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                <title>Raja Raghuvanshi - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Raja Raghuvanshi RSS Feed</description>
                
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                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट में सोनम का जवाबी हलफनामा, खुद को बताया बेगुनाह</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सोनम रघुवंशी ने कहा- झूठे आरोपों में फंसाया गया, जांच और ट्रायल में लगातार कर रही हूं सहयोग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/raja-raghuvanshi-murder-case-sonams-counter-affidavit-in-supreme-court/article-58261"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raja-raghuvanshi-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देशभर में चर्चा का विषय बने राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल करते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसने अदालत से कहा है कि उसे इस मामले में झूठे आरोपों के आधार पर फंसाया गया है और वह शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करती रही है। सोनम ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि वह ट्रायल की प्रक्रिया में भी पूरी तरह शामिल है और अदालत की हर शर्त का पालन कर रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस फैसले का असर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में 9 जुलाई को इस मामले की अहम सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से दायर उस याचिका पर विचार किया जाएगा, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। अदालत के सामने यह सवाल भी रहेगा कि मौजूदा परिस्थितियों में सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या नहीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और हर सुनवाई के साथ इसमें नए कानूनी पहलू सामने आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोनम रघुवंशी ने अपने जवाबी हलफनामे में दावा किया है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उसने कहा कि जांच एजेंसियों ने उसे गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि वह जांच अधिकारियों के बुलाने पर हर बार उपस्थित हुई है और अदालत की ओर से तय की गई सभी शर्तों का पालन कर रही है। उसके अनुसार वह किसी भी स्तर पर जांच में बाधा नहीं डाल रही और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इस मामले में अभी 94 गवाहों के बयान दर्ज होने बाकी हैं। उन्होंने अदालत को जानकारी दी थी कि मुकदमा फिलहाल ट्रायल के महत्वपूर्ण चरण में है और बड़ी संख्या में गवाहों की गवाही शेष है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच की प्रगति और ट्रायल की गति को लेकर कई सवाल पूछे थे। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। माना जा रहा है कि इस बार अदालत मामले की प्रगति और जमानत से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले के अन्य आरोपियों की बात करें तो राज कुशवाह और उसके तीन साथी फिलहाल शिलांग जेल में बंद हैं। वहीं सोनम रघुवंशी को पहले ही सशर्त जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा इस मामले में तीन अन्य आरोपियों और एक मकान मालिक को भी अदालत से जमानत मिली हुई है। हालांकि मुख्य साजिश और हत्या से जुड़े आरोपों की जांच और ट्रायल अभी जारी है। यही वजह है कि इस मामले में हर नई कानूनी कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला पिछले वर्ष उस समय चर्चा में आया था जब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए। 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। कई दिनों तक खोजबीन के बाद 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शव मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने घटनास्थल, मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे यह मामला सामान्य गुमशुदगी नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का प्रतीत हुआ। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सोनम रघुवंशी को भी मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत से उसे सशर्त जमानत मिल गई थी, जबकि अन्य आरोपी अब भी न्यायिक हिरासत में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले जून महीने में सोनम रघुवंशी ने मीडिया से बातचीत में उन आरोपों का भी खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि वह जमानत मिलने के बाद नेपाल भाग गई है। उसने स्पष्ट कहा था कि वह कहीं नहीं गई और शिलांग में ही मौजूद है। सोनम ने कहा था कि उसके बारे में झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और लोगों को ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने यह भी दोहराया था कि वह जांच एजेंसियों और अदालत की कार्यवाही में लगातार सहयोग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:07:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, मेघालय सरकार ने दी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सरकार का दावा है कि गिरफ्तारी दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा लिखने में हुई टाइपिंग त्रुटि के कारण आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/hearing-on-sonam-raghuvanshis-bail-today-in-supreme-court-meghalaya/article-57750"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/raja-raghuvanshi-murder-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा बरकरार रखे गए जमानत आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी से जुड़े एक दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा लिखने में हुई टाइपिंग त्रुटि का लाभ आरोपी को मिला, जबकि मामले के अन्य सभी रिकॉर्ड और जांच दस्तावेज हत्या के आरोपों की पुष्टि करते हैं। सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि यह केवल एक तकनीकी त्रुटि थी, जिसे हत्या जैसे गंभीर अपराध में जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में मेघालय पुलिस इस मामले से जुड़े दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघालय सरकार के अनुसार गिरफ्तारी के समय तैयार किए गए एक दस्तावेज में हत्या से संबंधित धारा 103 बीएनएस दर्ज की जानी थी, लेकिन टाइपिंग की गलती के कारण वहां धारा 403 बीएनएस लिख दी गई। सरकार का कहना है कि केवल एक दस्तावेज में यह त्रुटि हुई थी, जबकि गिरफ्तारी से जुड़े अन्य दस्तावेजों और केस डायरी में हत्या सहित संबंधित धाराओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। याचिका में कहा गया है कि आरोपी और अन्य सह-आरोपियों के हस्ताक्षर वाले कई दस्तावेजों में सही धाराएं दर्ज हैं। ऐसे में एक तकनीकी त्रुटि के आधार पर जमानत मिलना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता। सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि हाई कोर्ट ने 29 जून 2026 को ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और जमानत बरकरार रखी।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करते हुए कहा है कि हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। सरकार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में केवल दस्तावेजी त्रुटि के आधार पर आरोपी को राहत देना उचित नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब मध्य प्रदेश निवासी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय घूमने गए थे। दोनों के हनीमून के दौरान राजा अचानक लापता हो गए थे। करीब दस दिन बाद 2 जून 2025 को सोहरा क्षेत्र के पास एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ था। जांच अधिकारियों के अनुसार शव पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान पाए गए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने हत्या की साजिश का दावा करते हुए सोनम रघुवंशी सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में सोनम रघुवंशी के अलावा उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य आरोपी विशाल सिंह चौहान, आकाश सिंह राजपूत तथा आनंद कुर्मी को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से आरोपियों की गतिविधियों और घटनाक्रम के बीच संबंध स्थापित हुए हैं। मामले की जांच अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघालय सरकार ने अपनी याचिका में यह भी उल्लेख किया है कि सोनम रघुवंशी की ओर से पहले तीन बार जमानत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन उन सुनवाइयों के दौरान गिरफ्तारी दस्तावेज में दर्ज धारा संबंधी त्रुटि का कोई उल्लेख नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि चौथी बार जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इस तकनीकी गलती को आधार बनाया गया, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। राज्य सरकार का तर्क है कि इस तरह की तकनीकी चूक को हत्या जैसे गंभीर अपराध में आरोपी को राहत देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में मेघालय सरकार ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की रिपोर्टों का भी उल्लेख किया है। सरकार का दावा है कि वैज्ञानिक जांच से प्राप्त निष्कर्ष मामले की जांच को मजबूत करते हैं। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी हवाला दिया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की गतिविधियों और घटनाक्रम के क्रम को स्पष्ट करते हैं। राज्य सरकार का तर्क है कि इन साक्ष्यों को देखते हुए जमानत आदेश पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:53:40 +0530</pubDate>
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                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग, भाई बोले- इंसाफ अभी अधूरा</title>
                                    <description><![CDATA[सोनम के जमानत पर बाहर आने के बाद परिवार की चिंता बढ़ी, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा- निष्पक्ष जांच के लिए मामला CBI को सौंपा जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/demand-for-cbi-investigation-raised-again-in-raja-raghuvanshi-murder/article-55715"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/raja-raghuvanshi-murder-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। मामले में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि इतने चर्चित और गंभीर मामले में अभी तक सीबीआई जांच नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उनका आरोप है कि मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर बाहर है और ऐसे में सबूतों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय का इंतजार है और सच्चाई पूरी तरह सामने आना बाकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा हुई थी। राजा अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने शिलांग गए थे। आरोप है कि इसी दौरान सुनियोजित तरीके से उनकी हत्या कर दी गई और शव को खाई में फेंक दिया गया। घटना के बाद कई दिनों तक मामले को लेकर रहस्य बना रहा। बाद में पुलिस जांच के दौरान सोनम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें कई लोग शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी चलती रही। इसी बीच सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद राजा के परिवार की चिंता बढ़ गई है। विपिन रघुवंशी का कहना है कि जब तक मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा नहीं की जाएगी, तब तक परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकता। उनका मानना है कि सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर सकती है और उन तथ्यों को भी सामने ला सकती है जो अब तक सामने नहीं आए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विपिन ने कहा कि देश में कई संवेदनशील मामलों में सीबीआई जांच कराई जाती है। यदि किसी युवती की मौत या अन्य चर्चित मामलों में सीबीआई जांच हो सकती है तो राजा रघुवंशी हत्याकांड को भी उसी गंभीरता से देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई राज्यों से जुड़े पहलू भी सामने आए हैं। घटना मध्य प्रदेश से जुड़े परिवार की है जबकि वारदात मेघालय में हुई। ऐसे में अंतरराज्यीय पहलुओं को देखते हुए भी केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी लगती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार का आरोप है कि अब तक की जांच में कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब उन्हें नहीं मिले हैं। विपिन का कहना है कि सोनम के जमानत पर बाहर रहने से परिवार के मन में आशंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ होती है तो न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि वे लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि मामले को सीबीआई को सौंपा जाए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस पूरे मामले ने शुरुआत से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक इस केस को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारी और अदालत में चल रही प्रक्रिया को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी रही। लेकिन परिवार का कहना है कि मीडिया में चर्चा होना और न्याय मिलना दो अलग बातें हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि राजा की मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।</p>
<p class="isSelectedEnd">परिवार आने वाले दिनों में अपनी मांग को लेकर और सक्रिय हो सकता है। यदि जरूरत पड़ी तो वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सामने भी अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। परिवार का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। अदालत में कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं।</p>
<p>उधर इस मामले में अब तक किसी नई जांच एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सरकार की ओर से भी सीबीआई जांच की मांग पर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में राजा रघुवंशी के परिवार की निगाहें आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं। परिवार का कहना है कि वे अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उन्हें पूरी तरह संतोषजनक जांच और न्याय नहीं मिल जाता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:58:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सोनम रघुवंशी की जमानत पर फैसला सुरक्षित, हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शिलांग हाई कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/decision-on-sonam-raghuvanshis-bail-reserved-hearing-completed-in-high/article-55612"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sonam-raghuvanshi-bail.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की मेघालय में हुई चर्चित हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। शिलांग उच्च न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहेगी या फिर उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह मामला पिछले कई महीनों से लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मेघालय पुलिस ने जांच शुरू की थी और जांच के दौरान सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया। मामले की गंभीरता और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के कारण यह केस लगातार सुर्खियों में बना रहा। बाद में जब मामला अदालत पहुंचा तो शिलांग की जिला अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और प्रस्तुत तर्कों के आधार पर सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। जिला अदालत के इस फैसले के बाद सोनम रघुवंशी को जेल से रिहा कर दिया गया था। हालांकि यह फैसला मेघालय सरकार को स्वीकार नहीं था। सरकार का मानना था कि मामले की प्रकृति और जांच से जुड़े तथ्यों को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जिला अदालत के आदेश को चुनौती दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपों की प्रकृति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और मामले की पूरी पड़ताल अभी भी महत्वपूर्ण है। सरकार का तर्क था कि ऐसे मामलों में आरोपी को जमानत पर रहने देना जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। दूसरी ओर, सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकीलों ने जिला अदालत के फैसले का समर्थन किया। बचाव पक्ष का कहना था कि निचली अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का अध्ययन करने के बाद ही जमानत देने का निर्णय लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत किसी व्यक्ति को दोषमुक्त घोषित नहीं करती, बल्कि यह केवल मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक दी गई एक कानूनी राहत है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत में जांच से जुड़े दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और विभिन्न कानूनी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों को मजबूती से रखा। अदालत ने कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन किया। बताया जा रहा है कि 5 जून से इस मामले में लगातार सुनवाई चल रही थी। हर सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया। अदालत का फैसला इस केस की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजा रघुवंशी हत्याकांड पहले ही काफी संवेदनशील माना जा रहा है। मामले से जुड़े घटनाक्रमों पर लगातार लोगों की नजर बनी हुई है। इंदौर और मेघालय दोनों जगह इस केस को लेकर चर्चा होती रही है। मृतक के परिजनों ने भी पहले कई बार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। जमानत रद्द करने के मामलों में अदालत केवल आरोपों की गंभीरता ही नहीं देखती, बल्कि यह भी परखती है कि क्या आरोपी के बाहर रहने से जांच, गवाहों या न्यायिक प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत अपना निर्णय देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच अदालत के फैसले का इंतजार बढ़ गया है। यदि हाई कोर्ट मेघालय सरकार की अपील स्वीकार कर लेता है तो सोनम रघुवंशी की जमानत निरस्त हो सकती है और उन्हें दोबारा हिरासत में जाना पड़ सकता है। वहीं यदि अदालत जिला अदालत के आदेश को सही मानती है तो उनकी जमानत बरकरार रहेगी। मामले में किसी भी तरह की अटकलों से बचने की सलाह दी जा रही है। सभी पक्ष अब उच्च न्यायालय के अंतिम आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अदालत का फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 13:10:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोनम रघुवंशी की किस्मत का फैसला आज, मिलेगी बेल या जारी होगी जेल?</title>
                                    <description><![CDATA[हनीमून मर्डर केस में सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय हाईकोर्ट में आज सुनवाई, सरकार ने बेल रद्द करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/sonam-raghuvanshis-fate-will-be-decided-today-she-will-get/article-53171"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t121559.418.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इंदौर के चर्चित </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हनीमून मर्डर केस</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">में आज मेघालय हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है। इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अब देखना है कि अदालत सोनम की बेल को बरकरार रखती है या फिर उन्हें फिर से जेल भेजने का आदेश देती है। सुबह से ही इस केस को लेकर कानूनी हलकों में चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि सरकार इस बार मामले को गंभीर अपराध और ठोस सबूतों के आधार पर प्रस्तुत करेगी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोनम के वकील निचली अदालत के फैसले को सही ठहराने की तैयारी में हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला पिछले साल मई में इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है। राजा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय के सोहरा में हनीमून पर गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी हत्या हो गई थी। जांच के बाद मेघालय पुलिस ने सोनम और उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताया था। उस वक्त इस मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अप्रैल के अंत में शिलांग की निचली अदालत ने सोनम को जमानत दे दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह कहते हुए कि पुलिस दस्तावेजों में हुई तकनीकी गलती इसके लिए आधार थी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी दस्तावेज में हत्या से जुड़ी धारा के बजाय कोई दूसरी धारा दर्ज कर दी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसी वजह से उन्हें राहत मिली थी। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने अपनी नाराजगी खुलकर जताई थी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मेघालय सरकार का कहना है कि इस गंभीर मामले में टाइपिंग एरर या तकनीकी गलती के आधार पर आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती। सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि सोनम को गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी और पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस केस के दूसरे आरोपी राज कुशवाहा समेत चार लोग अभी भी जेल में हैं और उनकी जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज हो चुकी हैं। अगर हाईकोर्ट सरकार की अपील स्वीकार कर लेता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सोनम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस समय वह कोर्ट की शर्तों के तहत शिलांग जिला मुख्यालय की सीमा में रह रही हैं और उनके गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इंदौर में रविवार शाम रीगल चौराहे पर राजा रघुवंशी के परिवार और सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर जमानत का विरोध किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। राजा की मां उमा रघुवंशी का कहना है कि परिवार अभी तक इस सदमे से उबर नहीं पाया है और उन्हें दोषियों को सख्त सजा मिलने का इंतजार है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि न्याय की लड़ाई आखिरी दम तक जारी रहेगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 12:41:03 +0530</pubDate>
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