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                <title>Rajendra Shukla - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Rajendra Shukla RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डॉक्टर्स डे पर रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल बोले- डॉक्टरों का पेशा जीवन को सार्थक बनाने वाला, समाज में भगवान जैसा सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान, दो पुस्तकों का हुआ विमोचन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/on-doctors-day-deputy-chief-minister-rajendra-shukla-said-in/article-57537"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.00.19-pm-(2).mp4" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">डॉक्टर्स डे के अवसर पर रीवा स्थित श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा सेवा, मानवता और समाज के प्रति डॉक्टरों के समर्पण को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री <strong>राजेंद्र शुक्ल</strong> ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का पेशा केवल एक रोजगार नहीं, बल्कि मानव जीवन को बचाने और उसे नई उम्मीद देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज में डॉक्टरों को भगवान के समान सम्मान इसलिए मिलता है क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में भी लोगों के जीवन की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते हैं।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.00.19-pm-(2).mp4" controls=""></video>
<p>उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी रूप में डॉक्टरों की सेवाओं का लाभ लेता है। जब कोई व्यक्ति बीमारी, दुर्घटना या गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझता है, तब सबसे पहले डॉक्टर ही उसकी उम्मीद बनते हैं। यही कारण है कि चिकित्सा सेवा को समाज में सबसे सम्मानजनक और जिम्मेदारी भरा कार्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का दायित्व केवल उपचार तक सीमित नहीं होता, बल्कि वे मरीजों और उनके परिवारों में विश्वास और आत्मबल भी जगाते हैं।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.00.20-pm.mp4" controls=""></video>
<p>कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पुस्तकों <strong>"दिल की बात"</strong> और <strong>"बच्चों में बढ़ता दृष्टि दोष"</strong> का विधिवत विमोचन किया गया। इन पुस्तकों का लेखन वरिष्ठ चिकित्सक <strong>डॉ. बी.डी. त्रिपाठी</strong> और <strong>डॉ. नेहा त्रिपाठी</strong> ने किया है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इन पुस्तकों को चिकित्सा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सरल भाषा में तैयार की गई ऐसी पुस्तकें आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करेंगी। <strong>"दिल की बात"</strong> पुस्तक में हृदय रोगों, उनके कारणों, बचाव और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। वहीं <strong>"बच्चों में बढ़ता दृष्टि दोष"</strong> पुस्तक में वर्तमान समय में बच्चों में तेजी से बढ़ रही आंखों की समस्याओं, डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग, समय पर जांच और उचित देखभाल के बारे में उपयोगी जानकारी दी गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पुस्तकें जनजागरूकता अभियान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.00.19-pm-(1).mp4" controls=""></video>
<p>कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय से उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान समारोह भी रहा। विभिन्न विशेषज्ञताओं से जुड़े डॉक्टरों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान, मरीजों के प्रति समर्पण और समाज में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले चिकित्सकों ने इसे अपने पूरे चिकित्सा जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी सेवा कार्य को उसी समर्पण के साथ जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, लेकिन डॉक्टरों की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण आज भी चिकित्सा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, आधुनिक उपकरण और उन्नत उपचार पद्धतियां तभी प्रभावी होती हैं जब उनके पीछे सेवा भाव और मरीज के प्रति समर्पण की भावना हो। उन्होंने युवाओं से भी चिकित्सा क्षेत्र को सेवा का माध्यम मानकर आगे आने का आह्वान किया। उनका कहना था कि डॉक्टर बनना केवल एक पेशा चुनना नहीं बल्कि समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार करना है। आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित और संवेदनशील डॉक्टरों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/2026-07/whatsapp-video-2026-07-01-at-3.00.19-pm.mp4" controls=""></video>
<p>कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने, संतुलित आहार अपनाने और नियमित व्यायाम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कई गंभीर बीमारियों से केवल जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से बचा जा सकता है। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्याओं को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने भी डॉक्टरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा केवल शरीर का उपचार नहीं करती, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी लोगों को नई ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सेवा, करुणा और सकारात्मक सोच किसी भी डॉक्टर की सबसे बड़ी पहचान होती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज के शिक्षक, मेडिकल छात्र, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान डॉक्टरों की सेवा भावना, चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियों और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर सार्थक चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने भी वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम चिकित्सा सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना। डॉक्टरों के अनुभव और आमजन की जागरूकता मिलकर ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। ऐसे आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों का उत्साह बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी सेवा और समर्पण की प्रेरणा देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया योग, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रीवा के खेल परिसर में सामूहिक योग कार्यक्रम। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने योग, प्राणायाम और ध्यान को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/deputy-chief-minister-rajendra-shukla-did-yoga-in-rewa-and/article-56543"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/rewa-deputy-cm-rajendra-shukla-performs-yoga-on-international-yoga-day,-urges-people-to-make-pranayama,-meditation-part-of-life-(1).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खेल परिसर में सामूहिक योग कार्यक्रम, सैकड़ों लोगों ने लिया हिस्सा</strong></p>
<p dir="ltr">अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह रीवा के खेल परिसर में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने योग कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। उनके साथ रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, रीवा आईजी गौरव राजपूत, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।</p>
<p dir="ltr">योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान किया। पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। लोगों ने अनुशासन और एकाग्रता के साथ योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।</p>
<p dir="ltr">उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। "यदि व्यक्ति को निरोगी काया और स्वस्थ मन चाहिए तो उसे प्रतिदिन योग करना चाहिए। नियमित योग से शरीर स्वस्थ रहता है और मानसिक तनाव भी दूर होता है।"</p>
<p dir="ltr">उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर है। आज पूरी दुनिया इसकी महत्ता को समझ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है।</p>
<p dir="ltr">"योग हमारी प्राचीन भारतीय विधा है। यदि स्वस्थ रहना है तो योग, प्राणायाम और ध्यान को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। आज पूरी दुनिया भारत की इस परंपरा को अपना रही है, यह हमारे लिए गर्व की बात है," राजेंद्र शुक्ल ने कहा।</p>
<p dir="ltr">उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और बीमारियों के बीच योग, प्राणायाम और ध्यान को बेहद आवश्यक बताया। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें और परिवार व समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।</p>
<p dir="ltr">"स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है," उन्होंने कहा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:35:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक आज, तबादला अवधि बढ़ाने और स्वास्थ्य नीति पर बड़ा फैसला संभव</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मिल सकती है मंजूरी, इंदौर मेट्रो, वन्यजीव पर्यटन और संविदा कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/chief-ministers-cabinet-meeting-today-big-decision-possible-on-extension/article-56076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-cabinet-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार की मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण फैसलों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रस्तावों के साथ-साथ तबादला अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी फैसला लिया जा सकता है। राज्य के विभिन्न विभागों और कर्मचारियों की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है क्योंकि कई ऐसे प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं जिनका सीधा असर प्रशासनिक व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है। कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए नई नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस प्रस्ताव के तहत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। सरकार इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि प्रदेश के कई हिस्सों में निजी और सामाजिक संस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे में यदि उन्हें आवश्यक संसाधन और सहयोग दिया जाता है तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा। उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल के विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अब अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती तथा चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं पहले से संचालित हैं। ऐसे में नई स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति को सरकार की स्वास्थ्य सुधार रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा तबादला अवधि को लेकर है। राज्य सरकार ने इस वर्ष एक जून से 15 जून तक स्थानांतरण की अवधि निर्धारित की थी। हालांकि कई विभागों में अब तक तबादलों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि कई मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों ने तबादला अवधि बढ़ाने की मांग रखी है ताकि लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले कई बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि इस बार तबादला अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके बावजूद प्रशासनिक जरूरतों और विभागों की मांग को देखते हुए कैबिनेट में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना बनी हुई है। यदि अवधि बढ़ाने का फैसला होता है तो हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका लाभ मिल सकता है। वहीं यदि सरकार अपने पुराने रुख पर कायम रहती है तो स्थानांतरण प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर ही समाप्त मानी जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजनाओं में शामिल इंदौर मेट्रो को लेकर सरकार पहले ही कई चरणों में मंजूरी दे चुकी है। अब परियोजना की लागत में संशोधन के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की गति और तेज हो सकती है। वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के कारण वन्यजीव पर्यटन का बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है। सरकार इन योजनाओं को आगे बढ़ाकर पर्यटन और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन देना चाहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा गांवों के पुनर्वास से जुड़े मामलों में मुआवजा स्वीकृति पर भी चर्चा होने की संभावना है। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने और स्थानीय निधि संपरीक्षा से संबंधित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासनिक दृष्टि से यह फैसले महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इनका असर बड़ी संख्या में हितग्राहियों पर पड़ता है। कैबिनेट के एजेंडे में रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन से जुड़ा एक पायलट प्रोजेक्ट भी शामिल है। प्रस्ताव के अनुसार इन केंद्रों का संचालन आउटसोर्स प्रणाली के माध्यम से किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सामाजिक न्याय विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। इसके तहत विभाग की शासकीय संस्थाओं में मानदेय के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को विशेष प्रकरण मानते हुए संविदा कर्मचारी घोषित करने पर विचार किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो संबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है। मंगलवार की कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण बेहद अहम मानी जा रही है। स्वास्थ्य नीति, तबादला अवधि, इंदौर मेट्रो, पर्यटन, पुनर्वास और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर होने वाले फैसले आने वाले समय में प्रदेश की प्रशासनिक और विकास संबंधी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिल्हा के सुशासन तिहार में भिड़े नेता, मंच पर शुरू हुआ विवाद बना राजनीतिक मुद्दा</title>
                                    <description><![CDATA[कृषक संगोष्ठी के दौरान बैनर में नाम और फोटो को लेकर शुरू हुई बहस ने तूल पकड़ा, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और विधायक धरमलाल कौशिक के समर्थक भी आमने-सामने आए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/leaders-clash-in-bilhas-good-governance-tihar-controversy-started-on/article-54555"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bilha-sushasan-tihar.jpg" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया जब मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा करना था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल पूरी तरह बदल गया। देखते ही देखते दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई नोकझोंक ने राजनीतिक रंग ले लिया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान किसानों के मुद्दों से हटकर विवाद पर केंद्रित हो गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम बिल्हा क्षेत्र के गोड़ी गांव में पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण यहां पहुंचे थे। शिविर में सड़क, बिजली, पानी, खाद और सिंचाई जैसी समस्याओं पर चर्चा हो रही थी। किसान भी खुलकर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान मंच पर लगाए गए बैनर में नाम और फोटो को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आया, जो कुछ ही समय में बहस में बदल गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पहले इसे सामान्य राजनीतिक असहमति माना, लेकिन बाद में स्थिति लगातार गर्म होती चली गई।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों नेताओं के समर्थक भी अपनी-अपनी बात को लेकर सक्रिय हो गए। माहौल ऐसा बन गया कि कुछ समय के लिए कार्यक्रम की व्यवस्था प्रभावित होती दिखाई दी। हालांकि वहां मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। कार्यक्रम में शामिल कई किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन राजनीतिक विवाद ने पूरे आयोजन का केंद्र बदल दिया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन नेताओं के बीच विवाद के कारण वह मुद्दा पीछे छूट गया।</p>
<p>घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच के पास काफी हलचल दिखाई दे रही है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस का माहौल नजर आता है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की स्थिति से बचा जाना चाहिए।</p>
<p>पंचायत और ग्रामीण स्तर के कार्यक्रम अक्सर स्थानीय राजनीति का केंद्र बन जाते हैं। ऐसे आयोजनों में विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी के कारण कई बार श्रेय लेने या राजनीतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर विवाद की स्थिति बन जाती है। बिल्हा की घटना को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि अब तक किसी पक्ष की ओर से इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल वीडियो ने मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया है।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम के बीच किसानों के मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, खाद की उपलब्धता और पेयजल जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। ग्रामीणों का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे में वे चाहते हैं कि जनप्रतिनिधि राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर स्थानीय समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस घटना पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:57:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऊर्जा बचत की पहल, डिप्टी CM ने काफिले से हटाए फॉलो-पायलट वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ईंधन बचत के लिए अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहन हटाए, पीएम मोदी की अपील का असर दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/energy-saving-initiative-deputy-cm-removed-follow-pilot-vehicles-from-the/article-53380"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t182358.287.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम ईंधनों की बचत की अपील का असर मध्यप्रदेश में नजर आने लगा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहनों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इस व्यवस्था में शामिल स्टाफ को भी मुक्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम केंद्र से मिले निर्देशों के बाद उठाया गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया है। यह पर्यावरण</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की बात कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आवश्यक है कि लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सरकारी पहल होने पर ही इसका असर आम जनता तक पहुंचेगा। इस वक्त जब दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ईंधन की बचत और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें। छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और अगर संभव हो तो एक ही वाहन में अधिक लोग यात्रा करें। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार भविष्य में ऊर्जा संरक्षण को लेकर विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चला सकती है। फिलहाल उपमुख्यमंत्री के इस निर्णय को सरकार की उस कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग खुद उदाहरण पेश करने की बात कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले समय में अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सरकार का मानना है कि जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह बनाए रखे जाएंगे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंचों पर ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की बात की थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मध्यप्रदेश में कई स्तरों पर हलचल देखने को मिली। हाल ही में कुछ मंत्री ट्रेन से यात्रा करते हुए भी नजर आए थे। अब उपमुख्यमंत्री द्वारा फॉलो और पायलट वाहन हटाने का निर्णय उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए और कदम उठा सकती है। फिलहाल इस फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है और इसे आम जनता तक संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 09:41:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की अपील के बाद एमपी में घटे वीआईपी काफिले, सीएम सिर्फ 7 गाड़ियों में निकले</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद एमपी में सीएम मोहन यादव और मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे किए, कई विभागों में नए निर्देश जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/after-pm-modis-appeal-vip-convoy-reduced-in-mp-cm/article-53292"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t175659.021.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">पीएम मोदी की अपील के बाद मध्यप्रदेश में वीआईपी काफिलों की संख्या में कमी आई है। मंगलवार को जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना हुए</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उनका काफिला पहले के मुकाबले काफी छोटा नजर आया। आमतौर पर सीएम के साथ लगभग 13 गाड़ियां होती थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार सिर्फ सात गाड़ियां ही उनके साथ थीं। एयरपोर्ट रोड पर जब उनका काफिला गुजरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लोगों की नजरें उसी पर टिक गईं। प्रशासनिक सर्कलों में भी इस पर चर्चा होती रही। सरकार ने ईंधन की बचत को लेकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खासकर जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें और सप्लाई पर दबाव बना हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो राज्य सरकार इसे एक संदेश के रूप में भी देख रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सीएम के बाद अब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने भी अपने विभाग में गाड़ियों के कम इस्तेमाल की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यक्रमों और दौरे के दौरान अतिरिक्त वाहनों का उपयोग न किया जाए। शुरुआती जानकारी के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में अब साझा वाहन सिस्टम और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में विभागीय बैठकों और फील्ड विजिट में भी सीमित गाड़ियों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने ये भी कहा कि ईंधन बचत सिर्फ आर्थिक पहलू नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग का भी मुद्दा उठाया। सरकार इसे जन जागरूकता अभियान से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। मंत्रालय के कई अधिकारियों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट में अक्सर जरूरत से ज्यादा वाहन शामिल होते हैं और इसे कम करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक तरफ खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी मंगलवार को केवल एक कार में मंत्रालय पहुंचे। उनके पास न तो पायलेट वाहन था और न ही कोई लंबा फॉलो काफिला। मंत्रालय के बाहर मौजूद लोगों के बीच इस पर चर्चा होती रही। मंत्री सारंग ने कहा कि पीएम मोदी की अपील देश और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए सभी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी कहा कि जहां जरूरी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां निजी वाहनों का कम उपयोग करें। देर शाम तक सोशल मीडिया पर सीएम और मंत्रियों के छोटे काफिलों की तस्वीरें वायरल होती रहीं। कुछ लोग इसे सकारात्मक पहल कह रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ इसे सिर्फ प्रतीकात्मक कदम मान रहे हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:26:57 +0530</pubDate>
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