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                <title>Road Project - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Road Project RSS Feed</description>
                
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                <title>धंसी सड़क की जांच में खुली बड़ी गड़बड़ी, दो इंजीनियर निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[कबीरधाम में पीएम जनमन योजना की सड़क की गुणवत्ता जांच में तकनीकी खामियां सामने आईं, भारी वाहनों के संचालन और मॉनिटरिंग में लापरवाही को माना गया नुकसान की बड़ी वजह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/major-flaw-revealed-in-investigation-of-sunken-road-two-engineers/article-58382"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/surajpur-news-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाई गई सड़क के धंसने की शिकायत आखिरकार सही साबित हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी खामियां सामने आईं। इसके बाद निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दलदली मेन रोड से खारिया होते हुए अगरी तक बनाई गई इस सड़क के कई हिस्सों में धंसने और क्षतिग्रस्त होने की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा लगातार की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया। सड़क की गुणवत्ता का सही आकलन करने के लिए कोर कटिंग सहित विभिन्न तकनीकी परीक्षण किए गए। जांच में पाया गया कि सड़क का अधिकांश निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप था, लेकिन कुछ तकनीकी कमियों और क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के संचालन के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान सामने आया कि जिस सड़क पर केवल 10 से 12 टन क्षमता तक के वाहनों के संचालन की अनुमति थी, वहां 60 से 70 टन तक वजन वाले रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा था। सड़क की डिजाइन इतनी अधिक भार क्षमता के लिए तैयार नहीं की गई थी। भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की सतह और अंदरूनी संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा, जिससे सड़क धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई। तकनीकी जांच में यह भी पाया गया कि सड़क के किनारों यानी शोल्डर का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार नहीं किया गया था। कॉम्पैक्शन परीक्षण में कई स्थानों पर शोल्डर की मजबूती तय मानकों से कम मिली। निर्धारित 100 प्रतिशत कॉम्पैक्शन के मुकाबले कुछ हिस्सों में यह केवल 95 प्रतिशत और एक स्थान पर 94.68 प्रतिशत पाया गया। इसके अलावा एक पुलिया के एप्रोच क्षेत्र में बैकफिलिंग का कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। बारिश के दौरान इसी हिस्से से पानी सड़क की निचली परत तक पहुंच गया, जिससे सड़क की संरचना कमजोर हो गई और कई स्थानों पर धंसाव की स्थिति बन गई।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यपालन अभियंता (ईई) संतोष कुमार ठाकुर के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क के जिन हिस्सों में नुकसान हुआ है, उन्हें पूरी तरह हटाकर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। साथ ही पूरी सड़क के शोल्डर को भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 12:14:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मालवा को विकास की नई रफ्तार, 5,017 करोड़ की उज्जैन-जावरा फोरलेन परियोजना का होगा भूमि पूजन</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे 98.73 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन का शुभारंभ, 35 लाख लोगों और 62 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को भी मिलेगी मजबूती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/new-pace-of-development-for-malwa-bhoomi-pujan-of-5017/article-58373"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/ujjain-jaora-greenfield-fourlane.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को 5,017 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद मालवा क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को भी इसका व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। करीब 98.73 किलोमीटर लंबी यह आधुनिक फोरलेन सड़क उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगी। इससे प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मालवा क्षेत्र के आर्थिक विकास और निवेश को नई दिशा देने वाली आधारभूत परियोजना साबित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सड़क का निर्माण मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) द्वारा किया जाएगा। परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए दो वर्ष का लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। सड़क के दोनों ओर आधुनिक यातायात सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे भविष्य की बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को भी आसानी से पूरा किया जा सके। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट और जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसके दायरे में आने वाले लगभग 62 गांवों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी। अनुमान है कि करीब 35 लाख नागरिक इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सड़क सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और तेज यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी और उज्जैन की पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। परियोजना के अंतर्गत केवल फोरलेन सड़क का निर्माण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग सुविधाओं का भी समावेश होगा। इसमें तीन रेल ओवरब्रिज, नौ बड़े पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा जावरा बायपास पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू-नीमच फोरलेन तक दोनों ओर सर्विस रोड विकसित की जाएगी। इससे स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के वाहनों की आवाजाही अलग-अलग सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">नई सड़क बनने से किसानों को सबसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। कृषि उपज को मंडियों तक पहुंचाने में समय कम लगेगा और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण फल, सब्जी और अन्य कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही डेयरी, बागवानी और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">औद्योगिक विकास की दृष्टि से भी यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और नए उद्योगों के लिए निवेश का वातावरण मजबूत होगा। मालवा क्षेत्र पहले से ही कृषि, उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। आधुनिक परिवहन सुविधाओं के जुड़ने से यहां औद्योगिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बाजार तक आसान पहुंच मिलने से प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।पर्यटन क्षेत्र को भी इस परियोजना से नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उज्जैन विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से महाकाल लोक, श्री महाकालेश्वर मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा। इससे होटल, परिवहन, पर्यटन सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 11:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>10 लेन सड़क परियोजना में पुनर्वास को प्राथमिकता, कोई परिवार बेघर नहीं होगा</title>
                                    <description><![CDATA[नयापुरा सेंट्रल जेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावितों को वैकल्पिक भूमि देने के निर्देश, मंत्री विश्वास सारंग ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/rehabilitation-will-be-given-priority-in-10-lane-road-project/article-56284"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/bhopal-10-lane-road-project.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भोपाल में प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप सड़क निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी के दौरान बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन किसी भी गरीब परिवार को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि 10 लेन सड़क परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। हालांकि सड़क निर्माण की जद में आने वाले कई परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति बन रही थी। स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी थी। इसी के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने स्वयं मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को हटाने की जल्दबाजी नहीं की जाए। उनका कहना था कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं और उन्हें अचानक असुविधा में नहीं डाला जा सकता। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक नई जगह बसाया जाए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि स्थानांतरण की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से हो और लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए। मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को शिफ्टिंग की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय मिलना चाहिए। साथ ही एनएचएआई और प्रशासन मिलकर सामान के स्थानांतरण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नागरिक को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए जिससे उसकी आजीविका, बच्चों की पढ़ाई या दैनिक जीवन प्रभावित हो।</p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्र के लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कई परिवारों ने बताया कि वे लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे हैं और यदि उन्हें दूर बसाया गया तो रोजगार और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस पर मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। उनका मानना है कि पुनर्वास केवल जमीन देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों की सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सड़क परियोजना शहर की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना योजनाओं में शामिल है। इससे आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। लेकिन इसके साथ ही पुनर्वास की प्रक्रिया को संवेदनशील और मानवीय तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और पात्र लोगों को नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर, हुजूर तहसील के अंतर्गत आने वाले कोल्हूखेड़ी और मीरपुर क्षेत्र में भी प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में चल रही इन कार्रवाइयों को लेकर प्रशासन का कहना है कि विकास परियोजनाओं और शासकीय भूमि संरक्षण दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया किस तरह लागू होती है और प्रभावित परिवारों को कब तक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 15:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा अमहिया रोड प्रोजेक्ट विवादों में, 22 मीटर से घटकर 12 मीटर हुई चौड़ाई, 2 करोड़ खर्च पर सवाल उठा</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण योजना 22 मीटर से घटकर 12 मीटर हुई, 2 करोड़ बिजली पोल शिफ्टिंग पर खर्च को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/rewa-amhiya-road-project-controversies-width-reduced-from-22-meters/article-53181"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t125343.449.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा अमहिया रोड प्रोजेक्ट फिर से चर्चा और विवादों का केंद्र बन गया है। पहले इस रोड को 22 मीटर चौड़ा करने की योजना थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब यह घटकर 12 मीटर रह गई है। प्रशासनिक स्तर पर हो रहे बदलावों ने लोगों में असमंजस और नाराजगी की लहर पैदा कर दी है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम शुरू न होना भी यह सवाल उठाता है कि आखिर ये सारी योजना किस दिशा में बढ़ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू किया गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब ये सिर्फ कागजों पर ही नजर आ रहा है। चर्चा ये हो रही है कि सड़क चौड़ीकरण से पहले बिजली पोल शिफ्टिंग पर 1.5 से 2 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। लोग पूछ रहे हैं कि जब सड़क का काम ही स्पष्ट नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इतनी बड़ी रकम शिफ्टिंग पर क्यों खर्च की जा रही है। कई दुकानदार इसका भी जिक्र कर रहे हैं कि रोजाना जाम की समस्या पहले से ही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब बदलाव ने भरोसा और कमजोर कर दिया है। ऐसा लगता है कि पहले 22 मीटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर 18 मीटर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब 12 मीटर तक का प्रस्ताव प्रशासन की अनिश्चितता को दर्शाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अमहिया रोड पर सुबह और शाम के समय ट्रैफिक जाम आम है। स्कूल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफिस और बाजार जाने वाले लोग हर दिन इस समस्या से जूझते हैं। कई छोटे-बड़े हादसे भी यहां हो चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन चौड़ीकरण का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। स्थानीय नागरिक कहते हैं कि जब योजना बनाई गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उम्मीद थी कि सड़क चौड़ी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाम कम होगा और दुर्घटनाएं घटेंगी। लेकिन अब तो स्थितियां उलटी नजर आ रही हैं। लोग आरोप लगा रहे हैं कि चर्चा के बीच में कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और फाइलें बस आगे-पीछे हो रही हैं। प्रशासन की तरफ से अलग-अलग प्रस्ताव आते रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन का कहना है कि अमहिया रोड चौड़ीकरण को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया चल रही है। बिजली पोल शिफ्टिंग और तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जैसे ही अंतिम स्वीकृति मिलती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जमीनी हकीकत और प्रशासन के दावों के बीच का अंतर साफ नजर आ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लोग बस ये इंतजार कर रहे हैं कि ये योजना आखिर कब जमीन पर उतरेगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:12:48 +0530</pubDate>
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