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                <title>Ladli Behna - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Ladli Behna RSS Feed</description>
                
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                <title>मऊगंज में 5000 से अधिक लाड़ली बहनों का प्रदर्शन, ठेकेदारी व्यवस्था के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों और आंगनबाड़ियों में भोजन निर्माण कार्य से जुड़े रोजगार पर संकट की आशंका, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demonstration-of-more-than-5000-dear-sisters-in-mauganj-women/article-55499"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mauganj-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने रोजगार को बचाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं 5000 से अधिक लाड़ली बहनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई। सुबह से ही महिलाओं का जुटना शुरू हो गया था और देखते ही देखते कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास बड़ी भीड़ जमा हो गई। महिलाओं का कहना है कि स्कूलों और आंगनबाड़ियों में भोजन निर्माण का कार्य लंबे समय से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। अब यदि इस व्यवस्था को समाप्त कर ठेकेदारी प्रणाली लागू की जाती है तो बड़ी संख्या में महिलाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। ज्ञापन में मांग की गई कि वर्तमान व्यवस्था को जारी रखा जाए और स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले कार्यों को किसी भी स्थिति में ठेकेदारों को न सौंपा जाए। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना था कि वर्षों की मेहनत और समूहों के माध्यम से मिली आय ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। इसी आय के सहारे वे अपने बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। महिलाओं ने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया था और अब यदि रोजगार के अवसर उनसे छिन जाते हैं तो उनके सामने आर्थिक असुरक्षा की स्थिति पैदा हो जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कलेक्ट्रेट पहुंचे महिला समूहों का कहना है कि स्वयं सहायता समूह केवल रोजगार का साधन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का आधार भी बन चुके हैं। कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने पहली बार समूहों से जुड़कर अपनी आय शुरू की और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं का आरोप है कि यदि भोजन निर्माण और वितरण जैसे कार्य ठेकेदारों को सौंपे जाते हैं तो स्थानीय समूहों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। इससे न केवल रोजगार प्रभावित होगा बल्कि वर्षों से विकसित हुई सामुदायिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मांग की कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित समूहों की राय ली जाए। उनका कहना था कि बिना चर्चा और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के रोजगार से जुड़े कार्यों में बदलाव करना हजारों परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पहले से सीमित हैं और ऐसे में यदि वर्तमान कार्य भी बंद हो गया तो परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन निर्माण का कार्य लंबे समय से स्थानीय महिला समूहों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इससे एक ओर बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था चलती रही है तो दूसरी ओर महिलाओं को नियमित आय का स्रोत भी मिला है। महिलाओं का कहना है कि इस व्यवस्था ने उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। इसलिए किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके प्रभावों का आकलन किया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि समूहों से होने वाली आमदनी ही उनके परिवार की आर्थिक रीढ़ है। कुछ महिलाओं ने बताया कि इसी आय के सहारे उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजा, घर की जरूरतें पूरी कीं और कई मामलों में कर्ज भी चुकाया। ऐसे में रोजगार छिनने की आशंका ने उन्हें चिंता में डाल दिया है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने साफ कहा कि वे अपने रोजगार की सुरक्षा के लिए आगे भी आवाज उठाती रहेंगी।</p>
<p>अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं। प्रशासन महिलाओं की मांगों पर क्या फैसला लेता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। लेकिन इतना जरूर है कि मऊगंज में हजारों महिलाओं की यह एकजुटता महिला सशक्तिकरण और रोजगार सुरक्षा के मुद्दे को केंद्र में ले आई है। प्रदर्शन ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जिन स्वयं सहायता समूहों को वर्षों से आत्मनिर्भरता का माध्यम बताया जाता रहा है, उनके भविष्य को लेकर आगे क्या नीति अपनाई जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 13:53:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त कल होगी जारी, 1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश में 13 मई को लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त जारी होगी। CM मोहन यादव नरसिंहपुर से 1835 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/36th-installment-of-ladli-brahmin-yojana-will-be-released-tomorrow/article-53160"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t104645.742.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>Ladli Behna Yojana:</strong> लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त कल जारी होने जा रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे 1.25 करोड़ महिलाओं को फायदा होगा। मध्यप्रदेश की लाडली बहनों के लिए यह एक राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मई को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से इस किस्त को लॉन्च करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बार एक साथ 1 करोड़ 25 लाख से ज्यादा महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने इसके लिए लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक हलचल भी बढ़ गई है। सुबह से ही आयोजन स्थल पर अधिकारियों की आवाजाही चल रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री एक क्लिक करके 1835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रुपये का ट्रांसफर करेंगे। यह राशि सीधे डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए महिला लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी। यह योजना जून 2023 में शुरू हुई थी और तब से हर महीने महिलाओं के खातों में सहायता राशि भेजी जा रही है। अब तक 35 किस्तें भेजी जा चुकी हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। खासकर गांवों और छोटे कस्बों में इस योजना का असर साफ नजर आ रहा है। कई महिलाएं बता रही हैं कि यह राशि उनके छोटे खर्चों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों में मददगार साबित हो रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नरसिंहपुर में होने वाली इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा संगठन भी सक्रिय है। स्थानीय स्तर से बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमों की ड्यूटी लगाई गई है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से भी संवाद कर सकते हैं। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्ष इस योजना को लेकर सवाल उठाता रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर सरकार इसे अपनी प्रमुख जनहित योजनाओं में से मानती है।</span></span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकारी आंकड़ों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जून 2023 से अप्रैल 2026 तक कुल 55 हजार 926 करोड़ 51 लाख रुपये महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। लाडली बहना योजना मध्यप्रदेश की प्रमुख योजनाओं में शुमार हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और विशेषकर ग्रामीण इलाकों में इसका राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव देखा जा रहा है। 13 मई को जारी होने वाली 36वीं किस्त का इंतजार कई महिलाएं पिछले कुछ दिनों से कर रही थीं। सोमवार शाम तक कई जिलों में महिलाएं बैंक और ऑनलाइन खाते चेक करती नजर आईं। अब माना जा रहा है कि मंगलवार को राशि आने पर बड़ी संख्या में लाभार्थियों को राहत मिलेगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 10:51:16 +0530</pubDate>
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