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                <title>NSUI - दैनिक जागरण</title>
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                <description>NSUI RSS Feed</description>
                
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                <title>छत्तीसगढ़ में NSUI संगठनात्मक चुनाव का ऐलान, कैंपस से चुना जाएगा नया नेतृत्व</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी और निजी कॉलेजों में पहले चरण में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव होगा, इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि नई संगठनात्मक टीम का चयन करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/nsui-organizational-elections-announced-in-chhattisgarh-new-leadership-will-be/article-58076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/chhattisgarh-nsui-election.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने लंबे समय बाद संगठनात्मक चुनाव कराने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस फैसले के साथ राज्यभर के सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति एक बार फिर सक्रिय होती नजर आएगी। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने का फैसला लिया है। पहले चरण में सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक चुनाव होंगे। एनएसयूआई का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए संगठन में नेतृत्व नीचे से ऊपर की ओर तैयार किया जाएगा, जिससे सक्रिय छात्र नेताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। चुनाव की घोषणा के बाद विभिन्न कॉलेजों में छात्र संगठनों के बीच हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संगठन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के कैंपस अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। मतदान के आधार पर जिस उम्मीदवार को जीत मिलेगी, उसी के नेतृत्व में संबंधित संस्थान की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएंगी। एनएसयूआई का मानना है कि इससे कॉलेज स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां मजबूत होंगी और छात्रों को सीधे नेतृत्व का अनुभव मिलेगा। कैंपस अध्यक्ष और उनकी टीम कॉलेज की समस्याओं को संगठन के सामने रखने के साथ-साथ छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूसरे चरण की प्रक्रिया पहले चरण से पूरी तरह जुड़ी होगी। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव में वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे जो अपने-अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में कैंपस अध्यक्ष चुने जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला और प्रदेश संगठन के चुनाव में मतदान का अधिकार भी केवल निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को ही मिलेगा। यानी संगठन की पूरी नेतृत्व प्रक्रिया कैंपस स्तर से शुरू होकर जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचेगी। एनएसयूआई का कहना है कि इससे संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और नेतृत्व का चयन सीधे जमीनी स्तर से होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चुनाव लड़ने के लिए संगठन ने कुछ स्पष्ट नियम भी तय किए हैं। उम्मीदवार की आयु 16 वर्ष से कम और 27 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का छात्र होना अनिवार्य होगा। संगठन ने यह भी साफ किया है कि यूथ कांग्रेस की तरह कैंपस के बाहर सदस्यता अभियान नहीं चलाया जाएगा। केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से ही सदस्यता दी जाएगी। सदस्यता शुल्क तीन वर्षों के लिए 45 रुपये निर्धारित किया गया है। संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से केवल वास्तविक छात्र ही चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे और छात्र राजनीति को शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रखा जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एनएसयूआई ने यह भी बताया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रक्रिया वहीं समाप्त नहीं होगी। निर्वाचित प्रतिनिधियों की पहले स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें उनके दस्तावेज, सदस्यता और पात्रता की जांच होगी। इसके बाद उम्मीदवारों का इंटरव्यू भी लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य संगठन में सक्रिय, योग्य और जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को आगे लाना है। स्क्रूटनी और इंटरव्यू के आधार पर ही जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इससे नेतृत्व चयन में पारदर्शिता बनी रहेगी और संगठनात्मक गुणवत्ता भी मजबूत होगी।एनएसयूआई का कहना है कि नई चुनाव प्रणाली का उद्देश्य केवल पदाधिकारियों का चयन करना नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को तैयार करना भी है। कैंपस स्तर पर चुने गए प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर दिए जाएंगे। इससे वे आगे चलकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हो सकेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                            <category>रायपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 12:54:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस आक्रामक, हाईकोर्ट और सड़क दोनों मोर्चों पर लड़ाई की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव में नामांकन खारिज होने के खिलाफ कांग्रेस 15 से 17 जून तक प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी, वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी भी तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/if-meenakshi-natarajans-nomination-is-rejected-congress-is-preparing-to/article-55924"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/meenakshi-natarajan-(5).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद अब यह मामला केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और इसके खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष करेगी। पार्टी ने एक ओर जहां मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति भी तैयार कर ली है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस नेताओं के अनुसार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और पार्टी इसे न्यायिक मंच पर चुनौती देगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ बैठकों का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं की राय ली जा रही है और चुनाव याचिका का मसौदा तैयार किया जा रहा है। मीनाक्षी नटराजन भी इन दिनों दिल्ली में हैं और कानूनी प्रक्रिया को लेकर पार्टी नेतृत्व के संपर्क में बनी हुई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस की रणनीति केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है। पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच भी ले जाने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में 15 जून से 17 जून तक प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। कांग्रेस का मानना है कि इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन दिलाने के लिए जनता के बीच जाना आवश्यक है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नामांकन निरस्त होने की कार्रवाई ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए हैं और इसी कारण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आंदोलन की शुरुआत 15 जून को यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से होगी। पार्टी के युवा कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके अगले दिन 16 जून को कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई मैदान में उतरेगी। छात्र संगठन के कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करेंगे और सरकार तथा चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाएंगे। 17 जून को महिला कांग्रेस आंदोलन की कमान संभालेगी। महिला कार्यकर्ता भी इस मामले को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताएंगी। कांग्रेस इस मुद्दे को केवल कानूनी विवाद के रूप में नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष के रूप में भी प्रस्तुत करना चाहती है। पार्टी को उम्मीद है कि इस मुद्दे के जरिए वह कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सकेगी और राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद को जनचर्चा का विषय बना पाएगी। दूसरी ओर भाजपा इस पूरे मामले को चुनावी प्रक्रिया के तहत लिया गया वैधानिक निर्णय बता रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस विवाद के बीच कांग्रेस की नजर अब हाईकोर्ट पर टिकी हुई है। पार्टी का प्रयास है कि अगले सप्ताह के भीतर चुनाव याचिका दायर कर दी जाए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस चाहती है कि 21 जून से पहले इस मामले में किसी प्रकार की राहत मिल जाए। इसका कारण यह है कि इसके बाद राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित भाजपा उम्मीदवारों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कांग्रेस की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि समय रहते कानूनी हस्तक्षेप नहीं हुआ तो मामला और जटिल हो सकता है। पार्टी इसीलिए हर कानूनी पहलू का गहन अध्ययन कर रही है। चुनाव कानून के जानकारों से सलाह ली जा रही है ताकि याचिका को मजबूत आधार पर अदालत में पेश किया जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि नियमानुसार चुनाव की घोषणा के 45 दिनों के भीतर चुनाव याचिका दायर की जा सकती है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी के बजाय पूरी तैयारी की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इससे पहले कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। हालांकि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका को निरस्त कर दिया था। इसके अलावा निर्वाचन आयोग से भी कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली। इन घटनाक्रमों के बाद अब पार्टी की उम्मीदें हाईकोर्ट पर टिक गई हैं। कांग्रेस का मानना है कि अदालत में पूरे मामले की विस्तार से सुनवाई होने पर उसे न्याय मिल सकता है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा बता रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा में रह सकता है क्योंकि सड़क पर आंदोलन और अदालत में कानूनी चुनौती दोनों एक साथ आगे बढ़ने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:25:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रीवा में NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन, जांच की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[रीवा में NEET पेपर लीक मामले को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कॉलेज चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/students-protest-against-neet-paper-leak-in-rewa-demand-investigation/article-53295"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t180917.565.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक के मामले को लेकर बुधवार को छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। कॉलेज चौराहे पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। टीआरएस महाविद्यालय के एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा की अगुवाई में इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। दोपहर के समय शुरू हुए इस विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन का एक पुतला भी फूंका। कॉलेज चौराहे पर माहौल काफी गर्म हो गया और वहां भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि हर बार प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही गड़बड़ियों की वजह से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक को लेकर छात्रों में नाराजगी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बुधवार को खुलकर सामने आई।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एनएसयूआई अध्यक्ष नितकर्ष मिश्रा ने कहा कि </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें आना बहुत गंभीर बात है। उन्होंने बताया कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहद मेहनत करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती छात्रों को होता है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र हाथों में तख्तियां लिए हुए थे। कुछ छात्र नारे लगा रहे थे </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक बंद करो</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो।</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">मौके पर मौजूद छात्रों ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में महीनों की मेहनत लगती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पेपर लीक की घटनाएं पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर देती हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस बल भी एहतियातन वहां तैनात रहा ताकि स्थिति बिगड़ न सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छात्रों ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना जरूरी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सभी कार्यकर्ता शांति से वहां से हट गए। फिर भी छात्रों के बीच नाराजगी अभी भी बरकरार है। कई छात्रों ने कहा कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आंदोलन और बड़ा किया जा सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:14 +0530</pubDate>
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