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                <title>Energy Conservation - दैनिक जागरण</title>
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                <description>Energy Conservation RSS Feed</description>
                
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                <title>MP Govt Austerity Rules: मध्य प्रदेश में सरकारी खर्च पर नई पाबंदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">सरकारी खर्च में बड़ी कटौती और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए सरकारी आदेश के तहत, अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और सचिव स्तर के शीर्ष अधिकारियों को सरकारी खर्चे पर दिल्ली, गुजरात या देश-विदेश के किसी भी हिस्से में यात्रा करने से पहले मुख्य सचिव (Chief Secretary) से अनिवार्य रूप से लिखित अनुमति लेनी होगी।</p>
<p dir="ltr">वहीं, मध्यम और कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों को राज्य से बाहर किसी भी शासकीय दौरे पर जाने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/mp-govt-austerity-rules-new-restrictions-on-government-expenditure-in/article-56582"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/mp-government-issues-austerity-decree-official-visits-beyond-state-borders-now-require-prior-sanction,-focus-shifts-to-minimizing-edible-oil-consumption-(2).jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">सरकारी खर्च में बड़ी कटौती और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए सरकारी आदेश के तहत, अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और सचिव स्तर के शीर्ष अधिकारियों को सरकारी खर्चे पर दिल्ली, गुजरात या देश-विदेश के किसी भी हिस्से में यात्रा करने से पहले मुख्य सचिव (Chief Secretary) से अनिवार्य रूप से लिखित अनुमति लेनी होगी।</p>
<p dir="ltr">वहीं, मध्यम और कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों को राज्य से बाहर किसी भी शासकीय दौरे पर जाने के लिए अपने-अपने विभागीय सचिव की पूर्व मंजूरी लेना आवश्यक कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।</p>
<h3 dir="ltr">फिजिकल मीटिंग्स पर रोक, अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चलेंगे सरकारी काम</h3>
<p dir="ltr">प्रशासनिक कामकाज के पारंपरिक तरीकों को बदलते हुए सरकार ने साफ किया है कि विभागीय बैठकों, कार्यशालाओं, ट्रेनिंग प्रोग्राम और सेमिनारों को अब ज्यादा से ज्यादा डिजिटल माध्यमों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही निपटाया जाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिस भी काम को ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है, उसके लिए अनावश्यक यात्राओं और दफ्तरों में भौतिक मौजूदगी से पूरी तरह बचा जाए।</p>
<p dir="ltr">इसके साथ ही, सरकारी महकमे में पर्यावरण अनुकूल आदतों को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के लिए निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन, बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।</p>
<h3 dir="ltr">पीएम मोदी के मितव्ययिता फार्मूले पर अमल</h3>
<p dir="ltr">मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने इन कड़े वित्तीय निर्देशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता (Austerity) और सीमित संसाधनों के कुशल उपयोग के राष्ट्रीय विजन से जोड़कर लागू किया है। सरकार का तर्क है कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बदलती चुनौतियों को देखते हुए प्रशासनिक खर्चों को कम करना, ऊर्जा का संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा करना बेहद जरूरी हो गया है।</p>
<h3 dir="ltr">बिजली की बर्बादी पर नकेल, दफ्तरों में होगा एनर्जी ऑडिट</h3>
<p dir="ltr">इस वित्तीय सुधार अभियान का असर अब सरकारी दफ्तरों की बिजली खपत पर भी दिखेगा। सरकार ने सभी शासकीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से 'ऊर्जा ऑडिट' कराने और बिजली की रोजाना खपत पर नजर रखने को कहा है।</p>
<p dir="ltr">"सभी कार्यालय प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शाम 7 बजे के बाद दफ्तरों में गैर-जरूरी पंखे, लाइटें, कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह बंद कर दिए जाएं। इसके साथ ही, सरकारी भवनों पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के काम में तेजी लाई जाएगी।" — सामान्य प्रशासन विभाग का निर्देश</p>
<h3 dir="ltr">नकली एलपीजी कनेक्शनों पर चलेगा हंटर, फ्लाई ऐश से बनेंगी सड़कें</h3>
<p dir="ltr">इस व्यापक नीति के तहत कृषि विभाग को पूरे प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती के रकबे को बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, लोक निर्माण और अन्य निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों और सरकारी भवनों के निर्माण में फ्लाई ऐश (कोयले की राख) और प्लास्टिक वेस्ट बिटुमिन जैसी पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का उपयोग अनिवार्य रूप से बढ़ाएं।</p>
<p dir="ltr">इसके अलावा, सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने को कहा है। जमीनी स्तर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की सघन जांच के लिए एक विशेष अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि अपात्र और डुप्लीकेट (फर्जी) कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें तुरंत सिस्टम से हटाया जा सके।</p>
<h3 dir="ltr">खाद्य तेल के खिलाफ मुहिम और 90 दिनों का महा-अभियान</h3>
<p dir="ltr">इस प्रशासनिक सुधार योजना में स्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद अनूठा बिंदु भी जोड़ा गया है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह आम जनता के बीच रिफाइंड और खाद्य तेल (Food Oil) के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाली गंभीर बीमारियों को लेकर एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाए, ताकि लोगों के खान-पान के व्यवहार में बदलाव लाया जा सके।</p>
<p dir="ltr">इन सभी सरकारी योजनाओं और बचत के नियमों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क विभाग पूरे राज्य में 90 दिनों का एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाएगा। वहीं, पर्यटन विभाग को घरेलू टूरिज्म को रफ्तार देने के लिए "देखो अपना देश" और "सबसे पहले मध्य प्रदेश" जैसे अभियानों को जमीनी स्तर पर प्रमोट करने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी विभागों के लिए इन नियमों की मासिक प्रगति रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को भेजना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 15:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दैनिक जागरण]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऊर्जा बचत की पहल, डिप्टी CM ने काफिले से हटाए फॉलो-पायलट वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ईंधन बचत के लिए अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहन हटाए, पीएम मोदी की अपील का असर दिखा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/energy-saving-initiative-deputy-cm-removed-follow-pilot-vehicles-from-the/article-53380"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t182358.287.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम ईंधनों की बचत की अपील का असर मध्यप्रदेश में नजर आने लगा है। राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपने काफिले से फॉलो और पायलट वाहनों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही इस व्यवस्था में शामिल स्टाफ को भी मुक्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम केंद्र से मिले निर्देशों के बाद उठाया गया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">रीवा में मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बचत अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं रह गया है। यह पर्यावरण</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की बात कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अब आवश्यक है कि लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सरकारी पहल होने पर ही इसका असर आम जनता तक पहुंचेगा। इस वक्त जब दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब ईंधन की बचत और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचें। छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और अगर संभव हो तो एक ही वाहन में अधिक लोग यात्रा करें। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार भविष्य में ऊर्जा संरक्षण को लेकर विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चला सकती है। फिलहाल उपमुख्यमंत्री के इस निर्णय को सरकार की उस कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग खुद उदाहरण पेश करने की बात कर रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले समय में अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सरकार का मानना है कि जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहले की तरह बनाए रखे जाएंगे।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंचों पर ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की बात की थी</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद मध्यप्रदेश में कई स्तरों पर हलचल देखने को मिली। हाल ही में कुछ मंत्री ट्रेन से यात्रा करते हुए भी नजर आए थे। अब उपमुख्यमंत्री द्वारा फॉलो और पायलट वाहन हटाने का निर्णय उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए और कदम उठा सकती है। फिलहाल इस फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है और इसे आम जनता तक संदेश पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>विंध्य/रीवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 09:41:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचत अपील के बाद सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में कैबिनेट बैठक पहुंचे, कई राज्यों में असर दिखने लगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/pm-modi-gave-a-big-message-in-a-convoy-of/article-53296"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-13t182012.126.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">असल में</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ दिन पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानसेवक की मिसाल</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्पेशल खबरें</category>
                                            <category>देश विदेश</category>
                                            <category>टॉप न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:27:45 +0530</pubDate>
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