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                <title>Gold Rate - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सोने की कीमत ₹1.43 लाख के पार, एक दिन में ₹1,022 की तेजी; चांदी भी महंगी</title>
                                    <description><![CDATA[24 कैरेट सोना नए स्तर पर पहुंचा, चांदी में भी ₹1,752 प्रति किलो की बढ़त; विशेषज्ञों ने खरीदारी से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/raipur-created-a-new-record-99-government-health-institutions-got/article-58277"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/gold-price-today-(10).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। लगातार बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल और निवेशकों की बढ़ती रुचि के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम मजबूत बने हुए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 1,022 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी के बाद 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.43 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती देखने को मिली और एक किलो चांदी 1,752 रुपये महंगी होकर करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों का रुझान घरेलू बाजार की कीमतों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में हर कारोबारी दिन सोने और चांदी के दाम नए स्तर पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार को आई तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमत में लगभग 10 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। इसके बाद से लगातार बढ़ोतरी का दौर जारी रहा और अब इसका भाव 1.43 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। इससे यह साफ है कि साल के शुरुआती महीनों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि चांदी की कीमतों का रुख सोने से कुछ अलग रहा है। मौजूदा तेजी के बावजूद वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन की तुलना में चांदी अभी भी करीब 7 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत करीब 2.23 लाख रुपये प्रति किलो है। हालांकि हाल के दिनों में चांदी में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए हैं। आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत ने लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था। वहीं चांदी भी उसी अवधि में करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा और कीमतों में कई बार गिरावट और तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी आर्थिक या भू-राजनीतिक तनाव का असर सबसे पहले सोने की कीमतों पर दिखाई देता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव और विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियां भी सोने और चांदी के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर ध्यान देना चाहिए। केवल कीमतों में तेजी देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भी विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। सबसे पहले हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित शुद्धता का है। प्रत्येक हॉलमार्क वाले आभूषण पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड अंकित होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों का विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से मिलान जरूर कर लेना चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन सहित अन्य मान्यता प्राप्त स्रोतों पर प्रतिदिन जारी होने वाले भाव देखकर ग्राहक सही कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसलिए आभूषण खरीदते समय उसकी शुद्धता और कैरेट की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए। त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के मौसम में सोने और चांदी की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। ऐसे समय कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे ग्राहकों के बजट पर पड़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:13:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी तीन दिन में ₹22 हजार टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[सोना ₹2,156 सस्ता होकर ₹1.40 लाख पर पहुंचा, वैश्विक हालात और मुनाफावसूली से कीमती धातुओं पर बढ़ा दबाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-fall-in-gold-and-silver-silver-fell-by-%E2%82%B9/article-56910"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(7).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुवार, 25 जून 2026 को कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,156 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव घटकर करीब 1.40 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं चांदी की कीमत में एक ही दिन में 6,550 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है और इसका भाव 2.15 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गया है। खास बात यह है कि चांदी पिछले तीन कारोबारी दिनों में ही करीब 22 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो चुकी है, जिससे निवेशकों और कारोबारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सोना और चांदी दोनों में हाल के दिनों में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जून महीने की शुरुआत में सोना जहां करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं अब इसमें लगभग 16 हजार रुपए की गिरावट आ चुकी है। इसी तरह चांदी का भाव भी महीने की शुरुआत में 2.63 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब घटकर 2.15 लाख रुपए के आसपास पहुंच गया है। यानी सिर्फ एक महीने में चांदी लगभग 48 हजार रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस साल की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमतों में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा दिखाई देता है। वर्ष 2026 की शुरुआत में सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद जनवरी के अंत तक इसमें जोरदार तेजी आई और कीमतें 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। हालांकि इसके बाद बाजार का रुख बदला और लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया। वर्तमान कीमतों को देखें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 हजार रुपए तक नीचे आ चुका है। चांदी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही है। पिछले वर्ष के अंत में चांदी का भाव लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त उछाल आया और कीमत 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जाता है। लेकिन उसके बाद बाजार में आई कमजोरी ने चांदी की चमक फीकी कर दी। करीब पांच महीनों के भीतर ही चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1.70 लाख रुपए प्रति किलो तक टूट चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को भी हैरान किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक समझ और तनाव में आई कमी को माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में युद्ध और संघर्ष की आशंकाओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे थे। सोना और चांदी को परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए इनके दाम लगातार बढ़ रहे थे। लेकिन जैसे ही भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, निवेशकों ने इन धातुओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। दूसरा महत्वपूर्ण कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को माना जा रहा है। हाल के संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ तो यह भी मान रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश से दूरी बनाने लगते हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग पर पड़ता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाने वाली एक अहम वजह बनी हुई है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने पर सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे दिखाई देते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी कीमतों में तेज गिरावट को बढ़ावा दिया है। बड़े फंड हाउस और संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर अपने निवेश का लाभ बुक किया, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी। गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ETF में भी हाल के दिनों में बिकवाली का दबाव देखा गया है। निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षण कम होने से इन फंड्स से पैसा निकलना शुरू हुआ है। इसका असर घरेलू बाजारों में भी दिखाई दे रहा है और कीमतों में गिरावट का एक कारण इसे भी माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौजूदा गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है। शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों से पहले कीमतों में आई नरमी ग्राहकों को राहत दे सकती है। लेकिन निवेश से पहले बाजार की स्थिति, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी होगा। सोना खरीदते समय ग्राहकों को हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। साथ ही खरीदारी से पहले विभिन्न स्रोतों से कीमतों की जांच करना भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के साथ किया गया निवेश भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।  घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा तय करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 14:41:11 +0530</pubDate>
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                <title>इस हफ्ते सोना-चांदी हुआ सस्ता, निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर</title>
                                    <description><![CDATA[एक सप्ताह में सोने के दाम 2,225 रुपए और चांदी 6,442 रुपए तक फिसली, हालांकि सालभर के आंकड़े अब भी मजबूत तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gold-and-silver-became-cheaper-this-week-investors-are-eyeing/article-55066"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्राफा बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार करने के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई इस नरमी ने निवेशकों और खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में पिछले एक सप्ताह के दौरान 2,225 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। वहीं चांदी के दाम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है और इसकी कीमत 6,442 रुपए प्रति किलोग्राम तक घट गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद सोना और चांदी अभी भी लंबे समय के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंकड़ों के मुताबिक 30 मई को 24 कैरेट सोना 1,56,463 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 1,54,238 रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,908 रुपए रह गई है। हालांकि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचकर निवेशकों को चौंका दिया था। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला है। कैरेट के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना 1,54,238 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,41,282 रुपए और 18 कैरेट सोना 1,15,679 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं 14 कैरेट सोने का भाव 90,229 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। अलग-अलग शहरों में टैक्स और अन्य स्थानीय शुल्कों के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,55,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि भोपाल, पटना और अहमदाबाद में इसका भाव 1,55,810 रुपए के आसपास दर्ज किया गया। मुंबई, कोलकाता और रायपुर जैसे शहरों में सोना अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि एक सप्ताह की गिरावट के बावजूद यदि पूरे साल का आंकड़ा देखा जाए तो सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत में 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वर्तमान स्तर की तुलना करें तो सोना अब भी करीब 21 हजार रुपए से अधिक महंगा है। इसी तरह चांदी भी 2,30,420 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,56,908 रुपए तक पहुंच चुकी है। यानी साल की शुरुआत की तुलना में चांदी अब भी करीब 27 हजार रुपए महंगी बनी हुई है। इस साल सर्राफा बाजार ने कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे हैं। जनवरी महीने में सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद बाजार में सुधार और गिरावट का दौर भी देखने को मिला। फरवरी और मार्च में कीमतों में नरमी आई, लेकिन अप्रैल और मई में फिर तेजी लौटती नजर आई। अब जून के पहले सप्ताह में आई गिरावट को बाजार सामान्य करेक्शन के रूप में देख रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय मांग सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कई निवेशक मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग आगे की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है और ग्राहकों को गुणवत्ता को लेकर भरोसा प्रदान करता है। इसके अलावा खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से सोने का ताजा भाव जांच लेना भी जरूरी माना जाता है। इससे ग्राहकों को सही कीमत पर खरीदारी करने में मदद मिलती है। बाजार में आई ताजा गिरावट ने ग्राहकों को थोड़ी राहत जरूर दी है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में नरमी को खरीदारी के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:43:52 +0530</pubDate>
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                <title>सोना ₹1,030 और चांदी ₹3,300 सस्ती, निवेशकों की नजर बाजार के अगले रुख पर</title>
                                    <description><![CDATA[ऑल टाइम हाई से सोना ₹21 हजार और चांदी ₹1.24 लाख नीचे, मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/6a1fe49c3cb6f/article-54854"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/gold-price-today-(3).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">देशभर के सर्राफा बाजार में बुधवार 3 जून को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज सोने की कीमत में 1,030 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई, जबकि चांदी 3,300 रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना अब 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत घटकर 2.62 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सर्राफा कारोबारियों के अनुसार बाजार में इस समय निवेशकों का रुख काफी सतर्क बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और निवेश रणनीतियों में बदलाव के चलते कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। यही वजह है कि इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाले सोना और चांदी अब अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। अगर सोने की बात करें तो वर्ष 2026 की शुरुआत में इसमें लगातार तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को जहां 24 कैरेट सोना करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त उछाल आया। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। उस समय वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की मांग को बढ़ाया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि इसके बाद बाजार का रुख बदलना शुरू हुआ। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा। मौजूदा समय में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 21 हजार रुपए नीचे आ चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में बड़े निवेशकों की बिकवाली और नकदी की बढ़ती मांग इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला है। साल की शुरुआत में चांदी करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी। इसके बाद तेजी का दौर आया और 29 जनवरी 2026 को चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर दर्ज किया। लेकिन इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट शुरू हुई और अब चांदी 2.62 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आंकड़ों के अनुसार चांदी अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 1.24 लाख रुपए प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। पिछले करीब चार महीनों में यह गिरावट निवेशकों और कारोबारियों दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। चांदी में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बाद बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली हुई, जिसका असर कीमतों पर साफ दिखाई दिया। आमतौर पर जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध जैसी परिस्थितियां बनती हैं, तब निवेशक सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच कई निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए कीमती धातुओं की होल्डिंग कम कर रहे हैं और नकद राशि बढ़ा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनिश्चित परिस्थितियों में तुरंत उपलब्ध नकदी अधिक उपयोगी साबित हो सकती है। यही वजह है कि सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ी है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव बना रहा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में भी मांग और आपूर्ति के समीकरणों ने कीमतों को प्रभावित किया है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में आमतौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ती है, लेकिन वर्तमान समय में ग्राहक कीमतों की दिशा को लेकर इंतजार की स्थिति में हैं। कई खरीदारों को उम्मीद है कि कीमतों में और नरमी आ सकती है, इसलिए वे खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं निवेशकों का एक वर्ग इसे खरीदारी का अवसर भी मान रहा है। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना और चांदी अब भी मजबूत विकल्प बने हुए हैं। कीमतों में आई गिरावट से नए निवेशकों को बाजार में प्रवेश करने का मौका मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश से पहले बाजार की परिस्थितियों और व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गतिविधियां, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:17:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट, निवेशकों की नजर अब अगले रुख पर</title>
                                    <description><![CDATA[रिकॉर्ड स्तर से फिसले दाम, एक हफ्ते में सोना ₹1654 और चांदी ₹2650 सस्ती]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/fall-in-gold-and-silver-this-week-investors-are-now/article-54570"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/gold-price-today-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में बने दोनों कीमती धातुओं के दाम अब नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में एक सप्ताह के दौरान 1,654 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके साथ ही सोने का भाव 1.58 लाख रुपए से घटकर करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली और यह 2.66 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से फिसलकर 2.63 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। यानी एक सप्ताह में चांदी करीब 2,650 रुपए सस्ती हो गई। जनवरी में जिस तेजी ने सोने और चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाया था, अब उसी तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर चल रहा है। बड़े निवेशक ऊंचे स्तर पर खरीद की गई होल्डिंग को बेच रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताह से दोनों धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर इस साल की शुरुआत से तुलना करें तो सोने ने पहले निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद तेजी का ऐसा दौर आया कि 29 जनवरी 2026 को सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया। महज एक महीने के भीतर आए इस उछाल ने बाजार को चौंका दिया था। हालांकि इसके बाद कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हुई और अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 20 हजार रुपए नीचे कारोबार कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चांदी की बात करें तो इसमें उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला। साल की शुरुआत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त तेजी आई और यह 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। उस समय बाजार में चांदी की मांग और निवेश दोनों तेजी से बढ़े थे। लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। लगातार बिकवाली और निवेशकों के रुख में बदलाव के चलते चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अब यह 2.63 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ 118 दिनों में चांदी करीब 1.23 लाख रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तनाव या युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का एक वर्ग नकदी को प्राथमिकता दे रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक कई निवेशक अपने पास मौजूद सोना और चांदी बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति या बाजार में बड़े बदलाव के समय उनके पास पर्याप्त लिक्विड फंड उपलब्ध रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरी बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई बड़े निवेशकों ने अपने निवेश पर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। बड़ी मात्रा में हुई बिकवाली का असर सीधे कीमतों पर पड़ा और बाजार में गिरावट का माहौल बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक संकेत स्पष्ट नहीं होते, तब तक सोने और चांदी में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों के लिए कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना तय गुणवत्ता और शुद्धता का है। इसके अलावा खरीदारी से पहले सोने की कीमत विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी है ताकि उपभोक्ता सही कीमत पर खरीदारी कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 14:57:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तमिलनाडु-केरल में क्यों खरीदा जाता है सबसे ज्यादा सोना, जानिए वजह</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु, केरल और दक्षिण भारत में सोने की भारी खरीद के पीछे परंपरा, शादी, बचत और महिलाओं की सुरक्षा की सोच बड़ी वजह मानी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/know-the-reason-why-most-gold-is-bought-in-tamil/article-53281"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t163255.785.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद से देशभर में इस मुद्दे पर अब चर्चा तेज़ हो गई है। सोना तो हमेशा से ही भारतीय परिवारों की ज़िंदगी का हिस्सा रहा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन खासकर दक्षिण भारत में इसकी महत्ता थोड़ी ज्यादा ही है। जैसे तमिलनाडु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोने की खरीद सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है। यहां यह परंपरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ा होता है। यही वजह है कि देश में जितना घरेलू सोना मौजूद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका बड़ा हिस्सा दक्षिण भारतीय राज्यों में ही है। ऐसी भी खबरें हैं कि इन राज्यों में शादी-ब्याह से लेकर छोटे-मोटे धार्मिक आयोजनों तक सोने की खरीद एक सामान्य सी बात है। कई परिवार तो हर साल थोड़ा-थोड़ा सोना जोड़ते रहते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दक्षिण भारत में सोने के प्रति लोगों की सोच बाकी हिस्सों से काफी अलग है। यहां सोना सिर्फ गहना नहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बचत का एक भरोसेमंद तरीका भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग इसे बैंक या शेयर बाजार से ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। जरूरत पड़ने पर इसे गिरवी रखकर तुरंत पैसे मिल जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए परिवार इसे इमरजेंसी फंड के रूप में देखते हैं। अधिकारियों और बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केरल और तमिलनाडु में गोल्ड लोन का मार्केट भी काफी बड़ा है। इसी कारण लोग नकद बचत से ज्यादा सोना खरीदना पसंद करते हैं। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शादियों के चलते भी सोने की मांग बढ़ती है। दक्षिण भारत में शादी में दुल्हन के सोने के गहनों को प्रतिष्ठा और सम्मान से जोड़ा जाता है। कई समुदायों में शादी के दौरान भारी मात्रा में सोना पहनाना पारंपरिक बात है। रिपोर्ट्स के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल में तो कई दुल्हनें 300 ग्राम से ज्यादा सोना पहनती हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी यही देखा जाता है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">चेन्नई</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोच्चि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर भी देश के बड़े ज्वेलरी हब माने जाते हैं। यहां बड़े-बड़े ब्रांड्स के साथ पारंपरिक ज्वेलर्स भी हैं। डिजाइन की विभिन्नता और प्रतिस्पर्धा होने से ग्राहकों के पास विकल्प भी ज्यादा होते हैं। कुछ व्यापारियों का मानना है कि दक्षिण भारत के कई शहरों के बंदरगाहों के करीब होने से सोने की सप्लाई आसान रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कारोबार भी मजबूत हुआ है। हालात ये हैं कि लोग रोज़ाना सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं। अक्षय तृतीया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ओणम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पोंगल और शादी के मौसम में बाजारों में काफी भीड़ होती है। कई परिवारों में बेटियों के जन्म के साथ ही सोना जोड़ने की परंपरा शुरू हो जाती है। इसे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि मुश्किल समय में पहला काम घर के सोने को गिरवी रखना होता है। यही सोच पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में से एक है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसमें दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी काफी महत्वपूर्ण है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की मांग केवल अमीरी का प्रतीक नहीं है। इसके पीछे सामाजिक सोच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक परंपरा और सुरक्षा की भावना भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि महंगाई बढ़ने या कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद भी दक्षिण भारत में सोने की खरीद पूरी तरह रुकती नहीं है। आने वाले समय में पीएम मोदी की अपील का कितना असर पड़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो अलग बात है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिलहाल दिखता है कि दक्षिण भारत में सोना आज भी सबसे भरोसेमंद संपत्ति माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:23:32 +0530</pubDate>
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