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                <title>Investors - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[निफ्टी भी 24,500 के करीब पहुंचा, घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख; एशियाई बाजारों में दबाव के बीच भारतीय सूचकांकों ने दिखाई मजबूती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/sensex-rises-200-points-and-market-strengthens-due-to-buying/article-58052"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/sensex-today-(6).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 200 अंकों की बढ़त के साथ 78,500 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 50 अंक मजबूत होकर 24,500 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी और कुछ प्रमुख कंपनियों में मजबूत निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच निवेशक अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाजार खुलने के साथ ही कई बड़ी आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। शुरुआती सत्र में निवेशकों ने इन क्षेत्रों में ज्यादा रुचि दिखाई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में निवेशकों की नजर खास तौर पर आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो बाजार में तेजी का यह रुख आगे भी जारी रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि वैश्विक बाजारों का माहौल पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहा। एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक सबसे ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। जापान का निक्केई सूचकांक भी कमजोरी के साथ खुला, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव से काफी हद तक बचाए हुए है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले थे। पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों में खरीदारी के चलते नैस्डैक में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर भारतीय निवेशकों के मनोबल पर भी देखने को मिला। जब वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा मजबूत रहती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों पर भी दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की सक्रिय खरीदारी भी बाजार को मजबूती देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कारोबारी दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 3,792 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भी सीमित स्तर पर सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इससे विदेशी निवेश में उतार-चढ़ाव का असर पहले की तुलना में कम दिखाई दे रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोमवार के कारोबारी सत्र में भी शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 521 अंक चढ़कर 78,285 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 160 अंक की बढ़त के साथ 24,430 पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन बाजार में बनी मजबूती यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कायम है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा स्तरों पर सोच-समझकर निवेश करें और केवल मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में ही निवेश को प्राथमिकता दें।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आर्थिक मोर्चे पर भी आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों, केंद्रीय बैंक की नीति से जुड़े संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं पर बनी रहेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही परिणाम भी बाजार में सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। यदि आईटी और बैंकिंग कंपनियों के नतीजे मजबूत आते हैं तो इन क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिका के ईरान युद्ध खत्म करने के ऐलान से शेयर बाजार में जोरदार उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक बाजारों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/strong-surge-in-stock-market-due-to-americas-announcement-of/article-55706"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/sensex1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका द्वारा ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की घोषणा के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया, जिसका असर घरेलू बाजार में खुलते ही दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त दर्ज की और बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शुक्रवार सुबह बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 921.30 अंक की बढ़त के साथ 74,753.85 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 254.20 अंक चढ़कर 23,417.25 पर कारोबार करता नजर आया। पिछले कुछ दिनों से भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर निवेशकों के बीच चिंता बनी हुई थी, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल दिखाई दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने की खबर का सबसे बड़ा असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है। जैसे ही युद्ध समाप्त होने की जानकारी सामने आई, एशियाई बाजारों में तेजी का माहौल बन गया। यूरोपीय और अमेरिकी वायदा बाजारों में भी मजबूती देखी गई, जिसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स में दोबारा रुचि दिखाई और बाजार में खरीदारी का दबाव बढ़ गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी इस तेजी का एक बड़ा कारण मानी जा रही है। युद्ध और तनाव के दौरान तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जिससे आयातक देशों की चिंता बढ़ गई थी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी को घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक यदि कच्चा तेल नियंत्रित स्तर पर बना रहता है तो महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और कंपनियों की लागत भी घट सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शेयर बाजार में विमानन क्षेत्र की कंपनियों ने सबसे अधिक ध्यान खींचा। इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। विमानन कंपनियों के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है और तेल की कीमतों में कमी का सीधा फायदा उन्हें मिलता है। यही वजह रही कि निवेशकों ने इस क्षेत्र में दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने भी बाजार को समर्थन दिया। एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता कम होने पर निवेश और आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है, जिसका सीधा लाभ वित्तीय संस्थानों को मिल सकता है। इसी उम्मीद के चलते बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का रुझान देखा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कारोबार के दौरान ट्रेंट और इटरनल जैसे शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो उपभोक्ता मांग में सुधार आ सकता है। इससे रिटेल और उपभोक्ता क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए अहम बनी हुई हैं। पिछले कुछ समय से वैश्विक तनाव और अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए थे। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद के बीच विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। निवेशकों को डर था कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। हालांकि अब युद्ध समाप्त होने की घोषणा के बाद इन आशंकाओं में कमी आई है। यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति दोबारा बढ़ती दिखाई दे रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेगी। इसके अलावा तेल की कीमतों की दिशा, विदेशी निवेश प्रवाह और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल शुक्रवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल दिखाई दिया और अधिकांश सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। अमेरिका द्वारा ईरान युद्ध समाप्त करने के ऐलान ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को राहत दी है। भारतीय शेयर बाजार ने भी इस खबर का स्वागत किया और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों में मजबूत उछाल देखने को मिला। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:20:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान डील की खबर से शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी, सेंसेक्स 1000 अंक उछला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान डील की खबर से शेयर बाजार में जोरदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 1073 अंक चढ़ा और निफ्टी फिर 24 हजार के पार पहुंचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/there-was-a-strong-rise-in-the-stock-market-due/article-54177"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/share-market-sensex-nifty.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने काफी जोरदार वापसी की</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर कई दिनों की उथल-पुथल और वैश्विक तनाव के बीच। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने निवेशकों का भरोसा फिर से जगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बाजार में दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को और मजबूती दी। खासकर बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 1073 अंक बढ़कर 76,488 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 312 अंक बढ़कर 24,031 तक पहुंच गया। निफ्टी ने कई सत्रों बाद फिर से 24 हजार का स्तर पार किया। जैसे ही बाजार खुला</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और दिनभर यही रुख बना रहा। दलाल स्ट्रीट पर माहौल पिछले कुछ दिनों की तुलना में काफी सकारात्मक नजर आया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">निफ्टी के प्रमुख शेयरों में आइशर मोटर्स</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">एलएंडटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजाज फाइनेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अडानी एंटरप्राइजेज और एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैक्स हेल्थकेयर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओएनजीसी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिंडाल्को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीसीएस और बजाज ऑटो जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सोमवार की तेजी केवल बड़े शेयरों तक ही सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मीडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। शुरुआती कारोबार में थोड़ी सावधानी जरूर दिखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान डील की खबरें मजबूत होती गईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार में तेजी बढ़ती चली गई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के चलते कच्चे तेल की कीमतें निरंतर बढ़ती जा रही थीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ रहा था। अब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की बातचीत आगे बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी उम्मीद में ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। इससे निवेशकों को राहत मिली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि सस्ता कच्चा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे मजबूत होकर 95.23 पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात और बेहतर होते हैं और कच्चे तेल में गिरावट बनी रहती है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:08:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>रुपया पहली बार 96 के पार पहुंचा, शेयर मार्केट में फिर आई गिरावट, सेंसेक्स 161 अंक टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच शेयर बाजार कमजोर बंद हुआ। सेंसेक्स 161 अंक टूटा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rupee-crossed-96-for-the-first-time-stock-market-fell/article-53438"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/rupee-crosses-96-sensex-declines.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>Stock Market Update:</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को फिर से कमी देखी गई। दिन की शुरुआत थोड़ा सकारात्मक रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन कारोबार के आखिरी घंटे में परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। रुपये में लगातार गिरावट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर साफ नजर आया। बीएसई सेंसेक्स 160.73 अंक गिरकर 75,237.99 पर बंद हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एनएसई निफ्टी 46.10 अंक गिरकर 23,643.50 पर पहुंच गया। इस गिरावट के बीच सबसे ज्यादा चर्चा रुपये की रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहली बार डॉलर के मुकाबले 96 के पार जा पहुंचा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कारोबार के दौरान रुपया लगभग 50 पैसे गिरकर 96.14 प्रति डॉलर तक पहुंच गया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर माना जा रहा है। विदेशी निवेशकों की बिक्री और डॉलर की मजबूती के चलते रुपये पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चिंता का विषय हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसका असर सीधे रुपये और बाजार दोनों पर पड़ता है। सुबह बैंकिंग और आईटी शेयरों में थोड़ी खरीदारी दिखी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बाद में निवेशकों ने मुनाफा स्क्रिप्ट करना शुरू कर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बाजार की शुरुआती बढ़त स्थायी नहीं रह पाई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह भी कहा जा रहा है कि वैश्विक बाजारों में भी हालात ज्यादा मजबूत नहीं थे। एशियाई बाजारों में गिरावट ने भारतीय निवेशकों के मनोबल पर असर डाला। इसी बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी संस्थागत निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। बाजार के जानकार मानते हैं कि अगर रुपये में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतें ऊँची रहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दिनों में बाजार पर और दबाव पड़ सकता है। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है। छोटे निवेशकों में भी थोड़ा घबराहट देखी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि बार-बार के उतार-चढ़ाव से बाजार का भरोसा कमजोर होता नजर आ रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 16:21:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स-निफ्टी में चौथे दिन आई बड़ी गिरावट, निवेशकों के 11 लाख करोड़ डूबे</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट से निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये डूबे। जानिए सेंसेक्स-निफ्टी टूटने की बड़ी वजहें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-fall-in-sensex-nifty-for-the-fourth-day-investors-lost/article-53208"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t164202.544.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय शेयर मार्केट पर लगातार चौथे दिन भारी दबाव देखने को मिला। मंगलवार को सेंसेक्स लगभग 1100 अंक टूटकर 74,894 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">निफ्टी 50 भी 23,500 से नीचे गिर गया। पिछले दो दिनों में सेंसेक्स में लगभग 2400 अंक और निफ्टी में करीब 600 अंक की गिरावट हो चुकी है। इस तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ चार ट्रेडिंग सेशंस में निवेशकों की पूंजी करीब 11 लाख करोड़ रुपये घट गई। सुबह से बैंकिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आईटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेटल और ऑटो शेयरों में बिकवाली का जोर रहा। दलाल स्ट्रीट पर माहौल कुछ दबाव वाला नजर आया और छोटे निवेशकों में घबराहट साफ झलक रही थी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">माना जा रहा है कि बाजार की कमजोरी के पीछे कई कारण हैं। सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की हो रही है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने और सोना खरीदने में सतर्क रहने की बात कही थी। मार्केट ने इसे खपत में संभावित कमी के संकेत के रूप में लिया। इसके चलते ज्वेलरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">होटल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एविएशन और लग्ज़री सेक्टर के शेयरों पर दबाव बढ़ गया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने इस पर कोई सीधा आर्थिक संकेत नहीं दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ी है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट का मूड भी खराब कर दिया। तेल सप्लाई को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कच्चे तेल की कीमतों पर सीधे दिख रही हैं। ब्रेंट क्रूड लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भारत जैसे आयातित देश के लिए चिंता का विषय है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दूसरी ओर</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रुपया भी कमजोर होता जा रहा है। मंगलवार को यह डॉलर के मुकाबले 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। साल की शुरुआत से अब तक इसमें 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। कमजोर रुपये के चलते विदेशी निवेशकों का भरोसा कम हो गया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और मई में अब तक करीब 19,500 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले जुलाई से अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं। इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ रहा है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वहां के 10 साल के बॉन्ड यील्ड में तेजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उभरते बाजारों के लिए समस्याएँ पैदा कर रही हैं। अमेरिकी बॉंड यील्ड 4.42 फीसदी तक पहुंच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर भारत समेत एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। जब तक अमेरिका-ईरान का तनाव कम नहीं होता</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल में राहत नहीं मिलती और विदेशी बिकवाली धीमी नहीं पड़ती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक शेयर बाजार में दबाव बना रह सकता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ जानकार इसे बड़ी गिरावट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करेक्शन मानते हैं। उनका मत है कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की बजाय सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रुपये की स्थिति और विदेशी निवेशकों के रुख पर टिकी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:46:34 +0530</pubDate>
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