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                <title>Foreign Investment - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Foreign Investment RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत-जापान शिखर सम्मेलन शुरू, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी-ताकाइची वार्ता में सेमीकंडक्टर, औद्योगिक निवेश, सप्लाई चेन और मध्य प्रदेश के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर बढ़ सकती है साझेदारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-japan-summit-begins-investment-and-manufacturing-cooperation-will-get-new/article-57512"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/india-japan-summit-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">भारत और जापान के बीच 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत ऐसे समय हुई है, जब दोनों देश आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता पर उद्योग जगत, निवेशकों और राज्यों की भी विशेष नजर है। माना जा रहा है कि इस बैठक में व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, रक्षा उत्पादन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए फैसले सामने आ सकते हैं। इन संभावित समझौतों का असर केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक राज्यों को भी इसका बड़ा लाभ मिल सकता है। भारत और जापान पिछले कई वर्षों से विशेष रणनीतिक साझेदार रहे हैं। दोनों देशों ने विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और आधुनिक औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार सहयोग बढ़ाया है। इस बार का शिखर सम्मेलन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव और एशिया में नए औद्योगिक केंद्रों के उभरने के बीच भारत जापानी कंपनियों के लिए सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनकर सामने आया है। ऐसे में नई निवेश योजनाओं और औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणा की संभावना भी जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जापानी कंपनियों की खास रुचि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रहती है। यदि शिखर सम्मेलन के दौरान इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनती है तो मध्य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना की संभावना मजबूत हो सकती है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण आज पूरी दुनिया की प्राथमिकता बने हुए हैं। भारत सरकार भी इस क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। जापान इस क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। यदि दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ता है तो मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर और संबंधित उद्योगों को भी नई गति मिल सकती है। इससे राज्य में तकनीकी कौशल आधारित रोजगार का विस्तार होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सप्लाई चेन को मजबूत करना भी इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय माना जा रहा है। कोविड महामारी के बाद दुनिया भर की कंपनियां उत्पादन और आपूर्ति के लिए नए विकल्प तलाश रही हैं। भारत इस समय वैश्विक कंपनियों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति देश के मध्य में होने के कारण लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिहाज से काफी अनुकूल मानी जाती है। एक्सप्रेस-वे, फ्रेट कॉरिडोर, रेलवे नेटवर्क और आधुनिक औद्योगिक पार्क राज्य को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हरित ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक भी भारत-जापान सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बनते जा रहे हैं। जापान की कंपनियां ऊर्जा दक्ष तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी निर्माण और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक समाधान विकसित करने में अग्रणी हैं। यदि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ता है तो मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। राज्य पहले ही सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विदेशी निवेश केवल नई फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इससे स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलता है। नई कंपनियों के आने से सहायक उद्योग विकसित होते हैं, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। साथ ही आधुनिक तकनीक और वैश्विक गुणवत्ता मानकों का लाभ भी घरेलू उद्योगों तक पहुंचता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और जापान के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी का एक बड़ा प्रभाव कौशल विकास पर भी देखने को मिल सकता है। जापानी कंपनियां प्रशिक्षित मानव संसाधन को प्राथमिकता देती हैं। ऐसे में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और स्किल डेवलपमेंट सेंटरों में नए सहयोग कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है। इससे मध्य प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। यदि शिखर सम्मेलन के दौरान निवेश, तकनीक और औद्योगिक सहयोग से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप मिलता है तो इसका लाभ आने वाले वर्षों में पूरे भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश को भी मिलेगा। राज्य के औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण जापानी कंपनियों के लिए यहां नई परियोजनाओं की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ विनिर्माण क्षेत्र में भी नई ऊर्जा का संचार हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:44:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और UAE के बीच हुई LPG और डिफेंस फ्रेमवर्क डील, 5 अरब डॉलर निवेश पर भी सहमति बनी</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी के UAE दौरे में LPG सप्लाई डील, डिफेंस फ्रेमवर्क और 5 अरब डॉलर निवेश पर सहमति बनी। भारत-यूएई रिश्ते और मजबूत हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/lpg-and-defense-framework-deal-signed-between-india-and-uae/article-53430"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-uae-relations-lpg-agreement.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात दौरा इस बार काफी महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक निर्णयों के लिए जाना गया। पाँच देशों की यात्रा के पहले चरण में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी शुक्रवार को यूएई की राजधानी अबू धाबी पहुंचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां उनका शानदार स्वागत राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने किया। यह मुलाकात उस समय हुई जब दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से ही मजबूत थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार की बातचीत ने इसे नए स्तर पर पहुंचा दिया। प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों देशों के बीच ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सप्लाई डील और डिफेंस फ्रेमवर्क शामिल हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैठक के दौरान</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत और यूएई ने एक नई रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने पर सहमति जताई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर एक एमओयू साइन किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लिक्विड पेट्रोलियम गैस (</span>LPG) <span lang="hi" xml:lang="hi">की आपूर्ति पर भी एक बड़ा समझौता हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत में ऊर्जा की आवश्यकताओं को स्थिर करने में मदद मिलने की संभावना है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात के वडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर विकसित करने पर भी सहमति बनी। निवेश के मोर्चे पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर</span>, RBL <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक और सम्मान कैपिटल में करीब 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इन निर्णयों को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे का माहौल कूटनीतिक गर्मजोशी से भरा रहा। जैसे ही </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ</span>, UAE <span lang="hi" xml:lang="hi">वायुसेना के </span>F-<span lang="hi" xml:lang="hi">16 लड़ाकू विमानों ने उन्हें एस्कॉर्ट किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे सम्मान के रूप में देखा गया। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में </span>PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी का स्वागत करते हुए दोनों देशों की दोस्ती को "विशेष और ऐतिहासिक" बताया। वहीं</span>, PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी ने इस मुलाकात को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए कहा कि वे यूएई को अपना "दूसरा घर" मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल हालात में यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल जो तरीके से की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह सराहनीय है। बातचीत के दौरान</span>, PM <span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी ने यूएई पर हाल के हमलों की निंदा की और इसे अस्वीकार्य बताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयम और संवाद की जरूरत पर जोर दिया। यूएई ने भी इस दौरे के दौरान भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विशेषज्ञ इस दौरे को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा सहयोग और निवेश साझेदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। खासकर </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">डील और डिफेंस फ्रेमवर्क को आने वाले समय में रणनीतिक साझेदारी की रीढ़ माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल में आज इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव, CM मोहन यादव के साथ फ्रांस की दिग्गज कंपनियां करेंगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में आज इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव हो रहा है। CM मोहन यादव की मौजूदगी में फ्रांसीसी कंपनियों के साथ निवेश और साझेदारी पर चर्चा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/indo-french-investment-conclave-today-in-bhopal-big-french-companies-will/article-53165"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t113057.560.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजधानी भोपाल में मंगलवार को इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। शहर के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही हलचल तेज रही। मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में फ्रांस की कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। प्रशासन और उद्योग विभाग के अधिकारी देर रात तक तैयारियों में जुटे रहे। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए मध्यप्रदेश सरकार विदेशी निवेश को लेकर बड़ा संदेश देना चाहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जानकारी के मुताबिक कॉन्क्लेव में एग्रीकल्चर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक व्हीकल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिन्यूएबल एनर्जी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फार्मा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर खास फोकस रहेगा। मध्यप्रदेश के करीब 60 से 80 उद्योग प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इनके साथ फ्रांसीसी कंपनियों की बी-2-बी और बी-2-जी बैठकें हो रही हैं। अधिकारियों के अनुसार कई अहम निवेश प्रस्तावों और एमओयू पर चर्चा चल रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ कंपनियां प्रदेश में लॉन्ग टर्म निवेश को लेकर भी रुचि दिखा रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कार्यक्रम में फ्रांस के राजदूत</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्य और फ्रांसीसी उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहेंगी। सरकार का मानना है कि इससे मध्यप्रदेश को ग्लोबल इंडस्ट्री नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि कॉन्क्लेव को सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रखा गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी शेयरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि डसॉल्ट सिस्टम्स के साथ वर्चुअल ट्विन टेक्नोलॉजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्ट्रा के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और सनोफी के साथ हेल्थ सेक्टर में सहयोग को लेकर बातचीत हो सकती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कॉन्क्लेव में सनोफी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डसॉल्ट सिस्टम्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूफलेट माल्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्ट्रा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एंजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईडीएफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेकाथलॉन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रॉयल कैनिन और लैक्टालिस जैसी कई बड़ी फ्रांसीसी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में रोजगार और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को भी इसका फायदा मिलने की बात कही जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर माल्टिंग बार्ली और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जुड़े क्षेत्रों में। वहीं इसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 12:10:00 +0530</pubDate>
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