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                <title>Rajasthan - दैनिक जागरण</title>
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                <title>राजस्थान को मिली तीन बड़ी विकास परियोजनाएं, PM मोदी बोले- ऊर्जा संकट से भारत मजबूती से उबरा</title>
                                    <description><![CDATA[बालोतरा में देश की आधुनिक रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण और जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला; प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भर भारत पर रखा जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/rajasthan-got-three-big-development-projects-pm-modi-said/article-57869"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/narendra-modi-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान को विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी तीन बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया और जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की वर्चुअल आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्पन्न हुए बड़े ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया और बेहतर प्रबंधन के कारण आम नागरिकों पर उसका बोझ कम पड़ने दिया।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही थी। यदि समय पर प्रभावी रणनीति नहीं बनाई जाती, तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 2 हजार रुपये तक पहुंच सकती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समय पर निर्णय लेकर ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखा, जिसके कारण देश में गैस सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित रखने में सफलता मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक संबंध देश के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरे। उन्होंने बताया कि पहले भारत लगभग 25 से 26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर करीब 40 देशों तक पहुंचाई गई। इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई और देश की जरूरतों को लगातार पूरा किया जा सका। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन समय में भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह राशि इतनी बड़ी थी कि इससे एक नई रिफाइनरी का निर्माण किया जा सकता था। सरकार ने यह आर्थिक भार स्वयं वहन किया ताकि आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और महंगाई को नियंत्रित रखा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, पेट्रोकेमिकल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में औद्योगिक निवेश के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और मजबूत बनाएगी। प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शिलान्यास करना नहीं, बल्कि जनता को परियोजनाओं का लाभ पहुंचाना है। पचपदरा रिफाइनरी इसका बड़ा उदाहरण है, जो अनेक चुनौतियों के बावजूद निर्धारित दिशा में आगे बढ़ी और आज राष्ट्र को समर्पित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने रिफाइनरी में कुछ महीने पहले हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने तेज गति से काम कर सभी चुनौतियों को पार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत कठिन परिस्थितियों से घबराता नहीं, बल्कि चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है। यही आत्मविश्वास विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राजस्थान और गुजरात के बीच नर्मदा जल परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राजस्थान में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं, तब दोनों राज्यों ने बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति क्षेत्रवाद या टकराव की नहीं, बल्कि सहयोग और राष्ट्रहित की राजनीति है। आज राजस्थान के अनेक गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच रहा है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल का निरीक्षण किया और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने वाली 'उड़ान-2.0' योजना की शुरुआत भी की। इसके बाद वे बालोतरा पहुंचे, जहां रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रिफाइनरी परिसर में बनाए गए विशाल डोम में हजारों लोगों ने जनसभा में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:20:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी आज करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, राजस्थान को मिलेंगी तीन बड़ी विकास परियोजनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[बालोतरा में जनसभा को भी संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण और जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-will-inaugurate-pachpadra-refinery-today-rajasthan-will-get/article-57812"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/tarot-horoscope-4-july-2026-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के दौरे पर हैं, जहां वे राज्य को तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण बालोतरा जिले की बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था और अब इसके शुरू होने के साथ ही प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे पचपदरा पहुंचेंगे और लगभग दो घंटे तक कार्यक्रम में शामिल रहेंगे। इस दौरान वे रिफाइनरी परियोजना का निरीक्षण करेंगे, अधिकारियों से जानकारी लेंगे और इसके बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। रिफाइनरी परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है। पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में गिना जा रहा है और इससे क्षेत्र में रोजगार, निवेश तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान केवल रिफाइनरी का उद्घाटन ही नहीं होगा, बल्कि जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसके अलावा जयपुर मेट्रो के फेज-2 परियोजना की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखी जाएगी। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से राज्य के परिवहन और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। पचपदरा रिफाइनरी परिसर में जनसभा के लिए विशेष डोम तैयार किया गया है, जिसमें करीब पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। प्रशासन ने कार्यक्रम को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार करीब 400 कार्यकर्ता गुलाब सर्किल से साइकिल और ऊंटगाड़ी के माध्यम से रैली निकालते हुए रिफाइनरी परिसर तक पहुंचेंगे। इस आयोजन को स्थानीय संस्कृति और विकास के प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्यक्रम में आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि उद्घाटन से पहले मौसम ने प्रशासन की तैयारियों को कुछ देर के लिए प्रभावित जरूर किया। शुक्रवार शाम पचपदरा क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए कई होर्डिंग और बैनर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ बड़े पोस्टर जमीन पर गिर गए, जबकि कई जगह सजावट को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद रात और शनिवार सुबह से ही कर्मचारियों और मजदूरों ने मरम्मत का काम तेज कर दिया। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर दी गईं। गौरतलब है कि इसी वर्ष 20 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (वीडीयू) में आग लग गई थी। यह घटना उस समय हुई थी जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन प्रस्तावित था। आग लगने के बाद उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था और सुरक्षा तथा तकनीकी जांच पूरी होने के बाद नई तारीख तय की गई। अब सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद परियोजना का उद्घाटन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही रिफाइनरी को संचालन के लिए तैयार घोषित किया गया है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी बल्कि हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी परियोजनाएं भी राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 10:40:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>रायगढ़ में नाबालिग को राजस्थान में बेचने की साजिश का खुलासा, चार साल से फरार आरोपी जशपुर से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[17 वर्षीय लड़की को शादी के बहाने 20 हजार रुपये में बेचने की थी योजना, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/conspiracy-to-sell-minor-to-rajasthan-exposed-in-raigarh-accused/article-57674"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-crime.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चार साल पुराने मानव तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को राजस्थान ले जाकर बेचने की कथित साजिश में शामिल एक फरार आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले चार वर्षों से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। पुलिस ने उसे जशपुर जिले के उसके गांव से दबिश देकर पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था, जबकि चौथा आरोपी लगातार फरार था।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2022 को हुई थी, जब नाबालिग लड़की के पिता ने धरमजयगढ़ थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 23 जून की शाम घर से बिना किसी को बताए चली गई थी। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से मदद मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन से मिली। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक ट्रेन में सफर कर रही नाबालिग लड़की को दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ बरामद किया। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर वापस रायगढ़ लाई। इसके बाद उससे और संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वहां उसकी शादी कराने का झांसा देकर उसे 20 हजार रुपये में बेचने की कथित साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मानव तस्करी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। जांच में हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान के नाम सामने आए।</p>
<p>पुलिस ने वर्ष 2022 में कार्रवाई करते हुए हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा और रामपाल यादव को गिरफ्तार कर लिया था। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। हालांकि मामले का चौथा आरोपी रामा चौहान गिरफ्तारी से बच निकला था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और चार वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा।</p>
<p>रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे <strong>ऑपरेशन क्लीन हंट</strong> के तहत फरार आरोपियों की धरपकड़ अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रामा चौहान जशपुर जिले के अपने गांव जोराडोल आया हुआ है। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गांव में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने मामले से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी दी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना पहले से जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं।</p>
<p>रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लंबे समय से फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। अभियान का उद्देश्य ऐसे मामलों में लंबित कार्रवाई को पूरा करना और फरार आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।</p>
<p>मानव तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग बच्चों और युवतियों को नौकरी, शादी या बेहतर भविष्य का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाने के कई मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में परिवारों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी जाती है।</p>
<p>पुलिस का यह भी कहना है कि रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है ताकि इस तरह के मामलों को समय रहते रोका जा सके। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के बीच हुए समन्वय से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया जा सका, जिसे जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>चार साल बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। हालांकि मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार निगरानी और अभियान चलाने की बात कह रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:06:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>कूनो के चीते मप्र-राजस्थान के 12 जिलों तक पहुंचे, शिकार के तरीके में भी आया बड़ा बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रोजेक्ट चीता की प्रोग्रेस रिपोर्ट में खुलासा, खुले जंगल में 50% शिकार पालतू पशुओं का, आसान शिकार को दे रहे प्राथमिकता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/kunos-leopards-reached-12-districts-of-madhya-pradesh-and-rajasthan/article-57650"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/project-cheetah.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए अफ्रीकी चीते अब भारतीय जंगलों और यहां के वातावरण में पूरी तरह से घुलमिल चुके हैं। प्रोजेक्ट चीता की ताजा प्रोग्रेस रिपोर्ट से पता चलता है कि इन चीतों ने न केवल अपने रहने और विचरण के तरीके में बदलाव किया है, बल्कि शिकार की रणनीति भी बदल ली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सितंबर 2024 से दिसंबर 2025 तक की रिपोर्ट के अनुसार, खुले जंगल में विचरण कर रहे चीतों के कुल शिकार में अब लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पालतू पशुओं की हो गई है। इनमें करीब 30 प्रतिशत बकरियां और 20 प्रतिशत मवेशी शामिल हैं। वहीं 42 प्रतिशत शिकार चीतल का रहा, जबकि बाकी 8 प्रतिशत अन्य वन्यजीवों का शिकार किया गया। रिपोर्ट बताती है कि कम ऊर्जा खर्च होने और कम जोखिम होने की वजह से चीते अब आसान शिकार को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रोजेक्ट चीता के तहत कूनो में छोड़े गए चीतों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। अब तक ये चीते मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुल 12 जिलों तक पहुंच चुके हैं। हाल ही में नर चीता 'अग्नि' रणथंभौर क्षेत्र तक पहुंच गया था, जिससे यह साफ हो गया कि चीते अपने लिए नए इलाकों की तलाश कर रहे हैं। वन विभाग लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और जीपीएस कॉलर की मदद से उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है और नए वातावरण में चीते धीरे-धीरे अपना क्षेत्र तय कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कूनो नेशनल पार्क के कोर क्षेत्र में चीतलों की अच्छी संख्या मौजूद है। यहां प्रति वर्ग किलोमीटर औसतन 23 चीतल पाए जाते हैं, जो चीतों के लिए स्वाभाविक शिकार हैं। लेकिन जब चीते पार्क की सीमा से बाहर निकलकर टेरिटोरियल वन क्षेत्रों या गांवों के आसपास पहुंचते हैं, तब वहां जंगली शिकार की उपलब्धता कम हो जाती है। इसके विपरीत घरेलू पशु आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में चीते कम मेहनत और कम जोखिम वाले शिकार को चुन रहे हैं, जिसके कारण बकरियां और मवेशी उनके शिकार का हिस्सा बन रहे हैं। यह व्यवहार पूरी तरह असामान्य नहीं है। दुनिया के कई देशों में बड़े मांसाहारी वन्यजीव अपने प्राकृतिक क्षेत्र से बाहर निकलने पर घरेलू पशुओं का शिकार करते हैं। यदि किसी क्षेत्र में जंगली शिकार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न हो तो शिकारी जानवर अपेक्षाकृत आसान विकल्प चुनते हैं। कूनो के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि चीतों को यथासंभव उनके प्राकृतिक आवास में बनाए रखने और पर्याप्त जंगली शिकार उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शावकों की परवरिश कर रही मादा चीता 'ज्वाला' और 'गामिनी' ने सबसे अधिक शिकार किए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार शावकों को पालने के दौरान मादा चीतों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भोजन की आवश्यकता होती है। इसी कारण वे अपेक्षाकृत अधिक शिकार करती हैं। आसान शिकार मिलने पर ऊर्जा की बचत होती है, जिससे शावकों की देखभाल भी बेहतर तरीके से हो पाती है। यह व्यवहार प्राकृतिक पारिस्थितिकी का हिस्सा माना जाता है। प्रोजेक्ट चीता भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से बसाने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत अफ्रीका से लाए गए चीतों को पहले नियंत्रित बाड़ों में रखा गया और बाद में चरणबद्ध तरीके से खुले जंगल में छोड़ा गया। शुरुआती महीनों में उनके स्वास्थ्य, शिकार की क्षमता और अनुकूलन प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी गई। अब ताजा रिपोर्ट से संकेत मिल रहे हैं कि अधिकांश चीते भारतीय परिस्थितियों में खुद को ढाल चुके हैं और स्वतंत्र रूप से शिकार करने में सक्षम हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चीतों का गांवों की ओर बढ़ना वन विभाग के लिए नई चुनौती भी बन रहा है। ग्रामीण इलाकों में पालतू पशुओं के शिकार की घटनाएं बढ़ने से स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ी है। ऐसे मामलों में विभाग प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाता है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि वे रात के समय पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में रखें और जंगल से लगे इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतें। आने वाले समय में यदि कूनो और आसपास के क्षेत्रों में जंगली शिकार की संख्या और बढ़ाई जाती है तो चीतों का घरेलू पशुओं पर निर्भर होना कम हो सकता है। इसके लिए आवास प्रबंधन, शिकार प्रजातियों के संरक्षण और वन क्षेत्रों के विस्तार पर लगातार काम करने की आवश्यकता होगी। वहीं चीतों की बढ़ती आवाजाही यह भी दिखाती है कि वे नए क्षेत्रों को तलाश रहे हैं और भारतीय जंगलों में अपना प्राकृतिक विस्तार स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:40:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बने तो 43 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के समर्थन में खड़े लोगों पर भी कार्रवाई, पीड़ितों ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/social-boycott-of-43-families-if-ghee-malpuas-are-not/article-57013"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sirohi-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव से सामाजिक बहिष्कार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परंपराओं और सामाजिक दबाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव के एक गरीब परिवार ने आर्थिक तंगी के चलते मृत्युभोज में घी के मालपुए बनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद समाज के कुछ पंचों ने न केवल उस परिवार का बल्कि उनका समर्थन करने वाले 43 अन्य परिवारों का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि अब गांव में उन्हें राशन तक नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय दुकानदार सामान देने से मना कर रहे हैं, जबकि सार्वजनिक कुओं से पानी भरने पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, गांव के लोगों से बातचीत तक बंद कर दी गई है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें खेतों में मजदूरी भी नहीं मिल रही, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक परिवार में मृत्यु के बाद आयोजित होने वाले मृत्युभोज में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घी के मालपुए नहीं बनाए गए। परिवार ने समाज के लोगों से सादा भोजन स्वीकार करने का आग्रह किया था, लेकिन कथित तौर पर कुछ पंच इस बात से नाराज हो गए। इसके बाद पंचायत बुलाकर सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया गया। पीड़ितों का कहना है कि जिन्होंने इस फैसले का विरोध किया या गरीब परिवार का समर्थन किया, उन्हें भी दंडित कर दिया गया। देखते ही देखते कुल 43 परिवार इस बहिष्कार की चपेट में आ गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रभावित परिवारों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार का असर केवल रिश्तों तक सीमित नहीं है बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। महिलाओं और बच्चों को भी गांव में उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों का कहना है कि जरूरत का सामान खरीदने के लिए उन्हें दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर मजदूरी बंद होने से आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है। कुछ लोगों ने बताया कि छोटे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। गांव में सामाजिक दूरी बनाए रखने का दबाव इतना अधिक है कि कई लोग चाहकर भी इन परिवारों की मदद नहीं कर पा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय स्तर पर अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद सभी प्रभावित परिवार सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन से सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच का भरोसा दिया है। उधर, यह मामला सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इस तरह का सामाजिक दबाव उचित नहीं है और किसी भी परंपरा के नाम पर लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाएं न केवल प्रभावित परिवारों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं बल्कि समाज में भय और असमानता का माहौल भी पैदा करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि राजस्थान में सामाजिक बहिष्कार को रोकने के लिए 'राजस्थान सामाजिक बहिष्कार निषेध अधिनियम, 2019' लागू है। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति या परिवार का सामाजिक बहिष्कार करना दंडनीय अपराध माना गया है। कानून का उद्देश्य ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करेगा और उन्हें सामान्य जीवन जीने का अधिकार वापस मिलेगा। गांव में भी इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई लोग चाहते हैं कि बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकले, जबकि पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल सामाजिक सम्मान ही नहीं बल्कि अपने बुनियादी अधिकार भी वापस चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321</link>
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP से MP तक हीटवेव का कहर जारी, 12 राज्यों में पारा 47°C के हुआ पार, 97 शहर दुनिया में सबसे ज्यादा गर्म</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी, MP और राजस्थान समेत कई राज्यों में तापमान 48°C तक पहुंचा। दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के दर्ज किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/heatwave-continues-to-wreak-havoc-from-up-to-mp-mercury/article-54135"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-weather-update-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिम भारत तक गर्मी ने लोगों की हालत बिगाड़ रखी है। रविवार को कई शहरों में तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ऐसे हालात में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 97 भारत के ही हैं। प्राइवेट एजेंसी </span>AQI.in <span lang="hi" xml:lang="hi">के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के 6 शहर टॉप-10 सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। प्रयागराज में दोपहर में तापमान लगभग 48 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोग दोपहर में बाहर कम ही निकले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर आए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मौसम विभाग के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेलंगाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आंध्र प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे 12 राज्यों में कई शहरों का तापमान 47 डिग्री से पार पहुंच चुका है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 और 27 मई को गर्मी और बढ़ सकती है। कई इलाकों में हीटवेव का रेड और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिन उत्तर और मध्य भारत के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं। दिन के समय बाहर जाने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शनिवार को महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां तापमान 47.1 डिग्री दर्ज हुआ। तेलंगाना में हालात अधिक गंभीर बताए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां हीटस्ट्रोक के कारण इस सीजन में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। हैदराबाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">करीमनगर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नलगोंडा और खम्मम समेत कई जिलों में 26 मई तक हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन लोगों से दिन में 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर में रहने की अपील कर रहा है। कुछ जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है और कई राज्यों ने आउटडोर गतिविधियों पर रोक भी लगा दी है।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में भी गर्मी बढ़ रही है। खजुराहो और नौगांव जैसे शहर सबसे गर्म बने हुए हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां तापमान 45 डिग्री से ऊपर चला गया है। टीकमगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पन्ना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सतना और छतरपुर में रेड अलर्ट लगाया गया है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान के जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार तेज धूप में रहने से स्किन जलने और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। पंजाब और चंडीगढ़ में भी अगले तीन दिन तक हीटवेव की चेतावनी दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के बांदा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानपुर और झांसी जैसे शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर लोग गमछे और कपड़ों से खुद को ढकते नजर आ रहे हैं। बिहार में भी चार जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालाँकि कुछ जिलों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम थोड़ा राहत देने वाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वहां भी अगले दो दिनों में तापमान बढ़ने की उम्मीद है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। डॉक्टरों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेज तापमान से एसिडिटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोगों को ज्यादा पानी पीने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हल्का भोजन करने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन देश के बड़े हिस्से में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की भिड़ंत, दोनों टीमों पर दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच अहम मुकाबला, प्लेऑफ की रेस पर असर पड़ सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/rajasthan-royals-and-lucknow-super-giants-clash-pressure-on-both/article-53624"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/ipl-2026-rr-vs-lsg.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IPL <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 में मंगलवार को राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। लीग स्टेज अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है और अब हर मैच सीधे प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। राजस्थान की टीम ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में उसकी गेंदबाजी कमजोर दिखाई दी। दूसरी तरफ लखनऊ की टीम लगातार करीबी मैच हारने के बाद दबाव में आ गई है। ऐसे में यह मुकाबला दोनों फ्रेंचाइजी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मैच से पहले दोनों टीमों ने देर शाम तक अभ्यास किया। बताया जा रहा है कि पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार हो सकती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद जताई जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजस्थान की बल्लेबाजी इस सीजन में काफी हद तक टॉप ऑर्डर पर निर्भर रही है। शुरुआती विकेट गिरते ही टीम की रन गति धीमी पड़ जाती है। वहीं लखनऊ के लिए मध्यक्रम चिंता का कारण बना हुआ है। पिछले मैच में भी टीम बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी थी। अधिकारियों के अनुसार मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। फैंस को उम्मीद है कि मुकाबला आखिरी ओवर तक जा सकता है। स्टेडियम के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरी भी जारी की गई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">IPL <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 में अंक तालिका अब बेहद दिलचस्प हो गई है। राजस्थान अगर यह मैच जीतती है तो उसका नेट रन रेट भी मजबूत हो सकता है। वहीं लखनऊ की हार उसके लिए लगभग बाहर होने जैसी स्थिति बना सकती है। क्रिकेट जानकारों का कहना है कि इस मुकाबले में दबाव संभालने वाली टीम को फायदा मिलेगा। सोशल मीडिया पर भी दोनों टीमों के फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और मैच को लेकर माहौल बना हुआ है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 00:00:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खून से हुआ रील्स से शुरू हुई मोहब्बत का अंत, 900 KM दूर बुलाकर उतारा मौत के घाट</title>
                                    <description><![CDATA[नरसिंहपुर में इंस्टाग्राम प्रेम संबंध से जुड़ा सनसनीखेज मर्डर केस। रीना किरार और दो साथियों पर वीरू जाट की हत्या का आरोप।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/the-love-that-started-with-reels-ended-with-blood-after/article-53122"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-11t145657.865.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा इलाके में जो मामला सामने आया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो शुरू में एक साधारण प्रेम कहानी जैसा लग रहा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब जांच आगे बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सब कुछ एक खौफनाक साजिश में बदल गया। पुलिस के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीना किरार और राजस्थान के वीरू जाट की पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। पहले रील्स पर लाइक और कमेंट के साथ बातचीत शुरू हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई और आखिरकार प्रेम संबंध बन गया। बताया जा रहा है कि वीरू कई बार राजस्थान से करीब 900 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर के साईंखेड़ा इलाके में रीना से मिलने भी आया। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीना के बचपन के प्रेमी अरुण पटेल को यह रिश्ता अच्छा नहीं लगा। यही खटकन धीरे-धीरे गुस्से में बदल गई और फिर मौजूदा कथित साजिश में तब्दील हो गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीना किरार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके मौसेरे भाई और प्रेमी अरुण पटेल और एक अन्य साथी हरनाम किरार ने मिलकर वीरू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि 29 अप्रैल को रीना ने वीरू जाट को अपने घर बुलाया था। भरोसे में आकर वीरू तय समय पर वहां पहुंच गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे नहीं पता था कि वहां उसकी मौत इंतजार कर रही थी। जैसे ही वह घर के अंदर पहुंचा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोप है कि तीनों ने उस पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में वीरू को संभलने का कोई मौका नहीं मिला और उसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गई। घटना के बाद किसी भी तरह की हलचल न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए शव को छिपाने की योजना पहले से ही बना ली गई थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को काफी बेरहमी से ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">शव को एक्सयूवी 700 गाड़ी की डिक्की में रखा गया और फिर रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र की ओर ले जाया गया। वहां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के करीब एक 40 फीट गहरी खाई में शव को फेंक दिया गया। कुछ दिन बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">7 मई को जब वहां से बदबू आने लगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस ने सड़ी-गली हालत में वीरू जाट का शव बरामद किया। शव की हालत इतनी दयनीय थी कि पहले तो पहचान करना मुश्किल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायसेन पुलिस ने जांच तेज कर दी। शव के पास एक बैग मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कॉपी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जूते और कंघी जैसी चीजें थीं। कॉपी में लिखावट ने पुलिस को पहली अहम कड़ी दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मामले की दिशा बदल गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसा कि एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस टीम साईंखेड़ा पहुंची</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन रीना किरार का घर बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तीनों आरोपियों की लोकेशन उज्जैन में ट्रेस कर ली। वहीं से रीना किरार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अरुण पटेल और हरनाम किरार को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि अरुण पटेल और रीना के बीच लंबे समय से संबंध थे और वह उसके खर्चे भी उठाता था। लग्जरी लाइफस्टाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महंगी गाड़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आईफोन और गहनों के बारे में भी चर्चा सुनने को मिली है। ऐसा बताया जा रहा है कि वीरू के बढ़ते संपर्क से अरुण पटेल नाराज था और इसी ईर्ष्या ने इस कथित हत्या की साजिश को जन्म दिया। अब पुलिस इस मामले की हर कड़ी को जोड़कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 15:03:41 +0530</pubDate>
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