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                <title>NTA - दैनिक जागरण</title>
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                <description>NTA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>NEET-UG 2027 में बड़ा बदलाव, छह दिन तक होगी परीक्षा; पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड होगा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार, देशभर में 1000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, JEE की तर्ज पर कई दिनों में होगा आयोजन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/big-change-in-neet-ug-2027-the-exam-will-be-for/article-58290"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/neet-ug-2027.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में वर्ष 2027 से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही परीक्षा एक ही दिन के बजाय कम से कम छह दिनों तक अलग-अलग शिफ्टों में कराई जाएगी। परीक्षा के लिए देशभर में एक हजार से अधिक परीक्षा केंद्र विकसित किए जाएंगे, ताकि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को सुविधाजनक तरीके से परीक्षा दिलाई जा सके। यह बदलाव पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हर साल मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा में लगभग 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। अब तक यह परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन पेन-पेपर मोड में आयोजित की जाती रही है। लेकिन बढ़ती परीक्षार्थियों की संख्या, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को देखते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की योजना बनाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई व्यवस्था के तहत परीक्षा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main की तरह कई दिनों तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को अलग-अलग तिथियों और शिफ्टों में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी, जिससे प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा डिजिटल परीक्षा प्रणाली से मूल्यांकन प्रक्रिया भी अधिक तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा के लिए देशभर में 1000 से अधिक आधुनिक परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे। इन केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सहायता उपलब्ध रहेगी। परीक्षा केंद्रों का चयन इस तरह किया जाएगा कि अभ्यर्थियों को अपने घर से बहुत दूर यात्रा न करनी पड़े। सरकार और NTA का प्रयास है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों को भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा की समान सुविधा मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">NEET परीक्षा में यह बदलाव वर्ष 2024 में सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों के बाद तेज हुए सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है। उस समय परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर देशभर में सवाल उठे थे। कई राज्यों से पेपर लीक, फर्जीवाड़े और परीक्षा संचालन में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करने का फैसला लिया था। शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय पहले से ही कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर विचार कर रहे थे, लेकिन विवाद के बाद इस प्रक्रिया को गति मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष भी NEET-UG परीक्षा चर्चा में रही। वर्ष 2026 में परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के कुछ दिनों बाद गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आने लगीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में अनियमितताओं की सूचना मिली, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी गई। जांच के आधार पर 12 मई को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई। इसके बाद 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने री-एग्जाम की नई तारीख जारी की। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू होने से कई समस्याओं का समाधान संभव है। प्रश्नपत्र डिजिटल माध्यम से सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेगा, जिससे प्रिंटिंग, परिवहन और वितरण के दौरान सुरक्षा जोखिम कम होंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरों का मूल्यांकन भी तेजी से किया जा सकेगा। हालांकि इसके साथ तकनीकी चुनौतियां भी होंगी, जिनसे निपटने के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना आवश्यक होगा। नई परीक्षा प्रणाली लागू करने के लिए केंद्र सरकार व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम, बिजली की निर्बाध व्यवस्था, बैकअप नेटवर्क, साइबर सुरक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी ताकि किसी अभ्यर्थी को नुकसान न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:16:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>री-NEET 2026: रीवा में प्लास से निकाली चेन-बटन, भोपाल में सेकंडों की देरी पर नहीं मिली एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[एमपी में री-NEET परीक्षा सख्त सुरक्षा के बीच। रीवा में मेटल बटन निकालने के लिए प्लास-पेचकस का इस्तेमाल। भोपाल में सेकंडों की देरी पर छात्र बाहर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/re-neet-2026-chain-button-taken-out-from-the-plas-in-rewa/article-56574"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/re-neet-ug-2026-pliers-used-to-remove-pant-chains-and-buttons-in-rewa;-morena-student&#039;s-centre-changed-from-gwalior-to-bhopal-at-last-minute-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>एमपी के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर एक लाख से अधिक अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा, सख्त सुरक्षा के बीच 1:30 बजे बंद हुए गेट</strong></p>
<p dir="ltr">रविवार को मध्य प्रदेश में री-NEET UG 2026 परीक्षा अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर एक लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">भोपाल में 32 केंद्रों पर 13,774 अभ्यर्थी हैं, जबकि इंदौर में सबसे अधिक 14,000 से अधिक अभ्यर्थी हैं। जबलपुर में 23 केंद्रों पर 10,426, ग्वालियर में 25 केंद्रों पर 5,000 अभ्यर्थी हैं। छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थी हैं।</p>
<p dir="ltr">परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-पेपर मोड में हो रही है। सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और फ्रिस्किंग शुरू हुई, जो 1:30 बजे तक जारी रहेगी। 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">अभ्यर्थियों को मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को केंद्र में ले जाने की सख्त मनाही है।</p>
<p dir="ltr"> रीवा: प्लास-पेचकस से निकाली गईं पैंट की चेन और बटन</p>
<p dir="ltr">रीवा जिले में 13 केंद्रों पर 5,399 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। सुबह 11:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ। अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर और मैनुअल फ्रिस्किंग के जरिए सघन जांच की गई।</p>
<p dir="ltr">सुरक्षा इतनी सख्त थी कि कई अभ्यर्थियों की पैंट की चेन और बटन तक प्लास और पेचकस की मदद से निकाले गए, उसके बाद ही उन्हें प्रवेश मिला। चेन, धातु के बटन, कलावा, गहने और अन्य धातु की वस्तुएं बाहर उतरवा ली गईं। कड़ी जांच के कारण कुछ केंद्रों पर अफरा-तफरी भी देखने को मिली। 50% महिला पुलिसकर्मी तैनात की गईं।</p>
<p dir="ltr"> भोपाल: सेकंडों की देरी पर छात्रों को नहीं मिली एंट्री</p>
<p dir="ltr">भोपाल के सरोजिनी सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में महज 30-40 सेकंड की देरी पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया। परिजनों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि केंद्र के बाहर मार्गदर्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।</p>
<p dir="ltr">एडिशनल एसपी ने कहा, "इन्हें अंदर भेजना मेरे हाथ में नहीं है।" पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 में ठीक 1:30 बजे गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने के बाद भी तीन अभ्यर्थी बाहर खड़े रहे।</p>
<p dir="ltr">एक छात्र अपना आधार कार्ड घर भूल गया। उसने व्हाट्सएप पर डिजिटल कॉपी मंगवाई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। उसे मूल आधार कार्ड लाने के लिए वापस जाना पड़ा।</p>
<p dir="ltr"> इंदौर: पुलिसकर्मी की मदद से छात्रा समय पर पहुंची केंद्र</p>
<p dir="ltr">इंदौर में रिया नाम की छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में भूल गई थी। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने छात्रा की मदद की। उन्होंने परिजनों से व्हाट्सएप पर आधार कार्ड की कॉपी मंगवाई और छात्रा को समय पर प्रवेश दिलाया।</p>
<p dir="ltr">एसजीएसआईटीएस केंद्र पर एक छात्र को कान की बाली उतारनी पड़ी। सुरक्षाकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से सघन जांच की।</p>
<p dir="ltr"> मुरैना: ग्वालियर से भोपाल बदला सेंटर, छात्र को करनी पड़ी यात्रा</p>
<p dir="ltr">मुरैना निवासी धर्मेंद्र प्रजापति का परीक्षा केंद्र पहले ग्वालियर में था, लेकिन अंतिम समय में एनटीए ने उसे बदलकर भोपाल कर दिया। उन्हें ग्वालियर से भोपाल तक का सफर तय करना पड़ा। "बदलाव से थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन समय रहते व्यवस्था कर ली," उन्होंने कहा।</p>
<p dir="ltr">मुरैना में 7 परीक्षा केंद्र हैं और 180 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr"> छतरपुर: गलत केंद्र पहुंचा छात्र, 22 किमी दूर था असली सेंटर</p>
<p dir="ltr">एक छात्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, छतरपुर को अपना केंद्र समझकर पहुंच गया। दस्तावेज जांच के दौरान पता चला कि उसका वास्तविक केंद्र नौगांव में था - 22 किलोमीटर दूर। वह तुरंत बाइक से नौगांव की ओर रवाना हो गया।</p>
<p dir="ltr"> सतना: पानी की बोतलों के रैपर हटवाए, टॉप्स उतरवाए</p>
<p dir="ltr">सतना के परीक्षा केंद्रों पर सख्त जांच हुई। पानी की बोतलों के रैपर हटवाए गए। कान में टॉप्स पहनकर पहुंची छात्राओं को उन्हें उतारना पड़ा। एक अभ्यर्थी के जूते बाहर रखवा दिए गए और उसे नंगे पैर ही प्रवेश दिया गया।</p>
<p dir="ltr"> छात्रों की आवाज: 'एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं'</p>
<p dir="ltr">छात्रों ने पेपर लीक प्रकरण पर चिंता और निराशा व्यक्त की। दिव्यानी परिहार, जो भोपाल में परीक्षा दे रही थीं, ने कहा कि वे तीन साल से तैयारी कर रही हैं और पिछली परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन रद्द होने के बाद वापस आनी पड़ी।</p>
<p dir="ltr">एक छात्र ने कहा: "दोबारा एग्जाम देने में बुरा लग रहा है। ये भी नहीं पता कि इस बार एग्जाम हो पाएगा या ये पेपर भी लीक हो जाएगा।"</p>
<p dir="ltr">गुना में एक छात्र ने कहा: "पिछले डेढ़ महीने तनाव और अनिश्चितता से भरे रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हमारी मेहनत और मानसिक स्थिति पर असर डाला है।"</p>
<p dir="ltr">प्राची ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी है, लेकिन पेपर लीक को लेकर "एक प्रतिशत भी भरोसा नहीं"।</p>
<p dir="ltr">प्रणवी उपाध्याय, जो जेईई की तैयारी कर रही हैं, ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को "बहुत गंदी" बताया और कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों के सपने तोड़ते हैं।</p>
<p dir="ltr"> री-परीक्षा क्यों?</p>
<p dir="ltr">NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को इसे रद्द कर दिया। CBI मामले की जांच कर रही है। आज की परीक्षा दोबारा आयोजित की जा रही है।</p>
<p dir="ltr">प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग, CRPF एस्कॉर्ट, CCTV निगरानी, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और अतिरिक्त बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई हैं। देशभर के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:40:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>री-NEET 2026: रायपुर में 1:30 बजे बंद एंट्री, सुरक्षा जांच में आधा घंटा</title>
                                    <description><![CDATA[ री-NEET UG परीक्षा आज, रायपुर सेंटर पर समय सीमा सख्त। 1:30 बजे के बाद प्रवेश नहीं। 45 हजार अभ्यर्थी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/re-neet-2026-entry-closed-in-raipur-at-130-hrs-half/article-56556"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/re-neet-ug-2026-raipur-exam-centers-make-time-bound-entry-announcements,-security-checks-take-30-minutes-(1).jpg" alt=""></a><br /><h2 dir="ltr"><strong>देशभर में आज री-NEET UG 2026 परीक्षा, छत्तीसगढ़ में 45 हजार अभ्यर्थी, पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा</strong></h2>
<p dir="ltr">देशभर में आज री-NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। रायपुर के परीक्षा केंद्रों पर लगातार अनाउंसमेंट के माध्यम से अभ्यर्थियों से समय पर अंदर प्रवेश करने की अपील की जा रही है।</p>
<p dir="ltr">अनाउंसमेंट में बताया जा रहा है कि सुरक्षा जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में लगभग आधा घंटा लग सकता है। अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचने के लिए समय रहते परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की सलाह दी गई है।</p>
<p dir="ltr">परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और अभिभावकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ में इस परीक्षा में करीब 45 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनमें 28 हजार 100 छात्र-छात्राएं राज्य के हैं। पूरे प्रदेश में 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि रायपुर में 25 केंद्रों पर परीक्षा हो रही है।</p>
<h2 dir="ltr">सख्त समय-सीमा और सुरक्षा प्रोटोकॉल</h2>
<p dir="ltr">परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फ्रिस्किंग शुरू हो गई है, जो दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों को 65 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr">किसी भी अभ्यर्थी को मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ड्रेस कोड का पालन भी अनिवार्य किया गया है - हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।</p>
<h2 dir="ltr">जिलों में विशेष व्यवस्थाएं</h2>
<p dir="ltr">जगदलपुर: बस्तर जिले में चार केंद्र बनाए गए हैं - गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, एमएलबी स्कूल और जगतु महारा स्कूल। कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।</p>
<p dir="ltr">बिलासपुर: 19 परीक्षा केंद्रों वाले इस जिले में अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में छात्र और उनके परिजन पहुंच रहे हैं। पुलिस ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।</p>
<h2 dir="ltr">तीन-लेयर सुरक्षा, कलेक्टर ने किया निरीक्षण</h2>
<p dir="ltr">सभी परीक्षा केंद्रों पर तीन-लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा से दो दिन पहले रायपुर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया था - पीएम श्री आत्मानंद आर.डी. तिवारी स्कूल आमापारा, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 डीडीयू नगर और एनआईटी स्थित केंद्र।</p>
<p dir="ltr">रायपुर के एक केंद्र पर जांच के दौरान एक छात्रा की चप्पलें बदलवाई गईं।</p>
<h2 dir="ltr">क्यों हो रही री-NEET? पेपर लीक विवाद</h2>
<p dir="ltr">NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है और आज 21 जून को दोबारा परीक्षा हो रही है।</p>
<p dir="ltr">गौरतलब है कि लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत पेपर लीक और नकल के मामलों में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।</p>
<h2 dir="ltr">पहली बार: 15 मिनट का अतिरिक्त समय</h2>
<p dir="ltr">पहली बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी गई है। NTA ने निर्देश पढ़ने, फोटो लगाने या सिग्नेचर करने में होने वाली देरी को कम करने के लिए यह बदलाव किया है।</p>
<h2 dir="ltr">केंद्र पर ले जाने वाले जरूरी दस्तावेज:</h2>
<ul>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">री-नीट एडमिट कार्ड</p>
</li>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">पासपोर्ट आकार फोटो</p>
</li>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">वैध फोटो पहचान पत्र</p>
</li>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">PwD/PwBD प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)</p>
</li>
</ul>
<h2 dir="ltr">5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात</h2>
<p dir="ltr">परीक्षा प्रक्रिया पर 5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, 6 हजार से अधिक सुपरवाइजर और 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नजर रखेंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी प्रणालियां लगाई गई हैं।</p>
<h2 dir="ltr">ड्रेस कोड का रखें ध्यान</h2>
<p dir="ltr">अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि:</p>
<ul>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">हल्के और साधारण कपड़े पहनें</p>
</li>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">मेटल वाले बटन, चेन, गहने या भारी फुटवियर से बचें</p>
</li>
<li dir="ltr">
<p dir="ltr">साधारण चप्पल या सैंडल पहनें</p>
</li>
</ul>
<p dir="ltr">धार्मिक या पारंपरिक ड्रेस में आने वाले अभ्यर्थियों को सुरक्षा जांच में अधिक समय लग सकता है, इसलिए उन्हें और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।</p>
<h2 dir="ltr">क्यों मायने रखती है NEET परीक्षा</h2>
<p dir="ltr">NEET-UG भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS), नर्सिंग और अन्य मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। हर साल 1 लाख से अधिक सीटें इस परीक्षा के माध्यम से भरी जाती हैं।</p>
<p dir="ltr">एक संबंधित खबर में, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अर्जेंट हियरिंग में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद एक छात्र को NEET परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी। कोर्ट ने रायपुर पुलिस कमिश्नर और जेल अधीक्षक को छात्र को पुलिस सुरक्षा में परीक्षा केंद्र ले जाने का निर्देश दिया है।</p>
<p dir="ltr">प्रशासन ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बच्चों को तनावमुक्त माहौल दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 13:19:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET री-एग्जाम से पहले देशभर में NTA की मॉक ड्रिल, 551 शहरों में तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले NTA ने 551 शहरों में मॉक ड्रिल शुरू की, 22.79 लाख छात्रों के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/before-neet-re-exam-preparations-for-nta-mock-drill-intensified-in/article-56436"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-2026-mock-drill.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NEET-UG 2026 री-एग्जाम से एक दिन पहले देशभर में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास देश के 551 शहरों और 14 विदेशी शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर किया गया, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जा सके। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने पूरे सिस्टम की जांच की और हर स्तर पर तैयारियों का आकलन किया। इस बार NEET परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए 5000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन के लिए करीब 2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें सिटी कोऑर्डिनेटर, ऑब्जर्वर और अन्य अधिकारी शामिल हैं। NTA के अनुसार परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। यह पूरी व्यवस्था मल्टी-लेयर सुरक्षा मॉडल के तहत की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिसके तहत वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा लिख सकेंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें CCTV कैमरे और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं। दिल्ली सहित कई शहरों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और प्रवेश प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। NEET री-एग्जाम की जरूरत तब पड़ी जब 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए। कई राज्यों में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठे, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने गड़बड़ियों की पुष्टि की। इसके बाद 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया गया। सरकार और एजेंसियों की समीक्षा के बाद 21 जून की नई तारीख तय की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि जिन छात्रों ने नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है, उन्हें दोबारा डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। पुराने एडमिट कार्ड मान्य नहीं होंगे क्योंकि कई उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र बदल दिए गए हैं। एक बार डाउनलोड किया गया नया एडमिट कार्ड ही परीक्षा में प्रवेश के लिए पर्याप्त होगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए NTA ने बताया कि प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए GPS ट्रैकिंग का उपयोग किया जाएगा। हर वाहन पर पुलिस एस्कॉर्ट मौजूद रहेगा और पूरे रास्ते की निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीलबंद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहेगा और कंट्रोल रूम से लगातार लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। बिजली, पंखे, पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की पूरी व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है। डायबिटिक छात्रों को आवश्यक खाद्य सामग्री साथ रखने की छूट दी गई है। वहीं, धार्मिक पोशाक या फुल स्लीव कपड़े पहनने वाले छात्रों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि जांच प्रक्रिया सुचारू रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NTA ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि साइबर एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्रों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है। कई राज्यों ने भी छात्रों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है, वहीं मध्य प्रदेश और तेलंगाना में स्पेशल ट्रेनों और बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। महाराष्ट्र में लोकल ट्रेन सेवाओं को सामान्य रूप से चलाया जाएगा ताकि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले देशभर में व्यापक स्तर पर सुरक्षा और संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मॉक ड्रिल के जरिए हर व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:23:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET UG परीक्षा तक टेलीग्राम पर रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी</title>
                                    <description><![CDATA[22 जून तक लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती, टेलीग्राम का दावा- कुछ लोगों की गलती की सजा 15 करोड़ से ज्यादा भारतीय यूजर्स को मिली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/company-reaches-delhi-high-court-against-ban-on-telegram-till/article-56196"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/telegram-ban-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">टेलीग्राम पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। NEET UG 2026 की दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा से पहले सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर 22 जून तक रोक लगाने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ कंपनी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में तत्काल सुनवाई की तैयारी की गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब परीक्षा सुरक्षा, पेपर लीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि यह कदम छात्रों और परीक्षा प्रणाली के हित में उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ समय से परीक्षा से जुड़े फर्जी प्रश्नपत्र, भ्रामक दावे और कथित लीक सामग्री टेलीग्राम के विभिन्न चैनलों और ग्रुपों के माध्यम से साझा किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा से पहले एहतियातन यह फैसला लिया गया, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके। NEET UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। इस परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। एजेंसी का मानना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी पेपर लीक की खबरें फैलाकर छात्रों को भ्रमित किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा से पहले इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अस्थायी प्रतिबंध जरूरी माना गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना एजेंसी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार कुछ असामाजिक तत्व डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर छात्रों से ठगी करने और फर्जी सामग्री फैलाने का प्रयास करते रहे हैं। ऐसे में किसी भी संभावित जोखिम को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। दूसरी ओर टेलीग्राम ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। कंपनी का कहना है कि कुछ गलत गतिविधियों के आधार पर पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना उचित नहीं है। टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल डुरोव ने कहा कि भारत में करोड़ों लोग इस प्लेटफॉर्म का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक संचार के लिए करते हैं। उनके अनुसार कुछ चैनलों या यूजर्स की गतिविधियों के कारण पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से 15 करोड़ से अधिक भारतीय उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डुरोव ने यह भी कहा कि कंपनी पहले से ही संदिग्ध चैनलों और फर्जी सामग्री के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। उनके मुताबिक हाल के सप्ताहों में ऐसे सैकड़ों चैनलों को हटाया गया, जिन पर कथित रूप से परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सामग्री साझा की जा रही थी। कंपनी का दावा है कि वह सरकार और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना एक कठोर कदम है। इस बीच तकनीकी स्तर पर भी कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। टेलीग्राम ने संकेत दिए हैं कि वह अपने मैसेज एडिटिंग सिस्टम को और पारदर्शी बनाने पर काम कर रहा है। कंपनी का कहना है कि भविष्य में एडिट किए गए संदेशों को अधिक स्पष्ट तरीके से चिह्नित किया जाएगा, ताकि पुराने संदेशों में बदलाव कर उन्हें नए कंटेंट की तरह पेश करने जैसी गतिविधियों को रोका जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिबंध लागू होने के बाद गूगल और एप्पल ने भी सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए अपने-अपने ऐप स्टोर से टेलीग्राम को अस्थायी रूप से हटा दिया। इससे नए यूजर्स के लिए एप्लिकेशन डाउनलोड करना मुश्किल हो गया है। हालांकि पहले से ऐप का इस्तेमाल कर रहे कई उपयोगकर्ताओं पर इसका प्रभाव अलग-अलग स्तर पर देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला केवल एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल अधिकारों और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। अदालत को यह तय करना होगा कि परीक्षा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया कदम कितना उचित और अनुपातिक था। वहीं दूसरी तरफ यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी प्लेटफॉर्म पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाए जा सकते थे। दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर अब छात्रों, अभिभावकों, तकनीकी विशेषज्ञों और डिजिटल अधिकारों से जुड़े संगठनों की नजर बनी हुई है। अदालत का फैसला न केवल टेलीग्राम के भविष्य के संचालन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकारी नियंत्रण और नियमन से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। 22 जून तक टेलीग्राम पर प्रतिबंध जारी है। साथ ही जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म पर मैसेज एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक सीमित रहेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 13:32:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र का बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[21 जून को होने वाली NEET UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 22 जून तक टेलीग्राम की सेवाएं सीमित, मैसेज एडिटिंग फीचर पर भी रोक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a30ed62179ec/article-56056"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-ug-2026-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने एक बड़ा और असाधारण फैसला लिया है। राष्ट्रीय परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। यह रोक 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। बताया जा रहा है कि यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत उठाया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं, कथित पेपर लीक और फर्जी दावों को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। लाखों छात्र हर वर्ष इस परीक्षा में शामिल होते हैं और इसके नतीजों पर उनके भविष्य की दिशा तय होती है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह, गलत सूचना या फर्जी दस्तावेज छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने परीक्षा के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर कई बार ऐसे दावे सामने आए, जिनमें परीक्षा शुरू होने या समाप्त होने के बाद पुराने संदेशों को एडिट करके उन्हें पेपर लीक का सबूत बताने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ मामलों में मैसेज एडिटिंग फीचर का इस्तेमाल करके मूल टाइमस्टैम्प को बरकरार रखा गया और बाद में सामग्री बदल दी गई। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलता है और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगते हैं। इसी कारण टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर को भी एक निर्धारित अवधि तक सीमित करने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों को एडिट करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद रखने को कहा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे किसी भी तरह के फर्जी सबूत तैयार करने की आशंका कम होगी और जांच एजेंसियों को भी वास्तविक तथ्यों की पुष्टि करने में आसानी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि इस फैसले के बाद छात्रों, शिक्षकों और टेलीग्राम का नियमित उपयोग करने वाले लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का कहना है कि परीक्षा सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे उन लाखों यूजर्स को भी असुविधा होगी जो शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत संवाद के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर परीक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कदम सीमित अवधि और विशेष उद्देश्य के लिए उठाया गया है, तो इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत हो सकती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को आयोजित की जाएगी और परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाएंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों के बजाय आधिकारिक वेबसाइट और अधिसूचनाओं पर ध्यान दें। डिजिटल युग में परीक्षा सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर तकनीक परीक्षा प्रबंधन को आसान बनाती है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना और साइबर दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a30ed62179ec/article-56056</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:24:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसदीय समिति ने NTA और CBSE से पेपर लीक पर मांगे जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[NEET पेपर लीक और OSM सिस्टम विवाद पर दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने दोनों संस्थानों से कड़े सवाल पूछे, बैकग्राउंड जांच और परिभाषा पर उठे गंभीर प्रश्न]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/parliamentary-committee-seeks-answers-from-nta-and-cbse-on-paper/article-55242"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nta-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) से जुड़े परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पर कई गंभीर और सीधे सवाल उठाए हैं। NEET पेपर लीक विवाद और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रही जांच के बीच समिति की बैठक में माहौल काफी सख्त रहा और अधिकारियों से लिखित जवाब भी मांगे गए। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद (Digvijaya Singh) की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सबसे पहले यही सवाल किया कि आखिर ‘पेपर लीक’ की परिभाषा सरकारी परीक्षा एजेंसियों के हिसाब से क्या मानी जाती है, और क्या इस परिभाषा को लेकर किसी तरह की स्पष्ट गाइडलाइन मौजूद है या नहीं। बैठक में यह भी पूछा गया कि जब संस्थान खुद यह दावा करते हैं कि सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर अलग-अलग स्तर पर सामने आने वाली गड़बड़ियों और लीक जैसे आरोपों को किस श्रेणी में रखा जाए। इस पूरे सवाल-जवाब के दौरान समिति ने यह भी संकेत दिया कि केवल तकनीकी सफाई देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी स्पष्ट करना जरूरी है, क्योंकि देशभर में लाखों छात्र इन परीक्षाओं पर निर्भर हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति ने विशेष रूप से National Testing Agency से 2018 के बाद आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं का पूरा रिकॉर्ड मांगा है और पूछा है कि क्या कभी आधिकारिक रूप से किसी परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि हुई है या केवल अफवाह और तकनीकी गड़बड़ी के आधार पर ही ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। हाल ही में एजेंसी की ओर से यह दावा किया गया था कि उनके सिस्टम में वास्तविक पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल एक ‘गेस पेपर’ या अनुमानित प्रश्न पत्र प्रसारित हुआ था, जिस पर समिति ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह केवल अनुमानित सामग्री थी तो फिर परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की मजबूती पर सवाल क्यों खड़े होते हैं। इसके अलावा समिति ने NTA से उसके आंतरिक ढांचे, मानव संसाधन, तकनीकी टीम और पिछले तीन वर्षों में की गई सभी नियुक्तियों का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। बताया जा रहा है कि समिति यह समझने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी परीक्षा एजेंसी के भीतर स्टाफिंग, निगरानी और तकनीकी नियंत्रण की व्यवस्था कितनी मजबूत है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बार-बार सामने आने वाले विवाद केवल बाहरी समस्या हैं या फिर सिस्टम के भीतर कोई संरचनात्मक कमजोरी मौजूद है। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठा कि क्या परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या निगरानी की कमी रही है, जिसके कारण छात्रों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी समिति ने विस्तृत सवाल पूछे हैं। सबसे बड़ा सवाल कोएम्प्ट (Coempt) कंपनी को दिए गए ठेके और उसके चयन की प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। समिति ने पूछा कि क्या बोर्ड ने टेंडर देने से पहले कंपनी का विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया था या नहीं, और क्या यह जानकारी थी कि कंपनी के डायरेक्टर पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज से जुड़े रहे हैं, जिस पर पहले परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, समिति ने यह भी पूछा कि विवादित इतिहास वाली कंपनियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने की शर्त को तीसरे टेंडर में क्यों हटा दिया गया और क्या यह किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था या तकनीकी कारणों से। इसके अलावा 12वीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया में आधुनिक रोबोटिक स्कैनर के बजाय सामान्य स्कैनर के उपयोग की अनुमति देने पर भी सवाल उठाए गए। समिति का कहना है कि जब परीक्षा मूल्यांकन जैसे संवेदनशील कार्य में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, तो उसमें गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इसी बीच राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा तेजी से गरमाया हुआ है, खासकर जब कांग्रेस नेता (Rahul Gandhi) ने सार्वजनिक रूप से कोएम्प्ट कंपनी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। अब समिति की ओर से मांगे गए जवाबों के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण पर और अधिक राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:07:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेश दौरे से लौटते ही एक्शन में मोदी, आज दिल्ली में मंत्रियों के साथ करेंगे अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश दौरे से लौटते ही पीएम मोदी ने दिल्ली में मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक बुलाई। NEET विवाद, पश्चिम एशिया संकट और फेरबदल की चर्चा तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/narendra-modi-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पांच देशों की यात्रा से लौटते ही</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा </span>buzz <span lang="hi" xml:lang="hi">है। चर्चा सिर्फ सरकारी कामकाज की समीक्षा तक सीमित नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की बातें भी फिर से उठने लगी हैं। जो जानकारी मिल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक शाम के करीब 4 बजे नई दिल्ली के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा तीर्थ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य मंत्री शामिल होंगे। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इस समय यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि एक ओर </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामले को लेकर सरकार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में दिनभर इस बैठक की चर्चाएं होती रही हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों की कामकाजी रिपोर्ट पर भी नज़र डाल सकते हैं। कुछ मंत्रालयों के प्रदर्शन पर पहले ही सवाल उठाए जा चुके हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कई मंत्री दबाव में नज़र आ रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शुरूआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बैठक में देश की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। खासकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया के संकट का आर्थिक असर प्रमुख विषय हो सकता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों पर निर्भर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हालात बिगड़ने से सप्लाई चेन पर असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पहले से ही चर्चा में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">सिलेंडर के दाम बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उर्वरक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विमानन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मंत्रालयों को निर्देश दे सकते हैं कि संकट का असर आम जनता पर कम से कम पड़े। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका एजेंडा अभी तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह माना जा रहा है कि इसमें कानून व्यवस्था और परीक्षा पेपर लीक जैसी समस्याओं पर चर्चा की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों में कई राज्यों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज़ हो गई है। राजस्थान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ चुका है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा लीक मामला इस समय केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन चुका है। लगभग 23 लाख छात्र परीक्षा से जुड़े फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने परीक्षा को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टेमैटिक फेलियर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">बताते हुए एनटीए को हटाने की मांग की है। छात्र संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना तेज है। ऐसे माहौल में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक समीक्षा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। </span>BJP <span lang="hi" xml:lang="hi">के भीतर भी चर्चा है कि सरकार आने वाले महीनों में अपनी कार्यशैली और फैसलों को लेकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है। कुछ नेताओं का कहना है कि बैठक में अगले दस साल की विकास और सुधार रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दिल्ली में इस बैठक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही है। कई मंत्रियों की नजरें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री बैठक में क्या संकेत देते हैं और क्या वास्तव में बड़े बदलाव की शुरुआत होने वाली है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/modi-in-action-as-soon-as-he-returns-from-foreign/article-53853</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:05:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>NEET पेपर लीक होने में अंदर से मदद मिलने का शक! NTA अधिकारी की जांच कर रही है CBI </title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा, NTA अधिकारी CBI रडार पर। रद्द परीक्षा और नए आरोपों से बढ़ी हलचल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a09608135b65/article-53582"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-paper-leak-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>NEET-UG </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>2026:</strong> </span>नीट <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पेपर लीक के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span>CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">का ध्यान अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (</span>NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">के एक अनाम अधिकारी पर केंद्रित हो गया है। मामला और भी गंभीर हो गया है क्योंकि इस मामले में पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें मनीषा संजय वाघमारे और रसायन शास्त्र के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी शामिल हैं। इन्हें 10 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है और उनसे लगातार पूछताछ चल रही है। 3 मई को हुई परीक्षा को इस विवाद के चलते रद्द कर दिया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों में भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति बन गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों की बात करें तो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंदरूनी साजिश का पर्दाफाश होता जा रहा है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने अदालत में जो रिमांड आवेदन पेश किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसमें यह इशारा किया गया है कि यह सिर्फ बाहरी नेटवर्क का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंदरूनी मिलीभगत भी हो सकती है। आरोप है कि वाघमारे को एक संगठित नेटवर्क के जरिए 27 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर देकर दिए गए थे। इसमें एक </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">के अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वाघमारे की मुलाकात कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से एक अन्य लेक्चरर मनीषा मंडारे के जरिए हुई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़ी बताई जा रही हैं और उन्हें भी 14 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच एजेंसी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे उजागर हो रहा है और इसमें कई लोगों की भूमिका विभिन्न स्तरों पर पाए जाने की आशंका है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि वाघमारे ने कथित तौर पर कुलकर्णी से प्रश्न पत्र प्राप्त किए और फिर धनंजय लोकहांडे समेत अन्य लोगों तक पहुंचाए। लोकहांडे को 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था और उस पर पेपर को फैलाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के बाद कई लिखित प्रश्न और दस्तावेज नष्ट कर दिए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सबूत मिटाए जा सकें। कुछ स्रोतों से मिली जानकारी में यह भी पता चला है कि हाथ से लिखे गए प्रश्न पत्र भी गायब कर दिए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जांच में और मुश्किलें आ गई हैं। इस पूरे मामले में पैसे के लेन-देन की बातें भी सामने आ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने हालात को देखते हुए </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (</span>CBT) <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में कराने पर विचार किया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। हालांकि इस पूरे विवाद ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों और अभिभावकों में अब भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है और जांच एजेंसियों पर जल्द और पारदर्शी निष्कर्ष निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
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                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में महिला लेक्चरर गिरफ्तार, CBI का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे की महिला लेक्चरर को गिरफ्तार किया। जांच में बायोलॉजी और केमिस्ट्री पेपर लीक का खुलासा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/female-lecturer-arrested-in-neet-ug-2026-paper-leak-case-big/article-53538"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पेपर लीक मामले में </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">को एक बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने बायोलॉजी पेपर लीक के मामले में पुणे की सीनियर बॉटनी लेक्चरर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीषा गुरुनाथ मंधारे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि कथित मास्टरमाइंड हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">को गिरफ्तार किया है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">का कहना है कि मनीषा को </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने परीक्षा प्रक्रिया में एक विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसी कारण उसे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को संभावित सवाल बताए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इनमें से कई सवाल असली </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा में भी आए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल 2026 में मनीषा मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए छात्रों से संपर्क किया। वाघमारे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया गया है कि पैसे के बदले उन छात्रों को खास </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">स्पेशल क्लासेस</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">में शामिल किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां परीक्षा में आने वाले सवालों पर ध्यान केंद्रित किया जाता था। जांच अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनीषा मंधारे अपने घर पर क्लास चलाती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के सवाल लिखवाए और किताबों में मार्किंग करवाई जाती थी। कुछ टॉपिक्स को बेहद अहम बताते हुए तैयार भी कराया गया। जब 3 मई 2026 को </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">की परीक्षा हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कई सवाल हूबहू या मिलते-जुलते पाए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जांच एजेंसियों को शक हुआ।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मामले में केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का नाम भी आया है। सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुलकर्णी और मनीषा मंधारे दोनों को </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने परीक्षा प्रक्रिया में सामिल किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने मनीषा वाघमारे की मदद से अंदर की जानकारी बाहर पहुंचाई। वाघमारे कथित तौर पर उन छात्रों और परिवारों तक पहुंचती थी जो मोटी रकम देने के लिए तैयार थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अलग-अलग बैच बनाकर स्पेशल क्लासेस चलाई जाती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें महत्वपूर्ण सवाल पहले ही बताए जाते थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक बायोलॉजी और केमिस्ट्री पेपर लीक के सोर्स का काफी हद तक पता चल चुका है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने पिछले 24 घंटों में देशभर के कई शहरों में छापेमारी की है। दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुणे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नासिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरुग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर और अहिल्यानगर समेत छह जगहों पर कार्रवाई के दौरान लैपटॉप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोबाइल फोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंक दस्तावेज और कई डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें और कौन लोग शामिल थे। कुछ संदिग्ध बैंक खातों में लेनदेन भी मिले हैं। मनीषा वाघमारे का अकाउंट फिलहाल सीज कर दिया गया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह मामला शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर 12 मई 2026 को </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने दर्ज किया था। केस के उजागर होने के बाद कई राज्य एक साथ जांच में जुट गए। अब तक दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुरुग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुणे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नासिक और अहिल्यानगर से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को अदालत ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि हाल में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुणे से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल</span>, CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:27:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>21 जून को फिर होगी NEET परीक्षा, पेपर लीक के बाद NTA ने घोषित की नई तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[NTA ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित कर दी है। पेपर लीक विवाद के बाद अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-exam-will-be-held-again-on-june-21-after/article-53384"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t095913.103.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>NEET Re-Exam 2026 Date:</strong> नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख आखिरकार आ गई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया है कि अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को फिर से आयोजित की जाएगी। देशभर के लाखों छात्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। तीन मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते केंद्र सरकार और एजेंसी पर काफी दबाव बढ़ गया था। अब परीक्षा रद्द होने के बाद इसे नए सिरे से कराने का निर्णय लिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुरुवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा पर लंबी चर्चा की गई। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ </span>NTA, CBSE, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के अधिकारी भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान परीक्षा केंद्रों की निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रश्नपत्र की सुरक्षा और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे कई मुद्दों पर बात की गई। हाल के दिनों में पेपर लीक के मामलों में बढ़ोतरी के बाद सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। इसलिए इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त करने की तैयारी की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा था कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ। करीब 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और उनमें से कई अब दोबारा तैयारी में जुट गए हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि अचानक री-एग्जाम का दबाव मानसिक रूप से काफी भारी पड़ रहा है। वहीं कई अभिभावकों ने सुझाव दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर इस बार अधिक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि फिर कोई गड़बड़ी न हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने गुरुवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया है और दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कहीं </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। अधिकारियों के अनुसार कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि पेपर लीक नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें विभिन्न स्तरों पर लोगों की संभावित संलिप्तता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">जल्द ही री-एग्जाम के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन और एडमिट कार्ड की जानकारी जारी कर सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। शिक्षा मंत्रालय ने भी संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया के लिए निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:00:25 +0530</pubDate>
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