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                <title>Politics News - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Politics News RSS Feed</description>
                
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                <title>20 जुलाई से शुरू होगा मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[पांच दिवसीय सत्र में सरकार पेश करेगी पहला अनुपूरक बजट, UCC और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी रह सकती है चर्चा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/monsoon-session-of-madhya-pradesh-assembly-will-start-from-july/article-56112"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-assembly.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 से 24 जुलाई तक पांच दिवसीय सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस दौरान राज्य सरकार वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सत्र को लेकर प्रशासनिक और विधायी स्तर पर तैयारियां भी तेज हो गई हैं। विधानसभा के नियमों के अनुसार किसी भी सत्र के आयोजन से कम से कम एक माह पहले उसकी अधिसूचना जारी करना आवश्यक माना जाता है। इसी क्रम में 19 जून तक मानसून सत्र की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद विधायकों को प्रश्न, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अन्य विषयों से संबंधित सूचनाएं देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार सदन में चर्चा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियम 139 के तहत होने वाली चर्चाओं और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए समय सीमा तय करने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार के लिए यह सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वित्त विभाग पहले ही विभिन्न विभागों से अतिरिक्त बजटीय आवश्यकताओं के प्रस्ताव मंगवा चुका है। इन प्रस्तावों का परीक्षण और अध्ययन जारी है, जिसके आधार पर पहला अनुपूरक बजट तैयार किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बजट में अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का प्रयास रहेगा कि चल रही प्रमुख योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">मानसून सत्र में स्वामित्व योजना भी प्रमुख विषयों में शामिल रह सकती है। राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लाखों लोगों को संपत्ति संबंधी अधिकार देने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित संशोधनों के माध्यम से 48 लाख से अधिक अधिकार पत्रधारकों को आवास या भूखंड का स्वामित्व प्रदान करने के लिए निशुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था को कानूनी आधार देने की तैयारी है। इसके लिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम और मध्य प्रदेश उपकर अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण नागरिकों को संपत्ति संबंधी अधिकारों में मजबूती मिलेगी और विवादों में कमी आएगी। सत्र के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी का मुद्दा भी चर्चा में रह सकता है। राज्य सरकार ने इस विषय पर सुझाव आमंत्रित करने के लिए 15 जून तक का समय दिया था। अब सुझाव प्राप्त होने के बाद सरकार उनके अध्ययन और विश्लेषण की प्रक्रिया में जुट गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई सार्वजनिक मंचों से यूसीसी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुके हैं। माना जा रहा है कि यूसीसी पर गठित पांच सदस्यीय समिति की प्रारंभिक सिफारिशों और सुझावों को मानसून सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखा जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि यूसीसी लागू करने के विषय में व्यापक सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आदिवासी समुदायों की विशेष परिस्थितियों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अलग दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यूसीसी से जुड़ा कोई प्रारूप सदन में आता है तो इस पर व्यापक बहस देखने को मिल सकती है। उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े विधेयक भी मानसून सत्र के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। राज्य सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार और नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलावों को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों से जुड़े कुछ संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। हालांकि इन प्रस्तावों की अंतिम रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। विपक्ष भी मानसून सत्र को लेकर रणनीति तैयार कर रहा है। प्रदेश में किसानों, बिजली, पानी, बेरोजगारी, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। दूसरी ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सदन के माध्यम से जनता के सामने रखने का प्रयास करेगी। ऐसे में पांच दिन का यह सत्र राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। मानसून सत्र में बजट, स्वामित्व योजना, यूसीसी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर होने वाली चर्चा आने वाले महीनों की राजनीतिक दिशा तय कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:52:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>योगी बोले- मारीच और सुबाहु भी लैंड जिहाद में थे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ में रामभद्राचार्य की श्रीरामकथा में पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा- राम का जीवन आज भी समाज के लिए आदर्श, लव जिहाद और सामाजिक चुनौतियों पर भी रखी बात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/yogi-said-marich-and-subahu-were-also-involved-in-land/article-55451"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/yogi-adityanath-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लखनऊ में आयोजित जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीरामकथा के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से उन्हें जोड़ने की कोशिश की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने वाला आदर्श भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में भी राम के जीवन से कई महत्वपूर्ण सीख ली जा सकती हैं और समाज की अनेक समस्याओं का समाधान उनके आदर्शों में दिखाई देता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रामायण के पात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भगवान राम वनवास के दौरान दंडकारण्य पहुंचे थे, तब वहां खर-दूषण, मारीच और सुबाहु जैसे राक्षसों का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि ये शक्तियां साधु-संतों को उनके स्थानों से हटाने का काम करती थीं। इसी संदर्भ में उन्होंने मारीच और सुबाहु को लैंड जिहाद से जोड़ते हुए टिप्पणी की। योगी ने कहा कि जब भी नकारात्मक शक्तियां समाज में प्रभाव बढ़ाती हैं, तब विनाश और अव्यवस्था का माहौल बनता है। रामकथा ऐसे ही प्रसंगों के माध्यम से समाज को सजग रहने का संदेश देती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने अपने जीवन में नारी सम्मान और मर्यादा की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब लव जिहाद जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है, तब राम का जीवन एक आदर्श उदाहरण के रूप में सामने आता है। उनके अनुसार श्रीराम ने अपने आचरण से यह दिखाया कि समाज में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से रामकथा को केवल सुनने तक सीमित न रखने बल्कि उसके संदेशों को जीवन में उतारने का आग्रह किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने भी भगवान राम को अपने जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ। वहीं जो लोग राम के मार्ग से भटके, उनका इतिहास में सम्मानजनक स्थान नहीं बच पाया। उन्होंने रावण, मारीच और अन्य पात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि उच्च कुल में जन्म लेने के बावजूद गलत रास्ता अपनाने वालों का अंत अच्छा नहीं हुआ। दूसरी ओर विभीषण और हनुमान जैसे पात्र आज भी श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किए जाते हैं क्योंकि उन्होंने धर्म और सत्य का साथ चुना।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मूल्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी आस्था, संस्कृति और परंपराओं से है। जो लोग भारत के प्रति निष्ठा और यहां की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान नहीं रखते, उन्हें देश की भावना को समझने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जाति, धर्म और अन्य आधारों पर बांटने की कोशिशें समय-समय पर होती रही हैं, लेकिन संत परंपरा हमेशा लोगों को जोड़ने का काम करती रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों तक संतों और श्रद्धालुओं ने भगवान राम के जन्मस्थान के लिए संघर्ष किया। यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ऐसा नाम हैं जो उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को जोड़ने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि राम भारतीय समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र में बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मध्यकाल में गोस्वामी तुलसीदास ने समाज को जागरूक करने और एकजुट करने का कार्य किया था, उसी प्रकार आज रामभद्राचार्य समाज में आध्यात्मिक चेतना फैलाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आधुनिक युग का प्रेरक संत बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। चित्रकूट में दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना इसका उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रामभद्राचार्य को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों के बीच कुछ देर चर्चा भी हुई। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और समापन दिवस के अवसर पर धार्मिक माहौल देखने को मिला। आयोजन के दौरान रामकथा के माध्यम से समाज, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों पर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए, जिन पर श्रद्धालुओं ने भी अपनी सहमति जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 17:41:32 +0530</pubDate>
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                <title>मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगी UCC, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनता से मांगे सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार ने तेज की प्रक्रिया, विभिन्न धर्मों और समाजों से राय जुटा रही समिति]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/6a1fccc85ab1f/article-54835"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/madhya-pradesh-ucc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने की तैयारी चल रही है और इसके लिए गठित समिति विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों तथा आम नागरिकों से सुझाव प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया है। सरकार का मानना है कि जनता की भागीदारी से तैयार होने वाला प्रारूप अधिक प्रभावी और व्यापक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समय के साथ समाज में कई बदलाव आए हैं और अब विभिन्न सामाजिक तथा पारिवारिक मामलों में एक समान व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर प्रदान करना है। सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण कदम देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर सकारात्मक वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समिति लगातार लोगों से संवाद कर रही है और उनके विचारों को सुन रही है। सरकार चाहती है कि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि तैयार होने वाला प्रारूप समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की राय सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसी भावना के साथ सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा गठित समिति का नेतृत्व न्यायिक और विधिक अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों को सौंपा गया है। समिति विभिन्न जिलों में जाकर सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, महिलाओं के समूहों, युवा प्रतिनिधियों और अन्य वर्गों से चर्चा कर रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह समझना है कि प्रदेश के नागरिक समान नागरिक संहिता को किस रूप में देखते हैं और वे इसमें क्या अपेक्षाएं रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। उनका मानना है कि जब सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था होगी तो प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और प्रभावी बनेंगी। साथ ही नागरिकों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी भी मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ने यूसीसी से जुड़े सुझाव प्राप्त करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से नागरिक अपने विचार और सुझाव सीधे समिति तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और प्रदेश के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय अवश्य दें। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ एक संतुलित और व्यवहारिक व्यवस्था तैयार की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। इस पहल को प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन और जनहित से जुड़े अनेक कार्य किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठा रही है। समान नागरिक संहिता को भी इसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश विकास और सामाजिक समरसता के नए मानक स्थापित करे।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में यूसीसी को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच बड़ी संख्या में लोग अपने सुझाव देने में रुचि दिखा रहे हैं। विभिन्न सामाजिक मंचों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इस विषय पर संवाद हो रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह की भागीदारी से नीति निर्माण की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होती है। यही कारण है कि सुझाव लेने की प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश लंबे समय से प्रशासनिक नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में समान नागरिक संहिता को लेकर शुरू की गई यह पहल भी व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जनता के सहयोग और सुझावों के आधार पर तैयार होने वाला ढांचा प्रदेश के विकास और सामाजिक एकता को नई दिशा देगा। समिति विभिन्न जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है और सुझावों का संग्रह जारी है। आने वाले समय में इस प्रक्रिया के और तेज होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि जनता की भागीदारी के साथ तैयार होने वाली यह पहल मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। प्रदेश के नागरिक भी उत्सुकता के साथ इस प्रक्रिया को देख रहे हैं और अपने विचार साझा कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:33:29 +0530</pubDate>
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                <title>फाल्टा सीट पर मतगणना जारी, BJP-TMC में किसके खाते में जाएगी जीत</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतगणना जारी है। भाजपा ने बड़ी जीत का दावा किया, जबकि TMC उम्मीदवार पहले ही चुनाव से हट चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/counting-of-votes-continues-on-falta-seat-who-will-win/article-54125"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/west-bengal-falta-seat-assembly-elections-bjp-tmc.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज सुबह से पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती चल रही है और पूरे राज्य की निगाहें इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई हैं। ये सीट दक्षिण 24 परगना जिले में है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां 21 मई को फिर से मतदान हुआ था। इसके पहले 29 अप्रैल को हुए चुनाव में गड़बड़ी और धांधली की शिकायतें आई थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके चलते चुनाव आयोग ने री-पोल का निर्णय लिया। शनिवार सुबह 8 बजे से डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय में मतगणना शुरू हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शुरुआती दौर से ही राजनीतिक दलों के समर्थकों की काफी भीड़ देखी जा रही है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट को इस बार बंगाल की प्रमुख सीटों में माना जा रहा है। यहाँ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मतदान से ठीक दो दिन पहले टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया। इसके बाद से भाजपा लगातार अपनी जीत का दावा कर रही है। भाजपा नेता दिलीप घोष का कहना है कि फाल्टा में कोई मुकाबला नहीं रह गया है और जनता का मूड बिलकुल साफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के डर से टीएमसी ने पीछे हटने का फैसला किया। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीएमसी की ओर से इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मतगणना स्थल के बाहर सुरक्षा कड़ी है। पुलिस और केंद्रीय बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि हर राउंड की गिनती पर ध्यान रखा जा रहा है और किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही समर्थकों के बीच अलग-अलग राउंड के नतीजों को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ जगहों पर भाजपा समर्थक शुरुआती बढ़त की बातें कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन चुनाव आयोग ने अंतिम नतीजों का इंतजार करने को कहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट पर कुल छह उम्मीदवार हैं। भाजपा ने देबांग्शु पांडा को मैदान में उतारा है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं कांग्रेस ने अब्दुर रज्जाक मुल्ला और सीपीएम ने संभूनाथ कुर्मी को चुनाव लड़ाया है। इसके अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं। टीएमसी उम्मीदवार के हटने के बाद मुकाबले का समीकरण बदल गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम भविष्य में बंगाल की राजनीति पर असर डाल सकता है।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान में करीब 88 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भारी गर्मी के बावजूद लोगों में मतदान के प्रति उत्साह दिखाई दिया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें थीं। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी अच्छी भागीदारी की। अब शाम तक फाइनल नतीजे आने की उम्मीद है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा यहां जीत हासिल करती है या मुकाबला आखिरी दौर तक चलेगा।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:05:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की होगी ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में निगम-मंडल अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की ट्रेनिंग आयोजित, CM मोहन यादव देंगे अधिकार और जिम्मेदारियों की जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/corporation-and-board-officials-will-be-trained-in-bhopal-cm/article-53639"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/madhya-pradesh-cm-mohan-yada-administrative-training-program.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश में हाल ही में निगम</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">मंडल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त किए गए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के लिए सोमवार को भोपाल में एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा जा रहा है। ये कार्यक्रम राजधानी के अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में सुबह </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे शुरू होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। खबरों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार इस ट्रेनिंग के जरिए नए पदाधिकारियों को उनके अधिकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में साफ-साफ जानकारी देना चाहती है। इस कार्यक्रम में कुल </span>63<span lang="hi" xml:lang="hi"> गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। ट्रेनिंग करीब दोपहर </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे तक चलेगी।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">18<span lang="hi" xml:lang="hi"> विभागों के अपर मुख्य सचिव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। अधिकारी विभिन्न विषयों पर प्रजेंटेशन देंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें निगम-मंडलों का कामकाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फाइनेंशियल मैनेजमेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक सीमाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शासन व्यवस्था और विभागीय समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों की पदभार ग्रहण के दौरान निकाली गई रैलियों और शक्ति प्रदर्शन को लेकर पार्टी में नाराजगी देखी गई थी। ये मामला दिल्ली तक पहुंचने के बाद बीजेपी संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस घटनाक्रम के बाद सरकार और संगठन दोनों कोशिश कर रहे हैं कि आगे ऐसी स्थिति न बने। ट्रेनिंग प्रोग्राम में इस बात पर जोर रहेगा कि निगम-मंडल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र को समझें और विभागीय मंत्रियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव से बचें। अधिकारियों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई बार नए पदाधिकारी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सीमाओं को पूरी तरह नहीं समझते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए इस ट्रेनिंग को सिर्फ एक औपचारिकता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और समन्वय का अभ्यास माना जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 09:39:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचत अपील के बाद सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में कैबिनेट बैठक पहुंचे, कई राज्यों में असर दिखने लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-gave-a-big-message-in-a-convoy-of/article-53296"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t182012.126.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानसेवक की मिसाल</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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