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                <title>CBI investigation - दैनिक जागरण</title>
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                <description>CBI investigation RSS Feed</description>
                
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                <title>राम मंदिर दान विवाद में नया मोड़: 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[दान गिनने वाले कर्मचारियों ने बढ़े कार्यभार और बदली व्यवस्था पर जताई नाराजगी, दान प्रबंधन और कथित गड़बड़ी मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/new-twist-in-ram-temple-donation-dispute-mass-resignation-of/article-58425"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/bhopal-master-plan-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा श्रद्धालुओं की आस्था या धार्मिक आयोजन को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर में आने वाले दान की गिनती और उससे जुड़े प्रशासनिक विवाद को लेकर हो रही है। दान की गिनती का जिम्मा संभाल रहे 23 कर्मचारियों ने एक साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि दान चोरी का मामला सामने आने के बाद दान की प्रकृति बदल गई है, जिससे उनका कार्यभार पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। इसी बीच इस पूरे मामले से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा, जिससे इस विवाद पर सभी की नजरें टिक गई हैं। मंदिर में आने वाले दान की गिनती का कार्य बैंक कर्मचारियों की टीम करती थी। पहले दान में बड़ी संख्या में 500 रुपये के नोट आते थे, जिससे गिनती का काम अपेक्षाकृत तेजी से पूरा हो जाता था। कर्मचारियों के मुताबिक पहले प्रतिदिन 500 रुपये के नोटों के 70 से 80 बंडल तैयार हो जाते थे। लेकिन दान चोरी की खबरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में बदलाव देखने को मिला है। अब मंदिर में 10 और 20 रुपये के नोटों की संख्या काफी बढ़ गई है, जबकि 500 रुपये के नोटों की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों का कहना है कि छोटे मूल्य के नोटों की गिनती में अधिक समय लगता है। पहले जहां दो शिफ्टों में काम होता था और प्रत्येक कर्मचारी लगभग छह घंटे की ड्यूटी करता था, वहीं अब पूरी व्यवस्था बदल दी गई है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार काम करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनके वेतन में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई। बढ़े हुए कार्यभार और लंबी ड्यूटी के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता गया और अंततः 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि इस्तीफों के बाद अब केवल 13 कर्मचारी ही दान गिनने का काम संभाल रहे हैं। ऐसे में मंदिर में प्रतिदिन आने वाले दान की गिनती और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि जल्द ही नई नियुक्तियां नहीं की गईं या कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में दान प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, राम मंदिर दान प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में दान चोरी के आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने, विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और मंदिर में दान प्रबंधन की पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई है। इन सभी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ 13 जुलाई को सुनवाई करेगी। इस सुनवाई को पूरे देश में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे आगे की जांच और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर दिशा तय हो सकती है। दान विवाद पर देश ही नहीं बल्कि पड़ोसी नेपाल से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। नेपाल के जनकपुर स्थित प्रसिद्ध जानकी मंदिर के महंत रोशन दास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के किसी मंदिर में दान से जुड़ी ऐसी घटना पहले कभी सुनने या देखने को नहीं मिली। उनके अनुसार, जब से उन्हें अयोध्या में दान से जुड़े विवाद की जानकारी मिली है, तब से वे बेहद दुखी और चिंतित हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। राम मंदिर देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की दान व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। श्रद्धालु यह उम्मीद कर रहे हैं कि दान की राशि का पूरी पारदर्शिता के साथ उपयोग हो और उसकी गिनती एवं प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनी रहे। अब सभी की निगाहें 13 जुलाई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के निर्देशों के आधार पर इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी जाती है या दान प्रबंधन प्रणाली में बदलाव के निर्देश दिए जाते हैं, तो इसका असर भविष्य में मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई दे सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:11:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोरिया ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब CBI करेगी, छत्तीसगढ़ सरकार ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नौगई गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश, अवैध रेत खनन से जुड़े विवाद के आरोपों की भी होगी पड़ताल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/now-cbi-will-investigate-korea-triple-murder-case-chhattisgarh-government/article-57524"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/koriya-triple-murder.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">देशभर में चर्चा का विषय बने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चर्चित नौगई ट्रिपल मर्डर मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की औपचारिक सिफारिश करते हुए आवश्यक अनुमति प्रदान कर दी है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब सीबीआई इस मामले से जुड़े दोनों प्रकरणों की जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस फैसले को मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मामला 16 जून की रात को कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई दर्दनाक घटना से जुड़ा है। घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पीड़ितों की फॉर्च्यूनर गाड़ी को पहले एक टिपर वाहन से कई बार टक्कर मारी गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होकर रुक गया। इसके बाद वाहन में आग लगा दी गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मृतकों की पहचान भारत सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। पीड़ित परिवार लगातार इस मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा था। परिवार का आरोप है कि हत्या के पीछे अवैध रेत खनन से जुड़ा विवाद और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। राज्य सरकार ने अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। गृह विभाग द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत आवश्यक सहमति जारी की गई है, जिससे केंद्रीय एजेंसी को इस मामले की जांच का अधिकार मिल गया है। अधिसूचना में सोनहत थाना में दर्ज दोनों एफआईआर का उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच अब सीबीआई करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों के अनुसार सीबीआई पहले सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करेगी। इसके बाद राज्य पुलिस से केस डायरी, साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य जांच सामग्री अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की जाएगी। जांच एजेंसी घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण भी कर सकती है और अब तक दर्ज किए गए बयानों के अलावा नए सिरे से गवाहों से पूछताछ भी संभव है। घटना के लगभग दो सप्ताह बाद जांच सीबीआई को सौंपे जाने का निर्णय सामने आया है। इस दौरान पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग करता रहा। इसी बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। यह मुलाकात मृतकों के तेरहवीं संस्कार के दिन हुई, जिसके बाद सरकार की ओर से सीबीआई जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी गंभीर आपराधिक मामले में जब जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाती है तो उसका उद्देश्य सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करना होता है। सीबीआई तकनीकी साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने का प्रयास करेगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। जिस तरह वाहन को रोककर उस पर हमला किया गया और बाद में आग लगा दी गई, उसने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए। हालांकि पुलिस ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की थी और कई पहलुओं पर काम किया था। अब सीबीआई के आने के बाद जांच नए चरण में प्रवेश करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच और सभी उपलब्ध साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण बेहद महत्वपूर्ण होता है। फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, वाहन की तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सीबीआई आमतौर पर इसी प्रक्रिया के तहत जांच को आगे बढ़ाती है। इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी और यदि किसी स्तर पर कोई साजिश या संगठित अपराध से जुड़ा पहलू होगा तो उसकी भी जांच की जाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच एजेंसी को हर स्तर पर पूरा सहयोग दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:14:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET-UG री एग्जाम 2026: लेट पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं, कड़ी सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG री-एग्जाम आज 564 शहरों के 5440 केंद्रों पर हो रहा है। भोपाल समेत कई जगह लेट आने वाले स्टूडेंट्स को बाहर रखा गया। IAF ने पेपर पहुंचाए।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-ug-re-exam-2026-students-arriving-late-will-not-be-allowed/article-56591"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/late-arrivals-turned-away-at-neet-ug-re-exam-centres-across-india-amid-tight-security-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">रविवार को देशभर में NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान सख्त नियमों का पालन किया गया। 1:30 बजे गेट बंद होने के बाद पहुंचने वाले कई छात्र-छात्राओं को एंट्री नहीं मिली।</p>
<p dir="ltr">भोपाल के सरोजिनी सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम श्री सेंट्रल स्कूल समेत कई केंद्रों पर कुछ छात्र महज 30-40 सेकंड लेट होने पर बाहर रह गए। बेंगलुरु में कुछ स्टूडेंट्स रो पड़े। भोपाल और छतरपुर में कुछ कैंडिडेट्स गलत केंद्र चले गए और सही जगह पहुंचने तक गेट बंद हो चुके थे।</p>
<p dir="ltr">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, 564 शहरों के 5,440 परीक्षा केंद्रों पर करीब 22.79 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और 5:15 बजे तक चलेगी — 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया है।</p>
<p dir="ltr">पेपर पहुंचाने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। 200 से ज्यादा सॉर्टी की गईं। देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षा कर्मी, ऑब्जर्वर और कोऑर्डिनेटर तैनात हैं। श्रीनगर में सुबह से पुलिस मौजूद रही, दिल्ली में केंद्रों को पिछले दिन शाम से सील कर दिया गया था।</p>
<p dir="ltr">NEET-UG की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। CBI जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से बिना तनाव के परीक्षा देने की अपील की।</p>
<p dir="ltr">री-एग्जाम ने कई अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति प्रभावित की है। दिल्ली की एक उम्मीदवार सुप्रिया ने कहा कि पिछली परीक्षा अच्छी गई थी और सीट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन रद्द होने से सब बर्बाद हो गया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शिक्षा मंत्रालय पर निशाना साधते हुए इसे अक्षम बताया।</p>
<p dir="ltr">केंद्रों के बाहर कूलिंग जोन, ORS, पानी और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुंबई में बस हड़ताल के बावजूद 180 स्पेशल बसें चलाई गईं। वाराणसी में 47 केंद्रों पर 25,000 से ज्यादा छात्र परीक्षा दे रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">NTA ने अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है।</p>
<p dir="ltr">परीक्षा के नतीजों और जांच की आगे की जानकारी का इंतजार है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 17:05:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा मोड़, सास गिरिबाला सिंह कोर्ट में पेश होगी</title>
                                    <description><![CDATA[सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तारी, CBI करेगी समर्थ और गिरिबाला से आमने-सामने पूछताछ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/big-twist-in-twisha-sharma-death-case-mother-in-law-giribala-singh/article-54471"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI ने इस मामले में ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। गुरुवार देर शाम करीब सात घंटे चली लंबी पूछताछ के बाद एजेंसी ने यह कार्रवाई की। अब गिरिबाला सिंह को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी पति समर्थ सिंह और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि बयानों में सामने आ रहे विरोधाभासों को समझा जा सके।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">मामला भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन इलाके का है, जहां 12 मई की रात ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच भोपाल पुलिस ने की थी, लेकिन परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए थे। मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा, जिसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई। एजेंसी ने 25 मई की रात इस केस में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। अगले ही दिन CBI की टीम पहली बार गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और करीब दो घंटे तक पूछताछ की थी।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि जांच के दौरान एजेंसी को कई ऐसे संकेत मिले, जिससे घटनास्थल पर सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया गया। CBI अधिकारियों ने घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। कमरों की स्थिति, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, CCTV फुटेज और मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले गए। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्विशा की मौत वाली रात घर में आखिर क्या हुआ था और घटना के बाद किस तरह की गतिविधियां हुईं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू अब डिजिटल जांच को माना जा रहा है। CBI टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है। इसके लिए मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग, इंटरनेट एक्टिविटी और CCTV फुटेज को एक साथ जोड़ा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि तीन मंजिला मकान के भीतर ट्विशा की आवाजाही का डिजिटल ट्रैक तैयार किया जा रहा है ताकि मिनट-टू-मिनट घटनाक्रम समझा जा सके।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">जांच एजेंसी ट्विशा का डिजिटल अवतार भी तैयार कर रही है। यह एक तरह का सिम्युलेटेड वर्चुअल मॉडल होगा, जिसके जरिए यह देखा जाएगा कि घटना से पहले वह घर के किस हिस्से में थी, किन लोगों से उसका संपर्क हुआ और किस समय कौन व्यक्ति किस कमरे में आया या बाहर गया। अधिकारियों के अनुसार कैमरों के टाइमस्टैंप और मोबाइल एक्टिविटी का मिलान किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि बयानों और डिजिटल सबूतों में कोई अंतर तो नहीं है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">इस बीच समर्थ सिंह पहले से ही CBI रिमांड पर है। सूत्रों के मुताबिक, समर्थ से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। अब एजेंसी दोनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब करेगी। जांच अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि घटना की रात घर के भीतर क्या स्थिति थी और मौत के बाद किन लोगों से संपर्क किया गया था। कॉल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन भी जांच के दायरे में हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">मामले में एक नया एंगल आर्थिक दबाव और घरेलू प्रताड़ना का भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि ट्विशा शर्मा ने कई कंपनियों में करीब 20 लाख रुपए के शेयर खरीद रखे थे। आरोप है कि पति समर्थ और सास गिरिबाला उन शेयरों को अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। ट्विशा के वकील अंकुर पांडे ने दावा किया है कि शादी के बाद जब परिवार को शेयरों की जानकारी मिली, तभी से विवाद बढ़ने लगा था।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर कई बार मानसिक प्रताड़ना की बात भी कही थी। उसने बताया था कि दहेज को लेकर विवाद होता था और कई बार हाथापाई तक की स्थिति बन जाती थी। बच्चे को लेकर भी उसे मानसिक दबाव में रखा जाता था। हालांकि इन सभी आरोपों की जांच अभी जारी है और CBI हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">गिरिबाला सिंह को गुरुवार रात मेडिकल जांच के लिए मेनिट परिसर भी ले जाया गया था। इसके बाद उन्हें हिरासत में रखा गया। अब कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी उनकी रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में परिवार से जुड़े अन्य लोगों, घरेलू कर्मचारियों और घटना के बाद संपर्क में आए लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 13:06:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्विशा शर्मा केस में सास गिरिबाला सिंह को झटका, हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[जबलपुर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही परीक्षण नहीं किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/e/article-54393"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मृतका की सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और केस डायरी का पर्याप्त परीक्षण किए बिना जल्दबाजी में राहत दे दी थी। कोर्ट ने साफ कहा कि मामले की गंभीरता, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट के जस्टिस देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए ठोस और गंभीर कारण होना जरूरी होता है और इस मामले में ऐसे कारण स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया, जिसके चलते जमानत आदेश कानूनी रूप से कमजोर हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामला भोपाल निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। परिवार की ओर से आरोप लगाए गए थे कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज और अन्य मुद्दों को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि पति और सास की ओर से लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता था। मामले में यह आरोप भी सामने आया कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला जा रहा था। इन आरोपों के समर्थन में व्हाट्सऐप चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मृतका के शरीर पर फांसी के अलावा अन्य चोटों के निशान भी पाए गए थे। अदालत ने माना कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें केवल शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं आई थीं। कोर्ट ने इसे मामले का महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए कहा कि पूरी घटना की गहन और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष इन चोटों के संबंध में संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि आरोपी पक्ष ने जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। कोर्ट के अनुसार मामले से जुड़े कुछ व्यवहार ऐसे थे, जिनसे जांच प्रभावित होने की आशंका पैदा होती है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मीडिया में बयान देकर मृतका की छवि खराब करने की कोशिश की गई, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां जांच को प्रभावित कर सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई है। ऐसे में जांच एजेंसी को पक्षकार बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों की प्रभावशाली पृष्ठभूमि को देखते हुए जांच एजेंसी को स्वतंत्र तरीके से काम करने देना जरूरी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर भी सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने यह मान लिया था कि केवल विवाह के सात साल के भीतर हुई मौत के आधार पर अग्रिम जमानत खारिज नहीं की जा सकती। निचली अदालत ने यह भी माना था कि आरोपी पक्ष ट्विशा के खाते में पैसे भेजता था और व्हाट्सऐप चैट्स में मुख्य शिकायत पति के खिलाफ दिखाई देती है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जमानत दी गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की गहराई से जांच करने पर तस्वीर अलग दिखाई देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मामले में CBI और राज्य सरकार की ओर से भी अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश की गईं। जांच एजेंसियों ने कहा कि ट्विशा गर्भवती थी और इसी दौरान पति तथा सास ने उसके चरित्र पर संदेह जताना शुरू किया। आरोप है कि उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया, जिसका जिक्र व्हाट्सऐप चैट्स में भी मिलता है। जांच एजेंसियों ने यह भी कहा कि ट्विशा लगातार अपने परिवार को मानसिक प्रताड़ना की जानकारी देती रही थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार की ओर से अदालत में यह तर्क भी रखा गया कि आरोपी प्रभावशाली हैं और उन्हें राहत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में हिरासत में पूछताछ जरूरी होती है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण में है, इसलिए आरोपियों को अग्रिम राहत देना उचित नहीं माना जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने अंतिम आदेश में हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को भोपाल की 10वीं अतिरिक्त सत्र अदालत द्वारा दिया गया अग्रिम जमानत आदेश निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य, मामले की गंभीरता और जांच की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपी पक्ष को राहत देना न्यायसंगत नहीं था। इस फैसले के बाद अब मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:53:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्विशा केस में SIT की जांच पर CBI की नाराजगी, केस डायरी में खामियां उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[आधी-अधूरी केस डायरी पर फटकार, गिरिबाला की कॉल डिटेल खंगालने की तैयारी; जांच प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/cbis-displeasure-over-sit-investigation-in-twisha-case-flaws-in/article-54305"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-case.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल की मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामला एक बार फिर जांच एजेंसियों के बीच टकराव और सवालों के घेरे में आ गया है। मामले की जांच कर रही SIT द्वारा सौंपी गई केस डायरी पर CBI ने गंभीर आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, केस डायरी अधूरी, अव्यवस्थित और कई अहम तथ्यों से वंचित पाई गई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने नाराजगी जाहिर की है। मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।</p>
<p>करीब 360 पन्नों की केस डायरी में घटनाओं का क्रम सही तरीके से दर्ज नहीं था और कई महत्वपूर्ण बिंदु पूरी तरह गायब थे। इस पर CBI ने SIT को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरी फाइल को नए सिरे से व्यवस्थित किया जाए और सभी तथ्यों को क्रमवार तरीके से दर्ज किया जाए। इसके बाद SIT ने संशोधित केस डायरी और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं, लेकिन अभी भी कई खामियां बनी हुई हैं। मामले की जांच में यह लापरवाही ऐसे समय सामने आई है जब जांच एजेंसियों से उच्च स्तर की पारदर्शिता और तकनीकी मजबूती की उम्मीद की जा रही थी। CBI अधिकारियों ने दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान कहा कि केस डायरी में कई अहम पहलू या तो दर्ज नहीं हैं या फिर अस्पष्ट तरीके से लिखे गए हैं, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।</p>
<h5><strong>जांच की दिशा में बदलाव के संकेत</strong></h5>
<p>सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस केस में जांच की दिशा को और व्यापक करने पर विचार कर रही है। एजेंसी ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला से पहले ही पूछताछ की है। पूछताछ में पारिवारिक संबंधों, घटनाक्रम और आपसी तनाव से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं।</p>
<p>इसके साथ ही अब गिरिबाला की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भी भेज दिया है, ताकि मोबाइल कॉल और डिजिटल संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाली जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि कॉल डिटेल से घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। CBI ने इस मामले में ट्विशा शर्मा के परिजनों से भी मुलाकात की है और उनसे घटना के दिन और उससे पहले की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली है। परिजनों ने जांच में तेजी और निष्पक्षता की मांग की है।</p>
<h5><strong>फॉरेंसिक जांच और पुराने सबूतों की समीक्षा</strong></h5>
<p>जांच एजेंसी अब इस मामले में पुराने फॉरेंसिक सबूतों की दोबारा जांच कराने पर भी विचार कर रही है। पहले एकत्र किए गए साक्ष्यों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं हुई है। CBI इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर पहलू की दोबारा जांच की संभावना को खारिज नहीं किया जा रहा है। डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयान—सभी को एक साथ जोड़कर नए सिरे से विश्लेषण किया जाएगा।</p>
<h5><strong>कानूनी प्रक्रिया पर असर</strong></h5>
<p>केस डायरी में पाई गई खामियों का असर अब कानूनी प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है। दस्तावेजों के सही तरीके से व्यवस्थित न होने के कारण आगे की कोर्ट प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जब तक केस डायरी और संबंधित दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक जांच की गति धीमी रह सकती है। हालांकि CBI इस मामले में जल्द स्पष्टता लाने की कोशिश कर रही है।</p>
<h5><strong>जांच एजेंसियों पर बढ़ता दबाव</strong></h5>
<p>ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक जांच मामला नहीं रह गया है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है। SIT और CBI के बीच दस्तावेजों को लेकर सामने आई खामियां पूरे सिस्टम पर चर्चा का विषय बन गई हैं।  जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 13:05:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा के शव 3 घंटे चला दोबारा पोस्टमॉर्टम, आज शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार </title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में दिल्ली एम्स टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। परिवार ने CBI जांच की मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/postmortem-of-actress-twisha-sharmas-body-took-3-hours-and/article-54136"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/twisha-sharma-re-post-mortem.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को भोपाल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">AIIMS <span lang="hi" xml:lang="hi">में दिल्ली एम्स की </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> सदस्यीय टीम ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। यह प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली। अस्पताल परिसर में सुबह से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था रही। मॉर्च्यूरी के आसपास पुलिस फोर्स तैनात रही और बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की तैयारी की गई। इसी बीच घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अर्थी सजने से पहले मां की हालत बिगड़ गई और वे रो पड़ीं। परिवार के लोग उन्हें संभालते नजर आए। परिजनों के मुताबिक शाम करीब </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे भदभदा श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। ट्विशा शर्मा केस अब सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं माना जा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है और सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच में सुनवाई भी होनी है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने पोस्टमॉर्टम के बाद कहा कि परिवार को जांच पर भरोसा नहीं रह गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की गई। बहन स्वाति शर्मा ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें श्मशान घाट तक में आने नहीं देंगे। पिता नवनिधि शर्मा ने मामले को जल्द </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">को सौंपने की मांग दोहराई। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी जांच </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">को ट्रांसफर करने पर सहमति दे दी है। दूसरी तरफ भोपाल कोर्ट में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन लगाया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी। </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> मई की रात कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा की मौत हुई थी। ससुराल पक्ष शुरुआत से इसे आत्महत्या बता रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि मायका पक्ष लगातार हत्या का आरोप लगा रहा है। इसी विवाद के बीच पुलिस अब हर एंगल से जांच में जुटी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इधर आरोपी पति समर्थ सिंह फिलहाल </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">7 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिन की पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में उसने दावा किया कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते सामान्य थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अप्रैल में ट्विशा की प्रेग्नेंसी की पुष्टि होने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा था। समर्थ के मुताबिक ट्विशा घरेलू जिंदगी से परेशान रहती थी और कई बार दिल्ली या अपने भाई के पास अजमेर जाने की बात कहती थी। उसने पुलिस को बताया कि </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई की शाम ट्विशा पार्लर से लौटकर आई थी। दोनों ने पार्क में वॉक भी की और साथ में खाना खाया। बाद में ट्विशा नीचे वाले कमरे में फोन पर बात करने चली गई। कुछ देर बाद उसकी मां का फोन आया कि ट्विशा परेशान लग रही है और रो रही थी। समर्थ के अनुसार जब उसकी मां छत पर पहुंचीं तो ट्विशा फंदे पर लटकी मिली। परिवार ने उसे नीचे उतारकर </span>AIIMS <span lang="hi" xml:lang="hi">पहुंचाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयान और घटनाक्रम में कई बातें अभी जांच के दायरे में हैं। शुरुआती जांच में पुलिस इसे सिर्फ आत्महत्या मानने के लिए तैयार नहीं दिख रही। इसी वजह से दोबारा पोस्टमॉर्टम और कई तकनीकी पहलुओं की जांच कराई जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे से सीकर-जयपुर तक ऐसे पहुंचा नीट का पेपर, शिक्षा मंत्री ने खुद बताया</title>
                                    <description><![CDATA[NEET Paper Leak 2026 में बड़ा खुलासा, पुणे से जयपुर तक नेटवर्क पहुंचा। परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच और विदेशी कनेक्शन की जांच जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/this-is-how-neet-paper-reached-from-pune-to-sikar-jaipur/article-53506"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET Paper Leak <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पर हंगामे के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने गंभीर गड़बड़ी और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद </span>NEET UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 को कैंसल करने का फैसला किया है। अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को फिर से आयोजित की जाएगी। मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस बार परीक्षा पुराने ढांचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी कि पेन-एंड-पेपर मोड में होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अगले साल से इसे पूरी तरह से कंप्यूटर बैस्ड टेस्ट (</span>CBT) <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में शिफ्ट करने की योजना है ताकि सिस्टम में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच की प्रक्रिया के चलते </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक की नई परतें खुलती जा रही हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पुणे से जुड़े तारों का पता लगाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां प्रोफेसर पी.पी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया गया है। कहा जा रहा है कि वह लंबे समय से परीक्षा सेटिंग पैनल का हिस्सा था। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कुछ महत्वपूर्ण सवाल प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गए थे। इसके बाद ये प्रश्न तेजी से एक नेटवर्क के द्वारा राजस्थान के कोचिंग हब सीकर और जयपुर तक पहुंच गए। जांच एजेंसियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धनंजय लोखंडे नाम के व्यक्ति ने इन सवालों को कोचिंग नेटवर्क में फैला दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एक और आरोपी शुभम पर टेलीग्राम के माध्यम से सैकड़ों प्रश्न साझा करने का आरोप है। दिल्ली की विशेष अदालत ने धनंजय को 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा है ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नियमों के अनुसार पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों की कड़ी जांच होती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बॉडी स्कैन से लेकर मोबाइल और कागज भी अंदर ले जाना सख्त मना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हर गतिविधि सीसीटीवी निगरानी में रहती है। फिर भी ये पेपर बाहर कैसे आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह अभी भी सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। क्या यह किसी आंतरिक लापरवाही का नतीजा है या फिर सिस्टम में बैठे लोगों की मिलीभगत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस पर जांच एजेंसियां अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कह पा रही हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू उभर कर आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे विदेशी कनेक्शन बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा से करीब 8 दिन पहले पेपर भारत के बाहर 12 देशों के 14 शहरों में भेजा गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें दुबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुवैत सिटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंगापुर और बैंकॉक जैसे स्थान शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन विदेशी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था स्थानीय एजेंसियों पर निर्भर होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से लीक होने की संभावना ज्यादा रहती है। राजस्थान एसओजी अब इसी अंतरराष्ट्रीय रूट की गहन जांच कर रही है। फिलहाल पूरा मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और छात्र समुदाय में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 12:56:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब अगले साल से ऑनलाइन होगी नीट की परीक्षा, 21 जून को होगा दोबारा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द, अब 21 जून को रीएग्जाम होगा। शिक्षा मंत्री ने अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा का ऐलान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/now-neet-exam-will-be-online-from-next-year-re-exam/article-53453"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-re-exam-2026.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस साल हुई परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुष्टि हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">का रीएग्जाम 21 जून को होगा। यह परीक्षा पहले की तरह पेपर-पेंसिल के तरीके से ही आयोजित की जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अगले साल से इसे ऑनलाइन कराने की तैयारी चल रही है। सरकार इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का दबाव है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">7 मई को गड़बड़ी की पहली जानकारी मिली थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद एनटीए ने सरकार को रिपोर्ट भेजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार यह नहीं चाहती थी कि किसी भी गलत तरीके से फायदा उठाने वाले उम्मीदवार का चयन हो। उन्होंने माना कि यह निर्णय आसान नहीं था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हालात ऐसे थे कि परीक्षा रद्द करना पड़ा। रीएग्जाम में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा और वे अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र का चुनाव कर सकेंगे। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो दूसरे राज्यों में सेंटर मिलने की परेशानी का सामना कर रहे थे। इस साल 3 मई को परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के बाद कई राज्यों से पेपर लीक और सॉल्वर गैंग की समस्याएं सामने आई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सोशल मीडिया पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मामला जांच एजेंसियों तक पहुंच गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिक्षा मंत्री ने कहा कि राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद इतनी बड़ी चूक कैसे हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बार सरकारी मशीनरी को पहले से ज्यादा सावधान रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दोबारा कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने अपने आप को सिर्फ मंत्री नहीं बल्कि एक अभिभावक भी बताया और कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए यह कठिन निर्णय लेना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की यात्रा और सुविधा को लेकर राज्य सरकारों से बातचीत की जाएगी। कई राज्यों में छात्रों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी की जा सकती है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक मामले में </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की जांच तेजी से चल रही है। एजेंसी अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें राजस्थान से मांगी लाल बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनेश बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास बिंवाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। इन सभी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से सात दिन की कस्टडी मंजूर हुई। इससे पहले पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और नासिक के धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी भी हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसियों को कई राज्यों में फैले नेटवर्क के संकेत मिले हैं। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की उम्मीद की जा रही है। इस पूरे मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 16:51:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>21 जून को फिर होगी NEET परीक्षा, पेपर लीक के बाद NTA ने घोषित की नई तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[NTA ने NEET UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित कर दी है। पेपर लीक विवाद के बाद अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-exam-will-be-held-again-on-june-21-after/article-53384"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t095913.103.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi"><strong>NEET Re-Exam 2026 Date:</strong> नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख आखिरकार आ गई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने बताया है कि अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को फिर से आयोजित की जाएगी। देशभर के लाखों छात्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे। तीन मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते केंद्र सरकार और एजेंसी पर काफी दबाव बढ़ गया था। अब परीक्षा रद्द होने के बाद इसे नए सिरे से कराने का निर्णय लिया गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गुरुवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा पर लंबी चर्चा की गई। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ </span>NTA, CBSE, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के अधिकारी भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरान परीक्षा केंद्रों की निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रश्नपत्र की सुरक्षा और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे कई मुद्दों पर बात की गई। हाल के दिनों में पेपर लीक के मामलों में बढ़ोतरी के बाद सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। इसलिए इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त करने की तैयारी की जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल उठ रहा था कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक कैसे हुआ। करीब 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और उनमें से कई अब दोबारा तैयारी में जुट गए हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि अचानक री-एग्जाम का दबाव मानसिक रूप से काफी भारी पड़ रहा है। वहीं कई अभिभावकों ने सुझाव दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर इस बार अधिक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि फिर कोई गड़बड़ी न हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने गुरुवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया है और दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कहीं </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। अधिकारियों के अनुसार कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि पेपर लीक नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें विभिन्न स्तरों पर लोगों की संभावित संलिप्तता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">जल्द ही री-एग्जाम के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन और एडमिट कार्ड की जानकारी जारी कर सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। शिक्षा मंत्रालय ने भी संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया के लिए निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, CBI करेगी जांच, पेपर लीक के शक में NTA ने दिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर लीक के शक में CBI जांच करेगी। 22 लाख छात्रों पर असर, नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-ug-2026-exam-canceled-cbi-will-investigate-on-suspicion/article-53186"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t132351.805.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (</span>NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कि 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली थी। पेपर लीक के गंभीर आरोप लगने के बाद एनटीए ने ये निर्णय लिया है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और नई परीक्षा की तारीख जल्द ही बताई जाएगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एनटीए ने एक नोटिस में बताया कि कुछ दिन पहले पेपर लीक से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे उन्होंने 8 मई को केंद्रीय एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा। प्रारंभिक निष्कर्षों और सुरक्षा एजेंसियों की राय के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तय किया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना सही नहीं होगा। इसीलिए </span>NEET UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 को रद्द करने का निर्णय लिया गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस फैसले से लाखों छात्रों में हलचल मच गई है। खबरें हैं कि इस बार लगभग 22.05 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे। यह परीक्षा मेडिकल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेंटल और आयुष कोर्स जैसे एमबीबीएस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीडीएस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीएएमएस और बीएचएमएस में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इसका असर पूरे देश के मेडिकल एडमिशन सिस्टम पर पड़ने वाला है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मामला और गंभीर तब हो गया जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">SOG) <span lang="hi" xml:lang="hi">ने यह दावा किया कि परीक्षा से पहले एक </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">गेस पेपर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्केट में था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें करीब 410 सवाल शामिल थे। जांच में यह पता चला है कि इनमें से लगभग 120 सवाल ठीक उसी तरह के थे जो परीक्षा में पूछे गए थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि कई छात्रों को पहले से ही वही सवाल मिल चुके थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पेपर लीक का संदेह और बढ़ गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरा नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था। कहा जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल से निकल कर राजस्थान तक पहुंचा। राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों में यह कुछ कंसल्टेंसी और कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। एसओजी ने देहरादून</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीकर और झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें अधिकांश करियर काउंसलर और कोचिंग से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एनटीए ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि सीबीआई इस मामले की पूरी गहराई से जांच करेगी। एजेंसी ने यह भी कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग देगी और सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराएगी। यह निर्णय छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए लिया गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि दोबारा परीक्षा होने से छात्रों और अभिभावकों को कुछ असुविधा होगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एनटीए ने साफ किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नए सिरे से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किया गया पंजीकरण और परीक्षा केंद्र की जानकारी मान्य रहेगी। इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई अतिरिक्त फीस भी नहीं ली जाएगी। जो शुल्क पहले जमा किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे वापस किया जाएगा। नई परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।</span></span></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस पूरे मामले ने मेडिकल प्रवेश प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हुई हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:24:52 +0530</pubDate>
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