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                <title>Exam Controversy - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Exam Controversy RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत में ‘कॉकरोच पार्टी’ के नेतृत्व में प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG विवाद और पेपर लीक आरोपों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/protests-under-the-leadership-of-%E2%80%98cockroach-party%E2%80%99-in-india-continue/article-56666"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-protest-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए सैकड़ों छात्र, युवा पेशेवर और नौकरी तलाशने वाले लोग इस धरने में शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। यह विरोध उस मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर है, जिसे पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों के केंद्र में देखा जा रहा है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व एक नए और अनोखे समूह ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ द्वारा किया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी व्यंग्यात्मक राजनीति शैली के कारण तेजी से ध्यान आकर्षित किया है। इस समूह का प्रतीक ‘कॉकरोच’ है और यह नाम भारत की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के संदर्भ में व्यंग्यात्मक तरीके से रखा गया बताया जाता है। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि NEET-UG जैसी अत्यंत प्रतिस्पर्धी परीक्षा में कथित पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने परीक्षा परिणाम रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। रविवार को देशभर के लाखों अभ्यर्थियों ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोबारा परीक्षा दी, जिसमें बायोमेट्रिक जांच और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बाद में बयान जारी कर कहा था कि री-एग्जाम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है और किसी भी प्रकार की पेपर लीक की शिकायत नहीं मिली है। हालांकि जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों के लिए यह जवाब पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि समस्या सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा सिस्टम की जवाबदेही का सवाल है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिषेक दीपके ने रविवार को समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन सिर्फ परीक्षा विवाद का नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार का है। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक छात्र इसी तरह सड़कों पर आवाज उठाते रहेंगे। दीपके अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी में छात्र हैं और हाल ही में भारत आकर उन्होंने इस आंदोलन की शुरुआत की थी। 19 जून को शुरू हुआ यह धरना प्रशासन की अनुमति के साथ तय समय तक चलना था, लेकिन 20 जून को समय समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने जगह नहीं छोड़ी। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी दौरान कई प्रदर्शनकारी रात भर जंतर-मंतर पर ही रुके रहे और सड़कों पर सोते नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">धरना स्थल पर हालात भी लगातार चर्चा में बने रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अनुमति समाप्त होने के बाद पुलिस ने लाइटें बंद कर दीं और पानी तथा शौचालय की सुविधा सीमित कर दी गई। हालांकि बाद में ये सुविधाएं बहाल कर दी गईं। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस आंदोलन में सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी शामिल हो रहे हैं। दिल्ली के एक स्टोरकीपर ज्योति ठाकुर ने कहा कि वह इस आंदोलन में इसलिए शामिल हुईं क्योंकि उनका मानना है कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था ही बेहतर समाज की नींव है। वहीं 39 वर्षीय वकील गौरव जैन ने कहा कि वे जवाबदेही के मुद्दे पर समर्थन देने पहुंचे हैं और शिक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है। कॉकरोच जनता पार्टी का उदय भी एक विवादित टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी फैल गई थी। बाद में स्पष्ट किया गया कि टिप्पणी का संदर्भ फर्जी डिग्री रखने वालों से जुड़ा था, लेकिन तब तक विरोध की लहर फैल चुकी थी।  शिक्षा मंत्रालय और सत्ताधारी पार्टी की ओर से इस आंदोलन और इस्तीफे की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं कि यह लड़ाई सिर्फ परीक्षा की नहीं बल्कि सिस्टम की जिम्मेदारी तय करने की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संसदीय समिति ने NTA और CBSE से पेपर लीक पर मांगे जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[NEET पेपर लीक और OSM सिस्टम विवाद पर दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने दोनों संस्थानों से कड़े सवाल पूछे, बैकग्राउंड जांच और परिभाषा पर उठे गंभीर प्रश्न]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/parliamentary-committee-seeks-answers-from-nta-and-cbse-on-paper/article-55242"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/nta-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) से जुड़े परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पर कई गंभीर और सीधे सवाल उठाए हैं। NEET पेपर लीक विवाद और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रही जांच के बीच समिति की बैठक में माहौल काफी सख्त रहा और अधिकारियों से लिखित जवाब भी मांगे गए। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद (Digvijaya Singh) की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सबसे पहले यही सवाल किया कि आखिर ‘पेपर लीक’ की परिभाषा सरकारी परीक्षा एजेंसियों के हिसाब से क्या मानी जाती है, और क्या इस परिभाषा को लेकर किसी तरह की स्पष्ट गाइडलाइन मौजूद है या नहीं। बैठक में यह भी पूछा गया कि जब संस्थान खुद यह दावा करते हैं कि सिस्टम से कोई पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर अलग-अलग स्तर पर सामने आने वाली गड़बड़ियों और लीक जैसे आरोपों को किस श्रेणी में रखा जाए। इस पूरे सवाल-जवाब के दौरान समिति ने यह भी संकेत दिया कि केवल तकनीकी सफाई देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी स्पष्ट करना जरूरी है, क्योंकि देशभर में लाखों छात्र इन परीक्षाओं पर निर्भर हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">समिति ने विशेष रूप से National Testing Agency से 2018 के बाद आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं का पूरा रिकॉर्ड मांगा है और पूछा है कि क्या कभी आधिकारिक रूप से किसी परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि हुई है या केवल अफवाह और तकनीकी गड़बड़ी के आधार पर ही ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। हाल ही में एजेंसी की ओर से यह दावा किया गया था कि उनके सिस्टम में वास्तविक पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल एक ‘गेस पेपर’ या अनुमानित प्रश्न पत्र प्रसारित हुआ था, जिस पर समिति ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह केवल अनुमानित सामग्री थी तो फिर परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की मजबूती पर सवाल क्यों खड़े होते हैं। इसके अलावा समिति ने NTA से उसके आंतरिक ढांचे, मानव संसाधन, तकनीकी टीम और पिछले तीन वर्षों में की गई सभी नियुक्तियों का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। बताया जा रहा है कि समिति यह समझने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी परीक्षा एजेंसी के भीतर स्टाफिंग, निगरानी और तकनीकी नियंत्रण की व्यवस्था कितनी मजबूत है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बार-बार सामने आने वाले विवाद केवल बाहरी समस्या हैं या फिर सिस्टम के भीतर कोई संरचनात्मक कमजोरी मौजूद है। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठा कि क्या परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या निगरानी की कमी रही है, जिसके कारण छात्रों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी समिति ने विस्तृत सवाल पूछे हैं। सबसे बड़ा सवाल कोएम्प्ट (Coempt) कंपनी को दिए गए ठेके और उसके चयन की प्रक्रिया पर केंद्रित रहा। समिति ने पूछा कि क्या बोर्ड ने टेंडर देने से पहले कंपनी का विस्तृत बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया था या नहीं, और क्या यह जानकारी थी कि कंपनी के डायरेक्टर पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज से जुड़े रहे हैं, जिस पर पहले परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, समिति ने यह भी पूछा कि विवादित इतिहास वाली कंपनियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने की शर्त को तीसरे टेंडर में क्यों हटा दिया गया और क्या यह किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था या तकनीकी कारणों से। इसके अलावा 12वीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग प्रक्रिया में आधुनिक रोबोटिक स्कैनर के बजाय सामान्य स्कैनर के उपयोग की अनुमति देने पर भी सवाल उठाए गए। समिति का कहना है कि जब परीक्षा मूल्यांकन जैसे संवेदनशील कार्य में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, तो उसमें गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इसी बीच राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा तेजी से गरमाया हुआ है, खासकर जब कांग्रेस नेता (Rahul Gandhi) ने सार्वजनिक रूप से कोएम्प्ट कंपनी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। अब समिति की ओर से मांगे गए जवाबों के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण पर और अधिक राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल देखने को मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:07:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन, जांच की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा में NEET पेपर लीक मामले को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कॉलेज चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/students-protest-against-neet-paper-leak-in-rewa-demand-investigation/article-53295"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t180917.565.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक के मामले को लेकर बुधवार को छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। कॉलेज चौराहे पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। टीआरएस महाविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा की अगुवाई में इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। दोपहर के समय शुरू हुए इस विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का एक पुतला भी फूंका। कॉलेज चौराहे पर माहौल काफी गर्म हो गया और वहां भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि हर बार प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही गड़बड़ियों की वजह से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक को लेकर छात्रों में नाराजगी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बुधवार को खुलकर सामने आई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा ने कहा कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें आना बहुत गंभीर बात है। उन्होंने बताया कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहद मेहनत करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती छात्रों को होता है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र हाथों में तख्तियां लिए हुए थे। कुछ छात्र नारे लगा रहे थे </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक बंद करो</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">मौके पर मौजूद छात्रों ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में महीनों की मेहनत लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पेपर लीक की घटनाएं पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देती हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस बल भी एहतियातन वहां तैनात रहा ताकि स्थिति बिगड़ न सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छात्रों ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सभी कार्यकर्ता शांति से वहां से हट गए। फिर भी छात्रों के बीच नाराजगी अभी भी बरकरार है। कई छात्रों ने कहा कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आंदोलन और बड़ा किया जा सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>NEET-UG पेपरलीक केस: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला, याचिका में की गई NTA को हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG पेपरलीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। याचिका में NTA हटाने, नई संस्था बनाने और CBI जांच की मांग की गई है। परीक्षा दोबारा कराने पर जोर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/neet-ug-paperleak-case-reaches-supreme-court-demand-for-removal-of/article-53255"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t122822.604.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक का मामला अब देश की सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में परीक्षा कराने वाली संस्था</span>, National Testing Agency (NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">को हटाने की मांग की गई है और इसके स्थान पर एक नई स्वतंत्र संस्था बनाने का अनुरोध किया गया है। यह याचिका </span>Federation of All India Medical Association (FAIMA) <span lang="hi" xml:lang="hi">द्वारा प्रस्तुत की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पूरे परीक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर पहले से ही पूरे देश में विवाद और छात्रों में असंतोष देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">याचिका में स्पष्ट कहा गया है कि केवल जांच या छोटे सुधार पर्याप्त नहीं हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को बदलने की आवश्यकता है। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">को या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए या इसमें व्यापक स्तर पर संरचनात्मक परिवर्तन किए जाने चाहिए। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक नई हाई-टेक और स्वतंत्र परीक्षा संस्था बनाने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे राष्ट्रीय परीक्षा अखंडता आयोग (</span>NEIC) <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम दिया जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि जब तक यह नई संस्था स्थापित नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक परीक्षा की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जानी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हों। इस समिति में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और फॉरेंसिक वैज्ञानिकों को शामिल करने की भी मांग की गई है ताकि पेपर की सुरक्षा और तकनीकी जांच को मजबूत किया जा सके।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसके अलावा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">याचिका में </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 परीक्षा को फिर से कराने की अपील भी की गई है। ये कहा गया है कि पुनः परीक्षा कराने की प्रक्रिया कोर्ट की नजर में होनी चाहिए और प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल लॉक सिस्टम को अनिवार्य किया जाना चाहिए। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक जैसी घटनाओं से बचने के लिए पूरी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित यानी </span>CBT <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि पेपर की आवाजाही को खत्म किया जा सके और लीक का जोखिम कम हो सके। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा प्रणाली में गंभीर खामियां हैं और इन्हें केवल तकनीकी सुधारों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे ढांचे को बदलकर ही ठीक किया जा सकता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह विवाद तब और बढ़ गया जब राजस्थान में पेपर लीक की शिकायतों के बाद परीक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू की गई। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">को सौंप दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ स्थानों पर पेपर प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में शामिल किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मामला और गंभीर बन गया।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा में इस बार करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पेपर लीक की खबर ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बाद अब सभी की नजरें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र और परीक्षा एजेंसियों की तरफ से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस और नाराजगी साफ नजर आ रही है। अगले दिनों में यह मामला और बड़ा हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इसमें सिस्टम सुधार और परीक्षा फिर से कराने की मांग सीधे तौर पर रखी गई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 12:31:43 +0530</pubDate>
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