नहीं लगाया, फिर भी हर महीने बिल लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी वजह से लोगों के बीच स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह और असंतोष बढ़ता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना है कि कई इलाकों में लोगों की इच्छा के खिलाफ मीटर लगाए गए। विरोध करने पर उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई और दबाव बनाकर पुराने मीटर हटाए गए। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मीटर लगाने पहुंचे कर्मचारियों के पास किसी अधिकृत संस्था का पहचान पत्र तक नहीं था। इससे लोगों के मन में पूरी प्रक्रिया को लेकर अविश्वास पैदा हुआ। उनका कहना है कि यदि नई तकनीक लागू की जा रही है तो पहले लोगों को उसकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी और उनकी सहमति भी ली जानी चाहिए थी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की एक बड़ी चिंता इसकी तकनीकी व्यवस्था को लेकर भी सामने आई। प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं का कहना था कि इलेक्ट्रॉनिक मीटरों के जरिए बिजली विभाग दूर से ही रीडिंग ले सकता है और जरूरत पड़ने पर बिना घर पहुंचे बिजली कनेक्शन काट या जोड़ सकता है। उनका मानना है कि इससे उपभोक्ताओं के अधिकार कमजोर हो सकते हैं और किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई लोगों ने यह भी कहा कि यदि मीटर में कोई खराबी आती है तो आम उपभोक्ता उसे समझ भी नहीं पाएगा, जबकि पारंपरिक मीटर में रीडिंग स्पष्ट दिखाई देती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जनदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई महिलाओं ने कहा कि बढ़ते बिजली बिल का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ रहा है। रसोई का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतों के बीच बिजली बिल का बढ़ता बोझ परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उनका कहना था कि यदि यही स्थिति बनी रही तो निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए आर्थिक संकट और गहरा सकता है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि आम उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और जल्द राहत दी जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और जिन क्षेत्रों से अधिक बिल आने की शिकायतें मिली हैं, वहां विशेष जांच अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही पुराने मीटर दोबारा लगाने की व्यवस्था की जाए और बिजली दरों में हाल में हुई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए। लोगों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और राज्य के अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि बिजली विभाग की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और उन्हें ठोस कार्रवाई चाहिए। उनका कहना है कि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले फैसलों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:41:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मीटर बिल रिचार्ज करने की टेंशन जल्द होगी खत्म, जून से ऐसे मिलेगा पोस्टपेड बिल</title>
                                    <description><![CDATA[UPPCL ने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की। जून से SMS, WhatsApp और ऐप्स पर मिलेगा बिजली बिल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/the-tension-of-recharging-meter-bill-will-end-soon-postpaid/article-53056"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t145201.216.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">Prepaid Meter Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम को लेकर </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने नया अपडेट जारी किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद अब प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग की तरफ से साफ कहा गया है कि मई 2026 का बिल अब जून 2026 से उपभोक्ताओं को सीधे फोन पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए रिचार्ज की टेंशन लगभग खत्म मानी जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बिल अब पहले की तरह तय तारीखों पर भेजा जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने अपने आधिकारिक पोस्ट में यह भी बताया है कि उपभोक्ताओं को बिल पाने के लिए अलग-अलग डिजिटल विकल्प दिए जाएंगे। पहले जहां मीटर रीडिंग के बाद घर-घर बिल पहुंचाया जाता था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं अब सिस्टम डिजिटल हो गया है। प्रीपेड मीटर के बढ़ते इस्तेमाल के बाद यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 जून से 10 जून के बीच उपभोक्ताओं को उनका बिल मोबाइल पर </span>SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए भेज दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और लोगों को समय पर जानकारी मिलती रहेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब बात करते हैं कि आखिर उपभोक्ता अपना बिजली बिल कैसे प्राप्त कर सकेंगे। सबसे आसान तरीका </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">बताया गया है। इसके तहत डिस्कॉम की तरफ से सीधे उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाएगा। अगर किसी को कई मैसेज के बीच अपना बिल ढूंढने में परेशानी हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह अपने मोबाइल के </span>SMS <span lang="hi" xml:lang="hi">सर्च में कस्टमर आईडी डालकर संबंधित बिल मैसेज आसानी से खोज सकता है। यह तरीका उन लोगों के लिए काफी उपयोगी रहेगा जो स्मार्टफोन या ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरा तरीका </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">ने काफी आसान बताया है। इसके लिए अलग-अलग डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर जारी किए गए हैं। पूर्वांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिमांचल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिणांचल और केस्को के लिए अलग-अलग नंबर दिए गए हैं। उपभोक्ता को बस अपने डिस्कॉम के नंबर पर </span>“Hi” <span lang="hi" xml:lang="hi">भेजना होता है। इसके बाद आगे दिए गए विकल्पों में से </span>Electricity Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनना होता है और फिर अपनी कस्टमर आईडी डालनी होती है। इसके बाद पूरा बिल </span>WhatsApp <span lang="hi" xml:lang="hi">चैट में ही मिल जाता है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए सुविधाजनक है जो मोबाइल ऐप्स की बजाय मैसेजिंग ऐप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">तीसरा विकल्प पेमेंट ऐप्स का है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें </span>PhonePe <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>Google Pay <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन ऐप्स पर </span>Electricity Bill <span lang="hi" xml:lang="hi">सेक्शन में जाकर राज्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्कॉम और कस्टमर आईडी डालकर बिल देखा जा सकता है। यहां से उपभोक्ता सीधे </span>UPI <span lang="hi" xml:lang="hi">के जरिए भुगतान भी कर सकते हैं। यह तरीका सबसे तेज माना जा रहा है क्योंकि इसमें बिल देखने और भुगतान दोनों की सुविधा एक ही जगह मिल जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर किसी उपभोक्ता को इन सभी तरीकों में दिक्कत आती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो चौथा विकल्प 1912 हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर कॉल करके ग्राहक सेवा अधिकारी से सीधे बात की जा सकती है। कॉल कनेक्ट होने के बाद उपभोक्ता को अपनी कस्टमर आईडी बतानी होती है और फिर बिल की पूरी जानकारी मिल जाती है। </span>UPPCL <span lang="hi" xml:lang="hi">का कहना है कि यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए काफी मददगार होगी जो डिजिटल माध्यमों से सहज नहीं हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कुल मिलाकर यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सिस्टम अपडेट माना जा रहा है। प्रीपेड मीटर बिल व्यवस्था से पोस्टपेड सिस्टम की तरफ यह शिफ्टिंग आने वाले समय में उपभोक्ताओं के अनुभव को काफी बदल सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 15:10:17 +0530</pubDate>
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