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                <title>Electric Vehicles - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Electric Vehicles RSS Feed</description>
                
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                <title>इंदौर बना ईवी और ग्रीन एनर्जी का नया हब, निवेशकों ने दिखाई रुचि</title>
                                    <description><![CDATA[ईवी कॉन्क्लेव में देशभर के निवेशक, स्टार्टअप और उद्योग विशेषज्ञ जुटे, स्वच्छ परिवहन, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकों पर हुआ मंथन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a3f6eff911c9/article-57105"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/indore-ev-conclave.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर ने एक बार फिर खुद को देश के उभरते हुए नवाचार केंद्र के रूप में साबित किया है। शुक्रवार को शहर में आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) और ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव में देशभर से आए निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ विकास और भविष्य की तकनीकों को लेकर एक साझा रोडमैप तैयार करना भी था। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कॉन्क्लेव ने यह संकेत दिया कि अब भारत के टियर-2 शहर भी हरित विकास और नई तकनीकों के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। कार्यक्रम में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। आयोजन का संचालन ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा किया गया, जबकि इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहर की स्वच्छता और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पहचान को देखते हुए यह आयोजन इंदौर के लिए काफी अहम माना गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉन्क्लेव के दौरान इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैटरी टेक्नोलॉजी, ऊर्जा प्रबंधन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार केवल निजी परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन, माल ढुलाई और औद्योगिक उपयोग में भी तेजी से बढ़ेगा। यदि चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी निर्माण और ऊर्जा भंडारण तकनीकों में तेजी से निवेश किया जाता है तो भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है। इसके लिए सरकारी नीतियों, निजी निवेश और तकनीकी नवाचार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा। कॉन्क्लेव में शामिल कई निवेशकों ने स्टार्टअप्स के साथ संभावित साझेदारी और निवेश को लेकर भी चर्चा की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा स्टार्टअप पिच सेशन रहा। देशभर से प्राप्त करीब 2,400 आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद केवल नौ स्टार्टअप्स को अंतिम प्रस्तुति का अवसर मिला। इन स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने उत्पाद, तकनीक और बिजनेस मॉडल पेश किए। कई स्टार्टअप्स ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, स्मार्ट बैटरी सिस्टम, ऊर्जा प्रबंधन और एआई आधारित मोबिलिटी समाधान जैसे क्षेत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत किए। प्रस्तुति के बाद निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच विस्तृत नेटवर्किंग और व्यावसायिक चर्चाएं भी हुईं। कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्योग प्रतिनिधियों का मानना था कि भारत में ग्रीन एनर्जी सेक्टर आने वाले वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयास और सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं इस बदलाव को और गति देंगी। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अब निवेशकों का रुझान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इंदौर जैसे शहर भी नई तकनीकों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ह्युन्स ऑफ ईवी के सीईओ डॉ. ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से आगे बढ़ रही है और इस क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उनके अनुसार ऐसे मंच उद्योग, निवेशकों और युवा उद्यमियों को एक साथ लाकर नए अवसर पैदा करते हैं। वहीं सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्टार्टअप्स अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और उन्हें निवेश प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम में डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी और ईवी आधारित तकनीक अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही। मध्य भारत तेजी से इस बदलाव का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह उद्योग, सरकार और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ता रहा तो भारत स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है। कॉन्क्लेव के समापन पर यह स्पष्ट नजर आया कि इंदौर केवल स्वच्छ शहर ही नहीं, बल्कि भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था और तकनीकी नवाचार का भी मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। निवेशकों, उद्योग जगत और स्टार्टअप्स के बीच बने नए संपर्क आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स और निवेश का आधार बन सकते हैं। इससे स्थानीय रोजगार, तकनीकी विकास और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योगों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 13:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में बढ़ी इलेक्ट्रिक स्कूटर की डिमांड, लोग पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां पसंद कर रहे</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग 20-30% बढ़ी। पेट्रोल महंगा होने से लोग EV अपना रहे हैं, सरकार भी सब्सिडी दे रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/demand-for-electric-scooters-increased-in-chhattisgarh-people-are-preferring/article-54106"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-electric-vehicles-demand.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर अब ऑटो बाजार में भी नजर आने लगा है। रायपुर समेत कई बड़े शहरों में लोग तेजी से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। ऑटोमोबाइल कारोबारी बताते हैं कि पिछले कुछ हफ्तों में इलेक्ट्रिक स्कूटर और अन्य </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EV <span lang="hi" xml:lang="hi">गाड़ियों की मांग में 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। रोज ऑफिस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कॉलेज या अन्य काम के लिए लंबी दूरी तय करने वाले लोग अब पेट्रोल के खर्च से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश में भी पेट्रोल महंगा हो गया है। रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पेट्रोल अब 105 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। इसका सबसे बड़ा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। शहर में रोजाना 30 से 50 किलोमीटर सफर करने वाले लोग कहते हैं कि अब बाइक चलाने का खर्च पहले से काफी बढ़ गया है। ऐसे में इलेक्ट्रिक स्कूटर एक सस्ते विकल्प के तौर पर सामने आ रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ऑटो एक्सपर्ट मुकेश कौशल के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पहले लोगों को बैटरी बैकअप और चार्जिंग पर संदेह था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब बाजार में लंबे रेंज वाले मॉडल आ रहे हैं। कई इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार चार्ज होने पर 150 किलोमीटर तक चलने लगे हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ इलेक्ट्रिक कारें 400 से 500 किलोमीटर की रेंज देने लगी हैं। सरकार की सब्सिडी और टैक्स में राहत ने भी </span>EV <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार को बढ़ावा दिया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ में अब तक करीब 1 लाख 80 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। रायपुर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल राज्य में 270 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशन काम कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सरकार करीब 1000 नए चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की योजना बना रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत खरीददारों को कई तरह की राहत मिल रही है। </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EV <span lang="hi" xml:lang="hi">खरीदने पर वाहन की कीमत का 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाइफ टाइम टैक्स में भी 50 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। बताया गया है कि अब तक 60 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों को लगभग 125 करोड़ रुपए की सब्सिडी मिल चुकी है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इलेक्ट्रिक वाहन डीलर हेमंत गोयल का कहना है कि मेंटेनेंस के मामले में भी </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">EV <span lang="hi" xml:lang="hi">काफी सस्ते होते हैं। पेट्रोल की गाड़ियों में इंजन ऑयल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्लच और कई अन्य पार्ट्स की बार-बार सर्विसिंग करानी पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों में रखरखाव कम होता है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आवाज कम होने के कारण ड्राइविंग करना भी ज्यादा आरामदायक लगता है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल लंबी दूरी और ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल वाहन ज्यादा सुविधाजनक हैं। लेकिन शहरी क्षेत्रों में रोजाना उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से पहली पसंद बनते जा रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:18:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों में वीआईपी काफिले और सरकारी वाहनों में कटौती, ईंधन बचत और ई-वाहनों को बढ़ावा दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/effect-of-pm-modis-appeal-cm-mohan-yadav-reduced-the/article-53274"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t144257.278.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम मोदी की अपील के बाद</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के कई राज्यों में वीआईपी सुरक्षा व काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम हो रही है। मिडिल ईस्ट संकट के चलते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन बचाने के लिए कदम उठा रही हैं। खबरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या लगभग आधी कर दी है और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये निर्देश भी दिए गए हैं कि नए फ्यूल-आधारित वाहनों की खरीद से बचने की कोशिश की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां संभव हो।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने सुरक्षा काफिले में भारी कटौती की है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब उनके साथ चलने वाले वाहनों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई केंद्रीय मंत्रालयों ने भी अपने स्तर पर ईंधन बचाने के उपाय लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ राज्यों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक बैठकें और कामकाज डिजिटल मोड में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई बीजेपी शासित राज्यों ने इस पहल को गंभीरता से लेते हुए काफिले और सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">13<span lang="hi" xml:lang="hi"> से घटाकर </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से अनुरोध किया है कि अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें और दौरे पर बेवजह गाड़ियों की लंबी कतारें न लगाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों में करीब </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा है कि एक दिन </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">नो व्हीकल डे</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">मनाया जाए और सरकारी बैठकों को जहां तक संभव हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन किया जाए। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और आधिकारिक कार्यों के लिए अनावश्यक वाहनों का उपयोग न किया जाए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में भी इस दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। भाजपा नेता रेखा गुप्ता के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्रियों और विधायकों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगाते हुए यह व्यवस्था लागू की है कि मंत्रियों को सरकारी विमानों के उपयोग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। गुजरात के राज्यपाल ने उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की है कि वे अब राज्य की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर या विमान के बजाय ट्रेन और बस का उपयोग करेंगे। बिहार में भी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने का फैसला किया है और अनावश्यक आधिकारिक यात्राओं से बचने का निर्णय लिया है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस बीच</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई नेताओं और मंत्रियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी ईंधन बचाने के उदाहरण पेश किए हैं। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटर चलाते नजर आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उन्होंने कहा कि यह कदम पीएम की अपील के बाद लिया गया है ताकि पेट्रोल की बचत की जा सके। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी मेट्रो और ई-रिक्शा से सरकारी कार्यों के लिए यात्रा कर ईंधन बचत का संदेश दिया है। कुल मिलाकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और राज्यों की यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में तब्दील होती नजर आ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें सरकारी तंत्र में ईंधन की खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 14:47:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>क्या दोबारा लग सकता है लॉकडाउन? PM मोदी की अपील के बाद तेल मंत्री ने कही बड़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद लॉकडाउन की चर्चाओं पर तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति साफ की। जानिए पूरा मामला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/can-lockdown-be-imposed-again-oil-minister-said-a-big/article-53214"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-12t171421.069.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में अचानक लॉकडाउन की चर्चा काफी बढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे कि केंद्र सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह अपील सामने आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेश यात्रा टालने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी थी। इसी बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट कर दिया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें आने वाले वैश्विक आर्थिक दबावों के लिए तैयार करना है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दिल्ली में आयोजित </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CII <span lang="hi" xml:lang="hi">वार्षिक बिजनेस समिट 2026 के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात बदल रहे हैं और इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार पर पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भारत ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है ताकि कोई भी ईंधन संकट पैदा न हो। मंत्री ने बताया कि </span>LPG <span lang="hi" xml:lang="hi">का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन लगभग 54 हजार टन कर दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पहले यह आंकड़ा लगभग 35 हजार टन था। सरकार लगातार तेल की आपूर्ति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डॉलर के खर्च और आयात बिल पर नजर बनाए हुए है। पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में फिर लॉकडाउन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मंत्री के बयान के बाद अब स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से बचत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक इस्तेमाल किया जाए। कंपनियों को भी यह सलाह दी गई है कि जहां संभव हो वहां कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की खरीददारी और विदेशी यात्राओं को कुछ समय के लिए टालने की भी सलाह दी गई थी। सरकार का मानना है कि भारत बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और सोना आयात करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। यदि वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसका आर्थिक असर सीधे देश पर पड़ सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार अब आत्मनिर्भरता पर ज्यादा जोर दे रही है। इसमें प्राकृतिक खेती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वदेशी उत्पादों और खाने के तेल की खपत कम करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि यह समय घबराने का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समझदारी से संसाधनों का उपयोग करने का है। उन्होंने दोहराया कि लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है और सरकार केवल एहतियाती कदम उठा रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत पर कम से कम पड़े। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र की कोशिश यही है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और डॉलर की मांग बढ़ने के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी रहे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:32:00 +0530</pubDate>
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