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                <title>Village - दैनिक जागरण</title>
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                <title>मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बने तो 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के समर्थन में खड़े लोगों पर भी कार्रवाई, पीड़ितों ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/social-boycott-of-43-families-if-ghee-malpuas-are-not/article-57013"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sirohi-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से सामाजिक बहिष्कार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परंपराओं और सामाजिक दबाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव के एक गरीब परिवार ने आर्थिक तंगी के चलते मृत्युभोज में घी के मालपुए बनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद समाज के कुछ पंचों ने न केवल उस परिवार का बल्कि उनका समर्थन करने वाले 43 अन्य परिवारों का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब गांव में उन्हें राशन तक नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय दुकानदार सामान देने से मना कर रहे हैं, जबकि सार्वजनिक कुओं से पानी भरने पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, गांव के लोगों से बातचीत तक बंद कर दी गई है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें खेतों में मजदूरी भी नहीं मिल रही, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक परिवार में मृत्यु के बाद आयोजित होने वाले मृत्युभोज में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए। परिवार ने समाज के लोगों से सादा भोजन स्वीकार करने का आग्रह किया था, लेकिन कथित तौर पर कुछ पंच इस बात से नाराज हो गए। इसके बाद पंचायत बुलाकर सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया गया। पीड़ितों का कहना है कि जिन्होंने इस फैसले का विरोध किया या गरीब परिवार का समर्थन किया, उन्हें भी दंडित कर दिया गया। देखते ही देखते कुल 43 परिवार इस बहिष्कार की चपेट में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रभावित परिवारों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार का असर केवल रिश्तों तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। महिलाओं और बच्चों को भी गांव में उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों का कहना है कि जरूरत का सामान खरीदने के लिए उन्हें दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर मजदूरी बंद होने से आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है। कुछ लोगों ने बताया कि छोटे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। गांव में सामाजिक दूरी बनाए रखने का दबाव इतना अधिक है कि कई लोग चाहकर भी इन परिवारों की मदद नहीं कर पा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय स्तर पर अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद सभी प्रभावित परिवार सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन से सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच का भरोसा दिया है। उधर, यह मामला सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इस तरह का सामाजिक दबाव उचित नहीं है और किसी भी परंपरा के नाम पर लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाएं न केवल प्रभावित परिवारों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं बल्कि समाज में भय और असमानता का माहौल भी पैदा करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि राजस्थान में सामाजिक बहिष्कार को रोकने के लिए 'राजस्थान सामाजिक बहिष्कार निषेध अधिनियम, 2019' लागू है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना दंडनीय अपराध माना गया है। कानून का उद्देश्य ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करेगा और उन्हें सामान्य जीवन जीने का अधिकार वापस मिलेगा। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई लोग चाहते हैं कि बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकले, जबकि पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल सामाजिक सम्मान ही नहीं बल्कि अपने बुनियादी अधिकार भी वापस चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सूरजपुर में चोरी के शक में 2 युवकों को जूतों की माला पहनाकर घुमाया, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में चोरी के आरोप में दो युवकों को जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया। वीडियो वायरल होने पर पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/in-surajpur-on-suspicion-of-theft-2-youths-were-garlanded/article-53075"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-10t171135.186.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चोरी के आरोप में दो युवकों को कथित तौर पर जूते-चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाने का मामला सामने आया है। घटना शनिवार की बताई जा रही है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों युवक पीठ पर पंप लादे नजर आ रहे हैं। ग्रामीण उनके आसपास चलते दिखाई दे रहे हैं। मामला रामानुजनगर थाना क्षेत्र के छिंदिया गांव का है। पुलिस ने पीड़ित युवकों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक धनसाय (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">35) <span lang="hi" xml:lang="hi">और मुकेश (</span>25) <span lang="hi" xml:lang="hi">खेती-किसानी का काम करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों खेत से समरसिबल पंप चोरी कर रहे थे और उन्हें मौके पर पकड़ लिया गया। इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने कथित तौर पर दोनों युवकों को जूते-चप्पलों की माला पहनाई। इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चोरी का सामान उनकी पीठ पर रखकर गांव में घुमाया गया। घटना के दौरान वहां काफी भीड़ जमा हो गई थी। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मामला सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक काफी डरे हुए थे और पूरे घटनाक्रम के दौरान विरोध भी नहीं कर पाए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़ित युवकों का मुलाहिजा कराया जा रहा है। अगर जांच में मारपीट या जबरन अपमानित करने की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। चोरी का आरोप होने पर भी किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर भी लोगों की पहचान की जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूरजपुर जिले में एक महीने के भीतर इस तरह की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले पस्ता गांव में एक युवक पर सोलर पैनल सिस्टम के तार चोरी करने का आरोप लगा था। उस मामले में भी ग्रामीणों ने युवक को पंचायत में बुलाकर उसका आधा सिर मुंडवा दिया था। गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया था। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट भी की गई थी और उसकी पत्नी को भी भीड़ के बीच अपमानित किया गया। उस घटना के बाद भी पुलिस ने जांच और कार्रवाई की बात कही थी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 10:14:42 +0530</pubDate>
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