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                <title>Medical Exam - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Medical Exam RSS Feed</description>
                
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                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET-UG पेपरलीक केस: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला, याचिका में की गई NTA को हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG पेपरलीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिका में NTA हटाने, नई संस्था बनाने और CBI जांच की मांग की गई है। परीक्षा दोबारा कराने पर जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-ug-paperleak-case-reaches-supreme-court-demand-for-removal-of/article-53255"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t122822.604.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक का मामला अब देश की सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में परीक्षा कराने वाली संस्था</span>, National Testing Agency (NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">को हटाने की मांग की गई है और इसके स्थान पर एक नई स्वतंत्र संस्था बनाने का अनुरोध किया गया है। यह याचिका </span>Federation of All India Medical Association (FAIMA) <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा प्रस्तुत की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पूरे परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर पहले से ही पूरे देश में विवाद और छात्रों में असंतोष देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">याचिका में स्पष्ट कहा गया है कि केवल जांच या छोटे सुधार पर्याप्त नहीं हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को बदलने की आवश्यकता है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">को या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए या इसमें व्यापक स्तर पर संरचनात्मक परिवर्तन किए जाने चाहिए। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक नई हाई-टेक और स्वतंत्र परीक्षा संस्था बनाने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे राष्ट्रीय परीक्षा अखंडता आयोग (</span>NEIC) <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम दिया जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक यह नई संस्था स्थापित नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक परीक्षा की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जानी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हों। इस समिति में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और फॉरेंसिक वैज्ञानिकों को शामिल करने की भी मांग की गई है ताकि पेपर की सुरक्षा और तकनीकी जांच को मजबूत किया जा सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">याचिका में </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 परीक्षा को फिर से कराने की अपील भी की गई है। ये कहा गया है कि पुनः परीक्षा कराने की प्रक्रिया कोर्ट की नजर में होनी चाहिए और प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल लॉक सिस्टम को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक जैसी घटनाओं से बचने के लिए पूरी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित यानी </span>CBT <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि पेपर की आवाजाही को खत्म किया जा सके और लीक का जोखिम कम हो सके। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इन्हें केवल तकनीकी सुधारों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे ढांचे को बदलकर ही ठीक किया जा सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह विवाद तब और बढ़ गया जब राजस्थान में पेपर लीक की शिकायतों के बाद परीक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">को सौंप दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ स्थानों पर पेपर प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में शामिल किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मामला और गंभीर बन गया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा में इस बार करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेपर लीक की खबर ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बाद अब सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और परीक्षा एजेंसियों की तरफ से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस और नाराजगी साफ नजर आ रही है। अगले दिनों में यह मामला और बड़ा हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सिस्टम सुधार और परीक्षा फिर से कराने की मांग सीधे तौर पर रखी गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 12:31:43 +0530</pubDate>
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