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                <title>Assam News - दैनिक जागरण</title>
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                <title>असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हादसे का शिकार, जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा, वायुसेना ने गठित की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी; नुकसान और हताहतों की जानकारी का इंतजार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/investigation-ordered-into-the-victim-of-an-32-plane-crash-at/article-55823"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/an-32-crash.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">असम के जोरहाट स्थित भारतीय वायुसेना के एयरबेस पर शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद पूरे एयरबेस को सील कर दिया गया और बचाव व राहत कार्य शुरू कर दिए गए। भारतीय वायुसेना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के गठन का आदेश दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे में कोई जनहानि हुई है या नहीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान AN-32 भारतीय वायुसेना की 43 स्क्वाड्रन का हिस्सा था और वह कार्गो लेकर उड़ान भर रहा था। हादसा उस समय हुआ जब विमान जोरहाट के रोरिया क्षेत्र स्थित वायुसेना स्टेशन पर उतरने की प्रक्रिया में था। लैंडिंग के दौरान अचानक कुछ गड़बड़ी हुई और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद एयरबेस परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत सक्रिय किया गया। भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि AN-32 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जा रही है। जांच का उद्देश्य हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम सुझाना होगा। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के समय एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी। इसके कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनास्थल के आसपास धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि एयरबेस की दिशा से उठते धुएं को दूर से भी देखा जा सकता था। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौके की ओर रवाना हुईं। वायुसेना की अग्निशमन टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एम. रावत ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि देर शाम तक किसी आधिकारिक बयान में यह नहीं बताया गया कि विमान में मौजूद चालक दल या अन्य कर्मियों की स्थिति क्या है। यही वजह है कि पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दुर्घटना के बाद एयरबेस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे स्टेशन को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। जांच पूरी होने तक हादसे से जुड़ी जानकारी नियंत्रित तरीके से ही साझा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब कुछ महीने पहले ही असम में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मार्च में हुए उस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई थी। वह विमान भी जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन से नियमित उड़ान पर रवाना हुआ था और बाद में संपर्क टूटने के बाद करबी आंगलोंग जिले के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लगातार दूसरी बड़ी घटना ने वायुसेना के विमानों की सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर चर्चा तेज कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">AN-32 विमान भारतीय वायुसेना के परिवहन बेड़े का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। सोवियत संघ में विकसित इस विमान को विशेष रूप से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन के लिए तैयार किया गया था। यह विमान ऊंचाई वाले इलाकों, गर्म मौसम और सीमित रनवे वाली जगहों पर भी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। भारतीय वायुसेना लंबे समय से इस विमान का उपयोग सैनिकों की आवाजाही, रसद आपूर्ति और दूरदराज के क्षेत्रों तक सामग्री पहुंचाने के लिए करती रही है। तकनीकी रूप से AN-32 लगभग 7.5 टन तक का कार्गो ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा इसमें करीब 50 यात्रियों या 42 पैराट्रूपर्स को भी ले जाया जा सकता है। यही कारण है कि यह विमान भारतीय सैन्य अभियानों और राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:11:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>हिमंत सरमा दूसरी बार बने असम के CM, जनता के बीच ‘मामा’ नाम से क्यों हैं सबसे ज्यादा मशहूर</title>
                                    <description><![CDATA[असम CM हिमंत बिस्वा सरमा को ‘मामा’ नाम कैसे मिला? जानें इसकी दिलचस्प कहानी और उनकी लोकप्रियता की वजह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/himanta-sarma-became-the-cm-of-assam-for-the-second/article-53189"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t135514.582.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NDA <span lang="hi" xml:lang="hi">की प्रचंड जीत के बाद जब हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। खास बात यह है कि राज्य के कई हिस्सों में लोग उन्हें नाम से नहीं बल्कि प्यार से </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर बुलाते हैं। असम में उनकी लोकप्रियता इस हद तक पहुंच चुकी है कि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक उन्हें इसी नाम से पहचानते हैं। जालुकबाड़ी सीट से भी उन्होंने एक बार फिर करीब </span>89<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हिमंत बिस्वा सरमा का यह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">वाला नाम यूं ही नहीं पड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसकी कहानी काफी दिलचस्प मानी जाती है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत असम के कुछ स्कूलों और बच्चों के बीच बातचीत से हुई थी। शुरुआती दौर में माजुली इलाके के कुछ बच्चों ने उन्हें मजाकिया और अपनापन जताते हुए </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहना शुरू किया। धीरे-धीरे यह नाम सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे राज्य में फैल गया। उस समय शिक्षा मंत्री रहते हुए और बाद में मुख्यमंत्री बनने के बाद जब उन्होंने स्कूली बच्चों के लिए साइकिल जैसी योजनाओं पर काम किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह जुड़ाव और बढ़ गया। एक चुनावी रैली के दौरान जब उन्होंने बच्चों से सीधे पूछा कि क्या उन्हें भी साइकिल चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जवाब में बच्चों की खुशी और उत्साह ने इस नाम को और मजबूती दे दी। इसके बाद कई जगहों पर बच्चे उनसे पूछने लगे</span>—“<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा हमें साइकिल कब मिलेगी</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">यहीं से यह उपनाम आम लोगों की जुबान पर चढ़ गया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">समय के साथ उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती गई जो सीधे जनता से जुड़ता है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना औपचारिक दूरी के लोगों की बात सुनता है और समाधान की कोशिश करता है। यही वजह रही कि </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">शब्द सिर्फ एक उपनाम नहीं रहा बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया। असम के कई वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं जिनमें बच्चे उन्हें गले लगाते और </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर पुकारते नजर आते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की जनसंपर्क शैली ने उनकी लोकप्रियता को जमीन पर और मजबूत किया है। कई जगहों पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी उन्हें इसी नाम से संबोधित करने लगे और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा की गारंटी</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे नारे तक चल पड़े।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक दृष्टि से देखें तो हिमंत बिस्वा सरमा का यह सफर काफी अहम माना जाता है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">2015 <span lang="hi" xml:lang="hi">में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने असम की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया। </span>2016 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भाजपा सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम रही और बाद में </span>2021 <span lang="hi" xml:lang="hi">में वह खुद मुख्यमंत्री बने। विश्लेषकों का कहना है कि उनकी </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">वाली छवि ने उन्हें एक सख्त प्रशासक के साथ-साथ एक पारिवारिक और सहज नेता के रूप में स्थापित किया है। भारतीय राजनीति में </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दीदी</span>’, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अम्मा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दादा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे उपनाम पहले से ही लोकप्रिय रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब असम में </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मामा</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम भी इसी परंपरा में जुड़ गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो जनता और नेता के बीच भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 13:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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