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                <title>Gold Investment - दैनिक जागरण</title>
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                <title>इस हफ्ते सोना-चांदी हुआ सस्ता, निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर</title>
                                    <description><![CDATA[एक सप्ताह में सोने के दाम 2,225 रुपए और चांदी 6,442 रुपए तक फिसली, हालांकि सालभर के आंकड़े अब भी मजबूत तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-and-silver-became-cheaper-this-week-investors-are-eyeing/article-55066"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार करने के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई इस नरमी ने निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में पिछले एक सप्ताह के दौरान 2,225 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। वहीं चांदी के दाम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है और इसकी कीमत 6,442 रुपए प्रति किलोग्राम तक घट गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अभी भी लंबे समय के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंकड़ों के मुताबिक 30 मई को 24 कैरेट सोना 1,56,463 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 1,54,238 रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,908 रुपए रह गई है। हालांकि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचकर निवेशकों को चौंका दिया था। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला है। कैरेट के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना 1,54,238 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,41,282 रुपए और 18 कैरेट सोना 1,15,679 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं 14 कैरेट सोने का भाव 90,229 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और अन्य स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,55,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि भोपाल, पटना और अहमदाबाद में इसका भाव 1,55,810 रुपए के आसपास दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता और रायपुर जैसे शहरों में सोना अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि एक सप्ताह की गिरावट के बावजूद यदि पूरे साल का आंकड़ा देखा जाए तो सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत में 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वर्तमान स्तर की तुलना करें तो सोना अब भी करीब 21 हजार रुपए से अधिक महंगा है। इसी तरह चांदी भी 2,30,420 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,56,908 रुपए तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत की तुलना में चांदी अब भी करीब 27 हजार रुपए महंगी बनी हुई है। इस साल सर्राफा बाजार ने कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं। जनवरी महीने में सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद बाजार में सुधार और गिरावट का दौर भी देखने को मिला। फरवरी और मार्च में कीमतों में नरमी आई, लेकिन अप्रैल और मई में फिर तेजी लौटती नजर आई। अब जून के पहले सप्ताह में आई गिरावट को बाजार सामान्य करेक्शन के रूप में देख रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय मांग सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कई निवेशक मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग आगे की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है और ग्राहकों को गुणवत्ता को लेकर भरोसा प्रदान करता है। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने का ताजा भाव जांच लेना भी जरूरी माना जाता है। इससे ग्राहकों को सही कीमत पर खरीदारी करने में मदद मिलती है। बाजार में आई ताजा गिरावट ने ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर दी है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में नरमी को खरीदारी के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:43:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>तमिलनाडु-केरल में क्यों खरीदा जाता है सबसे ज्यादा सोना, जानिए वजह</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु, केरल और दक्षिण भारत में सोने की भारी खरीद के पीछे परंपरा, शादी, बचत और महिलाओं की सुरक्षा की सोच बड़ी वजह मानी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/know-the-reason-why-most-gold-is-bought-in-tamil/article-53281"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t163255.785.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद से देशभर में इस मुद्दे पर अब चर्चा तेज़ हो गई है। सोना तो हमेशा से ही भारतीय परिवारों की ज़िंदगी का हिस्सा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन खासकर दक्षिण भारत में इसकी महत्ता थोड़ी ज्यादा ही है। जैसे तमिलनाडु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोने की खरीद सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। यहां यह परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ा होता है। यही वजह है कि देश में जितना घरेलू सोना मौजूद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका बड़ा हिस्सा दक्षिण भारतीय राज्यों में ही है। ऐसी भी खबरें हैं कि इन राज्यों में शादी-ब्याह से लेकर छोटे-मोटे धार्मिक आयोजनों तक सोने की खरीद एक सामान्य सी बात है। कई परिवार तो हर साल थोड़ा-थोड़ा सोना जोड़ते रहते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दक्षिण भारत में सोने के प्रति लोगों की सोच बाकी हिस्सों से काफी अलग है। यहां सोना सिर्फ गहना नहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बचत का एक भरोसेमंद तरीका भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग इसे बैंक या शेयर बाजार से ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। जरूरत पड़ने पर इसे गिरवी रखकर तुरंत पैसे मिल जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए परिवार इसे इमरजेंसी फंड के रूप में देखते हैं। अधिकारियों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केरल और तमिलनाडु में गोल्ड लोन का मार्केट भी काफी बड़ा है। इसी कारण लोग नकद बचत से ज्यादा सोना खरीदना पसंद करते हैं। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादियों के चलते भी सोने की मांग बढ़ती है। दक्षिण भारत में शादी में दुल्हन के सोने के गहनों को प्रतिष्ठा और सम्मान से जोड़ा जाता है। कई समुदायों में शादी के दौरान भारी मात्रा में सोना पहनाना पारंपरिक बात है। रिपोर्ट्स के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल में तो कई दुल्हनें 300 ग्राम से ज्यादा सोना पहनती हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी यही देखा जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चेन्नई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोच्चि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर भी देश के बड़े ज्वेलरी हब माने जाते हैं। यहां बड़े-बड़े ब्रांड्स के साथ पारंपरिक ज्वेलर्स भी हैं। डिजाइन की विभिन्नता और प्रतिस्पर्धा होने से ग्राहकों के पास विकल्प भी ज्यादा होते हैं। कुछ व्यापारियों का मानना है कि दक्षिण भारत के कई शहरों के बंदरगाहों के करीब होने से सोने की सप्लाई आसान रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कारोबार भी मजबूत हुआ है। हालात ये हैं कि लोग रोज़ाना सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं। अक्षय तृतीया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओणम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पोंगल और शादी के मौसम में बाजारों में काफी भीड़ होती है। कई परिवारों में बेटियों के जन्म के साथ ही सोना जोड़ने की परंपरा शुरू हो जाती है। इसे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि मुश्किल समय में पहला काम घर के सोने को गिरवी रखना होता है। यही सोच पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में से एक है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसमें दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी काफी महत्वपूर्ण है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की मांग केवल अमीरी का प्रतीक नहीं है। इसके पीछे सामाजिक सोच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक परंपरा और सुरक्षा की भावना भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि महंगाई बढ़ने या कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद भी दक्षिण भारत में सोने की खरीद पूरी तरह रुकती नहीं है। आने वाले समय में पीएम मोदी की अपील का कितना असर पड़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो अलग बात है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल दिखता है कि दक्षिण भारत में सोना आज भी सबसे भरोसेमंद संपत्ति माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:23:32 +0530</pubDate>
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