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                <title>Exam Scam - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Exam Scam RSS Feed</description>
                
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                <title>महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर टीईटी-2026 स्थगित, बिहार और हरियाणा के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी जांच शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/bihar-connection-three-accused-arrested-in-maharashtra-tet-paper-leak/article-57212"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/maharashtra-tet-paper-leak.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लॉ स्टूडेंट ने NEET पेपर बेचने का झांसा देकर छात्रों से ठगी, इंस्टाग्राम के जरिए वसूले पैसे</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर क्राइम ब्रांच ने फर्स्ट ईयर लॉ छात्र को किया गिरफ्तार, 30 से 35 छात्रों से ऑनलाइन भुगतान लेने का आरोप; फर्जी लिंक और एडिटेड सामग्री के जरिए चला रहा था खेल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/6a38dc8ab116e/article-56636"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/neet-paper-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इंदौर में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों को गुमराह कर ऑनलाइन ठगी करने का एक मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक ऐसे लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर छात्रों से पैसे वसूल रहा था। आरोपी छात्रों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और प्रश्नपत्र मौजूद हैं। जांच में सामने आया है कि उसने फर्जी लिंक और भ्रामक पोस्ट के जरिए कई छात्रों को अपने जाल में फंसाया और उनसे ऑनलाइन भुगतान प्राप्त किया। क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो लसूड़िया क्षेत्र के आंगन शक्करखेड़ी का निवासी है। वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।  मामले की शुरुआत तब हुई जब राजस्थान के कोटा से पुलिस ने इंदौर पुलिस को एक ई-मेल भेजकर आरोपी की गतिविधियों की जानकारी साझा की। बताया जा रहा है कि आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियां कई दिनों से संदिग्ध थीं और उसकी प्रोफाइल पर लगातार ऐसे पोस्ट डाले जा रहे थे जिनमें NEET परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। सूचना मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी सक्रिय हुई और शनिवार देर रात आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर आकर्षक पोस्ट और संदेश वायरल करता था। इन पोस्ट में दावा किया जाता था कि छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या विशेष अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कई छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में इन दावों पर विश्वास कर लेते थे। पोस्ट के साथ एक लिंक भी साझा किया जाता था, जिस पर क्लिक करने के बाद छात्रों को भुगतान करने के लिए कहा जाता था। बताया जा रहा है कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को ऐसी सामग्री भेजी जाती थी जिसे परीक्षा का असली पेपर बताया जाता था। हालांकि जांच में सामने आया है कि यह सामग्री वास्तविक प्रश्नपत्र नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और पहले से उपलब्ध अध्ययन सामग्री को एडिट कर नए पेपर के रूप में प्रस्तुत करता था। छात्र यह समझते थे कि उन्हें परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है, जबकि वास्तव में उन्हें गुमराह किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए करीब 30 से 35 लोगों से रकम प्राप्त की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कुल कितनी राशि एकत्र की गई और किन-किन राज्यों के छात्र इस ठगी का शिकार बने। जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही हैं ताकि लेन-देन का पूरा विवरण सामने आ सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आरोपी पहले भी साइबर पुलिस की निगरानी में रहा है। NEET परीक्षा को लेकर पिछले वर्ष हुए विवाद और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं के दौरान भी उसने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की थीं। उस समय भी उसकी गतिविधियों को लेकर शिकायतें मिली थीं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार डिजिटल सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की ऑनलाइन ठगी केवल आर्थिक अपराध नहीं है बल्कि छात्रों के भविष्य और मानसिक स्थिति से भी जुड़ा मुद्दा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र तनाव और दबाव में रहते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर या विशेष सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करता है तो कुछ छात्र उसके झांसे में आ जाते हैं। इसी मनोविज्ञान का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर पैसे वसूल रहा था। क्राइम ब्रांच अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और व्यक्ति या समूह भी जुड़ा हुआ था। पुलिस को संदेह है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट को व्यापक स्तर पर फैलाने और भुगतान की प्रक्रिया संभालने में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा से जुड़ी ऐसी भ्रामक पोस्ट, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अधिकांश संदेश फर्जी होते हैं और उनका उद्देश्य लोगों से पैसे ठगना होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पेपर लीक के खिलाफ CJP आंदोलन को बॉलीवुड समर्थन, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज</title>
                                    <description><![CDATA[ऋचा चड्ढा, अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने जताया समर्थन, छात्रों ने दिल्ली में पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ खोला मोर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/bollywood-supports-cjp-movement-against-paper-leak-protest-intensifies-at/article-55117"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/cjp-protest-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुआ। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में छात्रों से अपील की थी कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट हों। जंतर-मंतर पर सुबह से ही छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और धीरे-धीरे यह प्रदर्शन एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। मौके पर नारेबाजी और पोस्टरों के जरिए छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस प्रदर्शन को अब बॉलीवुड और सामाजिक जगत से भी समर्थन मिलने लगा है, जिससे यह आंदोलन और अधिक चर्चा में आ गया है। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया के जरिए इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने लिखा कि भले ही वह देश से बाहर हैं, लेकिन उनका मन दिल्ली और वहां आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे सच्चे देशभक्त बनें और दिखावे की देशभक्ति से दूर रहें। ऋचा चड्ढा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई है और कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी युवाओं के इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले की पीढ़ियों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने में चूक की है, जिसकी वजह से आज के युवाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अतुल कुलकर्णी ने छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि अब समय है कि युवा सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ देश के पुनर्निर्माण में आगे आएं। उनके इस बयान को भी सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और कई लोग इसे एक जिम्मेदार स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी बीच अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता या विचारधारा का नहीं होता, बल्कि यह उन नागरिकों का होता है जो सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोग जागरूक रहते हैं और जवाबदेही की मांग करते हैं। कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो उन्हें अपनी बात रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ते हैं ताकि सिस्टम तक संदेश पहुंच सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज का भी समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। वहीं प्रकाश राज भी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। छात्रों के बीच इस समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक बल मिला है और जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ में उत्साह देखा जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी ने उनके भविष्य को असुरक्षित बना दिया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि मेहनत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाता, जबकि कुछ लोग गलत तरीकों से लाभ उठा लेते हैं। इसी वजह से वे एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो।</p>
<p class="isSelectedEnd">CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है। उन्होंने देश के सभी छात्रों से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी, जिसके बाद जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है जो आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा तय कर सकता है। दिल्ली पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई है। आंदोलन को मिल रहे समर्थन और बढ़ती भागीदारी के कारण यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बालीवुड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नीट पेपर लीक मामले में CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा बिक्री, कोचिंग सेंटर से छात्रों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’, जांच तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/cbi-arrested-two-more-accused-in-neet-paper-leak-case/article-54321"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-paper-leak-case.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस केस में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियों ने 49 स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में यह सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख केंद्र के रूप में सामने आए हैं। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए CBI लगातार सबूतों और पैसों के लेन-देन की कड़ी जोड़ रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कोचिंग सेंटर और शिक्षकों की भूमिका उजागर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है, जो लातूर के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक कोचिंग सेंटर मालिक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स पढ़ाता है। आरोप है कि उसे फिजिक्स के लीक हुए प्रश्न मनीषा हवलदार से मिले थे, जिन्हें आगे छात्रों तक पहुंचाया गया। CBI के अनुसार, इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्नों की जानकारी देकर एक संगठित तरीके से लीक को अंजाम दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच राज्यों में फैला पेपर लीक नेटवर्क</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी के अनुसार, NEET पेपर लीक का मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा पेपर की बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो कोचिंग सेंटरों और एजुकेशन नेटवर्क के जरिए पेपर को छात्रों तक पहुंचाता था। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पेपर की प्रिंट कॉपी निकालकर उसे “क्वेश्चन बैंक” के रूप में बेचा गया, जिससे छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों की जानकारी मिल गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैसों के लेन-देन की कड़ी खंगाल रही CBI</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI अब उन सभी अभिभावकों और छात्रों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपियों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं। जांच में शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघामारे जैसे नाम सामने आए हैं, जिनके खातों के जरिए लेन-देन हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी का कहना है कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि इसमें एक फाइनेंशियल नेटवर्क भी शामिल है, जो पूरे ऑपरेशन को सपोर्ट कर रहा था। इसी वजह से अब बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा की गहराई से जांच की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>49 जगहों पर छापेमारी, कई डिजिटल सबूत जब्त</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI ने अब तक देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छात्रों तक कैसे पहुंचा पेपर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र था, जहां से प्रश्नों की कॉपी राजस्थान और अन्य राज्यों में भेजी गई। इसके बाद कोचिंग सेंटर और बिचौलियों के जरिए इसे छात्रों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही छात्रों को तैयारी के नाम पर असली प्रश्न उपलब्ध कराए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NTA की प्रतिक्रिया और परीक्षा प्रक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम की घोषणा की गई। NTA ने अब फीस रिफंड के लिए 22 मई से 27 मई तक पोर्टल खोला है, जहां उम्मीदवार अपने बैंक विवरण जमा कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">CBI का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कितने छात्रों ने वास्तव में लीक हुए पेपर का लाभ उठाया। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी जल्द छापेमारी की संभावना है। जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा प्रणाली पर सवाल और सख्ती की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  यदि इस तरह के नेटवर्क को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है। सरकारी स्तर पर अब परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी और निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 15:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET पेपर लीक होने में अंदर से मदद मिलने का शक! NTA अधिकारी की जांच कर रही है CBI </title>
                                    <description><![CDATA[NEET-UG 2026 पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा, NTA अधिकारी CBI रडार पर। रद्द परीक्षा और नए आरोपों से बढ़ी हलचल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/6a09608135b65/article-53582"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-paper-leak-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><strong>NEET-UG </strong><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>2026:</strong> </span>नीट <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पेपर लीक के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (</span>CBI) <span lang="hi" xml:lang="hi">का ध्यान अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (</span>NTA) <span lang="hi" xml:lang="hi">के एक अनाम अधिकारी पर केंद्रित हो गया है। मामला और भी गंभीर हो गया है क्योंकि इस मामले में पहले ही दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें मनीषा संजय वाघमारे और रसायन शास्त्र के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी शामिल हैं। इन्हें 10 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है और उनसे लगातार पूछताछ चल रही है। 3 मई को हुई परीक्षा को इस विवाद के चलते रद्द कर दिया गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों में भारी नाराजगी और भ्रम की स्थिति बन गई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों की बात करें तो</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंदरूनी साजिश का पर्दाफाश होता जा रहा है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने अदालत में जो रिमांड आवेदन पेश किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसमें यह इशारा किया गया है कि यह सिर्फ बाहरी नेटवर्क का मामला नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंदरूनी मिलीभगत भी हो सकती है। आरोप है कि वाघमारे को एक संगठित नेटवर्क के जरिए 27 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर देकर दिए गए थे। इसमें एक </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">के अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वाघमारे की मुलाकात कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से एक अन्य लेक्चरर मनीषा मंडारे के जरिए हुई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">की पेपर सेटिंग कमेटी से जुड़ी बताई जा रही हैं और उन्हें भी 14 दिन की </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हिरासत में भेजा गया है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जांच एजेंसी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे उजागर हो रहा है और इसमें कई लोगों की भूमिका विभिन्न स्तरों पर पाए जाने की आशंका है। </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">का दावा है कि वाघमारे ने कथित तौर पर कुलकर्णी से प्रश्न पत्र प्राप्त किए और फिर धनंजय लोकहांडे समेत अन्य लोगों तक पहुंचाए। लोकहांडे को 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था और उस पर पेपर को फैलाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के बाद कई लिखित प्रश्न और दस्तावेज नष्ट कर दिए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सबूत मिटाए जा सकें। कुछ स्रोतों से मिली जानकारी में यह भी पता चला है कि हाथ से लिखे गए प्रश्न पत्र भी गायब कर दिए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जांच में और मुश्किलें आ गई हैं। इस पूरे मामले में पैसे के लेन-देन की बातें भी सामने आ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार और </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NTA <span lang="hi" xml:lang="hi">ने हालात को देखते हुए </span>NEET-UG <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (</span>CBT) <span lang="hi" xml:lang="hi">मोड में कराने पर विचार किया जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। हालांकि इस पूरे विवाद ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों और अभिभावकों में अब भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है और जांच एजेंसियों पर जल्द और पारदर्शी निष्कर्ष निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET पेपर लीक नेटवर्क के तार सीहोर तक जुड़े, यहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ चुका है मास्टमाइंड शुभम</title>
                                    <description><![CDATA[NEET 2026 पेपर लीक मामले में सीहोर कनेक्शन सामने आया है. आरोपी शुभम खैरनार का श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से संबंध जांच के दायरे में है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/neet-paper-leak-networks-links-reach-sehore-mastermind-shubham-has/article-53277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t154105.532.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 पेपर लीक मामले में अब मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का नाम भी उभरने लगा है। राजस्थान पुलिस की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार हुए डॉक्टर शुभम खैरनार की सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी के साथ एक कड़ी है। कहा जा रहा है कि शुभम ने यहां बीएएमएस कोर्स में दाखिला लिया था। इस मामले के उजागर होने के बाद अब जांच एजेंसियां उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड और पुराने संपर्कों की भी छानबीन कर रही हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान पुलिस ने 3 मई को महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार को हिरासत में लिया था और तब से उसकी लगातार पूछताछ चल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का मेडिकल शिक्षण संस्थानों से जुड़ाव रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इस वजह से पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसने इसी नेटवर्क के तहत लोगों से संपर्क तो नहीं बनाए थे।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस को शक है कि </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें अलग-अलग स्तर पर लोग शामिल हो सकते हैं। सीहोर कनेक्शन सामने आने के बाद अब मध्य प्रदेश पर भी ध्यान और बढ़ गया है। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपी शुभम के मोबाइल रिकॉर्ड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक लेनदेन और पुराने संपर्कों की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी का पेपर लीक से जुड़े दूसरे आरोपियों के साथ कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध था। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी तक जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि आरोपी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खुद को इस मामले से अलग रखा है। यूनिवर्सिटी के कुलपति मुकेश तिवारी ने कहा कि शुभम ने साल 2021 में बीएएमएस कोर्स में दाखिला जरूर लिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वह नियमित छात्र नहीं था। उन्होंने बताया कि आरोपी कभी कक्षाओं में नहीं आया और न ही उसने किसी परीक्षा या कैंपस गतिविधि में भाग लिया।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">अब इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। सीहोर में लोग पूछ रहे हैं कि आखिर आरोपी ने यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के बाद पढ़ाई क्यों नहीं की और इतना समय तक उसका रिकॉर्ड कैसे बना रहा। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसका संस्थान से केवल नाममात्र का संबंध था। दूसरी ओर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राजस्थान पुलिस पूरे मामले को एक संगठित गिरोह के रूप में देख रही है। बताया जा रहा है कि कई राज्यों में पहले भी छापेमारी की जा चुकी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है। शुरूआती जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी राशि लेकर अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पहुंचाने की कोशिश की गई थी। फिलहाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शुभम खैरनार से लगातार पूछताछ हो रही है और जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:49:05 +0530</pubDate>
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