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                <title>India Growth - दैनिक जागरण</title>
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                <title>पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया नए भारत का स्वर्णिम दौर</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए आयाम स्थापित किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/pm-modi-is-a-timeless-and-timeless-leader-the-face/article-55517"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/pm-modi-12-years.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विस्तृत ब्लॉग के माध्यम से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब देश ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई सोच, नई कार्यशैली और विकास की नई दिशा को स्वीकार किया था। पिछले 12 वर्षों में भारत ने जिस गति से विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में प्रगति की है, वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता सेवा, सुशासन और संकल्प की भावना रही है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने का लगातार प्रयास किया। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ पहुंचाना नहीं था, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ सुनिश्चित करना था। इसी सोच के कारण देश में कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ा और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। डिजिटल इंडिया अभियान, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना इसी सोच का हिस्सा रहा। इससे आम नागरिक और सरकार के बीच की दूरी कम हुई तथा योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचना संभव हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार यह सुशासन का ऐसा मॉडल है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की संवाद शैली को भी उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जनता से जुड़े रहते हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधा संवाद करते हैं। चाहे ‘मन की बात’ कार्यक्रम हो या छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’, उन्होंने हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने का काम किया है। इससे लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने हमेशा बड़े और चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। विकसित भारत का संकल्प भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इस सोच ने देश के युवाओं और नागरिकों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने लेख में मध्य प्रदेश के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना मध्य प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर तहसील की व्यवस्था, भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाएं, एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसी उपलब्धियों के पीछे भी प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मामले में हमेशा स्पष्ट नीति अपनाई और यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था पर भी बल दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्य प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी ने राज्य को नई पहचान दिलाई है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने श्रमिकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी के पुनर्विकास और योग को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था और सेना में नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति और आत्मविश्वास में भी होती है। प्रधानमंत्री ने इसी आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों का मूल्यांकन केवल योजनाओं और आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह वह दौर है जिसने भारत को नई दिशा दी, लोगों में विश्वास जगाया और देश को आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाने की मजबूत नींव रखी। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यकाल नए भारत के निर्माण और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का स्वर्णिम अध्याय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:05:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>भारत को समझना है तो ट्रेन और बस से सफर करें: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि भारत को सही मायनों में समझने के लिए ट्रेन या बस से यात्रा करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/if-you-want-to-understand-india-then-travel-by-train/article-54433"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/india-australia-relations.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक तरक्की, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक प्रभाव की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए अल्बनीज ने भारत के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत को सही तरीके से समझने के लिए केवल बड़े शहरों या आधिकारिक बैठकों तक सीमित रहना काफी नहीं है। अगर कोई भारत की असली आत्मा को महसूस करना चाहता है तो उसे बस या ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए। उनके इस बयान को भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता की बड़ी सराहना माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अल्बनीज ने कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का संगम है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे और सड़क यात्रा देश की असली तस्वीर दिखाती है, जहां अलग-अलग समुदाय, परंपराएं और जीवनशैली एक साथ दिखाई देती हैं। उन्होंने अपने पुराने भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि भारत की यात्रा ने उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव डाला। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि वे पहली बार साल 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे। उस समय उन्होंने भारत के कई हिस्सों की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्होंने भारत की ऊर्जा, लोगों की गर्मजोशी और सांस्कृतिक विविधता को करीब से महसूस किया। यही अनुभव आज भी उनके मन में ताजा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं और हर यात्रा में भारत को और बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। उन्होंने भारत की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, व्यापार और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में जबरदस्त विकास किया है। अल्बनीज ने अपने संबोधन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, खेल और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्य उन्हें और करीब लाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने 2022 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। अल्बनीज ने कहा कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए हैं। इससे निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में भारत के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे हैं और वे दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्रिकेट का जिक्र करते हुए अल्बनीज ने कहा कि यह खेल दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले केवल खेल नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और दोस्ती का प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की भी जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने यह भी कहा कि वे जल्द ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि यह दूसरी बार होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरेंद्र मोदी जुलाई की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते आने वाले समय में और मजबूत होंगे। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक देशों का एकजुट होना जरूरी है और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अल्बनीज का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव को दर्शाता है। भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत उपस्थिति ने दुनिया के बड़े देशों का ध्यान आकर्षित किया है। ऑस्ट्रेलिया भी अब भारत को केवल एक रणनीतिक साझेदार नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक शक्ति के रूप में देख रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्तों में तेजी से सुधार हुआ है। रक्षा, व्यापार, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अल्बनीज का यह बयान दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:09:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मिडिल ईस्ट संकट के बीच RBI का बड़ा फैसला, सरकार को मिलेगा रिकॉर्ड मुनाफा</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट संकट के बीच RBI सरकार को अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड देने की तैयारी में है, सरकारी खजाने को बड़ी राहत मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/business/big-decision-of-rbi-amid-middle-east-crisis-government-will/article-53283"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t164953.547.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हम </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">कहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस बार केंद्र सरकार को अब तक का सबसे बड़ा लाभांश देने की योजना बना रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस महीने होने वाली </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड की बैठक में इस पर अंतिम फैसला हो सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि यह राशि पिछले साल के रिकॉर्ड को भी पार कर सकती है। जब दुनिया के कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब भारत के सरकारी खजाने में आने वाला ये पैसा एक बड़ी ताकत साबित हो सकता है। आर्थिक मामलों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकार को खर्च बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">दरअसल</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">हर साल अपने सरप्लस फंड का एक हिस्सा केंद्र सरकार को ट्रांसफर करता है। यह प्रक्रिया </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क</span>’ <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी </span>ECF <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत होती है। इसके मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिजर्व बैंक को अपनी बैलेंस शीट का एक हिस्सा जोखिम सुरक्षा फंड के तौर पर अलग रखना होता है। बाकी की राशि सरकार को दी जाती है। पिछले वित्त वर्ष में </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">ने सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इससे पहले यह आंकड़ा 2.11 लाख करोड़ रुपये था। अब जो संकेत मिल रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनके अनुसार इस बार आंकड़ा और बढ़ सकता है। वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विदेशी मुद्रा भंडार से मिली कमाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बॉंड बाजार और ब्याज आय ने </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">की कमाई को मजबूत किया है। यही वजह है कि सरकार को इस बार ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी बैंकों का प्रदर्शन भी सरकार के लिए राहत लेकर आया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने लगातार चौथे साल अच्छा मुनाफा दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इन बैंकों का कुल शुद्ध लाभ लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खराब कर्ज में कमी और लोन ग्रोथ बढ़ने का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। कई सरकारी बैंक अब रिकॉर्ड स्तर पर कमाई कर रहे हैं। इसी वजह से सरकार को </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">से ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बैंकों से भी बड़ा लाभांश मिलने वाला है। बजट में सरकार ने </span>RBI <span lang="hi" xml:lang="hi">और सरकारी बैंकों से 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मौजूदा हालात के मद्देनजर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। आर्थिक जानकार मानते हैं कि अगर वैश्विक हालात और खराब होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब भी भारत के पास खर्च करने के लिए पर्याप्त वित्तीय ताकत बनी रहेगी।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सरकार के लिए यह पैसा इसलिए भी महत्वपूर्ण है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे बिना नए टैक्स लगाए इंफ्रास्ट्रक्चर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण योजनाओं और सामाजिक योजनाओं पर खर्च बढ़ाया जा सकता है। मिडिल ईस्ट संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की स्थिति अभी संतुलित नजर आ रही है। टैक्स कलेक्शन में भी बढ़ोतरी हो रही है और गैर-कर राजस्व लगातार मजबूत हो रहा है। ऐसे में सरकार के पास विकास योजनाओं को जारी रखने का अतिरिक्त स्पेस बनता दिख रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:23:23 +0530</pubDate>
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