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                <title>Waqf Board - दैनिक जागरण</title>
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                <title>वक्फ संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- ऐसे मामलों की सुनवाई ट्रिब्यूनल ही करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वक्फ संपत्ति पर कथित अवैध निर्माण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, ट्रिब्यूनल को दो महीने में फैसला करने का निर्देश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/high-courts-big-decision-in-waqf-property-dispute-said/article-57132"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/waqf-property-dispute.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों की सुनवाई को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों के निपटारे के लिए वक्फ ट्रिब्यूनल ही सक्षम और वैधानिक मंच है। अदालत ने कहा कि जब वक्फ अधिनियम के तहत विवादों के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था उपलब्ध है, तब सीधे हाईकोर्ट में हस्तक्षेप करना उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मामला पहले से ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है तो वहीं उसकी सुनवाई होगी और उसी मंच पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संबंधित ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया है कि लंबित मामले का कानून के अनुसार दो महीने के भीतर निपटारा किया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. प्रसाद की एकल पीठ में हुई। याचिकाकर्ता मोहम्मद अजमल खान ने कवर्धा स्थित जामा मस्जिद मुस्लिम ट्रस्ट की वक्फ संपत्ति पर कथित अवैध निर्माण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि वक्फ संपत्ति के मुतवल्ली यानी प्रबंधक की ओर से नियमों के विपरीत निर्माण कराया जा रहा है, जिससे वक्फ संपत्ति के प्रबंधन और उपयोग को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने कथित अवैध निर्माण को रोकने के लिए पहले ही आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि आदेश जारी होने के बाद भी निर्माण को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण उन्हें न्याय के लिए अदालत की शरण लेनी पड़ी। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि याचिकाकर्ता पहले ही वक्फ अधिनियम की धारा 83(2) के तहत वक्फ ट्रिब्यूनल में आवेदन प्रस्तुत कर चुके थे। हालांकि उस समय ट्रिब्यूनल में आवश्यक कोरम उपलब्ध नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी। मामले में राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड की ओर से अदालत में कहा गया कि वक्फ अधिनियम के तहत इस प्रकार के विवादों के निपटारे के लिए विशेष रूप से ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है। अब ट्रिब्यूनल पूरी तरह कार्यशील है और संबंधित मामला पहले से वहीं लंबित है। इसलिए हाईकोर्ट को इस स्तर पर हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। उनका तर्क था कि जब कानून ने किसी विशेष विवाद के लिए अलग मंच निर्धारित किया है तो उसी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड के तर्कों से सहमति जताई। अदालत ने कहा कि वक्फ अधिनियम में स्पष्ट रूप से ट्रिब्यूनल को ऐसे मामलों की सुनवाई और निर्णय का अधिकार दिया गया है। इसलिए हाईकोर्ट समानांतर रूप से इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे अपना पक्ष वक्फ ट्रिब्यूनल के समक्ष ही रखें। साथ ही हाईकोर्ट ने संबंधित वक्फ ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया कि यदि मामला अभी भी लंबित है तो कानून के अनुरूप उसकी सुनवाई कर दो महीने के भीतर निर्णय दिया जाए। अदालत ने माना कि न्याय में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और यदि ट्रिब्यूनल अब कार्यशील है तो मामले का शीघ्र निपटारा किया जाना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उसने इस विवाद के गुण-दोष यानी मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्य, साक्ष्य और कानूनी प्रश्न ट्रिब्यूनल के समक्ष विचार के लिए खुले रहेंगे। ट्रिब्यूनल स्वतंत्र रूप से उपलब्ध रिकॉर्ड और कानून के आधार पर अपना निर्णय देगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह फैसला भविष्य में वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि जहां किसी विशेष कानून के तहत विवाद निपटाने के लिए वैधानिक मंच उपलब्ध हो, वहां सीधे हाईकोर्ट का रुख करने के बजाय पहले उसी मंच पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इससे न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ भी कम होगा और विशेष मामलों का निपटारा विशेषज्ञ मंचों के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। वक्फ संपत्तियों को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में संपत्ति के प्रबंधन, उपयोग, निर्माण कार्य और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर कई तरह के कानूनी प्रश्न उठते हैं। वक्फ अधिनियम इन्हीं विवादों के समाधान के लिए ट्रिब्यूनल की व्यवस्था करता है ताकि मामलों का त्वरित और विधिसम्मत निपटारा हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 14:07:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>मोहर्रम और उर्स आयोजनों को लेकर वक्फ बोर्ड सख्त, डीजे-बैंड पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने धार्मिक आयोजनों में गैर-शरई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया, उल्लंघन करने वाली समितियों पर 50 हजार रुपये तक जुर्माने और मान्यता रद्द करने की चेतावनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/6a2bc048b19ba/article-55722"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chhattisgarh-waqf-board.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में आगामी मोहर्रम, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर राज्य वक्फ बोर्ड ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने प्रदेशभर की ताजिया कमेटियों, दरगाह कमेटियों, उर्स कमेटियों, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों से अपील की है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह शरीअत, कुरआन और हदीस के अनुसार आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे, बैंड-बाजा, धुमाल, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शरई गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी इस अपील को धार्मिक आयोजनों की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बोर्ड का कहना है कि मोहर्रम और उर्स जैसे आयोजन इस्लामी परंपराओं, त्याग, बलिदान और आध्यात्मिक संदेशों से जुड़े होते हैं। ऐसे आयोजनों में उन गतिविधियों से बचना आवश्यक है जो धार्मिक मूल्यों और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि आयोजन समितियां यह सुनिश्चित करें कि जुलूस, मजलिस, उर्स और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में केवल वही गतिविधियां हों जो धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हों। किसी भी प्रकार के मनोरंजन आधारित कार्यक्रम, तेज ध्वनि वाले उपकरण या ऐसी गतिविधियां जो धार्मिक आयोजन की गरिमा को प्रभावित करती हों, उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मोहर्रम इस्लामी इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना कर्बला की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों को याद किया जाता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार यह समय शोक, सब्र, इबादत और आत्मचिंतन का होता है। इसी वजह से कई मुस्लिम संगठनों और धार्मिक संस्थाओं द्वारा हमेशा सादगीपूर्ण तरीके से मोहर्रम मनाने की अपील की जाती रही है। वक्फ बोर्ड ने भी अपने संदेश में इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी जुलूस, उर्स या धार्मिक आयोजन में प्रतिबंधित गतिविधियां पाई जाती हैं तो संबंधित समिति और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने साफ किया है कि आवश्यक होने पर समिति की मान्यता तक समाप्त की जा सकती है। इस चेतावनी को आयोजकों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वक्फ बोर्ड ने आर्थिक दंड का भी प्रावधान रखा है। जारी निर्देश के अनुसार यदि किसी समिति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से धार्मिक आयोजनों में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी और समितियां निर्धारित दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बोर्ड ने केवल समितियों को ही नहीं बल्कि प्रदेश के मुस्लिम समाज को भी विशेष संदेश दिया है। अपील में कहा गया है कि मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला की कुर्बानियों की याद में सादगी, इबादत, सब्र और अच्छे आचरण के साथ मनाया जाए। धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना होना चाहिए। इस संबंध में प्रदेश की मस्जिदों के इमाम साहबान, मुतवल्लियान और इंतेजामिया कमेटियों को भी निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने कहा है कि यह संदेश जुमे की नमाज से पहले लोगों को पढ़कर सुनाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। इसके अलावा मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर भी इस घोषणा को चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे समाज के सभी वर्गों तक बोर्ड की अपील प्रभावी तरीके से पहुंच पाएगी। हाल के वर्षों में कई स्थानों पर धार्मिक आयोजनों के दौरान आधुनिक मनोरंजन साधनों के इस्तेमाल को लेकर बहस होती रही है। कुछ धार्मिक संगठनों का मानना है कि ऐसे आयोजन अपनी मूल भावना और उद्देश्य से भटक रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में वक्फ बोर्ड की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में मोहर्रम और उर्स के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों में शामिल होते हैं। प्रशासन भी इन आयोजनों के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करता है। ऐसे में बोर्ड की यह अपील न केवल धार्मिक अनुशासन बल्कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के प्रयास के रूप में भी देखी जा रही है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:19:59 +0530</pubDate>
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                <title>बकरीद पर भोपाल में दिखा भाईचारे का माहौल, मस्जिदों में अदा हुई नमाज</title>
                                    <description><![CDATA[ताज-उल-मसाजिद समेत शहरभर की मस्जिदों में जुटे लोग, कुर्बानी के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करने की अपील]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/an-atmosphere-of-brotherhood-was-seen-in-bhopal-on-bakrid/article-54378"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/bakrid-bhopal.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राजधानी भोपाल में शनिवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही शहर की बड़ी मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ताज-उल-मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद समेत कई इलाकों की मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और इंसाफ कायम रहने की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुराने भोपाल से लेकर नए शहर तक सुबह का माहौल पूरी तरह त्योहार के रंग में नजर आया। कई जगह नमाज के लिए लोग तय समय से पहले ही पहुंच गए थे। ताज-उल-मसाजिद में सुबह करीब 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सौहार्द और समाज में शांति बनाए रखने की दुआ की। नमाज में छोटे बच्चे भी अपने परिवार के साथ शामिल हुए। मस्जिदों के बाहर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नमाज के बाद इमाम ने खास दुआ कराई, जिसमें समाज और देश से जुड़े कई मुद्दों का जिक्र किया गया। दुआ में कहा गया कि मुल्क में इंसाफ का मजबूत निजाम कायम रहे और लोगों के बीच मोहब्बत और भाईचारा बना रहे। साथ ही समाज में फैल रही बुराइयों और नफरत से बचाने की भी दुआ मांगी गई। इमाम ने लोगों से कहा कि देश की तरक्की एकता और भाईचारे से ही संभव है। प्रदेश में खुशहाली, बेरोजगारों को रोजगार और बीमार लोगों को शिफा मिलने की भी दुआ की गई। दीन की खिदमत में लगे लोगों और धार्मिक संस्थाओं की हिफाजत की कामना भी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">त्योहार के दौरान प्रशासन और वक्फ बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का भी असर देखने को मिला। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने बकरीद के मौके पर कुर्बानी को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए। खुले स्थानों या सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से बचने की अपील की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि कुर्बानी वाले स्थान को चारों तरफ से ढंककर रखा जाए और वहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वक्फ बोर्ड ने लोगों से खास तौर पर सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो शेयर नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के दौरान शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी तरह की ऐसी सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट न की जाए, जिससे विवाद की स्थिति बने। प्रशासन ने लोगों से संयम और जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की बात कही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के निपटान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि अवशेष खुले में न छोड़ें और इसके लिए नगर निगम के कर्मचारियों से समन्वय बनाए रखें। साफ-सफाई को धार्मिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शहर के कई इलाकों में सुबह से बाजारों में भी रौनक दिखाई दी। लोग नए कपड़ों में नजर आए और बच्चों ने ईदी मिलने की खुशी जाहिर की। कई परिवारों में रिश्तेदारों और दोस्तों का आना-जाना लगा रहा। घरों में पारंपरिक पकवान और खाने-पीने की तैयारी भी की गई। दिनभर लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर त्योहार की बधाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी कई जगह नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने बताया कि पूरे शहर में त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया और कहीं से किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">बकरीद के मौके पर भोपाल में जिस तरह लोगों ने आपसी भाईचारे और शांति का संदेश दिया, उसने त्योहार की असली भावना को फिर सामने रखा। नमाज और दुआओं के बीच लोगों ने मुल्क में अमन और इंसाफ कायम रहने की उम्मीद जताई। त्योहार के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए लोगों ने जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 09:57:41 +0530</pubDate>
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                <title>भोपाल में आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर मेट्रो विवाद तक कई अहम हलचलें, जानें और क्या होगा खास</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल में आज सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेट्रो अंडरग्राउंड रूट विवाद पर अहम सुनवाई होगी। सीएम मोहन यादव दिल्ली दौरे पर हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/know-many-important-developments-in-bhopal-today-from-cultural-programs/article-53297"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-14t092219.187.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल में आज का दिन सांस्कृतिक गतिविधियों और राजनीतिक हलचलों के बीच काफी व्यस्त रहने वाला है। शहर में एक तरफ अलग-अलग संस्थानों में कला और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी तरफ भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट को लेकर कानूनी विवाद पर अहम सुनवाई भी होनी है। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">एक शाम मां के नाम</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">राजधानी के गोविंदपुरा स्थित आईटीआई सभागार में शाम </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">4<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">एक शाम मां के नाम</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आर्ट कैंप</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ध्रुपद संस्थान में सुबह </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">9:30<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से आर्ट कैंप की शुरुआत हो चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां युवा कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">'<span lang="hi" xml:lang="hi">माह का प्रादर्श</span>'</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मानव संग्रहालय में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">“<span lang="hi" xml:lang="hi">माह का प्रादर्श</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत </span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">निंगला पा - थोई</span>” <span lang="hi" xml:lang="hi">नामक अनुष्ठानिक परिधान को प्रदर्शित किया जा रहा है। दोपहर </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे से शुरू इस प्रदर्शनी को देखने लोगों की आवाजाही बनी हुई है। </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">73<span lang="hi" xml:lang="hi"> शलाका चित्र प्रर्दशनी</span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जनजातीय संग्रहालय की लिखन्दरा दीर्घा में </span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">73<span lang="hi" xml:lang="hi"> शलाका चित्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली दौरे पर</span></span></span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली दौरे पर हैं। सूत्रों के अनुसार</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस दौरे के दौरान उनकी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात प्रस्तावित है। साथ ही कई केंद्रीय मंत्रियों से भी बैठक हो सकती है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में संगठनात्मक मामलों के अलावा राज्य सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास योजनाओं की समीक्षा और आगामी रणनीति पर भी बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठकों का विस्तृत एजेंडा सामने नहीं आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पार्टी सूत्र इसे महत्वपूर्ण दौरा मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लंबित परियोजनाओं और केंद्रीय सहायता से जुड़े विषय भी चर्चा में रह सकते हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर आज सुनवाई </span></span></span></strong></p>
<p><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">वहीं भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट को लेकर आज मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में सुनवाई होने जा रही है। विवाद भोपाल टॉकीज कब्रिस्तान और नारियल खेड़ा वक्फ जमीन के नीचे से मेट्रो लाइन निकालने को लेकर है। इस मामले में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। आज मेट्रो प्रबंधन वक्फ बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। मुस्लिम संगठनों की ओर से दायर याचिका में मेट्रो निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों के नीचे से मेट्रो लाइन गुजरने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और पर्यावरणीय प्रभाव भी पड़ सकता है। दूसरी तरफ मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि परियोजना तकनीकी मानकों के आधार पर तैयार की गई है। अब सभी की नजर आज की सुनवाई पर टिकी हुई है क्योंकि इसका असर भोपाल मेट्रो परियोजना की आगे की गति पर पड़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जागरण इवेन्ट</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>भोपाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:28:03 +0530</pubDate>
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