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                <title>Surguja - दैनिक जागरण</title>
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                <title>सरगुजा में दो भीषण सड़क हादसे, चार लोगों की मौत; मैनपाट में तीन युवकों ने गंवाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत, नेशनल हाईवे-43 पर ट्रक की चपेट में आने से महिला की जान गई; पुलिस जांच में जुटी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/four-people-died-in-two-horrific-road-accidents-in-surguja/article-58490"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-07/surguja-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शुक्रवार रात दो अलग-अलग सड़क हादसों ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिले के मैनपाट क्षेत्र में तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि कुछ ही घंटों बाद नेशनल हाईवे-43 पर एक अज्ञात ट्रक की टक्कर से बाइक सवार महिला की जान चली गई। दोनों हादसों के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में मैनपाट हादसे में तेज रफ्तार को प्रमुख वजह माना जा रहा है, जबकि हाईवे हादसे में ट्रक चालक की लापरवाही की आशंका जताई गई है। मृतकों की पहचान अर्जुन लोहार (23), विफल कुमार माझी (21), गुड्डू राम (22) और रीता एक्का (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>पहला हादसा कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के नर्मदापुर-बिजलहवा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे हुआ। पुलिस के अनुसार दो तेज रफ्तार बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सवार कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन लुंड्रा निवासी अर्जुन लोहार और सीतापुर के कोट गांव निवासी गुड्डू राम की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। तीसरे युवक विफल कुमार माझी को गंभीर हालत में पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि विफल कुमार अपने दोस्त गुड्डू राम के साथ मैनपाट घूमने गया था और लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया। वहीं अर्जुन लोहार अपनी ससुराल नर्मदापुर जा रहा था। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और परिवार में उसकी अचानक मौत से मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में मौसम सामान्य होने की बात सामने आई है, इसलिए दुर्घटना की प्रमुख वजह तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरी घटना की पड़ताल कर रही है।</p>
<p>दूसरा हादसा नेशनल हाईवे-43 पर सेदम बाजार के पास हुआ, जहां बाइक से घर लौट रहे दंपती को पीछे से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में देवरी निवासी 48 वर्षीय रीता एक्का की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति सुखन एक्का गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों सीतापुर से अपने घर लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।  सरगुजा जिले में एक ही रात चार लोगों की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 16:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई गईं 3 युवतियां बंधक, वीडियो से मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[घर लौटने के लिए 10-10 हजार रुपये मांगने का आरोप, सीतापुर से गईं युवतियों ने जारी किया वीडियो, प्रशासन सक्रिय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/3-girls-went-to-chennai-in-the-name-of-placement/article-56646"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-06/chennai-placement-scam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई गई तीन युवतियों के बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। युवतियों ने खुद वीडियो जारी कर दावा किया है कि उन्हें वहां से घर लौटने नहीं दिया जा रहा और वापसी के लिए 10-10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। इस घटना के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन हरकत में आ गया है। सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरतपुर बेलजोरा की रहने वाली प्रतिमा, राधा और जगेश्वरी ने कुछ समय पहले जशपुर जिले में सिलाई प्रशिक्षण लिया था। बताया जा रहा है कि तीनों युवतियों ने लगभग तीन महीने तक सिलाई का प्रशिक्षण पूरा किया था, जिसके दौरान उन्हें चेन्नई में बेहतर प्लेसमेंट और नौकरी का भरोसा दिया गया था। इसी भरोसे के आधार पर वे चेन्नई जाने के लिए तैयार हो गईं। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह बताया गया था कि यदि काम पसंद नहीं आता तो वे कभी भी वापस लौट सकती हैं, लेकिन अब स्थिति इसके बिल्कुल उलट बताई जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चेन्नई पहुंचने के बाद युवतियों को एक स्थान पर काम पर लगाया गया, जहां से अब उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। युवतियों ने वीडियो में आरोप लगाया है कि उन्हें वहां लाने वाले दो युवतियां और एक युवक अब उनसे संपर्क नहीं कर रहे हैं। फोन कॉल का जवाब नहीं दिया जा रहा और किसी भी तरह की मदद से भी दूरी बनाई जा रही है। वीडियो में तीनों युवतियां काफी परेशान नजर आ रही हैं और उन्होंने सीधे प्रशासन और अपने परिवार से मदद की गुहार लगाई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब युवतियों ने घर लौटने की इच्छा जताई तो उनसे प्रति व्यक्ति 10-10 हजार रुपये की मांग की गई। बताया जा रहा है कि पहले उन्हें कुछ दिनों का इंतजार करने के लिए कहा गया, लेकिन बाद में साफ तौर पर कहा गया कि बिना पैसे दिए उन्हें घर वापस नहीं भेजा जाएगा। युवतियों का यह भी कहना है कि उन्होंने खुद ट्रेन टिकट तक बुक कर ली थी, लेकिन उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। वीडियो वायरल होने के बाद परिजन बेहद चिंतित हैं और लगातार प्रशासन से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि युवतियां नौकरी और बेहतर भविष्य के सपने के साथ गई थीं, लेकिन अब वे खुद को फंसा हुआ महसूस कर रही हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पहल शुरू कर दी है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर तीनों युवतियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है ताकि युवतियों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन की ओर से भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरगुजा पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवतियां किस स्थान पर हैं और वहां उनकी स्थिति क्या है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जिन्होंने युवतियों को चेन्नई भेजने की व्यवस्था की थी। इस बीच, परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार के लोग बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि उनकी बेटियां सुरक्षित घर लौट आएं, यही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। गांव में भी लोग इस घटना पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्लेसमेंट के नाम पर इस तरह की स्थिति कैसे बन गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:10:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>नक्सलवाद कमजोर पड़ते ही छत्तीसगढ़ में टाटा की एंट्री, पर्यटन सेक्टर में 500 करोड़ निवेश की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[बस्तर और सरगुजा में लक्जरी रिसॉर्ट्स, होटल और इको टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/tatas-entry-in-chhattisgarh-as-soon-as-naxalism-weakens-preparation/article-54465"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/chhattisgarh-tourism.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक नक्सलवाद की वजह से पिछड़े माने जाने वाले इलाकों में अब विकास और पर्यटन की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार अब बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों को देश के बड़े पर्यटन नक्शे पर लाने की तैयारी में है। इसी बीच टाटा समूह की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने राज्य में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करने में रुचि दिखाई है। माना जा रहा है कि यह निवेश सीधे तौर पर होटल, रिसॉर्ट, इको टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपनी योजना साझा की।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि पिछले कुछ समय में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ी है। ऐसे में अब पर्यटन सेक्टर को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, जंगलों, जलप्रपातों और आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है, लेकिन अब तक इसे उस स्तर की पहचान नहीं मिल पाई जिसकी यह हकदार है। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में बस्तर, सरगुजा और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की एक हाई लेवल टीम जल्द ही बस्तर, सरगुजा, वन क्षेत्रों और राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दौरा करेगी। टीम यहां पर्यटकों की आवाजाही, सड़क संपर्क, स्थानीय सुविधाओं और जमीन की उपलब्धता का आकलन करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे लक्जरी होटल, रिसॉर्ट, मोटल और विला विकसित करने की योजना तैयार होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर और सरगुजा को लेकर सबसे ज्यादा फोकस इसलिए किया जा रहा है क्योंकि नई पर्यटन और औद्योगिक नीति में इन इलाकों के लिए कई तरह की छूट दी गई है। नियमों के मुताबिक रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे शहरों में पांच सितारा होटल बनाने के लिए कम से कम 150 कमरों की जरूरत होती है, लेकिन बस्तर और सरगुजा के सुदूर इलाकों में सिर्फ 50 कमरों के तीन सितारा लक्जरी रिसॉर्ट्स बनाने की अनुमति दी जा रही है। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यावरण पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा और निवेशक भी आसानी से आगे आएंगे।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">नई नीति में टैक्स छूट और अतिरिक्त सब्सिडी का भी प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाया है। 500 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को बी-स्पोक पॉलिसी के तहत अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक सरकार टाटा समूह को छह अलग-अलग प्राइम लोकेशन पर जमीन का विकल्प भी दे रही है। इनमें मैनपाट, सिरपुर, अमृतधारा जलप्रपात, खुटाघाट, कोदार जलाशय और बलौदाबाजार क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग का मानना है कि बस्तर और सरगुजा में पहले से मौजूद सरकारी रिसॉर्ट्स को भी बड़े होटल समूहों के जरिए नए रूप में विकसित किया जा सकता है। इनमें चित्रकोट का दंडामी रिसॉर्ट, मैनपाट का कर्मा एथनिक रिसॉर्ट और कोंडागांव का धंकुल एथनिक रिसॉर्ट प्रमुख हैं। ये सभी जगहें प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति की वजह से पहले से पर्यटकों के बीच पहचान रखती हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यहां बड़े स्तर पर पर्यटन नहीं बढ़ पाया। अब सरकार चाहती है कि निजी निवेश के जरिए इन जगहों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर वैली और सरगुजा के मैनपाट जैसे इलाकों को इको टूरिज्म के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। वहीं दंतेवाड़ा, रतनपुर और सूरजपुर जैसे धार्मिक स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर होटल और कनेक्टिविटी बेहतर होती है तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">हालांकि इस पूरी योजना को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि पर्यटन विकास के नाम पर आदिवासी इलाकों की मूल संस्कृति और जमीन प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि सभी परियोजनाएं पर्यावरणीय नियमों को ध्यान में रखकर ही तैयार की जाएंगी और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाएगा।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">राज्य में पहले कई बार पर्यटन परियोजनाओं को निवेश नहीं मिल पाया था। कुछ रिसॉर्ट्स के टेंडर लगातार फ्लॉप होते रहे। लेकिन अब नियमों में ढील और सुरक्षा स्थिति बेहतर होने के बाद बड़े कॉर्पोरेट समूहों की रुचि बढ़ी है। माना जा रहा है कि अगर टाटा समूह की यह योजना जमीन पर उतरती है तो छत्तीसगढ़ के पर्यटन सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे इलाके, जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब पर्यटन और निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vaishnavi.J]]></dc:creator>
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                <title>बैंक मित्र गायब, पेंशन रुकी… छत्तीसगढ़ में 500 रुपये पेंशन के लिए 5 किमी सास को पीठ पर ढोकर बैंक पहुंची बहू</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बहू 90 साल की सास को 5 किमी पीठ पर ढोकर बैंक ले गई। 500 रुपये पेंशन के लिए संघर्ष और सिस्टम की खामियां उजागर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/bank-mitra-missing-pension-stopped%E2%80%A6-in-chhattisgarh-daughter-in-law-carried-her/article-54076"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/daughter-in-law-carries-mother-in-law-on-her-back-to-the-bank.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक तस्वीर सामने आई है जिसने सिस्टम और वास्तविकता के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को मैनपाट ब्लॉक के कुनिया गांव में जंगलपारा में एक बहू ने अपनी 90 साल की सास को पीठ पर उठाकर लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक तक पहुंचाया। ये सब उसने इसलिए किया क्योंकि उसे वृद्धावस्था पेंशन का 500 रुपए निकालना था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पिछले कुछ महीनों से रुकी हुई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखकर लोग एक तरफ भावुक हो रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी तरफ नाराज भी हैं।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और गांव में पक्की सड़क तक की सुविधा नहीं है। घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां से आगे कोई वाहन नहीं जा सकता। इसके बाद फिर से करीब साढ़े तीन किलोमीटर कठिन पैदल रास्ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे पार करना आसान नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर जब आपको 90 साल की बुजुर्ग महिला को अपने साथ ले जाना हो। इस मुश्किल समय में बहू सुखमनिया ने अपनी सास सोनवारी को पीठ पर लादकर बैंक की दिशा में चलना शुरू किया। ग्रामीण बताते हैं कि ये पहली बार नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उन्होंने अपनी सास को इस तरह से बैंक ले जाया है। रास्ते में नाला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चा रास्ता और गर्मी</span>—<span lang="hi" xml:lang="hi">इन सब से हालात बहुत मुश्किल होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परिवार के पास कोई और चारा नहीं था।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले बैंक मित्र घर पर पेंशन पहुंचा देते थे</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बुजुर्गों को राहत मिलती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से ये सुविधा बंद कर दी गई है। इसके साथ ही </span>KYC <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रक्रिया पूरी ना होने के कारण भी पेंशन अटकती रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे तीन महीने तक कोई भुगतान नहीं हुआ। इसी बीच शुक्रवार को मजबूरी में बहू को ये कदम उठाना पड़ा। गांव में लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि अगर समय पर बैंक मित्र या सिस्टम सक्रिय होते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो शायद ये स्थिति नहीं बनती। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि इसे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही कहा जा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ इसे भौगोलिक कठिनाइयों से भी जोड़कर देख रहे हैं।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">बैंक पहुंचने के बाद बहू को तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए गए। हालांकि</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">खाते में कुल चार महीने के लिए करीब 2000 रुपए जमा थे। बैंक मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग ने बताया कि इलाके में वृद्धावस्था पेंशन को घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से मौजूद है और इसके लिए बैंक के कई मित्र काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाभार्थियों या उनके परिजनों को सूचना देने पर बैंक मित्र को घर भेजा जा सकता है। लेकिन जमीन पर ये व्यवस्था कितनी प्रभावी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये घटना फिर से दिखा गई है। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहू सुखमनिया ने कहा कि वह सिर्फ अपनी सास की पेंशन के लिए कई दिनों से परेशान थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे कोई समाधान नहीं मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद उसे ये कठिन रास्ता अपनाना पड़ा। गांव लौटने के बाद भी ये घटना लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 17:58:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rohit.P]]></dc:creator>
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                <title>जंगल में छात्रा संग आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया शिक्षक, DEO ने जांच के बाद किया बर्खास्त</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के सरगुजा में छात्रा संग विवादित हालत में पकड़े गए संविदा शिक्षक को DEO ने बर्खास्त किया, जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/teacher-caught-in-objectionable-condition-with-student-in-forest-deo/article-53402"><img src="https://www.dainikjagranmpcg.com/media/400/2026-05/आज-का-राशिफल-5-मई-2026-कर्क,-सिंह,-कुंभ-को-लाभ---2026-05-15t122809.485.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें एक स्कूल शिक्षक को कॉलेज छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद नौकरी से हटा दिया गया है। यह पूरा मामला अब सरगुजा शिक्षक मामले के रूप में चर्चा का विषय बन चुका है और शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना 20 अप्रैल की रात लगभग 1 बजे की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब कुछ युवकों ने सरमना के लंकाडांड जंगल के पास एक कार देखी। युवकों ने वहां कुछ संदिग्ध पाया और जब नजदीक गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्होंने पहचाना कि कार के अंदर स्वामी आत्मानंद स्कूल का संविदा शिक्षक सुरेश जायसवाल था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक कॉलेज छात्रा के साथ था। घटना के बाद युवकों ने मोबाइल से वीडियो बना लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और तेजी से चर्चा में आने लगा।</span></span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इस मामले ने जैसे ही ध्यान आकर्षित किया</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थिति बहुत संवेदनशील हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग को सूचित किया गया और प्राथमिक जांच शुरू हुई। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे शिक्षक और वाहन की पहचान स्थानीय स्तर पर की गई। जांच टीम ने मामले की पड़ताल की और शिक्षक के बयान भी लिए। अधिकारियों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूछताछ के दौरान शिक्षक यह स्पष्ट नहीं कर सका कि वह देर रात छात्रा के साथ क्यों वहां था। इसी दौरान यह भी सामने आया कि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुका था और इस पर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। कुछ ने इस स्थिति पर सवाल उठाए हैं कि आखिर दोनों उस समय जंगल के किनारे क्या कर रहे थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि घटना केवल अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं रह गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इससे स्कूल की छवि और शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जांच के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज हो गई।</span></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय ने इस मामले में गंभीर रुख अपनाया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को स्कूल से हटा कर उदयपुर बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया था</span><span style="font-size:12pt;line-height:115%;font-family:Mangal, serif;">, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिर एक विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें बतौली बीईओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीतापुर बीईओ और एक वरिष्ठ प्राचार्य शामिल थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वही शिक्षक है और वाहन भी उसी से संबंधित पाया गया। इसके बाद डीईओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संतोषप्रद जवाब न मिलने पर संविदा नियुक्ति समाप्त करने का निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों का कहना है कि शिक्षण संस्थानों की गरिमा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए इस मामले में सख्त कदम उठाए गए हैं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:00:55 +0530</pubDate>
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