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                <title>Indian stock market crash - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Indian stock market crash RSS Feed</description>
                
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                <title>शेयर बाजार में चौथे दिन भी बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी बैंक और FMCG सेक्टर में भारी कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर बढ़ा दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/selling-pressure-in-the-stock-market-for-the-fourth-day/article-54681"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nifty-closes-lower-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी। घरेलू इक्विटी बाजार में लगातार चौथे सत्र गिरावट का सिलसिला जारी रहा और प्रमुख सूचकांक दबाव में बंद हुए। सोमवार को <strong>बीएसई सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 के स्तर</strong> पर बंद हुआ, जबकि <strong>निफ्टी 165 अंक फिसलकर 23,382</strong> पर आ गया। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में बिकवाली का माहौल हावी रहा।</p>
<p>कारोबार के शुरुआती घंटों में बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव तेज होता गया। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से <strong>1100 अंक से ज्यादा</strong> टूट गया, जबकि निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अंतिम घंटों में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन बाजार लाल निशान में ही बंद हुआ।</p>
<p>आज की गिरावट में सबसे ज्यादा दबाव <strong>सरकारी बैंकिंग शेयरों और एफएमसीजी कंपनियों</strong> में देखने को मिला। निवेशकों ने इन सेक्टर्स में मुनाफावसूली की, जिससे कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज हुई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने सुरक्षित रणनीति अपनाते हुए कुछ सेक्टर्स में बिकवाली की है।</p>
<p>सरकारी बैंकिंग शेयरों पर दबाव का बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली माना जा रहा है। पिछले एक महीने के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी निकासी की है। इस वजह से बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव बना हुआ है। एफएमसीजी सेक्टर में कमजोरी के पीछे उपभोग आधारित कंपनियों की धीमी ग्रोथ को लेकर चिंताएं बताई जा रही हैं। निवेशकों को आशंका है कि महंगाई और ग्रामीण मांग में सुस्ती का असर उपभोक्ता कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।</p>
<p>बाजार के कमजोर प्रदर्शन के बीच एशियाई बाजारों से मिश्रित संकेत मिले। दक्षिण कोरिया के बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली, जहां प्रमुख सूचकांक में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। जापान और हांगकांग के बाजार भी सकारात्मक दायरे में बंद हुए। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर इसका खास असर नहीं दिखा।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती दिखाई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी हरे निशान में बंद हुए थे। आमतौर पर अमेरिकी बाजारों की मजबूती भारतीय बाजार को समर्थन देती है, लेकिन इस बार घरेलू कारकों ने वैश्विक सकारात्मक संकेतों को पीछे छोड़ दिया। भारतीय बाजार इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। विदेशी पूंजी की निकासी, वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा जैसे कारक निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।</p>
<p>विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। पिछले 30 दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की है। इससे बाजार में नकदी प्रवाह कमजोर हुआ है और सेंटीमेंट पर असर पड़ा है।</p>
<p>हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कुछ हद तक खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली के दबाव के सामने यह समर्थन पर्याप्त साबित नहीं हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स एक हजार अंक से ज्यादा टूट गया था। लगातार चौथे दिन कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।</p>
<p>तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए निकट भविष्य में कुछ महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल अहम होंगे। यदि बाजार इन स्तरों को बनाए रखने में सफल रहता है तो रिकवरी की संभावना बन सकती है, लेकिन दबाव बढ़ने पर और गिरावट देखने को मिल सकती है।</p>
<p>मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। हालांकि कुछ चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी बनी रही, लेकिन व्यापक बाजार धारणा कमजोर रही। इससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू कॉर्पोरेट अपडेट बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं।</p>
<p>बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट सेक्टर से आने वाले संकेतों पर टिकी हुई है। ट्रेडिंग सत्र के दौरान अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रह सकता है।</p>
<p>----</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 18:19:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priyanka ]]></dc:creator>
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                <title>आज स्टॉक मार्केट में आई बड़ी गिरावट, जानें किन कंपनियों के शेयर हुए क्रैश</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार को ज्वेलरी स्टॉक्स में भारी गिरावट आई। पीएम मोदी की सोना खरीद टालने की अपील और ग्लोबल टेंशन से सेंसेक्स-निफ्टी भी टूटे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/there-was-a-big-fall-in-the-market-after-pm/article-53120"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t135202.641.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Jewellery Stock Crash:</strong> इस सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रही। जैसे ही सोमवार को बाजार खुला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट देखी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पूरे ट्रेडिंग सेशन में बनी रही। ज्वेलरी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां टाइटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेनको गोल्ड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कल्याण ज्वेलर्स जैसे प्रमुख स्टॉक्स अचानक गिर गए। यह गिरावट तब आई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सोने की खरीदारी टालने की अपील की। उन्होंने वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की स्थिति का जिक्र करते हुए लोगों से एक साल तक सोने की खरीद से बचने और ऊर्जा की बचत पर ध्यान देने को कहा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जैसे ही बाजार खुला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">टाइटन के शेयर में तेज गिरावट आई। कंपनी का स्टॉक पिछले बंद 4517 रुपये से गिरकर 4350 रुपये पर खुला और कुछ ही समय में यह 4150 रुपये तक चला गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी करीब 7 प्रतिशत की कमी आई। इस गिरावट का असर कंपनी की मार्केट वैल्यू पर भी पड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो घटकर लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये हो गई। केवल टाइटन ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि ज्वेलरी क्षेत्र की लगभग सभी कंपनियों ने इस दबाव का सामना किया। सेनको गोल्ड के शेयर ने ओपनिंग के साथ ही 10 फीसदी तक की गिरावट दिखाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कल्याण ज्वेलर्स के स्टॉक में लगभग 8 फीसदी की कमी देखी गई। पीसी ज्वेलर का शेयर भी कारोबार के दौरान 5 प्रतिशत तक टूट गया। गोल्डियम इंटरनेशनल के शेयर में भी दबाव रहा और यह 5 फीसदी से अधिक गिरकर 408 रुपये के स्तर पर आ गया। निवेशकों में इस अचानक गिरावट को लेकर चिंता का माहौल था और कई ट्रेडर्स ने शुरुआती घंटों में ही बिकवाली कर दी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अगर पूरे बाजार पर नजर डालें</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भारतीय शेयर बाजार सोमवार को भारी दबाव में नजर आया। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर शांति समझौते की अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर से बढ़ा दिया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4.5 फीसदी बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि </span>WTI <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रूड में भी 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। तेल की कीमतों में इस उछाल ने वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका सीधा असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां जापान से लेकर हांगकांग तक के इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। भारतीय बाजार में भी इसका असर साफ दिखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सेंसेक्स खुलते ही 900 अंक से ज्यादा टूट गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि निफ्टी करीब 275 अंक फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सोने की मांग से जुड़े भावनात्मक संकेतों ने मिलकर निवेशकों के मूड को कमजोर किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसका असर सीधे ज्वेलरी स्टॉक्स पर पड़ा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 15:03:54 +0530</pubDate>
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