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                <title>Fire Department - दैनिक जागरण</title>
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                <title>फायर सेफ्टी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- टेंडर नहीं, जमीन पर कब दिखेगा काम</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फायर सुरक्षा व्यवस्था पर जताई नाराजगी, सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी, जिला प्रशासन ने भी जांच अभियान तेज किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a3e422ac159a/article-57027"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-high-court-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देशभर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की अग्निशमन व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि केवल टेंडर जारी करने या योजनाओं की जानकारी देने से काम नहीं चलेगा। लोगों की सुरक्षा के लिए जमीन पर वास्तविक काम दिखाई देना चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों और उपकरणों की खरीद से जुड़े सभी टेंडरों की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत की इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक व्यवस्था भी सक्रिय नजर आने लगी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वर्षों से फायर सेफ्टी को मजबूत बनाने की बातें हो रही हैं, लेकिन कई योजनाएं अब भी कागजों तक सीमित दिखाई देती हैं। यदि टेंडर जारी हो चुके हैं तो यह भी बताया जाना चाहिए कि वर्क ऑर्डर कब जारी हुए और काम किस स्तर तक पहुंचा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। दरअसल यह मामला तब चर्चा में आया जब हाल ही में मोपका क्षेत्र में स्थित विद्युत वितरण कंपनी के सब स्टेशन और आसपास की दुकानों में आग लगने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद मीडिया रिपोर्टों में राज्य की फायर सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को प्रमुखता से उठाया गया। इन्हीं खबरों का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की। अदालत ने राज्य शासन से शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब भी तलब किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में करीब 72.70 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक फायर ब्रिगेड वाहनों और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 16 नए फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। हालांकि कई जिलों में अब तक फायर स्टेशन के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिसके कारण परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। अदालत ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि केवल योजनाओं और टेंडर की जानकारी पर्याप्त नहीं है। आम लोगों को सुरक्षा तभी मिलेगी जब ये परियोजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि वर्ष 2020 में कई नए फायर स्टेशन बनाने की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन वर्षों बाद भी कई स्थानों पर जमीन का चयन नहीं हो पाया। राज्य के कुछ जिलों में भूमि उपलब्ध करा दी गई है और वहां निर्माण के लिए धनराशि भी जारी की जा चुकी है, जबकि कई अन्य जिलों में अब तक जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। अदालत ने इस देरी पर भी चिंता जताई और शासन से स्पष्ट समयसीमा बताने को कहा है। हाईकोर्ट की सख्ती के बीच जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने शहर के सभी कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल, व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला इमारतों की व्यापक जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिला स्तर और अनुविभाग स्तर पर अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक समिति की अध्यक्षता संबंधित एसडीएम करेंगे, जबकि पुलिस, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और अन्य विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासन ने इन समितियों को दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित संस्थानों में फायर एनओसी है या नहीं, आपातकालीन निकासी मार्ग मौजूद हैं या नहीं और आग लगने की स्थिति में लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं। यदि किसी भवन में गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो पहले सुधार के निर्देश दिए जाएंगे और निर्देशों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में नगर निगम ने शहर के छह कोचिंग संस्थानों की जांच भी की थी। जांच में एक संस्थान में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता पाया गया, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया। अन्य पांच संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि किसी भी संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो। जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि संबंधित विभागों के पास शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला इमारतों की पूरी और अद्यतन सूची उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने फायर विभाग के रिकॉर्ड और फायर ऑडिट को जांच का मुख्य आधार बनाने का फैसला किया है। जिन संस्थानों ने अब तक फायर एनओसी नहीं ली है या जिनका फायर ऑडिट लंबित है, वहां विशेष रूप से निरीक्षण किया जाएगा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। आम लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार को इसके लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को होगी, जब राज्य सरकार को फायर उपकरणों की खरीद, नए फायर स्टेशन निर्माण और अन्य लंबित कार्यों की अद्यतन स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 15:02:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली होटल अग्निकांड: 6 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग</title>
                                    <description><![CDATA[मालवीय नगर के होटल हादसे ने उजागर की लापरवाही, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/delhi-hotel-fire-a-massive-fire-broke-out-in-a/article-54880"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/delhi-hotel-fire.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। प्रेस एन्क्लेव रोड स्थित छह मंजिला होटल ‘फ्लरिश स्टे’ में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है, जो मध्य एशिया और अफ्रीकी देशों से जुड़े थे। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई। शुरुआती लपटें देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गईं। कुछ ही समय में होटल के ऊपरी कमरों और बेसमेंट तक धुआं और आग पहुंच गई, जिससे अंदर ठहरे लोग फंस गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदे लोग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हादसे के दौरान सामने आए वीडियो बेहद भयावह थे। कई लोग तीसरी और चौथी मंजिल से अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूदते दिखाई दिए। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए नीचे गद्दे और अन्य सामान बिछाए, ताकि कूदने वालों की जान बचाई जा सके। धुएं और आग के बीच फंसे लोगों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। कुछ लोग होटल की खिड़कियों और छतों पर खड़े होकर मदद की गुहार लगाते नजर आए। कई विदेशी नागरिक धुएं से घिरे हुए दिखाई दिए, जिनका बाद में रेस्क्यू किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से करीब 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए थे, जिन्हें तत्काल मैक्स अस्पताल, एम्स और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेसमेंट में भी कई लोग फंसे हुए थे। फायर ब्रिगेड की टीम ने विशेष अभियान चलाकर वहां से छह से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस के लगभग 10 जवान भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फायर ब्रिगेड को करना पड़ा कड़ी मशक्कत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके के कारण राहत कार्य में शुरुआती चुनौतियां सामने आईं। हालांकि घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई कमरों में धुआं भर जाने से लोग बेहोश हो गए, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>होटल में सुरक्षा नियमों की अनदेखी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। जानकारी के अनुसार फ्लरिश स्टे गेस्ट हाउस को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति दी गई थी। लेकिन वास्तविकता में वहां लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि होटल के पास वैध फायर एनओसी (No Objection Certificate) नहीं थी। इसके अलावा भवन में प्रवेश और निकास का केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिससे आपात स्थिति में लोगों के बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई। यदि पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्ग और आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी जनहानि को रोका जा सकता था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>विदेशी नागरिकों की मौत से बढ़ी चिंता</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हादसे में मारे गए लोगों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक उनकी आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों को भी घटना की जानकारी दी गई है। यह होटल राजधानी के प्रमुख अस्पतालों एम्स और मैक्स अस्पताल के नजदीक स्थित था। इलाज के लिए दिल्ली आने वाले मरीजों के परिजन अक्सर यहां ठहरते थे, इसलिए होटल में देश-विदेश के लोगों की आवाजाही बनी रहती थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पिछले छह महीनों में 66 मौतें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में आग की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में अलग-अलग अग्निकांडों में 66 लोगों की जान जा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक इमारतों, होटल और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और सख्त अनुपालन बेहद जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। फायर विभाग, पुलिस और नगर निकाय संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किन स्तरों पर हुआ। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में लापरवाही या नियमों की अनदेखी साबित होती है तो होटल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली का यह भीषण अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी का दर्दनाक परिणाम है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुर्ग में ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी से लगी कबाड़ी दुकान में भीषण आग, दमकल टीम ने पाया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्ग के राधिका नगर में ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी के बाद कबाड़ी दुकान में भीषण आग लग गई। दमकल टीम ने आग पर काबू पाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a12a41365855/article-54111"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/durg-arson-fire-at-scrap-shop.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार रात एक कबाड़ी दुकान में अचानक आग लग गई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना सुपेला थाना क्षेत्र के राधिका नगर की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी ने कबाड़ी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में ऊंची लपटें उठने लगीं और आस-पास के लोग घरों से बाहर निकल आए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थानीय लोगों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रांसफॉर्मर में पहले तेज आवाज सुनाई दी और उसके बाद चिंगारी निकलने लगी। इसके बाद आग पास के कबाड़ी दुकान तक पहुंच गई। दुकान में बड़ी मात्रा में कबाड़ और ज्वलनशील सामान रखा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आग तेजी से फैलती चली गई। घटना की खबर मिलते ही लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही समय में अग्निशामक टीम वहां पहुंच गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग पहले से ही काफी बढ़ चुकी थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग परमानंद चंदेल की कबाड़ी दुकान में लगी थी। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी के छींटे मारकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मेहनत के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग पर काबू पाया गया और इसे आसपास की दुकानों और मकानों तक फैलने से रोक लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। धुएं और आग की लपटों के कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सुनने में आया है कि ट्रांसफॉर्मर में भी आग लग गई थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी के घायल होने की खबर है। पुलिस और बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आग की वजह से इलाके की बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ा। राधिका नगर और आस-पास का क्षेत्र काफी समय तक अंधेरे में रहा। बाद में बिजली विभाग की टीम ने सुधार कार्य शुरू किया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सप्लाई को बहाल किया गया। जिला सेनानी और अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम तुरंत रवाना की गई थी और समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:05:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>रीवा में चलते-चलते कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में चलती फोर्ड फिएस्टा कार में आग लग गई। चालक ने कूदकर जान बचाई, शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/car-bursts-into-flames-while-moving-in-rewa-driver-saved/article-53100"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t105958.769.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में एक बड़ी घटना टल गई जब रविवार रात गड़रिया इलाके में एक फोर्ड फिएस्टा कार चलते-चलते आग का गोला बन गई। ड्राइवर ने सामान्य गति से कार चलाई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी उसे हल्का धुआं दिखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिर अचानक स्थिति गंभीर हो गई। चंद क्षणों में ही कार के बोनट से लपटें उठने लगीं और पूरी कार आग की चपेट में आ गई। चालक ने तुरंत समझदारी दिखाई और बिना देर किए चलती कार से कूदकर अपनी जान बचा ली। आसपास के लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी देर होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग मौके पर पहुंचने लगे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सड़क पर एक चलते वाहन से धुआं उठते देख लोग पहले तो समझ नहीं पाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन थोड़ी देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस और दमकल को सूचना दी। जबकि मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार को नहीं बचाया जा सका। थोड़ी ही देर में दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस घटना में जनहानि नहीं हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक अच्छी बात है। पुलिस जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को आग लगने का कारण माना जा रहा है। बिछिया थाना पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर सबूत जुटाने का काम शुरू किया।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 11:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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