<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dainikjagranmpcg.com/water-safety/tag-12795" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>दैनिक जागरण RSS Feed Generator</generator>
                <title>Water Safety - दैनिक जागरण</title>
                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/tag/12795/rss</link>
                <description>Water Safety RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव 36 घंटे बाद मिला, दो दिन चला रेस्क्यू ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[सतना के निजी कॉलेज में पढ़ने वाला बिहार का छात्र दोस्तों के साथ घूमने आया था, नहाने के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव में लापता हो गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-body-of-a-nursing-student-who-drowned-in-brihaspati/article-58376"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/brihaspati-kund.jpg" alt=""></a><br /><p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">सतना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में डूबे नर्सिंग छात्र का शव करीब 36 घंटे बाद गुरुवार को पानी में तैरता मिला। दो दिनों तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव दिखाई देने पर बरौंधा पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से छात्र के साथियों और कॉलेज के विद्यार्थियों में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय <span class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text rFU14q_Emphasis">कुनाल ठाकुर</span> के रूप में हुई है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के नामपुर गांव का रहने वाला था। वह सतना के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को वह अपने पांच दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने गया था। सभी दोस्त कुंड में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान कुनाल गहरे पानी की ओर चला गया। वहां तेज बहाव होने के कारण वह संतुलन नहीं बना सका और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना तुरंत बरौंधा पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय गोताखोर और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक छात्र की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीम ने कुंड के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की, जबकि स्थानीय ग्रामीण भी तलाश में जुटे रहे। लगातार करीब 36 घंटे तक चले अभियान के बाद गुरुवार सुबह पानी की सतह पर एक शव तैरता दिखाई दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर शव को बाहर निकाला। पहचान होने पर पुष्टि हुई कि वह कुनाल ठाकुर का ही शव है। शव मिलने की खबर मिलते ही उसके साथियों की आंखें नम हो गईं और कॉलेज के कई छात्र भी मौके पर पहुंच गए।</p>
<p class="zlAe0W_TextBase zlAe0W_Text" style="text-align:justify;">बरौंधा पुलिस ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। बृहस्पति कुंड सतना जिले का एक प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में यहां पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिससे अनजान पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय भी कुंड में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक था। कुनाल के दोस्तों ने बताया कि वह नहाते-नहाते थोड़ा आगे चला गया था। कुछ ही सेकंड में वह गहरे हिस्से में पहुंच गया और फिर नजरों से ओझल हो गया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलप्रपातों और कुंडों में नहाने के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है। तेज बहाव और गहरे पानी का अनुमान लगाना कई बार मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं। कुनाल ठाकुर के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के सदस्य बिहार से सतना के लिए रवाना हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्र के निधन पर शोक व्यक्त किया है और कहा है कि संस्थान हर संभव सहायता परिवार को उपलब्ध कराएगा। कुनाल के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई में मेहनती और मिलनसार स्वभाव का था। उसके अचानक चले जाने से पूरे कॉलेज परिसर में गहरा दुख है। कई छात्र उसे याद कर भावुक हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-body-of-a-nursing-student-who-drowned-in-brihaspati/article-58376</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/the-body-of-a-nursing-student-who-drowned-in-brihaspati/article-58376</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:30:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/brihaspati-kund.jpg"                         length="138065"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कलियासोत डैम में दर्दनाक हादसा, 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दोस्तों के साथ फोटो खिंचवाने गया था नाबालिग, प्रतिबंधित क्षेत्र में फिसला पैर, दो घंटे बाद मिला शव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/tragic-accident-in-kaliyasot-dam-17-year-old-teenager-died/article-57282"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-kaliyasot-dam-accident.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित कलियासोत डैम में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें 17 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब किशोर अपने तीन दोस्तों के साथ घूमने और फोटो खिंचवाने के लिए डैम पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी दोस्त प्रतिबंधित क्षेत्र में पानी के अंदर उतरकर फोटो ले रहे थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया और पूरा माहौल मातम में बदल गया। मृतक की पहचान जाटखेड़ी (मिसरोद) निवासी अंगद दांडे (17) पुत्र संतोष दांडे के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अंगद रविवार को अपने दोस्तों के साथ कलियासोत डैम घूमने गया था। सभी लोग पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर ढलान वाले हिस्से में पानी में उतरकर तस्वीरें ले रहे थे। शुरुआती हिस्से में पानी घुटनों तक था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर गहराई अचानक बढ़ गई। इसी दौरान अंगद का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। बताया गया कि उसे और उसके साथ मौजूद किसी भी दोस्त को तैरना नहीं आता था, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन आसपास तत्काल कोई मदद नहीं मिल सकी। घबराए हुए दोस्तों ने दौड़कर पास स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने किशोर का शव डैम से बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गमगीन हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वह क्षेत्र पहले से ही प्रतिबंधित घोषित है। वहां मगरमच्छों की मौजूदगी और गहरे पानी को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए फेंसिंग और स्टॉपर भी लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर अंदर चले जाते हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और फोटो शूट के चक्कर में युवा अक्सर जोखिम भरे स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कलियासोत डैम में पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी लोग चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेते। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और खासकर बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद जब लोग खुद नियम तोड़ते हैं, तो हादसों को रोकना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच शहर में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र के धोली खदान के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी वह अनजाने में तीन से चार फीट गहरे पानी के गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने तलाश शुरू की और उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले पानी के स्रोतों और निर्माण स्थलों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी न होने से छोटे बच्चे और युवा आसानी से हादसों का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक जागरूकता बेहद जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/tragic-accident-in-kaliyasot-dam-17-year-old-teenager-died/article-57282</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/tragic-accident-in-kaliyasot-dam-17-year-old-teenager-died/article-57282</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:35:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-06/bhopal-kaliyasot-dam-accident.jpg"                         length="160727"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जबलपुर बरगी डैम पर सरकार का बड़ा एक्शन, न्यायिक जांच के आदेश दिए, आयोग गठित</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच शुरू, सरकार ने आयोग गठित किया। 13 लोगों की मौत के मामले में सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/governments-big-action-on-jabalpur-bargi-dam-judicial-inquiry-ordered/article-53098"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t104647.559.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जबलपुर के बरगी डैम पर हालिया क्रूज हादसे को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले महीने हुई इस दर्दनाक घटना की अब न्यायिक जांच होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। यह फैसला इस हादसे में गंभीर लापरवाहियों और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बाद लिया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला बरगी डैम से जुड़ा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां 30 अप्रैल को एक क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते पलट गया था। हादसे के समय क्रूज में 41 लोग थे। अचानक मौसम खराब हुआ और पानी में उथल-पुथल के कारण नाव संतुलन खो बैठी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि 28 को किसी तरह सुरक्षित निकाला गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव ऑपरेशन में काफी मेहनत करनी पड़ी थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब राज्य सरकार ने इस संदर्भ में विस्तृत जांच के लिए न्यायिक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। आयोग के पास तीन महीने का समय है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस दौरान उन्हें अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार ने जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं। पहले बिंदु में हादसे के कारणों की गहन जांच और जिम्मेदारियों का निर्धारण करना शामिल है। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुर्घटना के समय और बाद में किए गए बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन भी किया जाएगा। तीसरा बिंदु राज्य में चल रही सभी नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके साथ</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इनलैंड वेसल्स एक्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2021 और </span>NDMA <span lang="hi" xml:lang="hi">की बोट सेफ्टी गाइडलाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2017 के अनुपालन की स्थिति की भी जांच की जाएगी। यह आयोग यह भी देखेगा कि जल परिवहन से संबंधित नियमों का पालन किस तरह हो रहा है और कहां-कहां खामियां हैं। चौथे बिंदु के तहत राज्य में क्रूज और नौका संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (</span>SOP) <span lang="hi" xml:lang="hi">तैयार करने का निर्णय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पांचवें बिंदु में त्वरित प्रतिक्रिया दल (</span>Rapid Response Team) <span lang="hi" xml:lang="hi">के गठन की बात की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया था। हादसे के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया था। लेकिन अब लगातार यह सवाल उठ रहा है कि इतने सारे यात्रियों के साथ चल रहे क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी और मौसम की चेतावनी समय पर क्यों नहीं दी गई।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/governments-big-action-on-jabalpur-bargi-dam-judicial-inquiry-ordered/article-53098</link>
                <guid>https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/governments-big-action-on-jabalpur-bargi-dam-judicial-inquiry-ordered/article-53098</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 10:55:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-05/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%B2-5-%E0%A4%AE%E0%A4%88-2026-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95%2C-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9%2C-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AD---2026-05-11t104647.559.jpg"                         length="182210"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        